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देश प्रदेश जिला तहसील गाम कॉलोनी वासियों क़ो नेशनल टुडे 24x7 के परिवार की तरफ से दीपाबली की हार्दिक शुभकामनायें
Brajvir Singh
देश प्रदेश जिला तहसील गाम कॉलोनी वासियों क़ो नेशनल टुडे 24x7 के परिवार की तरफ से दीपाबली की हार्दिक शुभकामनायें
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- देश प्रदेश जिला तहसील गाम कॉलोनी वासियों क़ो नेशनल टुडे 24x7 के परिवार की तरफ से दीपाबली की हार्दिक शुभकामनायें1
- उत्तर प्रदेश अल्पसंख्यक आयोग की सदस्य नेहा खान अपने एटा दौरे पर पहुंचीं, जहां उन्होंने सर्किट हाउस में अल्पसंख्यक मोर्चा जिलाध्यक्ष रिजवान अहमद और समाज के प्रतिनिधियों से मुलाकात की। नेहा खान डीएम, एसएसपी और जिले के आला अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर अल्पसंख्यक कल्याणकारी योजनाओं और जनसमस्याओं के निस्तारण की समीक्षा करेंगी। मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने तीन तलाक के मामलों और जमीन विवादों पर बात रखी और कहा कि कानून बनने के बावजूद अभी भी कुछ क्षेत्रों में तीन तलाक की शिकायतें सामने आ रही हैं। वहीं शिक्षा के मुद्दे पर उन्होंने जोर देकर कहा कि मौजूदा सरकार 'एक हाथ में कुरान और दूसरे हाथ में लैपटॉप' की सोच के साथ मदरसों में आधुनिक शिक्षा, कंप्यूटर, हिंदी और अंग्रेजी को बढ़ावा दे रही है, ताकि बच्चे केवल अरबी-उर्दू तक सीमित न रहें। #NehaKhan #EtahNews #MinorityAffairs #UPNews #UttarPradesh अस्वीकरण: इस वीडियो में प्रस्तुत दृश्य, तथ्य और बयान प्राथमिक सूचनाओं, बयानों व स्थानीय सूत्रों पर आधारित हैं। 'संयुक्त संवाद' इनमें से किसी भी दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं करता है। दर्शक कृपया अपने स्वविवेक का प्रयोग करें।1
- एटा- दीपावली पर्व को सकुशल संपन्न कराने के दृष्टिगत अपर पुलिस अधीक्षक श्वेताभ पाण्डेय द्वारा थाना अलीगंज क्षेत्र में की गई पैदल गश्त तथा आतिशबाजी की दुकानों का निरीक्षण कर सम्बंधित को दिए आवश्यक दिशा निर्देश , एटा अपर पुलिस अधीक्षक श्वेताभ पाण्डेय द्वारा दीपावली पर्व को सकुशल संपन्न कराने हेतु थाना अलीगंज क्षेत्र में क्षेत्राधिकारी अलीगंज राजेश सिंह तथा भारी पुलिस बल सहित पैदल गश्त की गई , आतिशबाजी की अस्थायी/स्थायी दुकानों का निरीक्षण कर अग्नि सुरक्षा एवं जनसुरक्षा के दृष्टिगत अग्निशमन उपकरणों की उपलब्धता, सुरक्षित दूरी एवं अन्य सुरक्षा मानकों का जायजा लिया गया तथा निर्धारित मानकों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करने हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए, साथ ही अपर पुलिस अधीक्षक एटा द्वारा सुरक्षा के दृष्टिगत सोशल मीडिया पर किसी भी तरह की अफवाह/भ्रामक सूचना या झूठी सूचना प्रसारित करने वालों के विरुद्ध कार्यवाही करने हेतु शख्त हिदायत दी गयी तथा सभी से अफवाहों पर ध्यान न देने तथा आपसी सौहार्द बनाए रखने की अपील की गयी।2
- विनोद यादव पूर्व प्रधान अघार ब्लॉक जागीर. मैनपुरी की तरफ से समस्त जनपद वासियों को दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएं।1
