अयोध्या के मिल्कीपुर क्षेत्र में स्थित हैरिंग्टनगंज ब्लॉक के नियामतपुर गांव में, केंद्र और प्रदेश सरकार के जल संरक्षण तथा अमृत सरोवर योजनाओं के बड़े-बड़े दावों के बावजूद, आदर्श शुक्ला तालाब की बदहाल स्थिति इन दावों की पोल खोल रही है। लगभग 75x65 वर्ग मीटर क्षेत्रफल और 14,625 घन मीटर जल संचय क्षमता वाला यह तालाब भीषण गर्मी में पूरी तरह सूखा पड़ा है, जिससे पशु-पक्षी प्यास से बेहाल हैं और ग्रामीणों में भारी नाराजगी है। तालाब की चारदीवारी अधिकांश स्थानों पर टूटी हुई है, केवल मुख्य गेट ही किसी तरह खड़ा है, जबकि चारों ओर झाड़-झंखाड़ और गंदगी का अंबार लगा हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि लाखों रुपये की लागत से बनाए गए इस तालाब का मुख्य उद्देश्य जल संरक्षण करना, भूजल स्तर बढ़ाना और पशुओं व ग्रामीणों को पानी उपलब्ध कराना था। हालांकि, राकेश शुक्ल, नन्हेबाबू, संदीप कुमार, विजय कुमार तिवारी और दिनेश तिवारी जैसे ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि जिम्मेदार अधिकारियों की उदासीनता के कारण वर्षों से न तो इसकी सफाई कराई गई और न ही टूटी बाउंड्री की मरम्मत हुई, जिससे इसकी हालत बद से बदतर हो गई है। उनका मानना है कि सरकार द्वारा तालाबों के संरक्षण पर करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं, लेकिन धरातल पर अधिकारियों की लापरवाही से ये योजनाएं विफल हो रही हैं। इस मामले में ग्राम सचिव संतोष कुमार ने बताया कि तालाब की जांच कराई जाएगी क्योंकि इसे पहले की कार्ययोजना में शामिल नहीं किया गया था। जांच के बाद आवश्यक कार्रवाई करते हुए इसे कार्ययोजना में शामिल कराया जाएगा। ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल तालाब की सफाई, बाउंड्री की मरम्मत और जलभराव की व्यवस्था कराने की मांग की है, क्योंकि लाखों खर्च होने के बाद भी यह तालाब आज जल संरक्षण का आदर्श मॉडल बनने के बजाय एक सूखा मैदान बन गया है।
अयोध्या के मिल्कीपुर क्षेत्र में स्थित हैरिंग्टनगंज ब्लॉक के नियामतपुर गांव में, केंद्र और प्रदेश सरकार के जल संरक्षण तथा अमृत सरोवर योजनाओं के बड़े-बड़े दावों के बावजूद, आदर्श शुक्ला तालाब की बदहाल स्थिति इन दावों की पोल खोल रही है। लगभग 75x65 वर्ग मीटर क्षेत्रफल और 14,625 घन मीटर जल संचय क्षमता वाला यह तालाब भीषण गर्मी में पूरी तरह सूखा पड़ा है, जिससे पशु-पक्षी प्यास से बेहाल हैं और ग्रामीणों में भारी नाराजगी है। तालाब की चारदीवारी अधिकांश स्थानों पर टूटी हुई है, केवल मुख्य गेट ही किसी तरह खड़ा है, जबकि चारों ओर झाड़-झंखाड़ और गंदगी का अंबार लगा हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि लाखों रुपये की लागत से बनाए गए इस तालाब का मुख्य उद्देश्य जल संरक्षण करना, भूजल स्तर बढ़ाना और पशुओं व ग्रामीणों को पानी उपलब्ध कराना था। हालांकि, राकेश शुक्ल, नन्हेबाबू, संदीप कुमार, विजय कुमार तिवारी और दिनेश तिवारी जैसे ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि जिम्मेदार अधिकारियों की उदासीनता के कारण वर्षों से न तो इसकी सफाई कराई गई और न ही टूटी बाउंड्री की मरम्मत हुई, जिससे इसकी हालत बद से बदतर हो गई है। उनका मानना है कि सरकार द्वारा तालाबों के संरक्षण पर करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं, लेकिन धरातल पर अधिकारियों की लापरवाही से ये योजनाएं विफल हो रही हैं। इस मामले में ग्राम सचिव संतोष कुमार ने बताया कि तालाब की जांच कराई जाएगी क्योंकि इसे पहले की कार्ययोजना में शामिल नहीं किया गया था। जांच के बाद आवश्यक कार्रवाई करते हुए इसे कार्ययोजना में शामिल कराया जाएगा। ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल तालाब की सफाई, बाउंड्री की मरम्मत और जलभराव की व्यवस्था कराने की मांग की है, क्योंकि लाखों खर्च होने के बाद भी यह तालाब आज जल संरक्षण का आदर्श मॉडल बनने के बजाय एक सूखा मैदान बन गया है।
