झांसी के गुरसराय थाना क्षेत्र में कर्ज के दबाव और लगातार मिल रही धमकियों से परेशान होकर एक व्यक्ति ने कथित तौर पर आत्महत्या कर ली। पायगा निवासी सुरेश कुमार ने इस मामले में एक युवक पर गंभीर आरोप लगाते हुए गुरसराय थाने में तहरीर दी है। मृतक की पहचान सुरेश के भाई इंद्रपाल साहू (49) के रूप में हुई है, जो गुरसराय थाने की पुलिया के पास कपड़ों की दुकान चलाते थे। सुरेश कुमार ने अपनी शिकायत में बताया है कि 21 जून को बरगाय अहीर निवासी एक व्यक्ति उनके भाई इंद्रपाल की दुकान पर पहुंचा था। आरोप है कि उस व्यक्ति ने कहा कि सुरेश के बेटे मयंक ने उससे करीब 18 लाख रुपये उधार लिए हैं, और अब यह रकम इंद्रपाल को चुकानी होगी। जब इंद्रपाल ने इसका विरोध किया, तो उसे कथित तौर पर धमकी दी गई और तुरंत पैसे लौटाने के लिए दबाव बनाया गया। इस घटना के बाद से इंद्रपाल मानसिक रूप से बेहद परेशान रहने लगे और गहरे अवसाद में चले गए। शिकायतकर्ता का आरोप है कि इसी लगातार बनाए गए दबाव के चलते उन्होंने 26 जून की रात फांसी लगाकर अपनी जान दे दी। पीड़ित पक्ष ने पुलिस से इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करने, आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने और आवश्यक कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।
झांसी के गुरसराय थाना क्षेत्र में कर्ज के दबाव और लगातार मिल रही धमकियों से परेशान होकर एक व्यक्ति ने कथित तौर पर आत्महत्या कर ली। पायगा निवासी सुरेश कुमार ने इस मामले में एक युवक पर गंभीर आरोप लगाते हुए गुरसराय थाने में तहरीर दी है। मृतक की पहचान सुरेश के भाई इंद्रपाल साहू (49) के रूप में हुई है, जो गुरसराय थाने की पुलिया के पास कपड़ों की दुकान चलाते थे। सुरेश कुमार ने अपनी शिकायत में बताया है कि 21 जून को बरगाय अहीर निवासी एक व्यक्ति उनके भाई इंद्रपाल की दुकान पर पहुंचा था। आरोप है कि उस व्यक्ति ने कहा कि सुरेश के बेटे मयंक ने उससे करीब 18 लाख रुपये उधार लिए हैं, और अब यह रकम इंद्रपाल को चुकानी होगी। जब इंद्रपाल ने इसका विरोध किया, तो उसे कथित तौर पर धमकी दी गई और तुरंत पैसे लौटाने के लिए दबाव बनाया गया। इस घटना के बाद से इंद्रपाल मानसिक रूप से बेहद परेशान रहने लगे और गहरे अवसाद में चले गए। शिकायतकर्ता का आरोप है कि इसी लगातार बनाए गए दबाव के चलते उन्होंने 26 जून की रात फांसी लगाकर अपनी जान दे दी। पीड़ित पक्ष ने पुलिस से इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करने, आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने और आवश्यक कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।
- झांसी के गुरसराय थाना क्षेत्र में कर्ज के दबाव और लगातार मिल रही धमकियों से परेशान होकर एक व्यक्ति ने कथित तौर पर आत्महत्या कर ली। पायगा निवासी सुरेश कुमार ने इस मामले में एक युवक पर गंभीर आरोप लगाते हुए गुरसराय थाने में तहरीर दी है। मृतक की पहचान सुरेश के भाई इंद्रपाल साहू (49) के रूप में हुई है, जो गुरसराय थाने की पुलिया के पास कपड़ों की दुकान चलाते थे। सुरेश कुमार ने अपनी शिकायत में बताया है कि 21 जून को बरगाय अहीर निवासी एक व्यक्ति उनके भाई इंद्रपाल की दुकान पर पहुंचा था। आरोप है कि उस व्यक्ति ने कहा कि सुरेश के बेटे मयंक ने उससे करीब 18 लाख रुपये उधार लिए हैं, और अब यह रकम इंद्रपाल को चुकानी होगी। जब इंद्रपाल ने इसका विरोध किया, तो उसे कथित तौर पर धमकी दी गई और तुरंत पैसे लौटाने के लिए दबाव बनाया गया। इस घटना के बाद से इंद्रपाल मानसिक रूप से बेहद परेशान रहने लगे और गहरे अवसाद में चले गए। शिकायतकर्ता का आरोप है कि इसी लगातार बनाए गए दबाव के चलते उन्होंने 26 जून की रात फांसी लगाकर अपनी जान दे दी। पीड़ित पक्ष ने पुलिस से इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करने, आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने और आवश्यक कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।1
