अयोध्या में राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में अब एक नया मोड़ आ गया है, जहाँ पहले हिंदू समाज के आम जनमानस और संत समाज में ही आक्रोश था, वहीं अब इस मामले में बार एसोसिएशन अयोध्या भी शामिल हो गया है। बार एसोसिएशन ने ऐलान किया है कि वे 2 जुलाई को दोपहर 12 बजे राम जन्मभूमि थाने पहुंचकर राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय, ट्रस्टी अनिल मिश्रा और गोपाल राव के खिलाफ तत्काल प्राथमिकी दर्ज करने के लिए तहरीर देंगे। बार एसोसिएशन के अध्यक्ष कालिका प्रसाद मिश्र ने बताया कि यदि प्रशासन उनके द्वारा दी गई तहरीर पर तुरंत मुकदमा दर्ज नहीं करता है, तो बार काउंसिल न्यायालय के माध्यम से मुकदमा दर्ज कराएगी। उन्होंने यह भी कहा कि संगठन जल्द ही आपस में विचार-विमर्श कर आंदोलन की नई रणनीति बनाएगा। उल्लेखनीय है कि बार एसोसिएशन अयोध्या दो दिन पूर्व ही इस मुहिम में अपनी भागीदारी दिखाते हुए चढ़ावा चोरी मामले में विरोध दर्ज करा चुका है। अधिवक्ताओं द्वारा दो दिन पहले आयोजित की गई एक बैठक में ट्रस्टी अनिल मिश्रा और गोपाल राव के प्रति काफी गुस्सा देखने को मिला था। उस बैठक में अधिवक्ताओं ने यह घोषणा भी की थी कि चंपत राय तीन दिन के अंदर अयोध्या छोड़ दें, अन्यथा अयोध्या को जाम कर दिया जाएगा।
अयोध्या में राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में अब एक नया मोड़ आ गया है, जहाँ पहले हिंदू समाज के आम जनमानस और संत समाज में ही आक्रोश था, वहीं अब इस मामले में बार एसोसिएशन अयोध्या भी शामिल हो गया है। बार एसोसिएशन ने ऐलान किया है कि वे 2 जुलाई को दोपहर 12 बजे राम जन्मभूमि थाने पहुंचकर राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय, ट्रस्टी अनिल मिश्रा और गोपाल राव के खिलाफ तत्काल प्राथमिकी दर्ज करने के लिए तहरीर देंगे। बार एसोसिएशन के अध्यक्ष कालिका प्रसाद मिश्र ने बताया कि यदि प्रशासन उनके द्वारा दी गई तहरीर पर तुरंत मुकदमा दर्ज नहीं करता है, तो बार काउंसिल न्यायालय के माध्यम से मुकदमा दर्ज कराएगी। उन्होंने यह भी कहा कि संगठन जल्द ही आपस में विचार-विमर्श कर आंदोलन की नई रणनीति बनाएगा। उल्लेखनीय है कि बार एसोसिएशन अयोध्या दो दिन पूर्व ही इस मुहिम में अपनी भागीदारी दिखाते हुए चढ़ावा चोरी मामले में विरोध दर्ज करा चुका है। अधिवक्ताओं द्वारा दो दिन पहले आयोजित की गई एक बैठक में ट्रस्टी अनिल मिश्रा और गोपाल राव के प्रति काफी गुस्सा देखने को मिला था। उस बैठक में अधिवक्ताओं ने यह घोषणा भी की थी कि चंपत राय तीन दिन के अंदर अयोध्या छोड़ दें, अन्यथा अयोध्या को जाम कर दिया जाएगा।
- आचार्य नरेंद्र देव कृषि विश्वविद्यालय के मौसम विभाग द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून ने 01 जुलाई 2026 को अपनी आगे की यात्रा जारी रखी है। इसके परिणामस्वरूप, उत्तर अरब सागर के कुछ और हिस्से, गुजरात और दमन एवं दीव के संपूर्ण क्षेत्र, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के कुछ और भाग, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और लद्दाख के शेष भाग, जम्मू-कश्मीर का संपूर्ण क्षेत्र, तथा हरियाणा और पंजाब के कुछ भाग अब मानसून की चपेट में आ गए हैं। 01 जुलाई 2026 की स्थिति के अनुसार, मानसून की उत्तरी सीमा (NLM) 22°उ.अ./60°पू.दे., 22°उ.अ./65°पू.दे., पोरबंदर, वल्लभ विद्यानगर, शाजापुर, नौगांव, मिर्जापुर, आज़मगढ़, अयोध्या, बदायूं, मेरठ, करनाल, गुरदासपुर तथा 32.8°उ.अ./73°पू.दे. से होकर गुजर रही है। मौसम विभाग ने यह भी बताया है कि अगले 2 दिनों के दौरान उत्तर अरब सागर, गुजरात, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, हरियाणा-चंडीगढ़-दिल्ली, पंजाब और राजस्थान के कुछ और भागों में दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगे बढ़ने के लिए अनुकूल परिस्थितियाँ बनी हुई हैं।1
