15 अगस्त पर दुदही के गर्ल्स स्कूल में नहीं फहरा तिरंगा" : मो. जयबुन निशा स्कूल पर उठे सवाल, प्रबंधन से मांगा जवाब दुदही, कुशीनगर 15, अगस्त 2026 को पूरा देश 80वां स्वतंत्रता दिवस उत्साह के साथ मना रहा था। सरकारी कार्यालयों से लेकर स्कूलों तक तिरंगा फहराकर शहीदों को नमन किया गया। लेकिन इसी बीच नगर पंचायत दुदही स्थित *मो. जयबुन निशा गर्ल्स हायर सेकेंडरी स्कूल हिंदी-इंग्लिश-उर्दू* में ध्वजारोहण न होने की खबर से सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोगों और अभिभावकों का कहना है कि पिछले वर्ष इसी स्कूल में स्वतंत्रता दिवस पर तिरंगा फहराया गया था। ऐसे में इस बार राष्ट्रीय पर्व पर ध्वजारोहण न होने से कई सवाल उठ रहे हैं। *सबसे बड़े सवाल:* 1. आखिर इस बार स्कूल में 15 अगस्त के कार्यक्रम की कोई तैयारी क्यों नहीं की गई? 2. क्या स्कूल प्रबंधन ने ध्वजारोहण न करने का कोई निर्णय लिया था? 3. क्या इसके पीछे कोई प्रशासनिक या तकनीकी कारण था? 4. यदि कार्यक्रम नहीं हुआ तो क्या इसकी जानकारी शिक्षा विभाग या अभिभावकों को दी गई थी? 5. स्कूल में छात्राओं के लिए कोई सांस्कृतिक या देशभक्ति कार्यक्रम आयोजित हुआ या नहीं? ग्रामीणों का कहना है कि स्कूल सिर्फ पढ़ाई का केंद्र नहीं होता। बच्चों में देशभक्ति और संविधान के प्रति सम्मान की भावना जगाने की जिम्मेदारी भी शिक्षण संस्थानों की ही है। ऐसे में राष्ट्रीय पर्व पर ध्वजारोहण न होना गंभीर मामला है। फिलहाल स्कूल प्रबंधन की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। स्थानीय लोगों की मांग है कि प्रबंधन और शिक्षा विभाग इस पूरे मामले पर स्पष्टीकरण दें। यदि कोई वैध कारण है तो उसे सार्वजनिक किया जाए, और यदि लापरवाही हुई है तो जांच कर कार्रवाई हो। अब सबकी नजरें इस बात पर हैं कि *मो. जयबुन निशा गर्ल्स स्कूल प्रबंधन* इस मामले में क्या जवाब देता है।
15 अगस्त पर दुदही के गर्ल्स स्कूल में नहीं फहरा तिरंगा" : मो. जयबुन निशा स्कूल पर उठे सवाल, प्रबंधन से मांगा जवाब दुदही, कुशीनगर 15, अगस्त 2026 को पूरा देश 80वां स्वतंत्रता दिवस उत्साह के साथ मना रहा था। सरकारी कार्यालयों से लेकर स्कूलों तक तिरंगा फहराकर शहीदों को नमन किया गया। लेकिन इसी बीच नगर पंचायत दुदही स्थित *मो. जयबुन निशा गर्ल्स हायर सेकेंडरी स्कूल हिंदी-इंग्लिश-उर्दू* में ध्वजारोहण न होने की खबर से सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोगों और अभिभावकों का कहना है कि पिछले वर्ष इसी स्कूल में स्वतंत्रता दिवस पर तिरंगा फहराया गया था। ऐसे में इस बार राष्ट्रीय पर्व पर ध्वजारोहण न होने से कई सवाल उठ रहे हैं। *सबसे बड़े सवाल:* 1. आखिर इस बार स्कूल में 15 अगस्त के कार्यक्रम की कोई तैयारी क्यों नहीं की गई? 2. क्या स्कूल प्रबंधन ने ध्वजारोहण न करने का कोई निर्णय लिया था? 3. क्या इसके पीछे कोई प्रशासनिक या तकनीकी कारण था? 4. यदि कार्यक्रम नहीं हुआ तो क्या इसकी जानकारी शिक्षा विभाग या अभिभावकों को दी गई थी? 5. स्कूल में छात्राओं के लिए कोई सांस्कृतिक या देशभक्ति कार्यक्रम आयोजित हुआ या नहीं? ग्रामीणों का कहना है कि स्कूल सिर्फ पढ़ाई का केंद्र नहीं होता। बच्चों में देशभक्ति और संविधान के प्रति सम्मान की भावना जगाने की जिम्मेदारी भी शिक्षण संस्थानों की ही है। ऐसे में राष्ट्रीय पर्व पर ध्वजारोहण न होना गंभीर मामला है। फिलहाल स्कूल प्रबंधन की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। स्थानीय लोगों की मांग है कि प्रबंधन और शिक्षा विभाग इस पूरे मामले पर स्पष्टीकरण दें। यदि कोई वैध कारण है तो उसे सार्वजनिक किया जाए, और यदि लापरवाही हुई है तो जांच कर कार्रवाई हो। अब सबकी नजरें इस बात पर हैं कि *मो. जयबुन निशा गर्ल्स स्कूल प्रबंधन* इस मामले में क्या जवाब देता है।
