भोजपुर आरा में श्री सिद्धेश्वर नाथ प्राण प्रतिष्ठा महायज्ञ सम्पन्न, हजारों श्रद्धालुओं ने ग्रहण किया प्रसाद भोजपुर आरा में श्री सिद्धेश्वर नाथ प्राण प्रतिष्ठा महायज्ञ सम्पन्न, हजारों श्रद्धालुओं ने ग्रहण किया प्रसाद आरा। भोजपुर जिले के विश्राम नगर, धनपुरा में आयोजित पांच दिवसीय श्री श्री सिद्धेश्वर नाथ प्राण प्रतिष्ठा महायज्ञ का समापन गुरुवार को भव्य धार्मिक अनुष्ठान के साथ हुआ। 29 मार्च से 2 अप्रैल 2026 तक चले इस महायज्ञ के अंतिम दिन विधि-विधान से भगवान सिद्धेश्वर नाथ की प्राण प्रतिष्ठा की गई, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। महायज्ञ के समापन अवसर पर विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जहां हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। पूरे नगर में उत्सव जैसा माहौल देखने को मिला और कार्यक्रम को लेकर लोगों में खासा उत्साह रहा। इस अवसर पर आरा नगर निगम के वार्ड पार्षद एवं वार्ड परिषद प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे। सभी जनप्रतिनिधियों ने प्राण प्रतिष्ठा महायज्ञ की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे धार्मिक आयोजनों से समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और आपसी भाईचारा मजबूत होता है। कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने महायज्ञ के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए बताया कि प्राण प्रतिष्ठा केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि आस्था, विश्वास और संस्कृति का प्रतीक है। यह भव्य आयोजन विश्राम नगर वासियों के सहयोग से संपन्न हुआ, जिसमें स्थानीय लोगों की सक्रिय भागीदारी और समर्पण साफ देखने को मिला।
भोजपुर आरा में श्री सिद्धेश्वर नाथ प्राण प्रतिष्ठा महायज्ञ सम्पन्न, हजारों श्रद्धालुओं ने ग्रहण किया प्रसाद भोजपुर आरा में श्री सिद्धेश्वर नाथ प्राण प्रतिष्ठा महायज्ञ सम्पन्न, हजारों श्रद्धालुओं ने ग्रहण किया प्रसाद आरा। भोजपुर जिले के विश्राम नगर, धनपुरा में आयोजित पांच दिवसीय श्री श्री सिद्धेश्वर नाथ प्राण प्रतिष्ठा महायज्ञ का समापन गुरुवार को भव्य धार्मिक अनुष्ठान के साथ हुआ। 29 मार्च से 2 अप्रैल 2026 तक चले इस महायज्ञ के अंतिम दिन विधि-विधान से भगवान सिद्धेश्वर नाथ की प्राण प्रतिष्ठा की गई, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। महायज्ञ के समापन अवसर पर विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जहां हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। पूरे नगर में उत्सव जैसा माहौल देखने को मिला और कार्यक्रम को लेकर लोगों में खासा उत्साह रहा। इस अवसर पर आरा नगर निगम के वार्ड पार्षद एवं वार्ड परिषद प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे। सभी जनप्रतिनिधियों ने प्राण प्रतिष्ठा महायज्ञ की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे धार्मिक आयोजनों से समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और आपसी भाईचारा मजबूत होता है। कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने महायज्ञ के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए बताया कि प्राण प्रतिष्ठा केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि आस्था, विश्वास और संस्कृति का प्रतीक है। यह भव्य आयोजन विश्राम नगर वासियों के सहयोग से संपन्न हुआ, जिसमें स्थानीय लोगों की सक्रिय भागीदारी और समर्पण साफ देखने को मिला।