- अयोध्या से एक ख़बर के अनुसार, श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय का एक कथित वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में उन्हें पत्रकारों के प्रति आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग करते हुए देखा और सुना जा रहा है। साथ ही, वीडियो में चंपत राय कथित तौर पर 4-5 वर्ष पुराने एक ज़मीन विवाद का भी जिक्र कर रहे हैं। हालांकि, अयोध्या हलचल न्यूज़ ग्रुप इस वायरल वीडियो की प्रामाणिकता, इसकी रिकॉर्डिंग की तिथि और इसके संदर्भ की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं करता है। उपलब्ध जानकारी के आधार पर यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि यह वीडियो हाल ही का है या पुराना। सोशल मीडिया पर कई पोस्ट इसे एक पुराना वीडियो बता रही हैं, लेकिन इसकी अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।1
- उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले में स्थित रुपईडीहा ब्लॉक के अंतर्गत सातन पुरवा मौजा पेड़ारे गढ़वा गांव के निवासियों ने अपनी सड़क की दयनीय स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त की है। ग्रामीणों ने शिकायत की है कि उनके गांव की मुख्य सड़क इतनी जर्जर है कि हल्की बारिश होने पर भी उन्हें अपने घरों से बाहर निकलने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से विनम्र निवेदन किया है कि इस गंभीर समस्या पर तत्काल ध्यान दिया जाए और सड़क निर्माण का कार्य जल्द से जल्द शुरू करवाया जाए, ताकि उन्हें इस परेशानी से मुक्ति मिल सके।1
- गोंडा में उर्वरक प्राप्त करने के लिए लगी किसानों की लाइन के पास भाजपा के सदर विधायक प्रतीक भूषण सिंह, ब्लॉक प्रमुख के साथ पहुंचे। इस दौरान विधायक प्रतीक भूषण सिंह ने किसानों से सीधे बातचीत करते हुए पूछा कि वे कितनी देर से लाइन में खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं।1
- बहराइच जनपद के रमवापुर गांव स्थित गौशाला में लगभग 170 से 180 गायों को संरक्षित किया गया है। ग्राम प्रधान राम कुमार सिंह पिंटू ने उजाला स्पीड न्यूज चैनल को जानकारी देते हुए बताया कि गौशाला में सभी गौवंश के खाने-पीने का विशेष ध्यान रखा जाता है। उन्होंने बताया कि गायों के लिए समय-समय पर हरा चारा, भूसा, साफ पानी और पशु आहार का इंतजाम किया जाता है। यह गौशाला सरकार की गौ-संरक्षण योजना के तहत संचालित की जा रही है। गर्मी और बरसात के मौसम में गायों को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए टीन शेड और पानी की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। साथ ही, पशु चिकित्सक द्वारा नियमित रूप से गायों के स्वास्थ्य की जांच भी कराई जाती है। ग्राम प्रधान राम कुमार सिंह पिंटू के अनुसार, रमवापुर गौशाला में गौ-माता को किसी प्रकार की दिक्कत न हो, इसके लिए सरकार की योजना के तहत लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।1
- उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले में स्थानीय लोगों ने वीडियो के माध्यम से क्षेत्र में विकास कार्यों की कमी को उजागर किया है, जहाँ सड़कों की स्थिति बेहद खराब है। निवासियों का कहना है कि उनके इलाके में रोड तो दूर, कोई सुविधा नहीं है। उन्होंने भाजपा सरकार पर आरोप लगाया है कि इस सड़क के नाम पर करोड़ों रुपये उठाए जा चुके हैं, फिर भी आज तक कोई काम नहीं हुआ है। लोगों ने बताया कि उनके क्षेत्र में बुनियादी सुविधाओं का घोर अभाव है, जिसमें सड़क, नाली और खंजा तक शामिल नहीं हैं।2
