टीकमगढ़: भरे तालाब में जीर्णोद्धार! मालपीथा पंचायत का तालाब बना भ्रष्टाचार का मॉडल? टीकमगढ़ जिले के जतारा जनपद अंतर्गत गोर सेक्टर की ग्राम पंचायत मालपीथा में भिटारा तालाब के जीर्णोद्धार निर्माण कार्य को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि जिस तालाब का जीर्णोद्धार किया जा रहा है, उसमें अभी भी पर्याप्त मात्रा में पानी भरा हुआ है। ऐसे में बिना तालाब खाली कराए निर्माण कार्य शुरू कर देना, अपने आप में संदेह पैदा करता है। जब तालाब भरा है, तो फिर इतनी जल्दबाज़ी क्यों? स्थानीय ग्रामीणों ने सवाल उठाया है कि सरपंच और उपयंत्री (सब इंजीनियर) को आखिर ऐसी क्या मजबूरी थी कि पानी भरे तालाब में ही मशीनें उतार दी गईं। क्या यह कार्य गुणवत्ता और नियमों के अनुरूप है, या फिर केवल कागजों में काम दिखाने की तैयारी? शासन के निर्देशों की खुली अनदेखी शासन के स्पष्ट निर्देश हैं कि तालाब जीर्णोद्धार के दौरान मिट्टी तालाब के अंदर से ही निकालकर उसके बंधान पर लगाई जाए, ताकि लागत कम हो और प्राकृतिक संरचना बनी रहे। लेकिन मालपीथा के भिटारा तालाब में यह नियम ताक पर रख दिया गया। 👉 दूसरी जगहों से ट्रैक्टर और जेसीबी मशीनों द्वारा मिट्टी लाकर डाली जा रही है, जिससे मशीनों के उपयोग और परिवहन के नाम पर खर्च बढ़ाया जा सके। पहले से सही बेस्ट वियर, फिर नया क्यों? ग्रामीणों ने यह भी बताया कि इस तालाब का बेस्ट वियर पहले से ही पूरी तरह सुरक्षित और सही स्थिति में मौजूद है। इसके बावजूद इस्तीमेट में नया बेस्ट वियर बनाने के लिए अलग से राशि जोड़ दी गई, जो शासन की राशि के संभावित दुरुपयोग की ओर इशारा करती है। सब इंजीनियर की भूमिका पर सवाल इस पूरे निर्माण कार्य में सब इंजीनियर की भूमिका पर सबसे ज्यादा सवाल उठ रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि तकनीकी स्वीकृति और निरीक्षण में जानबूझकर अनियमितताओं को नजरअंदाज किया जा रहा है। ग्रामीणों की मांग ग्रामीणों ने मांग की है कि: इस निर्माण कार्य की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए मशीनों के उपयोग और मिट्टी परिवहन की माप पुस्तिका (MB) की जांच हो दोषी पाए जाने पर सरपंच, और संबंधित इंजीनियर पर कार्रवाई की जाए अब बड़ा सवाल यह है कि क्या प्रशासन इस “भरे तालाब के जीर्णोद्धार” की गुत्थी सुलझाएगा या फिर यह मामला भी फाइलों में दबकर रह जाएगा?
टीकमगढ़: भरे तालाब में जीर्णोद्धार! मालपीथा पंचायत का तालाब बना भ्रष्टाचार का मॉडल? टीकमगढ़ जिले के जतारा जनपद अंतर्गत गोर सेक्टर की ग्राम पंचायत मालपीथा में भिटारा तालाब के जीर्णोद्धार निर्माण कार्य को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि जिस तालाब का जीर्णोद्धार किया जा रहा है, उसमें अभी भी पर्याप्त मात्रा में पानी भरा हुआ है। ऐसे में बिना तालाब खाली कराए निर्माण कार्य शुरू कर देना, अपने आप में संदेह पैदा करता है। जब तालाब भरा है, तो फिर इतनी जल्दबाज़ी क्यों? स्थानीय ग्रामीणों ने सवाल उठाया है कि सरपंच और उपयंत्री (सब इंजीनियर) को आखिर ऐसी क्या मजबूरी थी कि पानी भरे तालाब में ही मशीनें उतार दी गईं। क्या यह कार्य गुणवत्ता और नियमों के अनुरूप है, या फिर केवल कागजों में काम दिखाने की तैयारी? शासन के निर्देशों की खुली अनदेखी शासन के स्पष्ट निर्देश हैं कि तालाब जीर्णोद्धार के दौरान मिट्टी तालाब के अंदर से ही निकालकर उसके बंधान पर लगाई जाए, ताकि लागत कम हो और प्राकृतिक संरचना बनी रहे। लेकिन मालपीथा के भिटारा तालाब में यह नियम ताक पर रख दिया गया। 👉 दूसरी जगहों से