- भोजपुर आरा में श्री सिद्धेश्वर नाथ प्राण प्रतिष्ठा महायज्ञ सम्पन्न, हजारों श्रद्धालुओं ने ग्रहण किया प्रसाद आरा। भोजपुर जिले के विश्राम नगर, धनपुरा में आयोजित पांच दिवसीय श्री श्री सिद्धेश्वर नाथ प्राण प्रतिष्ठा महायज्ञ का समापन गुरुवार को भव्य धार्मिक अनुष्ठान के साथ हुआ। 29 मार्च से 2 अप्रैल 2026 तक चले इस महायज्ञ के अंतिम दिन विधि-विधान से भगवान सिद्धेश्वर नाथ की प्राण प्रतिष्ठा की गई, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। महायज्ञ के समापन अवसर पर विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जहां हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। पूरे नगर में उत्सव जैसा माहौल देखने को मिला और कार्यक्रम को लेकर लोगों में खासा उत्साह रहा। इस अवसर पर आरा नगर निगम के वार्ड पार्षद एवं वार्ड परिषद प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे। सभी जनप्रतिनिधियों ने प्राण प्रतिष्ठा महायज्ञ की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे धार्मिक आयोजनों से समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और आपसी भाईचारा मजबूत होता है। कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने महायज्ञ के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए बताया कि प्राण प्रतिष्ठा केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि आस्था, विश्वास और संस्कृति का प्रतीक है। यह भव्य आयोजन विश्राम नगर वासियों के सहयोग से संपन्न हुआ, जिसमें स्थानीय लोगों की सक्रिय भागीदारी और समर्पण साफ देखने को मिला।1
- मां आरण्य देवी (जिन्हें स्थानीय स्तर पर कई बार 'आयरन देवी' कहा जाता है) बिहार के आरा (भोजपुर) शहर की सबसे प्रमुख अधिष्ठात्री देवी हैं। यह मंदिर 51 शक्तिपीठों में से एक (सिद्धपीठ) माना जाता है, जिसका संबंध रामायण काल और पांडवों (महाभारत) से है। यहाँ माँ के महालक्ष्मी और महासरस्वती रूप की पूजा होती है। मां आरण्य देवी के बारे में मुख्य बातें: स्थान: यह मंदिर बिहार के आरा शहर के शीश महल चौक के पास स्थित है। इतिहास और मान्यता: मान्यता है कि पांडवों ने वनवास के दौरान इस स्थान पर देवी की स्थापना की थी। रामायण काल में भी भगवान राम ने यहाँ पूजा की थी। नाम का अर्थ: 'आरण्य' का अर्थ है 'वन' (जंगल)। चूँकि यह क्षेत्र प्राचीन काल में वन (आरण्य) था, इसलिए इन्हें आरण्य देवी कहा जाता है। 'आरा' शहर का नाम भी इन्हीं देवी के नाम पर पड़ा है। प्रतिमा: मंदिर के गर्भगृह में दो प्रमुख प्रतिमाएँ हैं - एक काली (महा सरस्वती) और दूसरी श्वेत (महालक्ष्मी), जो ५ फीट ऊँचे सिंहासन पर विराजमान हैं। महत्व: यह सिद्धपीठ है और नवरात्र के दौरान यहाँ विशेष उत्सव और भारी भीड़ होती है1
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- Post by एनामुल हक1
