logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…
  • Latest News
  • News
  • Politics
  • Elections
  • Viral
  • Astrology
  • Horoscope in Hindi
  • Horoscope in English
  • Latest Political News
logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…

‎⁨@sunnyrlivemp⁩  गुजरी डोल ग्यारस चल समारोह में दो युवती में मारपीट।

1 hr ago
user_SNY R LIVE MP
SNY R LIVE MP
Local News Reporter धरमपुरी, धार, मध्य प्रदेश•
1 hr ago

‎⁨@sunnyrlivemp⁩  गुजरी डोल ग्यारस चल समारोह में दो युवती में मारपीट।

More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
  • चार साल से असुरक्षा का आरोप,अब 535 छात्राओं ने जड़ दिया स्कूल पर ताला धार। शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय पीथमपुर में व्यवस्थाओं को लेकर छात्राओं का आक्रोश आखिरकार सड़क पर उतर आया। करीब 535 छात्राओं ने स्कूल की कथित बदहाल व्यवस्थाओं के विरोध में मुख्य गेट पर ताला जड़ दिया और स्कूल के बाहर जमकर नारेबाजी करते हुए अपनी समस्याओं के समाधान की मांग की। छात्राओं के प्रदर्शन से प्रशासनिक अमले में भी हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में पुलिस बल मौके पर पहुंचा। वहीं तहसीलदार राहुल गायकवाड़ भी मौके पर पहुंचे और छात्राओं से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं। *‘चार साल से असुरक्षा के साए में पढ़ाई’* प्रदर्शन कर रही छात्रा रोशनी कुशवाहा ने मीडिया से बातचीत में स्कूल प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए। छात्राओं का कहना है कि विद्यालय परिसर में सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं और आए दिन बाहरी लोगों के प्रवेश से छात्राओं में भय का माहौल बना रहता है। छात्राओं के मुताबिक, परिसर में बाहरी लोगों के आने को लेकर कई बार विवाद और मारपीट जैसी घटनाएं भी हो चुकी हैं। छात्राओं का आरोप है कि वे पिछले करीब चार वर्षों से असुरक्षा के माहौल में पढ़ाई करने को मजबूर हैं। *कक्षाओं में पंखे गायब, ‘नेचुरल हवा’ का सहारा!* गर्मी और उमस के बीच छात्राओं ने कक्षाओं में पंखे नहीं होने का मुद्दा भी जोरदार तरीके से उठाया। छात्राओं का आरोप है कि जब वे पंखे लगाने की मांग करती हैं तो उन्हें ‘नेचुरल हवा’ लेने की सलाह देकर मामला टाल दिया जाता है। छात्राओं ने सवाल उठाया कि जब कक्षाओं में पढ़ने वाली सैकड़ों छात्राओं के लिए पंखों की व्यवस्था नहीं है, तो फिर विद्यालय में सुविधाओं का संतुलन आखिर कहां है? छात्राओं ने यह भी आरोप लगाया कि प्राचार्य कक्ष में एसी लगा हुआ है, जबकि छात्राएं गर्मी में बिना पंखे के बैठने को मजबूर हैं। *प्यास बुझाने के लिए दूसरे स्कूल या एसडीएम कार्यालय का चक्कर!* छात्राओं ने विद्यालय में पेयजल व्यवस्था को लेकर भी नाराजगी जताई। छात्राओं का आरोप है कि स्कूल में पर्याप्त पीने का पानी उपलब्ध नहीं है और उन्हें पास के स्कूल अथवा एसडीएम कार्यालय से पानी भरकर लाने के लिए कहा जाता है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि जहां बेटियों को बेहतर शिक्षा और सुरक्षित वातावरण देने की बात होती है, वहां पानी जैसी बुनियादी सुविधा के लिए भी छात्राओं को भटकना पड़े तो व्यवस्था की तस्वीर कैसी होगी? *शौचालयों की सफाई पर भी सवाल* विद्यालय के वॉशरूम की सफाई व्यवस्था को लेकर भी छात्राओं में नाराजगी है। छात्राओं का कहना है कि शौचालयों की नियमित सफाई नहीं होने से गंदगी बनी रहती है। छात्राओं ने विद्यालय प्रबंधन से साफ-सफाई, पेयजल और अन्य मूलभूत सुविधाओं को दुरुस्त करने की मांग की है। *आवेदन पर आवेदन… फिर भी समाधान नहीं!* छात्राओं का आरोप है कि विद्यालय की समस्याओं को लेकर कई बार लिखित आवेदन दिए गए, लेकिन शिकायतों के बावजूद व्यवस्थाओं में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ। आखिरकार छात्राओं ने स्कूल के मुख्य गेट पर ताला लगाकर अपना विरोध दर्ज कराया। *अब प्रशासन के आश्वासन की अग्निपरीक्षा* छात्राओं के प्रदर्शन के बाद तहसीलदार राहुल गायकवाड़ और पुलिस प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर छात्राओं से बातचीत की और उनकी समस्याएं सुनीं। प्रशासन की ओर से समस्याओं के जल्द समाधान का भरोसा दिया गया है। अब बड़ा सवाल यही है कि 535 छात्राओं के इस विरोध के बाद स्कूल की व्यवस्थाएं वास्तव में सुधरती हैं या फिर आश्वासन की फाइलें ही दौड़ती रहेंगी?