- अयोध्या के मिल्कीपुर क्षेत्र में स्थित हैरिंग्टनगंज ब्लॉक के नियामतपुर गांव में, केंद्र और प्रदेश सरकार के जल संरक्षण तथा अमृत सरोवर योजनाओं के बड़े-बड़े दावों के बावजूद, आदर्श शुक्ला तालाब की बदहाल स्थिति इन दावों की पोल खोल रही है। लगभग 75x65 वर्ग मीटर क्षेत्रफल और 14,625 घन मीटर जल संचय क्षमता वाला यह तालाब भीषण गर्मी में पूरी तरह सूखा पड़ा है, जिससे पशु-पक्षी प्यास से बेहाल हैं और ग्रामीणों में भारी नाराजगी है। तालाब की चारदीवारी अधिकांश स्थानों पर टूटी हुई है, केवल मुख्य गेट ही किसी तरह खड़ा है, जबकि चारों ओर झाड़-झंखाड़ और गंदगी का अंबार लगा हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि लाखों रुपये की लागत से बनाए गए इस तालाब का मुख्य उद्देश्य जल संरक्षण करना, भूजल स्तर बढ़ाना और पशुओं व ग्रामीणों को पानी उपलब्ध कराना था। हालांकि, राकेश शुक्ल, नन्हेबाबू, संदीप कुमार, विजय कुमार तिवारी और दिनेश तिवारी जैसे ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि जिम्मेदार अधिकारियों की उदासीनता के कारण वर्षों से न तो इसकी सफाई कराई गई और न ही टूटी बाउंड्री की मरम्मत हुई, जिससे इसकी हालत बद से बदतर हो गई है। उनका मानना है कि सरकार द्वारा तालाबों के संरक्षण पर करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं, लेकिन धरातल पर अधिकारियों की लापरवाही से ये योजनाएं विफल हो रही हैं। इस मामले में ग्राम सचिव संतोष कुमार ने बताया कि तालाब की जांच कराई जाएगी क्योंकि इसे पहले की कार्ययोजना में शामिल नहीं किया गया था। जांच के बाद आवश्यक कार्रवाई करते हुए इसे कार्ययोजना में शामिल कराया जाएगा। ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल तालाब की सफाई, बाउंड्री की मरम्मत और जलभराव की व्यवस्था कराने की मांग की है, क्योंकि लाखों खर्च होने के बाद भी यह तालाब आज जल संरक्षण का आदर्श मॉडल बनने के बजाय एक सूखा मैदान बन गया है।1
- फैजाबाद के जनाउरा बाईपास पर एक नाला खोदा गया था, लेकिन उसे खोदने के बाद वापस बनाया नहीं गया है। इस अधूरे निर्माण कार्य के कारण क्षेत्र में एक छोटे दुकानदार को भारी समस्या का सामना करना पड़ रहा है, क्योंकि ग्राहक उनकी दुकान तक पहुँच नहीं पा रहे हैं।1
- अयोध्या कचहरी से अपने निर्धारित समय पर वकीलों का एक बड़ा हुजूम निकला, जिसने राम पथ पर पुलिस के साथ धक्का-मुक्की की और बेरिकेडिंग तोड़ दी। सैकड़ों की संख्या में ये वकील चंपत राय, अनिल मिश्रा और गोपाल राव के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के लिए तहरीर लेकर रामजन्मभूमि थाने की तरफ बढ़ रहे थे। हालांकि, उन्हें सिविल लाइन पुलिस चौकी के पास रोका गया, जहाँ थाना रामजन्मभूमि पुलिस ने उनकी तहरीर स्वीकार की और वकीलों को उसकी रसीद भी प्रदान की। इस अवसर पर बार अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि आंदोलन समाप्त नहीं हुआ है, बल्कि इसे केवल स्थगित किया गया है, और चेतावनी दी कि यदि मुकदमा दर्ज नहीं हुआ तो बड़े स्तर पर आंदोलन किया जाएगा। सिविल लाइन पुलिस चौकी पर पुलिस ने तीनों आरोपियों के विरुद्ध मिली तहरीर को रिसीव कर लिया है।1
- यह संदेश प्राकृतिक पर्यावरण के संरक्षण का आह्वान करता है, ताकि जीवन को खुशहाल बनाया जा सके। इसमें कहा गया है कि जीवन एक अनमोल धरोहर है और हमें दुनिया को इस धरोहर के साथ लेकर चलना चाहिए।1