- 15 अगस्त पर दुदही के गर्ल्स स्कूल में नहीं फहरा तिरंगा" : मो. जयबुन निशा स्कूल पर उठे सवाल, प्रबंधन से मांगा जवाब दुदही, कुशीनगर 15, अगस्त 2026 को पूरा देश 80वां स्वतंत्रता दिवस उत्साह के साथ मना रहा था। सरकारी कार्यालयों से लेकर स्कूलों तक तिरंगा फहराकर शहीदों को नमन किया गया। लेकिन इसी बीच नगर पंचायत दुदही स्थित *मो. जयबुन निशा गर्ल्स हायर सेकेंडरी स्कूल हिंदी-इंग्लिश-उर्दू* में ध्वजारोहण न होने की खबर से सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोगों और अभिभावकों का कहना है कि पिछले वर्ष इसी स्कूल में स्वतंत्रता दिवस पर तिरंगा फहराया गया था। ऐसे में इस बार राष्ट्रीय पर्व पर ध्वजारोहण न होने से कई सवाल उठ रहे हैं। *सबसे बड़े सवाल:* 1. आखिर इस बार स्कूल में 15 अगस्त के कार्यक्रम की कोई तैयारी क्यों नहीं की गई? 2. क्या स्कूल प्रबंधन ने ध्वजारोहण न करने का कोई निर्णय लिया था? 3. क्या इसके पीछे कोई प्रशासनिक या तकनीकी कारण था? 4. यदि कार्यक्रम नहीं हुआ तो क्या इसकी जानकारी शिक्षा विभाग या अभिभावकों को दी गई थी? 5. स्कूल में छात्राओं के लिए कोई सांस्कृतिक या देशभक्ति कार्यक्रम आयोजित हुआ या नहीं? ग्रामीणों का कहना है कि स्कूल सिर्फ पढ़ाई का केंद्र नहीं होता। बच्चों में देशभक्ति और संविधान के प्रति सम्मान की भावना जगाने की जिम्मेदारी भी शिक्षण संस्थानों की ही है। ऐसे में राष्ट्रीय पर्व पर ध्वजारोहण न होना गंभीर मामला है। फिलहाल स्कूल प्रबंधन की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। स्थानीय लोगों की मांग है कि प्रबंधन और शिक्षा विभाग इस पूरे मामले पर स्पष्टीकरण दें। यदि कोई वैध कारण है तो उसे सार्वजनिक किया जाए, और यदि लापरवाही हुई है तो जांच कर कार्रवाई हो। अब सबकी नजरें इस बात पर हैं कि *मो. जयबुन निशा गर्ल्स स्कूल प्रबंधन* इस मामले में क्या जवाब देता है।1
- “ईरान ने अमेरिका की नाक में दम कर दिया!” iran vs America भाईसाहब, ईरान वाले टकटकी लगाए हमारे यहाँ के चुनावों को देख रहे हैं!" ये कहना है गिन्सबर्ग का। उन्होंने साफ-साफ शब्दों में कह दिया कि— "ये जो ईरान की सरकार है न, ये तब तक अपनी गद्दी से नहीं हटने वाली, जब तक आखिरी ईरानी नागरिक भी जिंदा है। इन्हें जनता की तकलीफों से कोई लेना-देना नहीं है, इन्हें तो बस हर हाल में सत्ता की मलाई चाहिए। "गिन्सबर्ग ने आगे की बात बताते हुए कहा कि—"एक तरफ जहाँ अमेरिका की जनता आजकल के हालातों से एकदम पक चुकी है, तंग आ चुकी है... वहीं दूसरी तरफ ट्रंप बाबू भी भारी धरम-संकट में फंसे हैं, क्योंकि हार मान लेना उनके बस की बात नहीं है, वो ये खतरा मोल ले ही नहीं सकते। "लेकिन हाँ, उनका ये भी मानना है कि तेहरान (यानी ईरान की सरकार) पुराने आजमाए हुए दांव पर ही बाजी लगा रही है।गिन्सबर्ग ने सीधे-सीधे पोल खोलते हुए कहा कि— "ये ईरान वाले असल में ट्रंप को और पूरे अमेरिका को मिलकर टोपी पहना रहे हैं (यानी बेवकूफ बना रहे हैं)। " उनका सीधा सा गणित ये है कि आज नहीं तो कल, वॉशिंगटन (अमेरिका) को उनकी सारी शर्तों के आगे घुटने टेकने ही पड़ेंगे और आखिर में ईरान को सारे प्रतिबंधों से छूट मिल जाएगी और उनकी चांदी हो जाएगी!1
