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जनपद बांदा के आकांक्षी विकास खंड कमासिन की ग्राम पंचायत कमासिन में साफ-सफाई व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है। गांव के विभिन्न मोहल्लों और सार्वजनिक स्थानों पर जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे हुए हैं। वायरल हो रहे वीडियो में देखा जा सकता है कि लंबे समय से कूड़ा नहीं उठाया गया है, जिससे आसपास गंदगी और दुर्गंध का माहौल बना हुआ है। विद्यालयों के सामने भी जलभराव की स्थिति बनी हुई है। लगातार वायरल हो रहे वीडियो और स्थानीय लोगों की शिकायतों के बावजूद समस्या का समाधान नहीं किया जा रहा है। इससे विद्यालय आने-जाने वाले बच्चों, शिक्षकों और ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने कई बार संबंधित अधिकारियों से शिकायत की, लेकिन अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। कूड़े के ढेर से उठने वाली बदबू के कारण संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ गया है और लोग स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझ रहे हैं। स्थानीय निवासी सुनील कुमार, बीएम शुक्ला, विजय कुमार, भोन्डी, बच्छराज सहित सीएनजी चालक रामबरन, विनोद कुमार, तथा अनन्त वर्मा ने जिला प्रशासन और संबंधित विभाग से मांग की है कि ग्राम पंचायत में तत्काल विशेष सफाई अभियान चलाकर कूड़े का निस्तारण कराया जाए, जलभराव की समस्या दूर की जाए तथा नियमित साफ-सफाई की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि लोगों को गंदगी और बीमारी के खतरे से राहत मिल सके।

8 hrs ago
user_कुलदीप कुमार मिश्रा
कुलदीप कुमार मिश्रा
Photographer बांदा, बांदा, उत्तर प्रदेश•
8 hrs ago

जनपद बांदा के आकांक्षी विकास खंड कमासिन की ग्राम पंचायत कमासिन में साफ-सफाई व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है। गांव के विभिन्न मोहल्लों और सार्वजनिक स्थानों पर जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे हुए हैं। वायरल हो रहे वीडियो में देखा जा सकता है कि लंबे समय से कूड़ा नहीं उठाया गया है, जिससे आसपास गंदगी और दुर्गंध का माहौल बना हुआ है। विद्यालयों के सामने भी जलभराव की स्थिति बनी हुई है। लगातार वायरल हो रहे वीडियो और स्थानीय लोगों की शिकायतों के बावजूद समस्या का समाधान नहीं किया जा रहा है। इससे विद्यालय आने-जाने वाले बच्चों, शिक्षकों और ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने कई बार संबंधित अधिकारियों से शिकायत की, लेकिन अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। कूड़े के ढेर से उठने वाली बदबू के कारण संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ गया है और लोग स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझ रहे हैं। स्थानीय निवासी सुनील कुमार, बीएम शुक्ला, विजय कुमार, भोन्डी, बच्छराज सहित सीएनजी चालक रामबरन, विनोद कुमार, तथा अनन्त वर्मा ने जिला प्रशासन और संबंधित विभाग से मांग की है कि ग्राम पंचायत में तत्काल विशेष सफाई अभियान चलाकर कूड़े का निस्तारण कराया जाए, जलभराव की समस्या दूर की जाए तथा नियमित साफ-सफाई की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि लोगों को गंदगी और बीमारी के खतरे से राहत मिल सके।