    4
    चार साल से असुरक्षा का आरोप,अब 535 छात्राओं ने जड़ दिया स्कूल पर ताला
धार। शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय पीथमपुर में व्यवस्थाओं को लेकर छात्राओं का आक्रोश आखिरकार सड़क पर उतर आया। करीब 535 छात्राओं ने स्कूल की कथित बदहाल व्यवस्थाओं के विरोध में मुख्य गेट पर ताला जड़ दिया और स्कूल के बाहर जमकर नारेबाजी करते हुए अपनी समस्याओं के समाधान की मांग की। छात्राओं के प्रदर्शन से प्रशासनिक अमले में भी हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में पुलिस बल मौके पर पहुंचा। वहीं तहसीलदार राहुल गायकवाड़ भी मौके पर पहुंचे और छात्राओं से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं।
*‘चार साल से असुरक्षा के साए में पढ़ाई’*
प्रदर्शन कर रही छात्रा रोशनी कुशवाहा ने मीडिया से बातचीत में स्कूल प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए। छात्राओं का कहना है कि विद्यालय परिसर में सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं और आए दिन बाहरी लोगों के प्रवेश से छात्राओं में भय का माहौल बना रहता है। छात्राओं के मुताबिक, परिसर में बाहरी लोगों के आने को लेकर कई बार विवाद और मारपीट जैसी घटनाएं भी हो चुकी हैं। छात्राओं का आरोप है कि वे पिछले करीब चार वर्षों से असुरक्षा के माहौल में पढ़ाई करने को मजबूर हैं।
*कक्षाओं में पंखे गायब, ‘नेचुरल हवा’ का सहारा!*
गर्मी और उमस के बीच छात्राओं ने कक्षाओं में पंखे नहीं होने का मुद्दा भी जोरदार तरीके से उठाया। छात्राओं का आरोप है कि जब वे पंखे लगाने की मांग करती हैं तो उन्हें ‘नेचुरल हवा’ लेने की सलाह देकर मामला टाल दिया जाता है। छात्राओं ने सवाल उठाया कि जब कक्षाओं में पढ़ने वाली सैकड़ों छात्राओं के लिए पंखों की व्यवस्था नहीं है, तो फिर विद्यालय में सुविधाओं का संतुलन आखिर कहां है? छात्राओं ने यह भी आरोप लगाया कि प्राचार्य कक्ष में एसी लगा हुआ है, जबकि छात्राएं गर्मी में बिना पंखे के बैठने को मजबूर हैं।
*प्यास बुझाने के लिए दूसरे स्कूल या एसडीएम कार्यालय का चक्कर!*
छात्राओं ने विद्यालय में पेयजल व्यवस्था को लेकर भी नाराजगी जताई। छात्राओं का आरोप है कि स्कूल में पर्याप्त पीने का पानी उपलब्ध नहीं है और उन्हें पास के स्कूल अथवा एसडीएम कार्यालय से पानी भरकर लाने के लिए कहा जाता है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि जहां बेटियों को बेहतर शिक्षा और सुरक्षित वातावरण देने की बात होती है, वहां पानी जैसी बुनियादी सुविधा के लिए भी छात्राओं को भटकना पड़े तो व्यवस्था की तस्वीर कैसी होगी?
