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जमीन विवाद में डीएम गेट पर आत्मदाह का प्रयास, सुरक्षाकर्मियों ने बचाई जान

1 day ago
user_MANOJ KUMAR YADAV
MANOJ KUMAR YADAV
Video Creator हाटा, कुशी नगर, उत्तर प्रदेश•
1 day ago

जमीन विवाद में डीएम गेट पर आत्मदाह का प्रयास, सुरक्षाकर्मियों ने बचाई जान

More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
  • भूमि विवाद में महिला से मारपीट, एसपी से लगाई न्याय की गुहार
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    भूमि विवाद में महिला से मारपीट, एसपी से लगाई न्याय की गुहार
    user_MANOJ KUMAR YADAV
    MANOJ KUMAR YADAV
    Video Creator हाटा, कुशी नगर, उत्तर प्रदेश•
    2 hrs ago
  • उत्तर प्रदेश विधानसभा में बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के इकलौते विधायक उमाशंकर सिंह का लंबी बीमारी (ब्रेन ट्यूमर/कैंसर) के इलाज के दौरान दिल्ली के अस्पताल में निधन हो गया। वह बलिया जिले की रसड़ा विधानसभा सीट से लगातार तीन बार विधायक चुने गए थे। ​बसपा प्रमुख मायावती ने उनके निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए उन्हें एक समर्पित, ईमानदार, निष्ठावान और लोकप्रिय नेता बताया है। मायावती ने कहा कि उमाशंकर सिंह की पार्टी के प्रति निष्ठा और समर्पण अतुलनीय था और उनका परिवार बसपा परिवार की तरह ही है। ​मायावती लगातार उनके बेटे के संपर्क में थीं और निधन की खबर मिलने के बाद उन्होंने दुख की इस घड़ी में उनके परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की और पूरे बसपा परिवार को उनके साथ खड़ा बताया।
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    उत्तर प्रदेश विधानसभा में बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के इकलौते विधायक उमाशंकर सिंह का लंबी बीमारी (ब्रेन ट्यूमर/कैंसर) के इलाज के दौरान दिल्ली के अस्पताल में निधन हो गया। वह बलिया जिले की रसड़ा विधानसभा सीट से लगातार तीन बार विधायक चुने गए थे। 
​बसपा प्रमुख मायावती ने उनके निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए उन्हें एक समर्पित, ईमानदार, निष्ठावान और लोकप्रिय नेता बताया है। मायावती ने कहा कि उमाशंकर सिंह की पार्टी के प्रति निष्ठा और समर्पण अतुलनीय था और उनका परिवार बसपा परिवार की तरह ही है। 
​मायावती लगातार उनके बेटे के संपर्क में थीं और निधन की खबर मिलने के बाद उन्होंने दुख की इस घड़ी में उनके परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की और पूरे बसपा परिवार को उनके साथ खड़ा बताया।
    user_रामानंद सागर
    रामानंद सागर
    Librarian Chauri Chaura, Gorakhpur•
    5 hrs ago
