जनपद अमरोहा के गंगेश्वरी ब्लॉक क्षेत्र की ग्राम पंचायत चचोरा के मजरा भोगपुरा में सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है, जिससे ग्रामीणों को गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि पिछले लगभग चार महीनों से गांव में सफाई कर्मी द्वारा नियमित रूप से कोई सफाई कार्य नहीं किया गया है। इस लापरवाही के कारण गांव की गलियों और रास्तों पर गंदगी के बड़े-बड़े ढेर लग गए हैं, और बिना बारिश के भी सड़कों पर जलभराव की स्थिति बनी रहती है। नालियों की समय पर सफाई न होने से उनमें गंदा पानी जमा हो रहा है, जिससे जल निकासी व्यवस्था पूरी तरह बाधित हो गई है। यह गंदा पानी सड़कों और रास्तों पर फैल रहा है, जिससे खासकर बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को आवागमन में भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है, और उन्हें रोजाना गंदे पानी तथा कीचड़ से होकर गुजरना पड़ता है। गांव में फैली इस गंदगी और जलभराव से संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा भी मंडरा रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने कई बार संबंधित अधिकारियों और ग्राम पंचायत स्तर पर इस समस्या से अवगत कराया है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। यह स्थिति तब है जब जिलाधिकारी के आदेशों के बावजूद गांव में सफाई व्यवस्था ठप पड़ी है और जलभराव से परेशानी लगातार बढ़ती जा रही है। ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल गांव में नियमित सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करने और जल निकासी की समस्या का जल्द समाधान करने की मांग की है, ताकि उन्हें राहत मिल सके।
जनपद अमरोहा के गंगेश्वरी ब्लॉक क्षेत्र की ग्राम पंचायत चचोरा के मजरा भोगपुरा में सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है, जिससे ग्रामीणों को गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि पिछले लगभग चार महीनों से गांव में सफाई कर्मी द्वारा नियमित रूप से कोई सफाई कार्य नहीं किया गया है। इस लापरवाही के कारण गांव की गलियों और रास्तों पर गंदगी के बड़े-बड़े ढेर लग गए हैं, और बिना बारिश के भी सड़कों पर जलभराव की स्थिति बनी रहती है। नालियों की समय पर सफाई न होने से उनमें गंदा पानी जमा हो रहा है, जिससे जल निकासी व्यवस्था पूरी तरह बाधित हो गई है। यह गंदा पानी सड़कों और रास्तों पर फैल रहा है, जिससे खासकर बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को आवागमन में भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है, और उन्हें रोजाना गंदे पानी तथा कीचड़ से होकर गुजरना पड़ता है। गांव में फैली इस गंदगी और जलभराव से संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा भी मंडरा रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने कई बार संबंधित अधिकारियों और ग्राम पंचायत स्तर पर इस समस्या से अवगत कराया है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। यह स्थिति तब है जब जिलाधिकारी के आदेशों के बावजूद गांव में सफाई व्यवस्था ठप पड़ी है और जलभराव से परेशानी लगातार बढ़ती जा रही है। ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल गांव में नियमित सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करने और जल निकासी की समस्या का जल्द समाधान करने की मांग की है, ताकि उन्हें राहत मिल सके।
- मूल सूचना के अनुसार, डर्टी गाँव में इस समय भारी जलभराव की समस्या बनी हुई है। बताया गया है कि गाँव के भीतर बहुत अधिक पानी भर गया है, जिससे स्थानीय लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।1
- उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विकास और विरासत के संगम के बीच कई महत्वाकांक्षी परियोजनाओं का लोकार्पण किया। इस दौरान उन्होंने यह भी कहा कि डबल इंजन की सरकार सबका विकास कर रही है और सबका विश्वास जीत रही है, जबकि गुंडे-माफियाओं की जगह सिर्फ जेल में है। इसी कार्यक्रम में एक बेहद मार्मिक और संवेदनशील पल तब आया जब करोड़ों की परियोजनाओं में शामिल 'श्री राम वाटिका' का उद्घाटन किसी राजनेता या अधिकारी के बजाय दो नन्ही बच्चियों, वांची और आची, के हाथों मुख्यमंत्री के सानिध्य में हुआ। मुख्यमंत्री और इन बच्चियों, छह वर्षीय वांची और उसकी छोटी बहन आची, के बीच स्नेह का यह बंधन नया नहीं है। दरअसल, मुरादाबाद निवासी इनके पिता अमित कुमार जून 2025 में अपनी बेटी वांची के स्कूल दाखिले को लेकर तीन महीने से परेशान थे। उन्होंने ‘जनता दर्शन’ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलकर अपनी गुहार लगाई थी, जिस पर बच्चों के प्रति विशेष स्नेह रखने वाले मुख्यमंत्री ने तत्काल संज्ञान लिया। मुख्यमंत्री ने न केवल फरियाद सुनी, बल्कि महज तीन घंटे के भीतर ही समस्या का समाधान भी कर दिया। उनके त्वरित निर्देश पर उसी दिन सोमवार दोपहर को वांची का दाखिला आरटीई के तहत मुरादाबाद के प्रतिष्ठित 'सीएल गुप्ता वर्ल्ड स्कूल' में हो गया था। श्री राम वाटिका के लोकार्पण के समय जब मुख्यमंत्री का काफिला पहुंचा, तो ये दोनों बच्चियां उनसे मिलने आईं। मुख्यमंत्री ने बिना किसी देरी के उन्हें अपने पास बुलाया और पूरे वात्सल्य के साथ उन्हीं नन्हे हाथों से इस भव्य वाटिका का फीता कटवाकर इसे जनता को समर्पित किया। इस अनूठे पल और बच्चियों के चेहरों की मुस्कान ने वहां मौजूद सभी का दिल जीत लिया।1
- गजरौला पुलिस ने एक 5 वर्षीय बालक के अपहरण के मामले को त्वरित कार्रवाई करते हुए 12 घंटे के भीतर सुलझा लिया है। पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर अपहृत बालक को सकुशल बरामद कर लिया, जिसे बाद में उसके परिजनों को सौंप दिया गया। पुलिस को 28 जून की रात करीब 11 बजे सूचना मिली थी कि एक 5 वर्षीय बालक खेलते समय लापता हो गया है। बालक की मां ने इस अपहरण के लिए अपनी जेठानी और उसके बेटे पर संदेह जताया था। इस सूचना के बाद पुलिस ने तत्काल एक अभियान चलाया और रात भर चली तलाश के बाद बालक को ग्राम बहलोलपुर से सुरक्षित ढूंढ निकाला। इस मामले में गजरौला थाना में मुकदमा संख्या 358/2026, धारा 137(2) बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने ग्राम नौनेर निवासी आदित्य पुत्र विजेंद्र और उसकी मां सरिता पत्नी विजेंद्र को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया। पूछताछ के दौरान आरोपी सरिता ने बताया कि उसकी अपनी देवरानी से लंबे समय से पारिवारिक रंजिश चली आ रही थी, जिसके चलते उसने अपने बेटे आदित्य के साथ मिलकर देवरानी के 5 वर्षीय पुत्र का अपहरण किया था। पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने पूछताछ में बच्चे को बेचने की नीयत से अपहरण करने की बात भी स्वीकार की है, जिसकी जांच और पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के दौरान होगी। इस पूरी कार्रवाई को पुलिस अधीक्षक लखन सिंह यादव के निर्देशन, अपर पुलिस अधीक्षक अखिलेश भदौरिया के मार्गदर्शन और क्षेत्राधिकारी धनौरा अंजली कटारिया के पर्यवेक्षण में प्रभारी निरीक्षक मनोज कुमार के नेतृत्व में एक पुलिस टीम ने अंजाम दिया। गिरफ्तार करने वाली टीम में उपनिरीक्षक सरज कुमार, हेड कांस्टेबल सोहनवीर सिंह, कांस्टेबल अजय कुमार और महिला कांस्टेबल बबीता शामिल थीं।2