ट्रैक्टर और जेसीबी मशीनों द्वारा मिट्टी लाकर डाली जा रही है, जिससे मशीनों के उपयोग और परिवहन के नाम पर खर्च बढ़ाया जा सके। पहले से सही बेस्ट वियर, फिर नया क्यों? ग्रामीणों ने यह भी बताया कि इस तालाब का बेस्ट वियर पहले से ही पूरी तरह सुरक्षित और सही स्थिति में मौजूद है। इसके बावजूद इस्तीमेट में नया बेस्ट वियर बनाने के लिए अलग से राशि जोड़ दी गई, जो शासन की राशि के संभावित दुरुपयोग की ओर इशारा करती है। सब इंजीनियर की भूमिका पर सवाल इस पूरे निर्माण कार्य में सब इंजीनियर की भूमिका पर सबसे ज्यादा सवाल उठ रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि तकनीकी स्वीकृति और निरीक्षण में जानबूझकर अनियमितताओं को नजरअंदाज किया जा रहा है। ग्रामीणों की मांग ग्रामीणों ने मांग की है कि: इस निर्माण कार्य की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए मशीनों के उपयोग और मिट्टी परिवहन की माप पुस्तिका (MB) की जांच हो दोषी पाए जाने पर सरपंच, और संबंधित इंजीनियर पर कार्रवाई की जाए अब बड़ा सवाल यह है कि क्या प्रशासन इस “भरे तालाब के जीर्णोद्धार” की गुत्थी सुलझाएगा या फिर यह मामला भी फाइलों में दबकर रह जाएगा?
- टीकमगढ़: भरे तालाब में जीर्णोद्धार! मालपीथा पंचायत का तालाब बना भ्रष्टाचार का मॉडल? टीकमगढ़ जिले के जतारा जनपद अंतर्गत गोर सेक्टर की ग्राम पंचायत मालपीथा में भिटारा तालाब के जीर्णोद्धार निर्माण कार्य को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि जिस तालाब का जीर्णोद्धार किया जा रहा है, उसमें अभी भी पर्याप्त मात्रा में पानी भरा हुआ है। ऐसे में बिना तालाब खाली कराए निर्माण कार्य शुरू कर देना, अपने आप में संदेह पैदा करता है। जब तालाब भरा है, तो फिर इतनी जल्दबाज़ी क्यों? स्थानीय ग्रामीणों ने सवाल उठाया है कि सरपंच और उपयंत्री (सब इंजीनियर) को आखिर ऐसी क्या मजबूरी थी कि पानी भरे तालाब में ही मशीनें उतार दी गईं। क्या यह कार्य गुणवत्ता और नियमों के अनुरूप है, या फिर केवल कागजों में काम दिखाने की तैयारी? शासन के निर्देशों की खुली अनदेखी शासन के स्पष्ट निर्देश हैं कि तालाब जीर्णोद्धार के दौरान मिट्टी तालाब के अंदर से ही निकालकर उसके बंधान पर लगाई जाए, ताकि लागत कम हो और प्राकृतिक संरचना बनी रहे। लेकिन मालपीथा के भिटारा तालाब में यह नियम ताक पर रख दिया गया। 👉 दूसरी जगहों से ट्रैक्टर और जेसीबी मशीनों द्वारा मिट्टी लाकर डाली जा रही है, जिससे मशीनों के उपयोग और परिवहन के नाम पर खर्च बढ़ाया जा सके। पहले से सही बेस्ट वियर, फिर नया क्यों? ग्रामीणों ने यह भी बताया कि इस तालाब का बेस्ट वियर पहले से ही पूरी तरह सुरक्षित और सही स्थिति में मौजूद है। इसके बावजूद इस्तीमेट में नया बेस्ट वियर बनाने के लिए अलग से राशि जोड़ दी गई, जो शासन की राशि के संभावित दुरुपयोग की ओर इशारा करती है। सब इंजीनियर की भूमिका पर सवाल इस पूरे निर्माण कार्य में सब इंजीनियर की भूमिका पर सबसे ज्यादा सवाल उठ रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि तकनीकी स्वीकृति और निरीक्षण में जानबूझकर अनियमितताओं को नजरअंदाज किया जा रहा है। ग्रामीणों की मांग ग्रामीणों ने मांग की है कि: इस निर्माण कार्य की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए मशीनों के उपयोग और मिट्टी परिवहन की माप पुस्तिका (MB) की जांच हो दोषी पाए जाने पर सरपंच, और संबंधित इंजीनियर पर कार्रवाई की जाए अब बड़ा सवाल यह है कि क्या प्रशासन इस “भरे तालाब के जीर्णोद्धार” की गुत्थी सुलझाएगा या फिर यह मामला भी फाइलों में दबकर रह जाएगा?2