- नमस्कार, एक दौर था जब सड़कों पर हादसों का शिकार हुए लोगों की मदद करने से लोग इसलिए डरते थे कि कहीं पुलिसिया कार्रवाई का शिकंजा उन पर ही न कस जाए। जब कानून में बदलाव हुआ, तब जाकर राहगीरों के मन से वह खौफ दूर हुआ और लोगों की जानें बचना आसान हो सका। लेकिन आज के दौर में एक ऐसा नया और खतरनाक रुझान देखने को मिल रहा है, जो अगर इसी तरह बढ़ता रहा तो शायद कोई भी अस्पताल या डॉक्टर किसी मरीज को समय पर भर्ती करने की हिम्मत नहीं जुटा पाएगा। इलाज कराने के बाद बिल चुकाने से बचने और अस्पताल की छवि धूमिल करने की नीयत से रचा जाने वाला यह सुनियोजित ड्रामा न केवल स्वास्थ्य व्यवस्था को कटघरे में खड़ा करता है, बल्कि पूरे समाज की मानवीय संवेदनाओं पर भी एक बड़ा सवालिया निशान लगाता है। आइए जानते हैं क्या है यह पूरा मामला और क्यों यह प्रवृत्ति बेहद चिंताजनक बनती जा रही है। न्यूज़ रिपोर्ट (Detailed Report): मैनपुरी जिले के थाना भोगांव क्षेत्र से हाल ही में एक ऐसा ही मामला सामने आया है, जिसने अस्पताल प्रबंधन और वहां तैनात कर्मचारियों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। करीब पांच दिन पहले एक व्यक्ति अपनी पत्नी को प्रसव के लिए अस्पताल लेकर पहुंचा था। अस्पताल के डॉक्टरों और कर्मचारियों की मेहनत से महिला का प्रसव पूरी तरह से सकुशल और सुरक्षित संपन्न हुआ। उपचार के उपरांत कुल बिल करीब 21 हजार रुपये बना था, जिसे कई लोगों की सिफारिश और मान-मनौव्वल के बाद घटाकर 16 हजार रुपये कर दिया गया। अस्पताल प्रशासन ने अपनी ओर से हर संभव राहत प्रदान की, लेकिन इलाज कराने आए व्यक्ति की मंशा पहले से ही संदिग्ध थी। उसकी नीयत में खोट था और वह पहले ही यह योजना बना चुका था कि न तो अस्पताल का एक भी रुपया भुगतान करना है और न ही बिना किसी विवाद के बाहर निकलना है। योजना के अनुसार, अस्पताल संचालक की अनुपस्थिति का फायदा उठाते हुए परिजनों ने रिसेप्शन और अस्पताल के कर्मचारियों के साथ अकारण बहस शुरू कर दी। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ा कि कर्मचारियों के साथ गाली-गलौज और मारपीट तक की नौबत आ गई। जब कर्मचारियों ने अपनी सुरक्षा और नियमानुसार कार्रवाई की बात कही, तो बिल न देना पड़े और उल्टे खुद पर कोई कानूनी कार्रवाई न हो जाए, इसके लिए बाहर आकर एक पूर्व-नियोजित ड्रामा रचा गया। अस्पताल परिसर के बाहर आते ही महिलाओं ने अपने खुद के कपड़े फाड़े और जोर-जोर से हंगामा करना शुरू कर दिया, ताकि राहगीरों और आसपास के लोगों को यह दिखाया जा सके कि अस्पताल प्रबंधन द्वारा उनके साथ कोई ज्यादती या अभद्रता की गई है। इस पूरी हरकत का एकमात्र मकसद अस्पताल की साख को बट्टा लगाना और दबाव बनाकर बिना पैसे दिए वहां से निकल जाना था। हालांकि, इस पूरे घटनाक्रम को अंजाम देने वालों को इस बात का तनिक भी अहसास नहीं था कि उनकी हर एक करतूत अस्पताल परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो रही है। सीसीटीवी फुटेज में यह साफ तौर पर दिखाई दे रहा है कि किस तरह से पहले कर्मचारियों पर हमला किया गया और फिर बाहर आकर खुद ही कपड़ों को फाड़कर पीड़ित बनने का नाटक रचा गया। इस साक्ष्य ने पूरी साजिश की पोल खोलकर रख दी है। यह मामला केवल एक अस्पताल तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक ऐसी सामाजिक समस्या की ओर इशारा करता है जो भविष्य के लिए बेहद घातक साबित हो सकती है। अगर इलाज के बाद इस तरह झूठे आरोप