- अयोध्या में राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में अब एक नया मोड़ आ गया है, जहाँ पहले हिंदू समाज के आम जनमानस और संत समाज में ही आक्रोश था, वहीं अब इस मामले में बार एसोसिएशन अयोध्या भी शामिल हो गया है। बार एसोसिएशन ने ऐलान किया है कि वे 2 जुलाई को दोपहर 12 बजे राम जन्मभूमि थाने पहुंचकर राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय, ट्रस्टी अनिल मिश्रा और गोपाल राव के खिलाफ तत्काल प्राथमिकी दर्ज करने के लिए तहरीर देंगे। बार एसोसिएशन के अध्यक्ष कालिका प्रसाद मिश्र ने बताया कि यदि प्रशासन उनके द्वारा दी गई तहरीर पर तुरंत मुकदमा दर्ज नहीं करता है, तो बार काउंसिल न्यायालय के माध्यम से मुकदमा दर्ज कराएगी। उन्होंने यह भी कहा कि संगठन जल्द ही आपस में विचार-विमर्श कर आंदोलन की नई रणनीति बनाएगा। उल्लेखनीय है कि बार एसोसिएशन अयोध्या दो दिन पूर्व ही इस मुहिम में अपनी भागीदारी दिखाते हुए चढ़ावा चोरी मामले में विरोध दर्ज करा चुका है। अधिवक्ताओं द्वारा दो दिन पहले आयोजित की गई एक बैठक में ट्रस्टी अनिल मिश्रा और गोपाल राव के प्रति काफी गुस्सा देखने को मिला था। उस बैठक में अधिवक्ताओं ने यह घोषणा भी की थी कि चंपत राय तीन दिन के अंदर अयोध्या छोड़ दें, अन्यथा अयोध्या को जाम कर दिया जाएगा।1
- पिंटू कुशवाहा।1
- अयोध्या के हैरिंग्टनगंज ब्लॉक क्षेत्र के सोहल सलोनी स्थित राजकीय नलकूप संख्या 185 बी.जी. की सिंचाई नालियां पूरी तरह क्षतिग्रस्त होने से किसानों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इन नालियों के कई स्थानों पर टूटने और उनमें झाड़-झंखाड़ उग आने के कारण पानी का प्रवाह बाधित हो गया है, जिससे धान की रोपाई के इस महत्वपूर्ण समय में खेतों तक पर्याप्त पानी नहीं पहुंच पा रहा है और किसानों में नाराजगी है। ग्रामीणों का आरोप है कि विभाग से कई बार शिकायत करने के बावजूद अब तक न तो नालियों की मरम्मत कराई गई और न ही उनकी सफाई। किसानों का कहना है कि सरकार किसानों को सिंचाई की सुविधा उपलब्ध कराने की बात करती है, लेकिन यदि नलकूप की नालियां ही दुरुस्त नहीं होंगी तो खेतों तक पानी कैसे पहुंचेगा। किसान संजय यादव, राम केवल, शिवपाल कोरी, राजकुमार प्रजापति, बुद्धि प्रजापति, कालिया कोरी, पिंटू कोरी, करमराज कोरी एवं रोहित कोरी सहित अन्य किसानों ने विभाग से तत्काल नालियों की मरम्मत एवं सफाई कराने की मांग की है, ताकि धान की रोपाई प्रभावित न हो और किसानों को समय पर सिंचाई का लाभ मिल सके। इस संबंध में, अधिशासी अभियंता ज्ञानेंद्र मणि त्रिपाठी ने बताया है कि उन्हें मामले की जानकारी मिली है। उन्होंने आश्वासन दिया कि नालियों का शीघ्र निरीक्षण कराकर आवश्यक मरम्मत कार्य तत्काल कराया जाएगा, जिससे किसानों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।1
- अयोध्या के रुदौली स्थित पटरंगा थाना क्षेत्र के कटिहार पुरवा (पोस्ट गेरड़ा) निवासी लगभग 30 वर्षीय संजय पुत्र राम धीरज ने एक मोबाइल टावर पर चढ़कर प्रदर्शन किया है। वह विदेश भेजने के नाम पर पैसे लेने वाले एक कथित एजेंट के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। परिजनों के अनुसार, संजय का आरोप है कि घरौंडा निवासी मकसूद पुत्र पुत्तन ने उन्हें विदेश भेजने का झांसा देकर उनसे ₹1,55,000 लिए थे, लेकिन न तो उन्हें विदेश भेजा गया और न ही उनकी रकम वापस की गई। कई बार पैसे वापस मांगने पर भी कोई समाधान नहीं निकला, जिससे परेशान होकर युवक ने यह कदम उठाया। परिजनों ने यह भी आरोप लगाया है कि उन्होंने पटरंगा थाने में कई बार शिकायत दी थी, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। उनका कहना है कि पुलिस विभाग ने एक 'सुलह' कराई थी और पैसा दिलवाने का आश्वासन दिया था, परंतु सुलह के बाद भी संजय को पैसा नहीं मिला। इस बात से नाराज होकर ही वह टावर पर चढ़ गया। जब पटरंगा के थानाध्यक्ष (SHO) से दूरभाष पर संपर्क करने का प्रयास किया गया, तो उनका फोन स्विच ऑफ बताया गया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और युवक को समझाने-बुझाने का प्रयास किया। मौके पर लोगों की भारी भीड़ भी जमा हो गई। गौरतलब है कि संजय जिस टावर पर चढ़ा है, वह रुदौली कोतवाली की भेलसर चौकी के अधिकार क्षेत्र में आता है। फिलहाल, पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है।1