- गजरौला पुलिस ने 5 वर्षीय एक बालक के अपहरण के मामले का त्वरित खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने अपहृत बालक को सकुशल बरामद कर उसके परिजनों को सौंप दिया। यह मामला 28 जून की रात करीब 11 बजे सामने आया, जब एक 5 वर्षीय बालक के खेलते समय लापता होने की सूचना मिली। बालक की मां ने अपनी जेठानी और उसके बेटे पर बच्चे को ले जाने का संदेह व्यक्त किया था। सूचना मिलते ही गजरौला पुलिस ने तत्काल एक अभियान चलाया और रातभर की तलाश के बाद ग्राम बहलोलपुर से बालक को सुरक्षित बरामद कर लिया। इस संबंध में थाना गजरौला में मुकदमा संख्या 358/2026, धारा 137(2) बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने ग्राम नौनेर निवासी आदित्य पुत्र विजेंद्र और उसकी मां सरिता पत्नी विजेंद्र को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया। पूछताछ के दौरान आरोपी सरिता ने बताया कि उसकी अपनी देवरानी से लंबे समय से पारिवारिक रंजिश चल रही थी, और इसी रंजिश के चलते उसने अपने बेटे आदित्य के साथ मिलकर अपनी देवरानी के 5 वर्षीय पुत्र का अपहरण किया था। पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने पूछताछ में बच्चे को बेचने की नीयत से अपहरण करने की बात भी स्वीकार की है, जिसकी जांच और पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के दौरान की जाएगी। पुलिस अधीक्षक लखन सिंह यादव के निर्देशन, अपर पुलिस अधीक्षक अखिलेश भदौरिया के मार्गदर्शन तथा क्षेत्राधिकारी धनौरा अंजली कटारिया के पर्यवेक्षण में प्रभारी निरीक्षक मनोज कुमार के नेतृत्व में एक पुलिस टीम ने इस कार्रवाई को सफलतापूर्वक अंजाम दिया। गिरफ्तारी करने वाली टीम में उपनिरीक्षक सरज कुमार, हेड कांस्टेबल सोहनवीर सिंह, कांस्टेबल अजय कुमार और महिला कांस्टेबल बबीता शामिल थीं।2
- जनपद अमरोहा के गंगेश्वरी ब्लॉक क्षेत्र की ग्राम पंचायत चचोरा के मजरा भोगपुरा में सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है, जिससे ग्रामीणों को गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि पिछले लगभग चार महीनों से गांव में सफाई कर्मी द्वारा नियमित रूप से कोई सफाई कार्य नहीं किया गया है। इस लापरवाही के कारण गांव की गलियों और रास्तों पर गंदगी के बड़े-बड़े ढेर लग गए हैं, और बिना बारिश के भी सड़कों पर जलभराव की स्थिति बनी रहती है। नालियों की समय पर सफाई न होने से उनमें गंदा पानी जमा हो रहा है, जिससे जल निकासी व्यवस्था पूरी तरह बाधित हो गई है। यह गंदा पानी सड़कों और रास्तों पर फैल रहा है, जिससे खासकर बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को आवागमन में भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है, और उन्हें रोजाना गंदे पानी तथा कीचड़ से होकर गुजरना पड़ता है। गांव में फैली इस गंदगी और जलभराव से संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा भी मंडरा रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने कई बार संबंधित अधिकारियों और ग्राम पंचायत स्तर पर इस समस्या से अवगत कराया है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। यह स्थिति तब है जब जिलाधिकारी के आदेशों के बावजूद गांव में सफाई व्यवस्था ठप पड़ी है और जलभराव से परेशानी लगातार बढ़ती जा रही है। ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल गांव में नियमित सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करने और जल निकासी की समस्या का जल्द समाधान करने की मांग की है, ताकि उन्हें राहत मिल सके।1