*शौचालयों की सफाई पर भी सवाल*
विद्यालय के वॉशरूम की सफाई व्यवस्था को लेकर भी छात्राओं में नाराजगी है। छात्राओं का कहना है कि शौचालयों की नियमित सफाई नहीं होने से गंदगी बनी रहती है। छात्राओं ने विद्यालय प्रबंधन से साफ-सफाई, पेयजल और अन्य मूलभूत सुविधाओं को दुरुस्त करने की मांग की है।
*आवेदन पर आवेदन… फिर भी समाधान नहीं!*
छात्राओं का आरोप है कि विद्यालय की समस्याओं को लेकर कई बार लिखित आवेदन दिए गए, लेकिन शिकायतों के बावजूद व्यवस्थाओं में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ। आखिरकार छात्राओं ने स्कूल के मुख्य गेट पर ताला लगाकर अपना विरोध दर्ज कराया।
*अब प्रशासन के आश्वासन की अग्निपरीक्षा*
छात्राओं के प्रदर्शन के बाद तहसीलदार राहुल गायकवाड़ और पुलिस प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर छात्राओं से बातचीत की और उनकी समस्याएं सुनीं। प्रशासन की ओर से समस्याओं के जल्द समाधान का भरोसा दिया गया है। अब बड़ा सवाल यही है कि 535 छात्राओं के इस विरोध के बाद स्कूल की व्यवस्थाएं वास्तव में सुधरती हैं या फिर आश्वासन की फाइलें ही दौड़ती रहेंगी?
    user_Sunil Nigwal reporter
    Sunil Nigwal reporter
    Local News Reporter पीथमपुर, धार, मध्य प्रदेश•
    19 hrs ago
  • जिलाधीश के आदेश की निजी विद्यालय द्वारा अवहेलना अवकाश के आदेश के बाद भी संचालित किया विद्यालय *जिलाधीश के आदेश की निजी विद्यालय द्वारा अवहेलना* अवकाश के आदेश के बाद भी संचालित किया विद्यालय सनावद :- खरगोन जिले में डोल ग्यारस के पावन अवसर पर जिलाधीश महोदय गुरु प्रसाद द्वारा शिक्षण संस्थानों को एक दिवसीय अवकाश हेतु निर्देशित किया गया वही दूसरी और चित्रमोड स्थित एक निजी विद्यालय द्वारा जिलाधीश के आदेशों की अहेलना करते हुए विद्यालय संचालित किया गया जब यह बात की खबर हमारे संवाददाता के पास पहुंची तो वह विद्यालय के लिए निकले मार्ग में निजी विद्यालय की बस विद्यार्थियों से भरकर आई हुई मिली बस के चालक से जब संपर्क किया गया तो वह कोई उचित जवाब नहीं दे पाया और कहने लगा कि विद्यालय में सर का जन्मदिन था फिर कहने लगा कि गणपति जी की आरती करने के लिए बच्चों को लाया गया जब हमारे संवाददाता ने पूछा कि गणेश जी की आरती करने के लिए विद्यालय संचालित किया तो उसमें बड़ी संख्या में विद्यार्थी भी बुलाए गए तो वह कुछ संतोष पद जवाब नहीं दे पाया इसके पश्चात हमारे संवाददाता विद्यालय के गेट पर पहुंचे जहां पर शिक्षक स्टाफ एवं विद्यार्थियों को लिए टाटा मैजिक वाहन भी खड़ा हुआ था जब वहां गेट पर खड़े शिक्षक दिलीप भंवर से इस संबंध में चर्चा की तो वह भी वहां से बिना कोई उचित जवाब दिए अपना वाहन लेकर निकल गए विद्यालय परिसर के बाहर मैदान में हमारे संवाददाता द्वारा विद्यालय में कार्यरत महिला कर्मचारी से इस संबंध में जानकारी चाहिए तो उन्होंने बताया की सर ने बोला था इसके पश्चात स्कूल प्रबंधन के संचालक जितेंद्र करोड़ा से हमारे संवाददाता ने फोन पर चर्चा की तो उन्होंने बताया कि हमारा विद्यालय संचालित नहीं हुआ है और मैने जिला शिक्षा अधिकारी को अवगत करा दिया है हर किसी को में जवाब नहीं दूंगा संवाददाता द्वारा स्कूल संचालक से बस में बैठे बच्चे एवं टाटा मैजिक में विद्यालय के गेट पर खड़े वाहन मे बैठे स्टाफ के वीडियो फुटेज उपलब्ध होने के संबंध में चर्चा की तो संचालक द्वारा उसे ऐ आई से निर्मित पुराना