More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
  • जनता दल (यूनाइटेड) ने प्रदेश के करीब 46.79 लाख बिजली उपभोक्ताओं का कथित रूप से बिना सूचना विद्युत लोड बढ़ाए जाने के विरोध में प्रदर्शन किया। जनता दल (यूनाइटेड) ने प्रदेश के करीब 46.79 लाख बिजली उपभोक्ताओं का कथित रूप से बिना सूचना विद्युत लोड बढ़ाए जाने के विरोध में प्रदर्शन किया।
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    जनता दल (यूनाइटेड) ने प्रदेश के करीब
46.79 लाख बिजली उपभोक्ताओं का
कथित रूप से बिना सूचना विद्युत लोड
बढ़ाए जाने के विरोध में प्रदर्शन किया। 
जनता दल (यूनाइटेड) ने प्रदेश के करीब 46.79 लाख बिजली उपभोक्ताओं का कथित रूप से बिना सूचना विद्युत लोड बढ़ाए जाने के विरोध में प्रदर्शन किया।
    user_Surash Sahu
    Surash Sahu
    बांदा, बांदा, उत्तर प्रदेश•
    1 hr ago
  • समाजवादी पार्टी के प्रदेश सचिव महेश कश्यप का बांदा में आगमन हुआ। इस दौरान तिंदवारी विधानसभा के ग्राम कुकुवा में एक विशाल जनसभा का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम तिंदवारी विधानसभा अध्यक्ष प्रमोद निषाद की अध्यक्षता में संपन्न हुआ। मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित महेश कश्यप ने भाजपा सरकार के कार्यों की तीखी आलोचना की। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार दलित और पिछड़े वर्गों का हक मार रही है। कश्यप ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार में अपराध चरम सीमा पर है और यह सरकार भगवान राम को भी नहीं छोड़ रही है। उन्होंने कहा, 'हमारे समाज के लोगों ने भगवान रामचंद्र जी को नौका से पार कराया था, लेकिन यह सरकार पूरी तरह से फेल है।'
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    समाजवादी पार्टी के प्रदेश सचिव महेश कश्यप का बांदा में आगमन हुआ। इस दौरान तिंदवारी विधानसभा के ग्राम कुकुवा में एक विशाल जनसभा का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम तिंदवारी विधानसभा अध्यक्ष प्रमोद निषाद की अध्यक्षता में संपन्न हुआ।

मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित महेश कश्यप ने भाजपा सरकार के कार्यों की तीखी आलोचना की। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार दलित और पिछड़े वर्गों का हक मार रही है। कश्यप ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार में अपराध चरम सीमा पर है और यह सरकार भगवान राम को भी नहीं छोड़ रही है। उन्होंने कहा, 'हमारे समाज के लोगों ने भगवान रामचंद्र जी को नौका से पार कराया था, लेकिन यह सरकार पूरी तरह से फेल है।'
    user_Rahul Verma journalist
    Rahul Verma journalist
    Media house बांदा, बांदा, उत्तर प्रदेश•
    4 hrs ago
  • उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन द्वारा प्रदेश के करीब 46.79 लाख उपभोक्ताओं का बिना सूचना के विद्युत लोड बढ़ाए जाने के खिलाफ सोमवार को जनता दल यूनाइटेड ने जमकर नाराजगी जताई। जदयू की प्रदेश उपाध्यक्ष एवं बुंदेलखंड प्रभारी शालिनी सिंह पटेल के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर नगर मजिस्ट्रेट के माध्यम से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को ज्ञापन भेजा। ज्ञापन में मांग की गई कि पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच हो। जांच तक बढ़े हुए लोड पर लगाए गए अतिरिक्त फिक्स्ड चार्ज की वसूली रोकी जाए। बिना सहमति बढ़ाया गया लोड तत्काल पूर्ववत कर अतिरिक्त बिल निरस्त किए जाएं। दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई हो और भविष्य में लोड बढ़ाने से पहले उपभोक्ता की लिखित सहमति ली जाए। जो अतिरिक्त वसूली हुई है उसे वापस किया जाए या अगले बिल में समायोजित किया जाए। शालिनी सिंह पटेल ने कहा कि जनता पहले ही महंगाई से त्रस्त है। बिना सूचना लोड बढ़ाकर बिल बढ़ाना उपभोक्ता अधिकारों का हनन है। सरकार तुरंत राहत दे और दोषियों पर कार्रवाई करे। ज्ञापन देने वालों में रविंद्र नाथ गुप्ता, पिंकी प्रजापति, सद्दाम हुसैन, ज्योति मौर्य, उमाकांत सविता, काशी प्रसाद याज्ञिक, आरती प्रजापति, कमलचंद्र प्रजापति, मंजू गुप्ता, शुभांशी गुप्ता, रामदात पटेल, अर्पित सिंह, राघवेंद्र सिंह, अमन सिंह, गौरव सिंह, शिवरानी, रेखा सहित सैकड़ों लोग शामिल रहे।
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    उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन द्वारा प्रदेश के करीब 46.79 लाख उपभोक्ताओं का बिना सूचना के विद्युत लोड बढ़ाए जाने के खिलाफ सोमवार को जनता दल यूनाइटेड ने जमकर नाराजगी जताई। जदयू की प्रदेश उपाध्यक्ष एवं बुंदेलखंड प्रभारी शालिनी सिंह पटेल के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर नगर मजिस्ट्रेट के माध्यम से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को ज्ञापन भेजा। ज्ञापन में मांग की गई कि पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच हो। जांच तक बढ़े हुए लोड पर लगाए गए अतिरिक्त फिक्स्ड चार्ज की वसूली रोकी जाए। बिना सहमति बढ़ाया गया लोड तत्काल पूर्ववत कर अतिरिक्त बिल निरस्त किए जाएं। दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई हो और भविष्य में लोड बढ़ाने से पहले उपभोक्ता की लिखित सहमति ली जाए। जो अतिरिक्त वसूली हुई है उसे वापस किया जाए या अगले बिल में समायोजित किया जाए।