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- हमारे दादाजी अंतिम विदाई ले चुके हैं1
- महावीर बस्ती का उत्सव भवन, कुंडेश्वर, राजमहल, बाजार,दरगुंवा व कुंवरपुरा जतारा सहित अन्य बस्तियों में विशाल हिंदू सम्मेलन में एकता के सूत्र में बंधे सभी समाज।* टीकमगढ़। जिले में सभी जगह मंडल एवं बस्ती स्तर पर विशाल हिंदू सम्मेलन चल रहे है, जिसमें भूमि पूजन के बाद कलश यात्रा निकालकर जागरण चल रहा है, सम्मेलन में संतों का आशीर्वाद वचन, मातृशक्ति के द्वारा कुटुम्ब प्रबोधन एवं पर्यावरण जुड़े विषय एवं संध के मुख्य वक्ताताओं द्वारा हिंदू संस्कृति व वेदों की भारतीय संस्कृति जुड़ी हुई सकारात्मक ऊर्जा , भारतीय परिदृश्य , एकता तथा भूतकाल की उपलब्धि गिनाई।भारत माता की स्तुति गाई गई एवं बालिकाओं द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए। अंत में एकता संकल्प लेकर समरसता भोज का आयोजन हुआ। वहीं उत्सव भवन में महावीर बस्ती का कार्यक्रम रखा गया जिसमें पूज्य संत चौकी वाले बब्लू महाराज,पूज्य संत लहरेन सरकार,पूज्य संत उत्तम दास, मातृशक्ति से प्रीति चतुर्वेदी, मुख्य वक्ता जितेंद्र वर्मा,बस्ती प्रमुख विष्णु शर्मा, जिला कार्यक्रम संयोजक विनोद आदित्य तिवारी,पालक जानकी अहिरवार, विभाग संयोजक अमर सिंह, जिला प्रचारक विनोद जी,रवि सक्सेना व स्वप्निल तिवारी उपस्थित रहे, कुंडेश्वर बस्ती में संत पूजारी जमुना प्रसाद, मातृशक्ति से प्रीति चतुर्वेदी, मुख्य वक्ता मनोज जी, मुख्य अतिथि में भूपेंद्र जी,श्याम लाल वंशकार, नंदकिशोर दीक्षित उपस्थित रहे, राजमहल बस्ती में मुख्य वक्ता सीताशरण अग्निहोत्री, मातृशक्ति से शालिनी परमार,पूज्य संत कुटी सरकार उपस्थित रहे, बाजार बस्ती में मुख्य वक्ता भूपेंद्र जी पाराशर, समर्रा बस्ती में मुख्य वक्ता राजकुमार पाठक व मातृशक्ति से शीलम मिश्रा उपस्थित रहे,दरगुंवा बस्ती में मुख्य वक्ता आलोक गुप्ता, मातृशक्ति से संगीता जैन,पूज्य संत लहरेन सरकार उपस्थित रहे,कुंवरपुरा जतारा बस्ती में मुख्य वक्ता शिव मोहन गिरी व मातृशक्ति से रश्मि गोयल उपस्थित रहे।साथ में पाण्डयाना बस्ती, भटनागर बस्ती,कुडीला व मलगुंवा में भी विशाल हिंदू सम्मेलन में सभी समाजों ने बड़ी संख्या में भाग लिया। मुख्य वक्ताताओं व संतो ने सभी समाजों के हिंदूओं से एक होकर अपनी संस्कृति को संजोए रखने व आगे आने वाली पीढ़ी को हिंदू संस्कृति की सही समझ और भविष्य में भी संस्कृति के प्रभाव बताया, उन्होंने कहा कि एकता में ही हमारा बल है और संस्कृति व भविष्य सुरक्षित रहेगा।1
- टीकमगढ़ जिले में गणतंत्र दिवस पर छात्रों को नहीं मिला गुणवत्तापूर्ण मध्यान्ह भोजन, खीर में नहीं था दूध, कई कक्षाओं में नहीं बांटी मिठाई, लोगों ने समूह हटाने की मांग की।1
- छतरपुर में UGC कानून का जबरदस्त विरोध ।1
- ललितपुर में मंत्री मनोहर लाल पंथ के बेटे नरेश पंथ की गाड़ी ने तीन युवकों को रौंद दिया, जिसमें एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो की हालत नाजुक है। घटना के बाद नरेश पंथ मौके से फरार हो गया और अपनी कार छोड़कर भाग गया। मृतक के परिजनों ने सड़क पर जाम लगाकर विरोध किया। यह घटना थाना जाखलौन के बरखेरा क्षेत्र की है।1
- टीकमगढ़ जिले में ट्रक ने बाइक में मारी टक्कर, अनियंत्रित होकर बाइक नाले में गिरी, 3 लोग घायल1