  • ब्रह्मपुर में स्थित पौराणिक बाबा निंबेश्वर नाथ मंदिर श्रद्धालुओं के लिए आस्था का प्रमुख केंद्र है। (संवाददाता विनय दुबे) चौरी चौरा क्षेत्र के ब्रह्मपुर में स्थित पौराणिक बाबा निंबेश्वर नाथ मंदिर श्रद्धालुओं के लिए आस्था का प्रमुख केंद्र है। इसका प्राचीन इतिहास और निम्बकुंड आज भी भक्तों को आकर्षित करते हैं। यह धाम ऐतिहासिक चौरी चौरा से लगभग 8 किलोमीटर दक्षिण में ग्राम सभा ब्रहम्पुर में स्थित है और इसकी महिमा सदियों पुरानी है। स्थानीय मान्यताओं के अनुसार, निंबेश्वर नाथ मंदिर परिसर में स्थित 'निम्बकुंड' का जल चमत्कारी माना जाता है। ऐसी मान्यता है कि इस पवित्र कुंड में स्नान करने से कुष्ठ रोग सहित कई गंभीर चर्म रोग ठीक हो जाते हैं। इसी विश्वास के चलते प्रतिदिन सुबह से ही दूर-दूर से श्रद्धालु यहाँ आरोग्य की कामना लेकर आते हैं। मंदिर के इतिहास और उत्पत्ति से जुड़ी एक प्रसिद्ध लोककथा प्रचलित है। इसके अनुसार, प्राचीन सतासी राज (वर्तमान रुद्रपुर क्षेत्र) के राजा ने अपने राजवैद्य को युवा बनाए रखने वाली 'दिव्य औषधि' खोजने का आदेश दिया था। इस प्राचीन मंदिर की मान्यताएं इसी पौराणिक कालखंड और सतासी राजपरिवार के इतिहास से जुड़ी हुई हैं। प्रत्येक वर्ष श्रावण मास (सावन) और महाशिवरात्रि के अवसर पर यहाँ भारी भीड़ उमड़ती है। भगवान शिव के जलाभिषेक के लिए गोरखपुर और आसपास के जिलों से हजारों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। भक्तों की बढ़ती संख्या को देखते हुए स्थानीय प्रशासन और मंदिर समिति द्वारा सुरक्षा एवं दर्शन की विशेष व्यवस्था की जाती है।
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    ब्रह्मपुर में स्थित पौराणिक बाबा निंबेश्वर नाथ मंदिर श्रद्धालुओं के लिए आस्था का प्रमुख केंद्र है।
(संवाददाता विनय दुबे)
चौरी चौरा क्षेत्र के ब्रह्मपुर में स्थित पौराणिक बाबा निंबेश्वर नाथ मंदिर श्रद्धालुओं के लिए आस्था का प्रमुख केंद्र है। इसका प्राचीन इतिहास और निम्बकुंड आज भी भक्तों को आकर्षित करते हैं। यह धाम ऐतिहासिक चौरी चौरा से लगभग 8 किलोमीटर दक्षिण में ग्राम सभा ब्रहम्पुर में स्थित है और इसकी महिमा सदियों पुरानी है।
स्थानीय मान्यताओं के अनुसार, निंबेश्वर नाथ मंदिर परिसर में स्थित 'निम्बकुंड' का जल चमत्कारी माना जाता है। ऐसी मान्यता है कि इस पवित्र कुंड में स्नान करने से कुष्ठ रोग सहित कई गंभीर चर्म रोग ठीक हो जाते हैं। इसी विश्वास के चलते प्रतिदिन सुबह से ही दूर-दूर से श्रद्धालु यहाँ आरोग्य की कामना लेकर आते हैं।
मंदिर के इतिहास और उत्पत्ति से जुड़ी एक प्रसिद्ध लोककथा प्रचलित है। इसके अनुसार, प्राचीन सतासी राज (वर्तमान रुद्रपुर क्षेत्र) के राजा ने अपने राजवैद्य को युवा बनाए रखने वाली 'दिव्य औषधि' खोजने का आदेश दिया था। इस प्राचीन मंदिर की मान्यताएं इसी पौराणिक कालखंड और सतासी राजपरिवार के इतिहास से जुड़ी हुई हैं।
प्रत्येक वर्ष श्रावण मास (सावन) और महाशिवरात्रि के अवसर पर यहाँ भारी भीड़ उमड़ती है। भगवान शिव के जलाभिषेक के लिए गोरखपुर और आसपास के जिलों से हजारों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। भक्तों की बढ़ती संख्या को देखते हुए स्थानीय प्रशासन और मंदिर समिति द्वारा सुरक्षा एवं दर्शन की विशेष व्यवस्था की जाती है।
    user_विनय दुबे
    विनय दुबे
    मीडिया जगत चौरी चौरा, गोरखपुर, उत्तर प्रदेश•
    7 hrs ago
  • अयोध्या में बाबरी मस्जिद के ध्वस्तीकरण के इतिहास को देखे... अयोध्या में बाबरी मस्जिद में ध्वस्तीकरण को देखकर
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    अयोध्या में बाबरी मस्जिद के ध्वस्तीकरण के इतिहास को देखे...