शालिनी सिंह पटेल ने कहा कि जनता पहले ही महंगाई से त्रस्त है। बिना सूचना लोड बढ़ाकर बिल बढ़ाना उपभोक्ता अधिकारों का हनन है। सरकार तुरंत राहत दे और दोषियों पर कार्रवाई करे। ज्ञापन देने वालों में रविंद्र नाथ गुप्ता, पिंकी प्रजापति, सद्दाम हुसैन, ज्योति मौर्य, उमाकांत सविता, काशी प्रसाद याज्ञिक, आरती प्रजापति, कमलचंद्र प्रजापति, मंजू गुप्ता, शुभांशी गुप्ता, रामदात पटेल, अर्पित सिंह, राघवेंद्र सिंह, अमन सिंह, गौरव सिंह, शिवरानी, रेखा सहित सैकड़ों लोग शामिल रहे।
    user_Altmush Husain
    Altmush Husain
    बांदा, बांदा, उत्तर प्रदेश•
    6 hrs ago
  • जनपद बांदा के आकांक्षी विकास खंड कमासिन की ग्राम पंचायत कमासिन में साफ-सफाई व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है। गांव के विभिन्न मोहल्लों और सार्वजनिक स्थानों पर जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे हुए हैं। वायरल हो रहे वीडियो में देखा जा सकता है कि लंबे समय से कूड़ा नहीं उठाया गया है, जिससे आसपास गंदगी और दुर्गंध का माहौल बना हुआ है। विद्यालयों के सामने भी जलभराव की स्थिति बनी हुई है। लगातार वायरल हो रहे वीडियो और स्थानीय लोगों की शिकायतों के बावजूद समस्या का समाधान नहीं किया जा रहा है। इससे विद्यालय आने-जाने वाले बच्चों, शिक्षकों और ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने कई बार संबंधित अधिकारियों से शिकायत की, लेकिन अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। कूड़े के ढेर से उठने वाली बदबू के कारण संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ गया है और लोग स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझ रहे हैं। स्थानीय निवासी सुनील कुमार, बीएम शुक्ला, विजय कुमार, भोन्डी, बच्छराज सहित सीएनजी चालक रामबरन, विनोद कुमार, तथा अनन्त वर्मा ने जिला प्रशासन और संबंधित विभाग से मांग की है कि ग्राम पंचायत में तत्काल विशेष सफाई अभियान चलाकर कूड़े का निस्तारण कराया जाए, जलभराव की समस्या दूर की जाए तथा नियमित साफ-सफाई की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि लोगों को गंदगी और बीमारी के खतरे से राहत मिल सके।
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    जनपद बांदा के आकांक्षी विकास खंड कमासिन की ग्राम पंचायत कमासिन में साफ-सफाई व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है। गांव के विभिन्न मोहल्लों और सार्वजनिक स्थानों पर जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे हुए हैं। वायरल हो रहे वीडियो में देखा जा सकता है कि लंबे समय से कूड़ा नहीं उठाया गया है, जिससे आसपास गंदगी और दुर्गंध का माहौल बना हुआ है।