- अयोध्या के मिल्कीपुर क्षेत्र में स्थित हैरिंग्टनगंज ब्लॉक के नियामतपुर गांव में, केंद्र और प्रदेश सरकार के जल संरक्षण तथा अमृत सरोवर योजनाओं के बड़े-बड़े दावों के बावजूद, आदर्श शुक्ला तालाब की बदहाल स्थिति इन दावों की पोल खोल रही है। लगभग 75x65 वर्ग मीटर क्षेत्रफल और 14,625 घन मीटर जल संचय क्षमता वाला यह तालाब भीषण गर्मी में पूरी तरह सूखा पड़ा है, जिससे पशु-पक्षी प्यास से बेहाल हैं और ग्रामीणों में भारी नाराजगी है। तालाब की चारदीवारी अधिकांश स्थानों पर टूटी हुई है, केवल मुख्य गेट ही किसी तरह खड़ा है, जबकि चारों ओर झाड़-झंखाड़ और गंदगी का अंबार लगा हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि लाखों रुपये की लागत से बनाए गए इस तालाब का मुख्य उद्देश्य जल संरक्षण करना, भूजल स्तर बढ़ाना और पशुओं व ग्रामीणों को पानी उपलब्ध कराना था। हालांकि, राकेश शुक्ल, नन्हेबाबू, संदीप कुमार, विजय कुमार तिवारी और दिनेश तिवारी जैसे ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि जिम्मेदार अधिकारियों की उदासीनता के कारण वर्षों से न तो इसकी सफाई कराई गई और न ही टूटी बाउंड्री की मरम्मत हुई, जिससे इसकी हालत बद से बदतर हो गई है। उनका मानना है कि सरकार द्वारा तालाबों के संरक्षण पर करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं, लेकिन धरातल पर अधिकारियों की लापरवाही से ये योजनाएं विफल हो रही हैं। इस मामले में ग्राम सचिव संतोष कुमार ने बताया कि तालाब की जांच कराई जाएगी क्योंकि इसे पहले की कार्ययोजना में शामिल नहीं किया गया था। जांच के बाद आवश्यक कार्रवाई करते हुए इसे कार्ययोजना में शामिल कराया जाएगा। ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल तालाब की सफाई, बाउंड्री की मरम्मत और जलभराव की व्यवस्था कराने की मांग की है, क्योंकि लाखों खर्च होने के बाद भी यह तालाब आज जल संरक्षण का आदर्श मॉडल बनने के बजाय एक सूखा मैदान बन गया है।1
- अयोध्या के दर्शन नगर चौकी क्षेत्र में अवैध खनन माफियाओं के हौसले इतने बुलंद हो गए हैं कि उन्होंने कानून-व्यवस्था को सीधी चुनौती दे डाली। लोढ़ा ग्रुप के पास अवैध खनन की सूचना पर पहुँची पीआरबी (PRV) 112 की टीम पर खनन माफियाओं ने ट्रैक्टर-ट्रॉली चढ़ाने का प्रयास किया। इस दौरान, उन्होंने पुलिसकर्मियों के साथ अभद्रता और गाली-गलौज भी की। जानकारी के अनुसार, घटनास्थल पर 25 से 30 ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के साथ खनन माफिया बेखौफ होकर अवैध मिट्टी और बालू का उत्खनन कर रहे थे। जब पीआरबी 112 टीम ने उन्हें रोकने की कोशिश की, तो माफियाओं ने न केवल पुलिस से उलझना शुरू किया बल्कि उन पर ट्रैक्टर चढ़ाने का भी प्रयास किया। घटना की सूचना स्थानीय दर्शन नगर चौकी को दी गई, लेकिन पुलिस बल के पहुँचने से पहले ही सभी आरोपी अपने ट्रैक्टर-ट्रॉलियों सहित मौके से फरार हो गए। इस पूरे क्षेत्र में माफियाओं का सिंडिकेट अत्यंत सक्रिय है, जिसके चलते बैकुंठ धाम और आसपास के इलाकों में पोकलैंड व जेसीबी मशीनें 24 घंटे अवैध खनन में लगी रहती हैं। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि प्रतिदिन 100 से अधिक ट्रक और डंपर बेरोकटोक सरयू नदी के तटों को खोखला कर रहे हैं। सबसे चिंताजनक बात यह है कि खनन विभाग को इन अवैध गतिविधियों की लगातार जानकारी दी जा रही है, फिर भी विभाग द्वारा 5 दिनों तक कोई कार्रवाई नहीं की गई। अधिकारियों के फोन न उठाने से उनकी कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं, जिससे पुलिस और खनन विभाग की कथित मिलीभगत पर संदेह गहरा गया है। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद क्षेत्र में हड़कंप मच गया है। नागरिकों ने जिलाधिकारी से तत्काल संज्ञान लेते हुए अवैध खनन में लिप्त माफियाओं के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग की है, ताकि इन माफियाओं के दुस्साहस पर लगाम लग सके और वे कानून को ठेंगा न दिखा पाएं।1