अयोध्या में बाबरी मस्जिद में ध्वस्तीकरण को देखकर
    user_Sunil kumar sharma
    Sunil kumar sharma
    Local News Reporter देवरिया, देवरिया, उत्तर प्रदेश•
    1 hr ago
  • पोखरी में बना आंगनबाड़ी केंद्र पांच साल बाद भी अधूरा, ग्रामीणों ने उठाए निर्माण और स्वीकृति पर सवाल बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता, निर्माण स्थल के चयन और धन के उपयोग की जांच की मांग पडरौना, कुशीनगर। विकासखंड पडरौना की ग्राम पंचायत रहसू खुदरा के टोला खुदरा में प्राथमिक विद्यालय के पीछे पोखरी में निर्मित हो रहा आंगनबाड़ी केंद्र पिछले लगभग पांच वर्षों से अधूरा पड़ा है। वर्ष 2021 में शुरू हुआ निर्माण कार्य आज तक पूरा नहीं हो सका है, जिसके चलते भवन महिला एवं बाल विकास विभाग को हस्तांतरित भी नहीं किया जा सका। स्थानीय लोगों का कहना है कि आंगनबाड़ी केंद्र का निर्माण पूर्व ग्राम प्रधान के कार्यकाल में शुरू हुआ था। निर्माण स्थल पोखरी के किनारे होने के कारण तत्कालीन मुख्य विकास अधिकारी श्रीमती गुंजन द्विवेदी ने खंड विकास अधिकारी पडरौना से रिपोर्ट तलब कर निर्माण कार्य पर रोक लगाई थी। उस समय बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए इस स्थान को अनुपयुक्त माना गया था। ग्रामीणों का आरोप है कि ग्राम पंचायत चुनाव के बाद नई ग्राम पंचायत के कार्यकाल में आखिर किन परिस्थितियों में इस निर्माण को पुनः स्वीकृति प्रदान की गई, यह जांच का विषय है। उनका कहना है कि भवन की छत डाली जा चुकी है और फाटक भी लगाए जा चुके हैं, लेकिन निर्माण कार्य अब भी अधूरा है। भवन के एक ओर प्राथमिक विद्यालय, दूसरी ओर सड़क तथा शेष दो ओर पोखरी होने से यहां आने वाले छोटे बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता बनी हुई है। ग्रामीणों का आरोप है कि ग्राम पंचायत में कराए गए कई विकास कार्यों की गुणवत्ता और क्रियान्वयन पर पहले से सवाल उठते रहे हैं। उनका कहना है कि आंगनबाड़ी केंद्र का निर्माण भी बिना पर्याप्त सुरक्षा मानकों का ध्यान रखे कराया गया है। यदि केंद्र का संचालन शुरू होता है तो बच्चों के लिए दुर्घटना की आशंका बनी रहेगी। ग्रामीणों ने मांग की है कि निर्माण स्थल के चयन, प्रशासनिक एवं तकनीकी स्वीकृति, इंजीनियर की रिपोर्ट, तत्कालीन ग्राम पंचायत सचिव तथा अन्य संबंधित अधिकारियों की भूमिका की निष्पक्ष जांच कराई जाए। साथ ही महिला एवं बाल विकास विभाग तथा मनरेगा के संयुक्त बजट से कराए जा रहे इस निर्माण कार्य में यदि किसी प्रकार की अनियमितता या वित्तीय गड़बड़ी पाई जाती है तो जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाए। ग्रामीणों का कहना है कि वर्षों से अधूरा पड़ा यह भवन सरकारी धन के उपयोग और निर्माण प्रक्रिया पर भी प्रश्नचिह्न खड़ा करता है। उन्होंने जिला प्रशासन से मामले की उच्चस्तरीय जांच कराकर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई तथा बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उचित निर्णय लेने की मांग की है। पोखरी में बना आंगनबाड़ी केंद्र पांच साल बाद भी अधूरा, ग्रामीणों ने उठाए निर्माण और स्वीकृति पर सवाल बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता, निर्माण स्थल के चयन और धन के उपयोग की जांच की मांग पडरौना, कुशीनगर। विकासखंड पडरौना की