- शहीदों को नमन के साथ भाकपा की राष्ट्रव्यापी पदयात्रा का समापन, सड़कों पर गूंजा जनसंघर्ष का संदेश भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के आह्वान पर 6 अगस्त से शुरू हुए राष्ट्रव्यापी पदयात्रा अभियान का समापन आज 15 अगस्त को बेतिया जिला मुख्यालय में भव्य पदयात्रा के साथ किया गया। जिला पार्टी कार्यालय से सैकड़ों की संख्या में भाकपा कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने पदयात्रा निकाली, जो बेतिया के प्रमुख मार्गों से होते हुए शहीद पार्क पहुंची। यहां 1942 के भारत छोड़ो आंदोलन के शहीदों को माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि दी गई और राष्ट्रव्यापी पदयात्रा अभियान का औपचारिक समापन किया गया। भाकपा जिला सचिव ओम प्रकाश क्रांति ने बताया कि 6 अगस्त से पश्चिमी चम्पारण जिले के विभिन्न प्रखंडों के करीब 100 गांवों, बाजारों, हाटों, टोलों और बसावटों में पदयात्रा कर पार्टी का संदेश किसानों, मजदूरों, छात्रों, नौजवानों और महिलाओं तक पहुंचाया गया। इस दौरान पार्टी कार्यकर्ताओं ने सीधे आम जनता से संवाद किया और ग्रामीण क्षेत्रों की जमीनी समस्याओं को करीब से समझने तथा उन्हें चिन्हित करने का काम किया। पदयात्रा के अनुभव साझा करते हुए जिला सचिव ओम प्रकाश क्रांति ने कहा कि जनता खाद की कालाबाजारी, बेरोजगारी और भ्रष्टाचार से बुरी तरह परेशान है तथा लोगों में सरकार और व्यवस्था के प्रति आक्रोश लगातार बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार के विकास के दावे गांवों में विफल होते नजर आ रहे हैं। आज भी अनेक गांवों की सड़कें बदहाल हैं और जल निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण लोग जलजमाव की समस्या से जूझ रहे हैं। जल-नल योजना भी कई जगहों पर धरातल के बजाय कागजों तक सीमित नजर आ रही है और लोगों को पेपर वर्क में उलझाकर रखा गया है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों के घरों पर लगाए जा रहे टैक्स को लेकर भी लोगों में काफी नाराजगी देखने को मिली। ग्रामीण इलाकों में शिक्षा और चिकित्सा की व्यवस्था की स्थिति भी चिंताजनक है। पदयात्रा के दौरान पार्टी कार्यकर्ताओं ने इन समस्याओं को सीधे जनता से सुना और विभिन्न गांवों की स्थानीय समस्याओं को चिन्हित किया। जिला सचिव ने कहा कि इन समस्याओं को अब पार्टी अपने आगामी जनआंदोलनों का हिस्सा बनाएगी और जनता की आवाज को मजबूती से उठाया जाएगा। समापन पदयात्रा में जिला स्तर के भाकपा के तमाम नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे। प्रमुख रूप से जिला नेता राधामोहन यादव, बब्लू दूबे, अशोक मिश्र, तारीक, फरमान, साधु सिंह, चन्द्रिका प्रसाद, ज्वाला कांत द्विवेदी, सुबोध मुखिया, राजेन्द्र साह, ध्रुव नाथ तिवारी, मनोज साह, इदू, लक्की, संजय सिंह, आरती, पीताम्बर शर्मा, एन.डी. तिवारी, चन्द्र भूषण सिंह, गिरजा शंकर ठाकुर, सुनील राम, अली साहेब, शिवजी राय, कृष्ण नन्दन सिंह, तारकेश्वर सहनी, गुड्डू श्रीवास्तव, मदन शर्मा, कैलाश प्रसाद, गायत्री देवी, गंगा वर्मा, चंदन राव, लछुमन राम, विशुन प्रसाद, परसन साह, मोहन यादव, इद्रीश, सुनील राय, पप्पू, मंजूर, बहादुर सहित बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ताओं ने पदयात्रा को सफल बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। पदयात्रा के सफल समापन पर जिला सचिव ओम प्रकाश क्रांति ने अभियान में शामिल सभी नेताओं, कार्यकर्ताओं और समर्थकों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि पदयात्रा के दौरान जनता से मिले व्यापक समर्थन और गांवों की समस्याओं से मिले अनुभव को पार्टी आगे के संघर्षों की दिशा तय करने में इस्तेमाल करेगी। साथ ही उन्होंने जिले में पार्टी संगठन को और मजबूत एवं सशक्त बनाने के लिए कार्यकर्ताओं से एकजुट होकर जनता के सवालों पर लगातार संघर्ष करने का आह्वान किया।1