- पटना, बिहार: पटना जिले के आईआईटी अमहारा थाने में पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए भारी मात्रा में जब्त की गई अवैध शराब को नष्ट कर दिया. पुलिस के मुताबिक, विभिन्न मामलों में जब्त की गई लगभग 383 लीटर शराब को प्रशासनिक आदेश के तहत नष्ट किया गया. अधिकारियों की मौजूदगी में हुई कार्रवाई शराब को नष्ट करने की कार्रवाई के दौरान जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी और उत्पाद विभाग के अधिकारी मौजूद थे. पटना के जिला मजिस्ट्रेट डॉ. एस. एम. त्यागराजन के निर्देश पर मदनिषेध विभाग ने गुरुवार को यह कार्रवाई की. इस मौके पर मदनिषेध विभाग के इंस्पेक्टर अरुण कुमार, आईआईटी अमहारा थाना प्रभारी रोशन कुमार राज और अतिरिक्त प्रभारी राम सहोदर सहित कई पुलिसकर्मी और चौकीदार मौजूद थे. 383 लीटर शराब नष्ट पुलिस के मुताबिक, नष्ट की गई शराब में कुल 366 लीटर अंग्रेजी शराब और 17 लीटर देसी शराब शामिल थी. यह शराब पिछले कुछ समय में अलग-अलग 8 मामलों में जब्त की गई थी. सुरक्षा और पारदर्शिता अधिकारियों ने बताया कि शराब को नष्ट करने की पूरी प्रक्रिया की कड़ी निगरानी की गई ताकि यह पारदर्शी और सुरक्षित तरीके से संपन्न हो सके. शराब को नष्ट करने के लिए बोतलों को तोड़कर और तरल पदार्थ को नष्ट कर दिया गया. अवैध शराब के खिलाफ अभियान इंस्पेक्टर अरुण कुमार ने बताया कि जब्त की गई शराब को नियमों के तहत नष्ट करना अनिवार्य है ताकि इसका दुरुपयोग रोका जा सके. उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अवैध शराब के खिलाफ विभाग का अभियान लगातार जारी रहेगा और भविष्य में भी ऐसी कार्रवाई की जाएगी. कानून-व्यवस्था को मजबूती प्रशासन की इस कार्रवाई को अवैध शराब के कारोबार पर अंकुश लगाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है. इससे क्षेत्र में कानून-व्यवस्था मजबूत होगी और शराब तस्करों को यह स्पष्ट संदेश मिलेगा कि गैरकानूनी गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. बिहार में शराबबंदी बिहार में पूर्ण शराबबंदी लागू है, जिसके तहत शराब का निर्माण, बिक्री और सेवन अवैध है. पुलिस और मदनिषेध विभाग लगातार छापेमारी कर अवैध शराब के कारोबार पर लगाम लगाने के लिए कार्रवाई कर रहे हैं. यह कार्रवाई भी उसी अभियान का हिस्सा है.1
- नालंदा के शीतला माता मंदिर में मचे भगदड़ की वजह से 9 महिला श्रद्धालुओं की मृत्यु के बाद उनके शवों को इस तरह अस्पताल में फेंक दिया गया। क्या बिहार में मृत्यु पर भी सरकारी मशीनरी से अपमान और अनदेखी ही मिलेगी? सोचिए, जब मृत्यु के बाद भी इंसान को सम्मान न मिले, तो जिम्मेदारी किसकी है?1
- *मैट्रिक टाॅपर्स सम्मान समारोह सह विदाई एवं प्रीतिभोज संपन्न*। ------------------ आरा प्रखंड स्थित ज्ञानोदय प्लस टू उच्च माध्यमिक विद्यालय, बभनौली,भोजपुर के मैट्रिक परीक्षा में शत्-प्रतिशत सफलता प्राप्त करने वाले सभी 150 छात्र-छात्राओं के सम्मान में ,"मैट्रिक टाँपर्स सम्मान समारोह सह प्रीतिभोज" का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का शुभारम्भ बतौर मुख्य अतिथि माननीय बिहार विधान परिषद सदस्य, जीवन कुमार ने किया। विशिष्ट अतिथि के तौर पर अखिल भारतीय विद्वत परिषद के जिलाअध्यक्ष सत्यनारायण उपाध्याय, लोजपा रामविलास के जिलाध्यक्ष-राजेश्वर पासवान, प्राइवेट स्कूल वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष मिथिलेश रंजन, मुखिया संघ के जिलाध्यक्ष हरेंद्र प्रसाद