- झाँसी जिले की कोतवाली गरौठा पुलिस ने अवैध खनन के खिलाफ एक बड़ी सफलता हासिल की है, जहाँ खनन माफियाओं की लोकेशन पर सेंध लगाकर अवैध खनन में लिप्त दो ट्रैक्टरों को जब्त किया गया है। यह कार्रवाई गरौठा क्षेत्र में लगातार मिल रही अवैध खनन की सूचनाओं के बाद की गई। कोतवाली गरौठा क्षेत्र के नादौरा, रमोरा, सुजानपुरा, जसवंतपुरा और जलालपुरा जैसे इलाकों से अवैध खनन की लगातार शिकायतें मिल रही थीं, और इससे जुड़े कई वीडियो सोशल मीडिया पर भी लगातार वायरल हो रहे थे। गरौठा के क्षेत्राधिकारी पीयूष कुमार पांडे ने स्पष्ट संदेश दिया है कि किसी भी अवैध कार्य को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और ऐसे कार्य करने वाले सलाखों के पीछे होंगे। उपजिलाधिकारी गरौठा सुनील कुमार की भी खनन माफियाओं पर पैनी नज़र बनी हुई है। गरौठा कोतवाली प्रभारी निरीक्षक सुरजीत सिंह के प्रशासनिक आदेश पर अवैध खनन पर यह बड़ी कार्रवाई की गई है।3
- झांसी के टहरौली स्थित गाता गांव में लोक निर्माण विभाग (PWD) के एक निर्माण कार्य में गंभीर अनियमितताओं का आरोप लगाया गया है। शिकायत के अनुसार, निर्माण में घटिया सीमेंट का उपयोग करके 'रिपटे' बनाए जा रहे हैं, जिससे आम जनता की जान और माल के साथ सीधा खिलवाड़ किया जा रहा है। इस आरोप के साथ, संबंधित जूनियर इंजीनियर (JE) और ठेकेदार के खिलाफ तत्काल और सख्त कार्रवाई की मांग की गई है, ताकि विकास के नाम पर हो रहे इस खुले भ्रष्टाचार को रोका जा सके।1
- समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अखिलेश यादव जी ने आजमगढ़ में भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधते हुए एक गंभीर चेतावनी दी है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अगर उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी चुनाव जीतती है, तो यह मतदाताओं के लिए आखिरी बार वोट डालने का अवसर होगा, जिसके बाद फिर कभी चुनाव नहीं होंगे।1
- जालौन जनपद के गोहन थाना क्षेत्र में पुलिस और स्वाट/सर्विलांस की संयुक्त टीम ने चेकिंग के दौरान पुलिस मुठभेड़ में बकरी चोरी की घटना को अंजाम देने वाले दो अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। इस मुठभेड़ में एक शातिर अभियुक्त के पैर में गोली लगने से वह घायल हो गया, जबकि दूसरे अभियुक्त को पुलिस पार्टी द्वारा घेराबंदी करके पकड़ा गया। यह घटना 20 जून 2026 की रात को हुई बकरी चोरी से संबंधित है। उस रात, थाना गोहन क्षेत्र के ग्राम इटवाँकनार निवासी श्रीमती खुशबू पत्नी सन्जू (लगभग 30 वर्ष) की तीन बकरियां अज्ञात चोरों द्वारा चुरा ली गई थीं, और उनके पति संजू को भी चोट पहुंचाई गई थी। इस संबंध में थाना गोहन पर अज्ञात अभियुक्तों के विरुद्ध मुकदमा पंजीकृत किया गया था। पुलिस की यह कार्रवाई 27 जून 2026 को हुई। घायल अभियुक्त आशिफ को तत्काल उपचार के लिए अस्पताल भिजवाया गया है। इस गिरफ्तारी और बरामदगी के संबंध में थाना गोहन पर आवश्यक विधिक कार्यवाही की जा रही है।1
- सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने शनिवार को आजमगढ़ में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि एनकाउंटर का इस्तेमाल दबदबा बनाने और प्रदेश की बिगड़ी सुरक्षा व्यवस्था तथा असली मुद्दों से बहस को भटकाने के लिए किया जा रहा है, जिससे कई मामलों में फर्जी एनकाउंटर हुए हैं और कई पुलिसकर्मियों को भी जेल जाना पड़ा है। यादव ने भाजपा से कामकाज का हिसाब देने की मांग करते हुए कहा कि सरकार विकास के आंकड़े गिनाती है, लेकिन महंगाई और बेरोजगारी पर कोई जवाब नहीं देती। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर दूसरे राज्यों में रोड शो करने का आरोप लगाया, जबकि प्रदेश की जनता सरकार को जवाब देने की तैयारी में है। अखिलेश यादव ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर अयोध्या जाने का 'वर्ल्ड रिकॉर्ड' बनाने का कटाक्ष करते हुए राम मंदिर चढ़ावा चोरी के मुद्दे को भी उठाया। उन्होंने सवाल किया कि यदि राम मंदिर में इतनी बड़ी चढ़ावा चोरी की घटना हुई, तो क्या सरकार और उसका सूचना तंत्र इससे अनजान था। यादव ने इस घटना पर दुख व्यक्त किया और कहा कि भाजपा के लिए धर्म से ज्यादा धन महत्वपूर्ण है, उनके लिए धन ही धर्म बन गया है। उन्होंने चोरी हुए सोना-चांदी वापस करने की मांग की और कहा कि प्रदेश में फैले भ्रष्टाचार और आस्था के साथ हुए खिलवाड़ को जनता देख रही है। सपा प्रमुख ने सरकार को SIT रिपोर्ट और 'वन नेशन वन इलेक्शन' जैसे मुद्दों पर भी घेरा। उन्होंने 2027 के यूपी विधानसभा चुनाव को लेकर विश्वास व्यक्त किया कि उत्तर प्रदेश की जनता अब भाजपा को सत्ता से हटाने का मन बना चुकी है।1
- हमीरपुर के राठ-पनवाड़ी मार्ग पर दौड़ रहीं क्लूजर और मैजिक गाड़ियां यात्रियों के लिए जानलेवा साबित हो रही हैं, जहाँ सीमा से अधिक सवारियाँ ठूँसकर भरी जा रही हैं और यातायात नियमों की सरेआम धज्जियाँ उड़ाई जा रही हैं। इन वाहनों के खुले गेट पर लटके यात्री हर पल बड़े हादसे को न्योता दे रहे हैं, जबकि यातायात व्यवस्था पूरी तरह बेपटरी हो चुकी है और जिम्मेदार अधिकारी मूकदर्शक बने हुए हैं। सुबह-शाम चलने वाली इन क्लूजर गाड़ियों में क्षमता से दोगुनी सवारियाँ भरी जाती हैं। सीटें पूरी तरह भरने के बाद भी चालक-परिचालक यात्रियों को जबरन भरते हैं, जिससे कई लोगों को गेट पर लटककर असुरक्षित तरीके से यात्रा करने पर मजबूर होना पड़ता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि राठ से पनवाड़ी और महोबा जाने वाले सैकड़ों यात्री, जिनमें स्कूली बच्चे और महिलाएँ भी शामिल हैं, रोज़ाना इसी तरह अपनी जान जोखिम में डालकर सफर करते हैं, जहाँ एक छोटी-सी चूक भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है। शिकायतों के बावजूद भी पुलिस और परिवहन विभाग द्वारा कोई प्रभावी कार्रवाई न किए जाने से व्यवस्था सवालों के घेरे में है। स्थानीय लोग पूछते हैं कि ओवरलोडिंग पर चालान क्यों नहीं किए जाते, खुले गेट पर लटके यात्रियों को देखकर भी पुलिस क्यों मौन रहती है, और रूट पर बसों की कमी के कारण मजबूर यात्रियों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था कब की जाएगी। प्रतिदिन हजारों लोगों द्वारा इस मार्ग पर यात्रा करने के बावजूद, सवारियों की जान से इस खिलवाड़ पर कोई लगाम नहीं लगाई जा रही है। अगर जल्द ही इस ओवरलोडिंग और अवैध वाहन संचालन पर रोक नहीं लगी, तो किसी बड़े हादसे की आशंका बनी हुई है।1