ग्राम पंचायत रहसू खुदरा के टोला खुदरा में प्राथमिक विद्यालय के पीछे पोखरी में निर्मित हो रहा आंगनबाड़ी केंद्र पिछले लगभग पांच वर्षों से अधूरा पड़ा है। वर्ष 2021 में शुरू हुआ निर्माण कार्य आज तक पूरा नहीं हो सका है, जिसके चलते भवन महिला एवं बाल विकास विभाग को हस्तांतरित भी नहीं किया जा सका। स्थानीय लोगों का कहना है कि आंगनबाड़ी केंद्र का निर्माण पूर्व ग्राम प्रधान के कार्यकाल में शुरू हुआ था। निर्माण स्थल पोखरी के किनारे होने के कारण तत्कालीन मुख्य विकास अधिकारी श्रीमती गुंजन द्विवेदी ने खंड विकास अधिकारी पडरौना से रिपोर्ट तलब कर निर्माण कार्य पर रोक लगाई थी। उस समय बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए इस स्थान को अनुपयुक्त माना गया था। ग्रामीणों का आरोप है कि ग्राम पंचायत चुनाव के बाद नई ग्राम पंचायत के कार्यकाल में आखिर किन परिस्थितियों में इस निर्माण को पुनः स्वीकृति प्रदान की गई, यह जांच का विषय है। उनका कहना है कि भवन की छत डाली जा चुकी है और फाटक भी लगाए जा चुके हैं, लेकिन निर्माण कार्य अब भी अधूरा है। भवन के एक ओर प्राथमिक विद्यालय, दूसरी ओर सड़क तथा शेष दो ओर पोखरी होने से यहां आने वाले छोटे बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता बनी हुई है। ग्रामीणों का आरोप है कि ग्राम पंचायत में कराए गए कई विकास कार्यों की गुणवत्ता और क्रियान्वयन पर पहले से सवाल उठते रहे हैं। उनका कहना है कि आंगनबाड़ी केंद्र का निर्माण भी बिना पर्याप्त सुरक्षा मानकों का ध्यान रखे कराया गया है। यदि केंद्र का संचालन शुरू होता है तो बच्चों के लिए दुर्घटना की आशंका बनी रहेगी। ग्रामीणों ने मांग की है कि निर्माण स्थल के चयन, प्रशासनिक एवं तकनीकी स्वीकृति, इंजीनियर की रिपोर्ट, तत्कालीन ग्राम पंचायत सचिव तथा अन्य संबंधित अधिकारियों की भूमिका की निष्पक्ष जांच कराई जाए। साथ ही महिला एवं बाल विकास विभाग तथा मनरेगा के संयुक्त बजट से कराए जा रहे इस निर्माण कार्य में यदि किसी प्रकार की अनियमितता या वित्तीय गड़बड़ी पाई जाती है तो जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाए। ग्रामीणों का कहना है कि वर्षों से अधूरा पड़ा यह भवन सरकारी धन के उपयोग और निर्माण प्रक्रिया पर भी प्रश्नचिह्न खड़ा करता है। उन्होंने जिला प्रशासन से मामले की उच्चस्तरीय जांच कराकर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई तथा बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उचित निर्णय लेने की मांग की है।
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    पोखरी में बना आंगनबाड़ी केंद्र पांच साल बाद भी अधूरा, ग्रामीणों ने उठाए निर्माण और स्वीकृति पर सवाल


बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता, निर्माण स्थल के चयन और धन के उपयोग की जांच की मांग

पडरौना, कुशीनगर। विकासखंड पडरौना की ग्राम पंचायत रहसू खुदरा के टोला खुदरा में प्राथमिक विद्यालय के पीछे पोखरी में निर्मित हो रहा आंगनबाड़ी केंद्र पिछले लगभग पांच वर्षों से अधूरा पड़ा है। वर्ष 2021 में शुरू हुआ निर्माण कार्य आज तक पूरा नहीं हो सका है, जिसके चलते भवन महिला एवं बाल विकास विभाग को हस्तांतरित भी नहीं किया जा सका।