एवं फर्जी बताकर मोबाइल काट दिया गया इस संबंध में जब संवाददाता द्वारा जन शिक्षक दीपक चौधरी से चर्चा की तो उन्होंने बताया कि मुझे स्कूल संचालक जितेन करोडा ने फोन पर चर्चा में बताया की गणपति जी की आरती के लिए स्कूल मैं बच्चे बुलाकर संचालित की गई थी लेकिन अब सवाल यह बनता है कि क्या स्कूल संचालक यह भ्रम फैलाकर एवं जिलाधीश के आदेश की अवहेलना करते हुए अपनी जिम्मेदारियां से पल्ला झाड़ रहा है! जिस प्रकार स्कूल संचालक जितेन करोडा द्वारा जन शिक्षक एवं हमारे संवाददाता को फोन पर वार्तालाप में बताया गया वह एक गंभीर प्रश्न को जन्म देता है गणेश जी की आरती करने के लिए अपने समस्त स्टाफ एवं शिक्षण संस्था में अध्यनरत विद्यार्थियों से गणेश जी की आरती की वजह बता कर विद्यालय संचालित करवाया जा रहा था
    4
    जिलाधीश के आदेश की निजी विद्यालय द्वारा अवहेलना 
अवकाश के आदेश के बाद भी संचालित किया विद्यालय 
*जिलाधीश के आदेश की निजी विद्यालय  द्वारा अवहेलना* 
अवकाश के आदेश के बाद भी संचालित किया विद्यालय 
सनावद :- खरगोन जिले में डोल ग्यारस के पावन अवसर पर जिलाधीश महोदय गुरु प्रसाद द्वारा शिक्षण संस्थानों को एक दिवसीय अवकाश हेतु निर्देशित किया गया वही दूसरी और चित्रमोड स्थित एक निजी विद्यालय द्वारा जिलाधीश के आदेशों की अहेलना करते हुए विद्यालय संचालित किया गया  जब यह बात की खबर हमारे संवाददाता के पास पहुंची तो वह विद्यालय के लिए निकले मार्ग में निजी विद्यालय की बस विद्यार्थियों से भरकर आई हुई मिली बस के चालक से जब संपर्क किया गया तो वह कोई उचित जवाब नहीं दे पाया और कहने लगा कि विद्यालय में सर का जन्मदिन था फिर कहने लगा कि गणपति जी की आरती करने के लिए बच्चों को लाया गया जब हमारे संवाददाता ने पूछा कि गणेश जी की आरती करने के लिए विद्यालय संचालित किया तो उसमें बड़ी संख्या में  विद्यार्थी भी बुलाए गए  तो वह कुछ संतोष पद जवाब नहीं दे पाया इसके पश्चात हमारे संवाददाता विद्यालय के गेट पर  पहुंचे जहां पर शिक्षक स्टाफ एवं विद्यार्थियों को लिए टाटा मैजिक वाहन भी खड़ा हुआ था जब वहां गेट पर खड़े शिक्षक  दिलीप भंवर से इस संबंध में चर्चा की तो वह भी वहां से बिना कोई उचित जवाब दिए अपना वाहन लेकर निकल गए विद्यालय परिसर के बाहर मैदान में हमारे संवाददाता द्वारा विद्यालय में कार्यरत महिला कर्मचारी से इस संबंध में जानकारी चाहिए तो उन्होंने बताया की सर ने बोला था इसके पश्चात स्कूल प्रबंधन के संचालक जितेंद्र करोड़ा से हमारे संवाददाता ने फोन पर चर्चा की तो उन्होंने बताया कि हमारा विद्यालय संचालित नहीं हुआ है और मैने जिला शिक्षा अधिकारी को अवगत करा दिया है हर किसी को में जवाब नहीं दूंगा संवाददाता द्वारा स्कूल संचालक से बस में बैठे बच्चे एवं टाटा मैजिक में विद्यालय के गेट पर खड़े वाहन मे बैठे स्टाफ के वीडियो फुटेज उपलब्ध होने के संबंध में चर्चा की तो  संचालक द्वारा उसे ऐ आई से निर्मित पुराना एवं फर्जी बताकर मोबाइल काट दिया गया इस संबंध में जब संवाददाता द्वारा जन शिक्षक दीपक चौधरी से चर्चा की तो उन्होंने बताया कि मुझे स्कूल संचालक  जितेन करोडा ने फोन पर चर्चा में बताया की गणपति जी की आरती के लिए स्कूल मैं  बच्चे बुलाकर  संचालित की गई थी लेकिन अब सवाल यह बनता है कि क्या स्कूल संचालक यह भ्रम फैलाकर एवं जिलाधीश के आदेश की अवहेलना करते हुए अपनी जिम्मेदारियां से पल्ला झाड़ रहा है! 