लगाने, मारपीट करने और खुद के कपड़े फाड़कर पीड़िता बनने की प्रवृत्ति को बढ़ावा मिला, तो कोई भी चिकित्सा संस्थान आपात स्थिति में मरीजों को भर्ती करने से हिचकिचाएगा। जिस तरह पहले कानूनी पेचीदगियों के डर से लोग सड़क हादसों के पीड़ितों की मदद करने से पीछे हटते थे, ठीक उसी तरह इस तरह के वीडियो और घटनाएं अस्पताल संचालकों के मन में डर पैदा करेंगी। अगर डॉक्टर अपनी सुरक्षा को लेकर ही आशंकित रहेंगे, तो वास्तव में जिन मरीजों को तत्काल और समुचित इलाज की जरूरत है, उन्हें दर-दर भटकना पड़ेगा। ऐसे मामलों में कठोर कानूनी कार्रवाई होना बेहद जरूरी है ताकि इस तरह की साजिश रचने वालों के मन में कानून का डर कायम हो सके। एंकर आउट्रो (Anchor Outro): अस्पताल किसी भी समाज के लिए उम्मीद की वह जगह होते हैं जहाँ जिंदगी की सांसें वापस लौटती हैं। लेकिन अगर इलाज कराने के बाद बिल चुकाने से बचने के लिए इसी तरह से कानून को हाथ में लिया गया और झूठे ड्रामे रचकर संस्थाओं की छवि खराब की गई, तो इसका खामियाजा अंततः पूरे समाज को ही भुगतना पड़ेगा। सीसीटीवी कैमरों की मदद से सच तो सामने आ जाता है, लेकिन जरूरत इस बात की है कि ऐसे तत्वों के खिलाफ ऐसी मिसाली कार्रवाई की जाए कि भविष्य में कोई भी इलाज करने वाले हाथों पर हमला करने की हिम्मत न कर सके। जुड़े रहने के लिए धन्यवाद, नमस्कार।2
- दिवाली पर कर्मचारियों को 1 लाख से ज्यादा का तोहफा! कारोबारी ने जीता सबका दिल | GD NEWS NETWORK दिवाली के मौके पर राजस्थान के कारोबारी सेठ रामस्वरूप मूंड ने अपने कर्मचारियों को दिया ऐसा खास तोहफा, जिसकी चर्चा सोशल मीडिया पर तेजी से हो रही है! कर्मचारियों को एक-एक लाख रुपये से ज्यादा की नकद सौगात दी गई। आखिर क्या है पूरा मामला? देखिए यह खास रिपोर्ट। ऐसी ही देश-दुनिया की बड़ी खबरों के लिए GD NEWS NETWORK को Subscribe करें।1
- उत्तर प्रदेश में रोडवेज बसों का समय सारिणी का कुछ भी पता नहीं बस कब अपने स्टॉप पर पहुंचेगी ऊपर से परिचालक की दबंगई1
- उत्तर प्रदेश अल्पसंख्यक आयोग की सदस्य नेहा खान अपने एटा दौरे पर पहुंचीं, जहां उन्होंने सर्किट हाउस में अल्पसंख्यक मोर्चा जिलाध्यक्ष रिजवान अहमद और समाज के प्रतिनिधियों से मुलाकात की। नेहा खान डीएम, एसएसपी और जिले के आला अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर अल्पसंख्यक कल्याणकारी योजनाओं और जनसमस्याओं के निस्तारण की समीक्षा करेंगी। मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने तीन तलाक के मामलों और जमीन विवादों पर बात रखी और कहा कि कानून बनने के बावजूद अभी भी कुछ क्षेत्रों में तीन तलाक की शिकायतें सामने आ रही हैं। वहीं शिक्षा के मुद्दे पर उन्होंने जोर देकर कहा कि मौजूदा सरकार 'एक हाथ में कुरान और दूसरे हाथ में लैपटॉप' की सोच के साथ मदरसों में आधुनिक शिक्षा, कंप्यूटर, हिंदी और अंग्रेजी को बढ़ावा दे रही है, ताकि बच्चे केवल अरबी-उर्दू तक सीमित न रहें। #NehaKhan #EtahNews #MinorityAffairs #UPNews #UttarPradesh अस्वीकरण: इस वीडियो में प्रस्तुत दृश्य, तथ्य और बयान प्राथमिक सूचनाओं, बयानों व स्थानीय सूत्रों पर आधारित हैं। 'संयुक्त संवाद' इनमें से किसी भी दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं करता है। दर्शक कृपया अपने स्वविवेक का प्रयोग करें।1