स्थानीय लोगों का कहना है कि आंगनबाड़ी केंद्र का निर्माण पूर्व ग्राम प्रधान के कार्यकाल में शुरू हुआ था। निर्माण स्थल पोखरी के किनारे होने के कारण तत्कालीन मुख्य विकास अधिकारी श्रीमती गुंजन द्विवेदी ने खंड विकास अधिकारी पडरौना से रिपोर्ट तलब कर निर्माण कार्य पर रोक लगाई थी। उस समय बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए इस स्थान को अनुपयुक्त माना गया था।

ग्रामीणों का आरोप है कि ग्राम पंचायत चुनाव के बाद नई ग्राम पंचायत के कार्यकाल में आखिर किन परिस्थितियों में इस निर्माण को पुनः स्वीकृति प्रदान की गई, यह जांच का विषय है। उनका कहना है कि भवन की छत डाली जा चुकी है और फाटक भी लगाए जा चुके हैं, लेकिन निर्माण कार्य अब भी अधूरा है। भवन के एक ओर प्राथमिक विद्यालय, दूसरी ओर सड़क तथा शेष दो ओर पोखरी होने से यहां आने वाले छोटे बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता बनी हुई है।

ग्रामीणों का आरोप है कि ग्राम पंचायत में कराए गए कई विकास कार्यों की गुणवत्ता और क्रियान्वयन पर पहले से सवाल उठते रहे हैं। उनका कहना है कि आंगनबाड़ी केंद्र का निर्माण भी बिना पर्याप्त सुरक्षा मानकों का ध्यान रखे कराया गया है। यदि केंद्र का संचालन शुरू होता है तो बच्चों के लिए दुर्घटना की आशंका बनी रहेगी।

ग्रामीणों ने मांग की है कि निर्माण स्थल के चयन, प्रशासनिक एवं तकनीकी स्वीकृति, इंजीनियर की रिपोर्ट, तत्कालीन ग्राम पंचायत सचिव तथा अन्य संबंधित अधिकारियों की भूमिका की निष्पक्ष जांच कराई जाए। साथ ही महिला एवं बाल विकास विभाग तथा मनरेगा के संयुक्त बजट से कराए जा रहे इस निर्माण कार्य में यदि किसी प्रकार की अनियमितता या वित्तीय गड़बड़ी पाई जाती है तो जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाए।

ग्रामीणों का कहना है कि वर्षों से अधूरा पड़ा यह भवन सरकारी धन के उपयोग और निर्माण प्रक्रिया पर भी प्रश्नचिह्न खड़ा करता है। उन्होंने जिला प्रशासन से मामले की उच्चस्तरीय जांच कराकर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई तथा बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उचित निर्णय लेने की मांग की है।
पोखरी में बना आंगनबाड़ी केंद्र पांच साल बाद भी अधूरा, ग्रामीणों ने उठाए निर्माण और स्वीकृति पर सवाल
बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता, निर्माण स्थल के चयन और धन के उपयोग की जांच की मांग
पडरौना, कुशीनगर। विकासखंड पडरौना की ग्राम पंचायत रहसू खुदरा के टोला खुदरा में प्राथमिक विद्यालय के पीछे पोखरी में निर्मित हो रहा आंगनबाड़ी केंद्र पिछले लगभग पांच वर्षों से अधूरा पड़ा है। वर्ष 2021 में शुरू हुआ निर्माण कार्य आज तक पूरा नहीं हो सका है, जिसके चलते भवन महिला एवं बाल विकास विभाग को हस्तांतरित भी नहीं किया जा सका।
स्थानीय लोगों का कहना है कि आंगनबाड़ी केंद्र का निर्माण पूर्व ग्राम प्रधान के कार्यकाल में शुरू हुआ था। निर्माण स्थल पोखरी के किनारे होने के कारण तत्कालीन मुख्य विकास अधिकारी श्रीमती गुंजन द्विवेदी ने खंड विकास अधिकारी पडरौना से रिपोर्ट तलब कर निर्माण कार्य पर रोक लगाई थी। उस समय बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए इस स्थान को अनुपयुक्त माना गया था।