जिस प्रकार स्कूल संचालक जितेन करोडा द्वारा जन शिक्षक एवं हमारे संवाददाता को फोन पर वार्तालाप में बताया गया वह एक गंभीर प्रश्न  को जन्म देता है  गणेश जी की आरती करने के लिए अपने समस्त स्टाफ एवं शिक्षण संस्था में अध्यनरत विद्यार्थियों से गणेश जी की आरती  की वजह बता कर विद्यालय संचालित करवाया जा रहा था
    user_निमाड़ कि धड़कन समाचार
    निमाड़ कि धड़कन समाचार
    Sanawad, Khargone•
    6 hrs ago
  • स्टेट प्रेस क्लब का भारतीय पत्रकारिता महोत्सव 2 .3 .4. ओक्टुबर को होगा गांधी हॉल इंदौर स्टेट प्रेस क्लब का पत्रकारिता मौसम 23 और 4 अक्टूबर को होगा इसके थीम का वीडियो आया सामने पत्रकारीता से जुड़े कई जाने माने पत्रकार इस महोत्सव में अपने विचार पत्रकारों से साझा करेंगे
    1
    स्टेट प्रेस क्लब का भारतीय पत्रकारिता महोत्सव 2   .3    .4. ओक्टुबर को  होगा     गांधी हॉल इंदौर                                         स्टेट प्रेस क्लब का पत्रकारिता मौसम 23 और 4 अक्टूबर को होगा इसके थीम का वीडियो आया सामने    पत्रकारीता से जुड़े कई जाने माने पत्रकार इस महोत्सव में अपने विचार पत्रकारों से साझा करेंगे
    user_Naseem Khan
    Naseem Khan
    इंदौर, इंदौर, मध्य प्रदेश•
    41 min ago
  • इंदौर: आपराधिक गतिविधियों पर लगाम कसने के तहत पुलिस आयुक्त नगरीय इंदौर ने मल्हारगंज थाना क्षेत्र के शातिर बदमाश के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है। 166 इंदिरा नगर निवासी 24 वर्षीय केशव उर्फ केशू (पिता दिलीप राठौर) के खिलाफ म.प्र. राज्य सुरक्षा अधिनियम 1990 के तहत 1 वर्ष के लिए जिलाबदर का आदेश जारी किया गया है। ​इस आदेश के तहत आरोपी केशव को इंदौर (नगरीय एवं देहात) सहित आसपास के सभी सीमावर्ती जिलों की सीमाओं से एक साल के लिए प्रतिबंधित कर दिया गया है। इंदौर: आपराधिक गतिविधियों पर लगाम कसने के तहत पुलिस आयुक्त नगरीय इंदौर ने मल्हारगंज थाना क्षेत्र के शातिर बदमाश के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है। 166 इंदिरा नगर निवासी 24 वर्षीय केशव उर्फ केशू (पिता दिलीप राठौर) के खिलाफ म.प्र. राज्य सुरक्षा अधिनियम 1990 के तहत 1 वर्ष के लिए जिलाबदर का आदेश जारी किया गया है। ​इस आदेश के तहत आरोपी केशव को इंदौर (नगरीय एवं देहात) सहित आसपास के सभी सीमावर्ती जिलों की सीमाओं से एक साल के लिए प्रतिबंधित कर दिया गया है। ​आदेश के पालन में मल्हारगंज पुलिस टीम ने आरोपी के इलाके में लाउडस्पीकर के माध्यम से मुनादी कराई। पुलिस ने आरोपी और उसके परिजनों को आदेश का कड़ाई से पालन करने के लिए पाबंद किया, साथ ही क्षेत्र के रहवासियों को भी इस संबंध में सूचित किया।
    1
    इंदौर: आपराधिक गतिविधियों पर लगाम कसने के तहत पुलिस आयुक्त नगरीय इंदौर ने मल्हारगंज थाना क्षेत्र के शातिर बदमाश के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है। 166 इंदिरा नगर निवासी 24 वर्षीय केशव उर्फ केशू (पिता दिलीप राठौर) के खिलाफ म.प्र. राज्य सुरक्षा अधिनियम 1990 के तहत 1 वर्ष के लिए जिलाबदर का आदेश जारी किया गया है।

​इस आदेश के तहत आरोपी केशव को इंदौर (नगरीय एवं देहात) सहित आसपास के सभी सीमावर्ती जिलों की सीमाओं से एक साल के लिए प्रतिबंधित कर दिया गया है।