यादव, आरा मध्य के जिला परिषद प्रतिनिधि हरीफन यादव, के अलावे अन्य की गरिमामय उपस्थिति रही। समारोह में उपस्थित सभी अतिथियों का सम्मान विद्यालय के निदेशक धर्मेन्द्र उपाध्याय, प्राचार्य वेद प्रकाश तिवारी द्वारा पुष्प गुच्छ ,माला एवं अंगवस्त्र से किया गया। इस कार्यक्रम के मंच का संचालन विद्यालय के शिक्षक मनोज कुमार ने किया। तत्पश्चात विद्यालय के निदेशक द्वारा अपने संबोधन में सभी सफल और टाॅपर्स छात्र-छात्राओं को बधाई के साथ शुभकामना दी गई। निदेशक धर्मेन्द्र उपाध्याय ने विद्यालय के स्थापना दिवस पर टाॅपर छात्र को लैपटॉप से सम्मानित करने एवं विद्यालय स्तर पर अधिकत्तम अंक प्राप्त करने वाले पाँच छात्रों का इंटरमीडिएट में नि:शुल्क नामांकन लेने की घोषणा की। बताते चले कि 2001 ई० में स्थापित ज्ञानोदय प्लस टू उच्च माध्यमिक विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने वर्ष 2013 से लेकर वर्तमान वर्ष 2026 में भी अच्छे अंक अर्जित कर न केवल विद्यालय के नाम को रौशन किया है ,बल्कि शत्-प्रतिशत सफलता भी प्राप्त किया है,जो विद्यालय के लिए गौरव की बात है। कहा गया है कि सफलता ऐसे ही कदम नही चूमती, "माँ कमला देवी मेमोरियल ट्रस्ट" द्वारा संचालित ये विद्यालय, निदेशक धर्मेन्द्र उपाध्याय और सभी शिक्षक-शिक्षिका, विद्यालय के कर्मी एवं छात्र अभिभावकों के विश्वास, लग्न, अथक परिश्रम और लंबे संघर्ष का परिणाम है। इसी संदर्भ में मंच संचालक शिक्षक मनोज कुमार ने कहा कि "रात नही, ख्वाब बदलता है। मंजिल नही कारवाँ बदलता है। जज्बा रखों जीतने का क्यूकिं। किस्मत बदले न बदले, पर वक्त जरुर बदलता है। समारोह को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि जीवन कुमार ने इस उपलब्धि के लिए सभी छात्र-छात्राओं को बधाई के साथ-साथ उनके उज्जवल भविष्य के लिए भी शुभकामनाएं दी। उन्होंने अपने संबोधन में छात्रों से अपील की कि ये तो अभी शुरुआत है, अत: आप ज्यादा से ज्यादा परीश्रम करें और इंटरमीडिएट में इससे भी बेहतर अंक प्राप्त कर बिहार में टाॅपर का स्थान प्राप्त करें ताकि फिर से आपको सम्मानित करने का अवसर मिले। मंचासीन सभी बशिष्ट अतिथियों ने भी छात्र अभिभावको को संबोधित किया एवं उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना के साथ बधाइयां दी,साथ ही विद्यालय के निदेशक एवं पूरी टीम को अच्छे पठन-पाठन, खेलकूद के साथ अनुशासन की भी सराहना की। सम्मान समारोह में खास कर 93.8% अंक प्राप्त करने वाले जितु कुमार गुप्ता, रोमा कुमारी, अंजली कुमारी से लेकर 80% अंक प्राप्त करने वाले 62 टॉपर्स छात्र-छात्राओं के साथ सभी प्रथम श्रेणी से उत्तीर्ण 145 एवं द्वितीय श्रेणी से उत्तीर्ण 5 छात्र एवं उनके माता-पिता, अभिभावक को माननीय बिहार विधान परिषद सदस्य, जीवन कुमार एवं विशिष्ट अतिथियों के कर कमलों द्वारा विद्यालय की ओर से माला पहनाकर दिवाल घड़ी,कलम एवं (प्रशस्तिपत्र) प्रमाण-पत्र से सम्मानित किया गया। सम्मान समारोह के पश्चात सबों ने प्रीतिभोज में शामिल होकर छात्रों के साथ लजीज व्यंजनों का भरपूर आनंद लिया। धन्यवाद ज्ञापन विद्यालय के प्रचार्य श्री वेद प्रकाश तिवारी ने किया। इस कार्यक्रम को सफल बनाने में सभी शिक्षक-शिक्षिका,विद्यालय कर्मी एवं छात्र अभिभावकों का भरपूर सहयोग रहा।1