ग्रामीणों का आरोप है कि ग्राम पंचायत चुनाव के बाद नई ग्राम पंचायत के कार्यकाल में आखिर किन परिस्थितियों में इस निर्माण को पुनः स्वीकृति प्रदान की गई, यह जांच का विषय है। उनका कहना है कि भवन की छत डाली जा चुकी है और फाटक भी लगाए जा चुके हैं, लेकिन निर्माण कार्य अब भी अधूरा है। भवन के एक ओर प्राथमिक विद्यालय, दूसरी ओर सड़क तथा शेष दो ओर पोखरी होने से यहां आने वाले छोटे बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता बनी हुई है।
ग्रामीणों का आरोप है कि ग्राम पंचायत में कराए गए कई विकास कार्यों की गुणवत्ता और क्रियान्वयन पर पहले से सवाल उठते रहे हैं। उनका कहना है कि आंगनबाड़ी केंद्र का निर्माण भी बिना पर्याप्त सुरक्षा मानकों का ध्यान रखे कराया गया है। यदि केंद्र का संचालन शुरू होता है तो बच्चों के लिए दुर्घटना की आशंका बनी रहेगी।
ग्रामीणों ने मांग की है कि निर्माण स्थल के चयन, प्रशासनिक एवं तकनीकी स्वीकृति, इंजीनियर की रिपोर्ट, तत्कालीन ग्राम पंचायत सचिव तथा अन्य संबंधित अधिकारियों की भूमिका की निष्पक्ष जांच कराई जाए। साथ ही महिला एवं बाल विकास विभाग तथा मनरेगा के संयुक्त बजट से कराए जा रहे इस निर्माण कार्य में यदि किसी प्रकार की अनियमितता या वित्तीय गड़बड़ी पाई जाती है तो जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाए।
ग्रामीणों का कहना है कि वर्षों से अधूरा पड़ा यह भवन सरकारी धन के उपयोग और निर्माण प्रक्रिया पर भी प्रश्नचिह्न खड़ा करता है। उन्होंने जिला प्रशासन से मामले की उच्चस्तरीय जांच कराकर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई तथा बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उचित निर्णय लेने की मांग की है।
    user_Salma khatoon
    Salma khatoon
    Audio visual consultant पडरौना, कुशी नगर, उत्तर प्रदेश•
    1 hr ago
  • कुशीनगर। जनपद के कप्तानगंज थाना क्षेत्र के सखोपार निवासी एक महिला ने पुलिस अधीक्षक कुशीनगर को शिकायती पत्र देकर भूमि विवाद में मारपीट, गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया है। कुशीनगर। जनपद के कप्तानगंज थाना क्षेत्र के सखोपार निवासी एक महिला ने पुलिस अधीक्षक कुशीनगर को शिकायती पत्र देकर भूमि विवाद में मारपीट, गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया है। पीड़िता ने मामले की निष्पक्ष जांच कर आरोपितों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की मांग की है। शिकायती पत्र के अनुसार, 31 जुलाई 2026 को गांव के कुछ लोगों ने कथित रूप से जमीन पर जबरन कब्जा करने का प्रयास किया। विरोध करने पर आरोपितों ने महिला व उसके परिवार के साथ मारपीट की, गाली-गलौज की तथा लाठी-डंडा और धारदार हथियार दिखाकर जान से मारने की धमकी दी। पीड़िता का आरोप है कि घटना में उसके परिवार के कई सदस्य घायल हुए। महिला का यह भी आरोप है कि मामले की सूचना स्थानीय थाना पुलिस को दी गई, लेकिन अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। इसके चलते आरोपित लगातार परिवार को धमका रहे हैं, जिससे पूरा परिवार भय के माहौल में जीवन यापन करने को मजबूर है। पीड़िता ने पुलिस अधीक्षक से निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ विधिक कार्रवाई करने तथा अपने परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।