- Virat Kohli se Bhartiya Khiladi the Jo 26 January aur 15 August ko Sanjiv 15 August ko1
- इस रोड का निर्माण कर जल्दी से जल्दी हो इसको कृपया करके जल्द से जल्द बनवाया जाए यहां पर बहुत ज्यादा दिक्कत होती है खुटार खबर जिला शाहजहांपुर चश्मा काला को डर में लगता है और इसको जल्द से जल्द बनवाया जाए यहां पर बहुत दिक्कत होती है1
- cpi ML ke neta subas patel je ke dwara press conference gkf1
- कुशीनगर में उल्टा तिरंगा अमृत सरोवर पर वायरल हुआ वीडियो मचा हड़कंप जांच का इंतजार कुशीनगर के पडरौना तहसील क्षेत्र के भिस्वा लाला गांव स्थित अमृत सरोवर से जुड़ी तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। वायरल वीडियो में राष्ट्रीय ध्वज कथित तौर पर उल्टे क्रम में फहरता दिखाई दे रहा है। तिरंगा हमारे देश के सम्मान और गौरव का प्रतीक है। इसलिए राष्ट्रीय ध्वज फहराते समय उसके सही क्रम और सम्मान का विशेष ध्यान रखना बेहद जरूरी है।इस खबर को ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाएं, ताकि लोगों में राष्ट्रीय ध्वज के सही तरीके से फहराने को लेकर जागरूकता बढ़े। महत्वपूर्ण: वायरल वीडियो की सत्यता और पूरे घटनाक्रम की आधिकारिक पुष्टि अभी संबंधित अधिकारियों की जांच/स्पष्टीकरण के बाद ही स्पष्ट होगी।1
- "ट्रंप ने होर्मुज पर कब्जे की धमकी दी, अब ईरान ने भी अमेरिका को खुली चुनौती दे दी!" लो भाई, ईरान और अमेरिका के बीच अब आर-पार की जंग छिड़ चुकी है! ट्रंप बाबा ने सीधे-सीधे ईरान की गर्दन पर हाथ डाल दिया है! "कल न्यूयॉर्क में नासाउ पुलिस अकादमी से दहाड़ते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ऐसा ऐलान कर दिया है जिससे पूरी दुनिया हिल गई है! ट्रंप ने खुलेआम धमकी दी है कि वो 'होर्मुज जलडमरूमध्य' (Strait of Hormuz) को बहुत जल्द अमेरिका का हिस्सा बना लेंगे। ट्रंप का सीधा गणित है—ईरान की आर्थिक कमर को ऐसा तोड़ो कि वो घुटने टेकने पर मजबूर हो जाए! "लेकिन बॉस, ईरान भी कोई कच्ची गोलियां नहीं खेला है! "ट्रंप की इस खुली गीदड़भभकी पर ईरान के डिप्टी फॉरेन मिनिस्टर काज़ेम ग़रीबाबादी ने लाइव आकर सीना ठोकते हुए कहा है कि— "ये रास्ता ईरान का था, ईरान का है और ईरान का ही रहेगा! और हमारी नाकाबंदी तब तक नहीं हटेगी, जब तक अमेरिका खुद सफेद झंडा न दिखा दे और अपनी हार न मान ले! "बात यहीं खत्म नहीं होती, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने अमेरिका का असली चेहरा दिखाते हुए कहा कि— "जो 'इस्लामाबाद समझौता' हुआ था, वो युद्ध खत्म करने के लिए था, ना कि किसी टाइम-पास युद्धविराम के लिए। लेकिन अमेरिका ने अपनी पुरानी आदत के मुताबिक पीठ पीछे वार किया, समझौता तोड़ा और जंग दोबारा शुरू कर दी। "यानी साफ़ बात है बॉस... अब समझौते के सारे रास्ते बंद हो चुके हैं। 60 दिन के युद्धविराम की उम्मीदें अब पूरी तरह से खाक में मिल चुकी हैं और दोनों तरफ से तलवारें खिंच चुकी हैं! अब देखना ये है कि ईरान ट्रंप की इस आर्थिक चोट को सह पाता है या अमेरिका को इस समंदर में डूबना पड़ता है!1