इंदौर: आपराधिक गतिविधियों पर लगाम कसने के तहत पुलिस आयुक्त नगरीय इंदौर ने मल्हारगंज थाना क्षेत्र के शातिर बदमाश के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है। 166 इंदिरा नगर निवासी 24 वर्षीय केशव उर्फ केशू (पिता दिलीप राठौर) के खिलाफ म.प्र. राज्य सुरक्षा अधिनियम 1990 के तहत 1 वर्ष के लिए जिलाबदर का आदेश जारी किया गया है।
​इस आदेश के तहत आरोपी केशव को इंदौर (नगरीय एवं देहात) सहित आसपास के सभी सीमावर्ती जिलों की सीमाओं से एक साल के लिए प्रतिबंधित कर दिया गया है।
​आदेश के पालन में मल्हारगंज पुलिस टीम ने आरोपी के इलाके में लाउडस्पीकर के माध्यम से मुनादी कराई। पुलिस ने आरोपी और उसके परिजनों को आदेश का कड़ाई से पालन करने के लिए पाबंद किया, साथ ही क्षेत्र के रहवासियों को भी इस संबंध में सूचित किया।
    user_Ck_news
    Ck_news
    Video Creator इंदौर, इंदौर, मध्य प्रदेश•
    1 hr ago
  • Indore : Ward 54 में गंदगी और जलभराव से रहवासी परेशान | Drainage Line Damaged | Indore News
    1
    Indore : Ward 54 में गंदगी और जलभराव से रहवासी परेशान | Drainage Line Damaged | Indore News
    user_PM NEWS
    PM NEWS
    Journalist इंदौर, इंदौर, मध्य प्रदेश•
    2 hrs ago
  • दरअसल, आजाद नगर क्षेत्र में नगर निगम द्वारा मटन मार्केट बनाया गया है। मार्केट में मटन, चिकन और मछली की दुकानें संचालित होती हैं। व्यापारियों का आरोप है कि मार्केट का Indore TV news 24x7
    1
    दरअसल, आजाद नगर क्षेत्र में नगर निगम द्वारा मटन मार्केट बनाया गया है। मार्केट में मटन, चिकन और मछली की दुकानें संचालित होती हैं। व्यापारियों का आरोप है कि मार्केट का
Indore TV news 24x7
    user_Imran Khan
    Imran Khan
    इंदौर, इंदौर, मध्य प्रदेश•
    2 hrs ago
  • पीथमपुर में विकास का उल्टा खेल! करोड़ों की सड़क तोड़ी, अब ड्रेनेज के नाम पर फिर खुदाई पीथमपुर। औद्योगिक नगरी पीथमपुर में नगर परिषद की कार्यप्रणाली एक बार फिर सवालों के घेरे में है। लाखों-करोड़ों रुपये की लागत से बनाई गई RCC सड़कों को कुछ समय बाद ही बीचों-बीच खोदकर ड्रेनेज लाइन डालने का मामला सामने आया है। आरोप है कि नगर परिषद के जिम्मेदार अधिकारियों की कथित मनमानी और बिना समुचित प्लानिंग के किए जा रहे कार्यों का खामियाजा अब सरकारी खजाने के साथ आम जनता को भुगतना पड़ रहा है। मामले को लेकर जिला कांग्रेस कमेटी धार के उपाध्यक्ष एवं पीथमपुर निवासी डॉ. हेमंत कुमार हिरोले ने कलेक्टर धार को शिकायत देकर पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। सड़क बनी करोड़ों की, फिर बीच से खोद दी—प्लानिंग पर बड़ा सवाल शिकायतकर्ता के अनुसार पीथमपुर के विभिन्न क्षेत्रों में पूर्व में भारी भरकम राशि खर्च कर RCC सड़कों का निर्माण कराया गया था। सड़कें अभी उपयोग में थीं और कई जगह निर्माण की गुणवत्ता एवं वारंटी अवधि का विषय भी जुड़ा हुआ है। इसके बावजूद अब उन्हीं सड़कों को बीच से खोदकर ड्रेनेज लाइन डालने का काम किया जा रहा है। ऐसे में सवाल उठना लाजिमी है कि जब सड़क निर्माण से पहले ड्रेनेज की जरूरत मौजूद थी, तो दोनों कामों के बीच समन्वय क्यों नहीं किया गया? पहले सड़क बनाओ... फिर तोड़ो... फिर मरम्मत पर पैसा लगाओ! मामला यहीं खत्म नहीं होता। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि कई स्थानों पर ड्रेनेज लाइन डालने के बाद सड़क को तत्काल व्यवस्थित तरीके से बहाल नहीं किया गया और खुदाई के बाद मिट्टी के ढेर पड़े हुए हैं। अब जनता के बीच सवाल है कि सरकारी पैसा एक ही जगह पर बार-बार क्यों खर्च हो? अगर RCC सड़क तोड़ना जरूरी था तो इसकी तकनीकी योजना क्या थी? सड़क की पुनर्निर्माण लागत कौन उठाएगा? और क्या यह खर्च मूल ड्रेनेज योजना में शामिल था? CMO से लेकर इंजीनियरिंग अमले तक उठे सवाल पूरे मामले में नगर परिषद के CMO और संबंधित इंजीनियरिंग अमले की भूमिका भी जांच के दायरे में लाने की मांग की गई है। शिकायतकर्ता ने प्रशासन से यह पता लगाने की मांग की है कि ड्रेनेज कार्य के लिए कौन-सी प्रशासनिक एवं तकनीकी स्वीकृति ली गई, नगर परिषद का कौन-सा प्रस्ताव पारित हुआ, डीपीआर क्या है, कार्य किस एजेंसी को दिया गया और अब तक कितना भुगतान किया गया है। साथ ही यह भी जांच की मांग की गई है कि संबंधित क्षेत्रों में पहले से ड्रेनेज लाइन मौजूद थी या नहीं और यदि थी तो नई लाइन डालने की आवश्यकता किस तकनीकी सर्वे अथवा रिपोर्ट के आधार पर तय की गई। जांच हुई तो खुल सकता है ‘रोड से ड्रेनेज’ तक का पूरा हिसाब शिकायतकर्ता ने कलेक्टर से वार्डवार RCC सड़क की लागत, निर्माण अवधि, वारंटी अवधि, टेंडर, वर्क ऑर्डर, भुगतान, ड्रेनेज लाइन की स्वीकृति, डीपीआर, मास्टर प्लान और नगर परिषद के प्रस्ताव की जांच कराने की मांग की है। यदि जांच में नियमों की अनदेखी, लापरवाही अथवा शासकीय राशि के अनावश्यक व्यय की पुष्टि होती है तो संबंधित जिम्मेदारों की जवाबदेही तय कर कार्रवाई और नियमानुसार राशि की वसूली की मांग भी की गई है।
    2
    पीथमपुर में विकास का उल्टा खेल! करोड़ों की सड़क तोड़ी, अब ड्रेनेज के नाम पर फिर खुदाई
पीथमपुर। औद्योगिक नगरी पीथमपुर में नगर परिषद की कार्यप्रणाली एक बार फिर सवालों के घेरे में है। लाखों-करोड़ों रुपये की लागत से बनाई गई RCC सड़कों को कुछ समय बाद ही बीचों-बीच खोदकर ड्रेनेज लाइन डालने का मामला सामने आया है। आरोप है कि नगर परिषद के जिम्मेदार अधिकारियों की कथित मनमानी और बिना समुचित प्लानिंग के किए जा रहे कार्यों का खामियाजा अब सरकारी खजाने के साथ आम जनता को भुगतना पड़ रहा है।
मामले को लेकर जिला कांग्रेस कमेटी धार के उपाध्यक्ष एवं पीथमपुर निवासी डॉ. हेमंत कुमार हिरोले ने कलेक्टर धार को शिकायत देकर पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।
सड़क बनी करोड़ों की, फिर बीच से खोद दी—प्लानिंग पर बड़ा सवाल
शिकायतकर्ता के अनुसार पीथमपुर के विभिन्न क्षेत्रों में पूर्व में भारी भरकम राशि खर्च कर RCC सड़कों का निर्माण कराया गया था। सड़कें अभी उपयोग में थीं और कई जगह निर्माण की गुणवत्ता एवं वारंटी अवधि का विषय भी जुड़ा हुआ है। इसके बावजूद अब उन्हीं सड़कों को बीच से खोदकर ड्रेनेज लाइन डालने का काम किया जा रहा है।
ऐसे में सवाल उठना लाजिमी है कि जब सड़क निर्माण से पहले ड्रेनेज की जरूरत मौजूद थी, तो दोनों कामों के बीच समन्वय क्यों नहीं किया गया?