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    कुशीनगर। जनपद के कप्तानगंज थाना क्षेत्र के सखोपार निवासी एक महिला ने पुलिस अधीक्षक कुशीनगर को शिकायती पत्र देकर भूमि विवाद में मारपीट, गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया है।
कुशीनगर। जनपद के कप्तानगंज थाना क्षेत्र के सखोपार निवासी एक महिला ने पुलिस अधीक्षक कुशीनगर को शिकायती पत्र देकर भूमि विवाद में मारपीट, गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया है। पीड़िता ने मामले की निष्पक्ष जांच कर आरोपितों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की मांग की है।
शिकायती पत्र के अनुसार, 31 जुलाई 2026 को गांव के कुछ लोगों ने कथित रूप से जमीन पर जबरन कब्जा करने का प्रयास किया। विरोध करने पर आरोपितों ने महिला व उसके परिवार के साथ मारपीट की, गाली-गलौज की तथा लाठी-डंडा और धारदार हथियार दिखाकर जान से मारने की धमकी दी। पीड़िता का आरोप है कि घटना में उसके परिवार के कई सदस्य घायल हुए।
महिला का यह भी आरोप है कि मामले की सूचना स्थानीय थाना पुलिस को दी गई, लेकिन अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। इसके चलते आरोपित लगातार परिवार को धमका रहे हैं, जिससे पूरा परिवार भय के माहौल में जीवन यापन करने को मजबूर है।
पीड़िता ने पुलिस अधीक्षक से निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ विधिक कार्रवाई करने तथा अपने परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।
    user_Ajeet kumar
    Ajeet kumar
    पडरौना, कुशी नगर, उत्तर प्रदेश•
    2 hrs ago
  • मुस्लिम युवक की अगुवाई में 35 KM दौड़, इटहिया धाम में किया जलाभिषेक
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    मुस्लिम युवक की अगुवाई में 35 KM दौड़, इटहिया धाम में किया जलाभिषेक
    user_MANOJ KUMAR YADAV
    MANOJ KUMAR YADAV
    Video Creator हाटा, कुशी नगर, उत्तर प्रदेश•
    9 hrs ago
  • बच्चों को स्कूल छोड़कर लौट रहे युवक को अज्ञात वाहन ने मारी टक्कर, हालत गंभीर हाटा (कुशीनगर)। हाटा कोतवाली क्षेत्र में नेशनल हाईवे-28 पर सड़क पार कर रहे एक युवक को अज्ञात वाहन ने जोरदार टक्कर मार दी। हादसे में युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए गोरखपुर मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है और फरार वाहन की तलाश के लिए आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। घायल युवक की पहचान दिवाकर पुत्र मृत्युञ्जय चौहान के रूप में हुई है। बताया गया कि बुधवार सुबह वह संत पुष्पा इंटरमीडिएट कॉलेज के सामने अपने बच्चों को स्कूल छोड़ने आया था। बच्चों को विद्यालय में छोड़ने के बाद वह पैदल ही नेशनल हाईवे-28 पार कर रहा था। इसी दौरान हाटा की ओर से तेज रफ्तार में आ रहे एक अज्ञात वाहन ने उसे जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी तेज थी कि वह सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के बाद वाहन चालक मौके से फरार हो गया। आसपास मौजूद लोगों ने तत्काल घायल की पहचान कर एनएचएआई की एंबुलेंस सेवा को सूचना दी। सूचना मिलते ही एंबुलेंस मौके पर पहुंची और घायल को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सुकरौली ले जाया गया। वहां चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद सिर और शरीर के अन्य हिस्सों में गंभीर चोटों के कारण उसे बेहतर इलाज के लिए गोरखपुर मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। घटना की जानकारी मिलते ही परिजन अस्पताल पहुंच गए। सूचना पर पुलिस भी मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण कर जांच शुरू कर दी। पुलिस अज्ञात वाहन और उसके चालक की पहचान के लिए आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। इस हादसे के बाद स्थानीय लोगों में आक्रोश है। उनका कहना है कि हाईवे पर तेज रफ्तार वाहनों के कारण आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं। लोगों ने प्रशासन से हाईवे पर गति नियंत्रण के प्रभावी इंतजाम, सुरक्षित पैदल पार मार्ग तथा सड़क पार करने वालों की सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाने की मांग की है।
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    बच्चों को स्कूल छोड़कर लौट रहे युवक को अज्ञात वाहन ने मारी टक्कर, हालत गंभीर
हाटा (कुशीनगर)। हाटा कोतवाली क्षेत्र में नेशनल हाईवे-28 पर सड़क पार कर रहे एक युवक को अज्ञात वाहन ने जोरदार टक्कर मार दी। हादसे में युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए गोरखपुर मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है और फरार वाहन की तलाश के लिए आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है।
घायल युवक की पहचान दिवाकर पुत्र मृत्युञ्जय चौहान के रूप में हुई है। बताया गया कि बुधवार सुबह वह संत पुष्पा इंटरमीडिएट कॉलेज के सामने अपने बच्चों को स्कूल छोड़ने आया था। बच्चों को विद्यालय में छोड़ने के बाद वह पैदल ही नेशनल हाईवे-28 पार कर रहा था। इसी दौरान हाटा की ओर से तेज रफ्तार में आ रहे एक अज्ञात वाहन ने उसे जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी तेज थी कि वह सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गया।
घटना के बाद वाहन चालक मौके से फरार हो गया। आसपास मौजूद लोगों ने तत्काल घायल की पहचान कर एनएचएआई की एंबुलेंस सेवा को सूचना दी। सूचना मिलते ही एंबुलेंस मौके पर पहुंची और घायल को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सुकरौली ले जाया गया। वहां चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद सिर और शरीर के अन्य हिस्सों में गंभीर चोटों के कारण उसे बेहतर इलाज के लिए गोरखपुर मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया।
घटना की जानकारी मिलते ही परिजन अस्पताल पहुंच गए। सूचना पर पुलिस भी मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण कर जांच शुरू कर दी। पुलिस अज्ञात वाहन और उसके चालक की पहचान के लिए आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है।
इस हादसे के बाद स्थानीय लोगों में आक्रोश है। उनका कहना है कि हाईवे पर तेज रफ्तार वाहनों के कारण आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं। लोगों ने प्रशासन से हाईवे पर गति नियंत्रण के प्रभावी इंतजाम, सुरक्षित पैदल पार मार्ग तथा सड़क पार करने वालों की सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाने की मांग की है।
    user_विवेकानन्द
    विवेकानन्द
    Newspaper publisher हाटा, कुशी नगर, उत्तर प्रदेश•
    23 hrs ago
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