पहले सड़क बनाओ... फिर तोड़ो... फिर मरम्मत पर पैसा लगाओ!
मामला यहीं खत्म नहीं होता। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि कई स्थानों पर ड्रेनेज लाइन डालने के बाद सड़क को तत्काल व्यवस्थित तरीके से बहाल नहीं किया गया और खुदाई के बाद मिट्टी के ढेर पड़े हुए हैं।
अब जनता के बीच सवाल है कि सरकारी पैसा एक ही जगह पर बार-बार क्यों खर्च हो? अगर RCC सड़क तोड़ना जरूरी था तो इसकी तकनीकी योजना क्या थी? सड़क की पुनर्निर्माण लागत कौन उठाएगा? और क्या यह खर्च मूल ड्रेनेज योजना में शामिल था?
CMO से लेकर इंजीनियरिंग अमले तक उठे सवाल
पूरे मामले में नगर परिषद के CMO और संबंधित इंजीनियरिंग अमले की भूमिका भी जांच के दायरे में लाने की मांग की गई है। शिकायतकर्ता ने प्रशासन से यह पता लगाने की मांग की है कि ड्रेनेज कार्य के लिए कौन-सी प्रशासनिक एवं तकनीकी स्वीकृति ली गई, नगर परिषद का कौन-सा प्रस्ताव पारित हुआ, डीपीआर क्या है, कार्य किस एजेंसी को दिया गया और अब तक कितना भुगतान किया गया है।
साथ ही यह भी जांच की मांग की गई है कि संबंधित क्षेत्रों में पहले से ड्रेनेज लाइन मौजूद थी या नहीं और यदि थी तो नई लाइन डालने की आवश्यकता किस तकनीकी सर्वे अथवा रिपोर्ट के आधार पर तय की गई।
जांच हुई तो खुल सकता है ‘रोड से ड्रेनेज’ तक का पूरा हिसाब
शिकायतकर्ता ने कलेक्टर से वार्डवार RCC सड़क की लागत, निर्माण अवधि, वारंटी अवधि, टेंडर, वर्क ऑर्डर, भुगतान, ड्रेनेज लाइन की स्वीकृति, डीपीआर, मास्टर प्लान और नगर परिषद के प्रस्ताव की जांच कराने की मांग की है।
यदि जांच में नियमों की अनदेखी, लापरवाही अथवा शासकीय राशि के अनावश्यक व्यय की पुष्टि होती है तो संबंधित जिम्मेदारों की जवाबदेही तय कर कार्रवाई और नियमानुसार राशि की वसूली की मांग भी की गई है।
    user_Sunil Nigwal reporter
    Sunil Nigwal reporter
    Local News Reporter पीथमपुर, धार, मध्य प्रदेश•
    20 hrs ago
  • शिक्षा माफिया के आगे नतमस्तक सिस्टम दफ्तर छोड़ चाय की टपरी पर सेटिंग सीएम हेल्पलाइन कटवाने के
    1
    शिक्षा माफिया के आगे नतमस्तक सिस्टम दफ्तर छोड़ चाय की टपरी पर सेटिंग सीएम हेल्पलाइन कटवाने के
    user_V k Vishwakarma
    V k Vishwakarma
    Photographer इंदौर, इंदौर, मध्य प्रदेश•
    2 hrs ago
  • इन्दौर के ट्रांस्पोर्ट नगर मै 15 तारीख को हुईं चाकूबाजी की घटना मै मोहम्मद इरफान को Indore TV news
    1
    इन्दौर के ट्रांस्पोर्ट नगर मै 15 तारीख को हुईं चाकूबाजी की घटना मै  मोहम्मद इरफान को
Indore TV news
    user_Imran Khan
    Imran Khan
    इंदौर, इंदौर, मध्य प्रदेश•
    3 hrs ago
View latest news on Shuru App
Download_Android
  • Terms & Conditions
  • Career
  • Privacy Policy
  • Blogs
Shuru, a product of Close App Private Limited.