विद्यालयों के सामने भी जलभराव की स्थिति बनी हुई है। लगातार वायरल हो रहे वीडियो और स्थानीय लोगों की शिकायतों के बावजूद समस्या का समाधान नहीं किया जा रहा है। इससे विद्यालय आने-जाने वाले बच्चों, शिक्षकों और ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने कई बार संबंधित अधिकारियों से शिकायत की, लेकिन अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। कूड़े के ढेर से उठने वाली बदबू के कारण संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ गया है और लोग स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझ रहे हैं।

स्थानीय निवासी सुनील कुमार, बीएम शुक्ला, विजय कुमार, भोन्डी, बच्छराज सहित सीएनजी चालक रामबरन, विनोद कुमार, तथा अनन्त वर्मा ने जिला प्रशासन और संबंधित विभाग से मांग की है कि ग्राम पंचायत में तत्काल विशेष सफाई अभियान चलाकर कूड़े का निस्तारण कराया जाए, जलभराव की समस्या दूर की जाए तथा नियमित साफ-सफाई की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि लोगों को गंदगी और बीमारी के खतरे से राहत मिल सके।
    user_कुलदीप कुमार मिश्रा
    कुलदीप कुमार मिश्रा
    Photographer बांदा, बांदा, उत्तर प्रदेश•
    8 hrs ago
  • उत्तर प्रदेश के बांदा में नेशनल मीडिया प्रेस क्लब के जिलाध्यक्ष गिरजा शंकर अवस्थी के नेतृत्व में पत्रकारों और मीडिया कर्मियों ने प्रधानमंत्री के नाम संबोधित 7 सूत्रीय ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा। ज्ञापन में पत्रकारों की सुरक्षा, स्वास्थ्य, सामाजिक सुरक्षा और आर्थिक संरक्षण जैसी मूलभूत सुविधाओं की मांग की गई है। नेशनल मीडिया प्रेस क्लब ने केंद्र सरकार से पत्रकार सुरक्षा कानून लागू करने, पत्रकारों के लिए विशेष स्वास्थ्य बीमा और 'पत्रकार स्वास्थ्य कार्ड' जारी करने, वरिष्ठ पत्रकारों के लिए पेंशन और सामाजिक सुरक्षा योजना लागू करने, जीवन और दुर्घटना बीमा की व्यवस्था करने, फर्जी मुकदमों और उत्पीड़न पर रोक लगाने के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट का गठन करने, राष्ट्रीय मीडिया आयोग का गठन करने और छोटे एवं मंझोले समाचार पत्रों, पोर्टलों और मीडिया संस्थानों के लिए सरकारी विज्ञापनों का समान, पारदर्शी और समयबद्ध वितरण सुनिश्चित करने की मांग की है। जिलाध्यक्ष गिरजा शंकर अवस्थी ने कहा कि पत्रकार लोकतंत्र की मजबूती के लिए निरंतर कार्य कर रहे हैं और उनकी सुरक्षा, सम्मान और सामाजिक संरक्षण सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि केंद्र सरकार पत्रकार हित से जुड़ी इन मांगों पर गंभीरता से विचार कर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेगी। ज्ञापन जिलाधिकारी के माध्यम से भारत के माननीय प्रधानमंत्री को प्रेषित किया गया। नेशनल मीडिया प्रेस क्लब ने कहा कि यदि इन मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं लिया गया तो संगठन देशभर में लोकतांत्रिक तरीके से आगे की रणनीति तय करेगा।
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    उत्तर प्रदेश के बांदा में नेशनल मीडिया प्रेस क्लब के जिलाध्यक्ष गिरजा शंकर अवस्थी के नेतृत्व में पत्रकारों और मीडिया कर्मियों ने प्रधानमंत्री के नाम संबोधित 7 सूत्रीय ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा। ज्ञापन में पत्रकारों की सुरक्षा, स्वास्थ्य, सामाजिक सुरक्षा और आर्थिक संरक्षण जैसी मूलभूत सुविधाओं की मांग की गई है। नेशनल मीडिया प्रेस क्लब ने केंद्र सरकार से पत्रकार सुरक्षा कानून लागू करने, पत्रकारों के लिए विशेष स्वास्थ्य बीमा और 'पत्रकार स्वास्थ्य कार्ड' जारी करने, वरिष्ठ पत्रकारों के लिए पेंशन और सामाजिक सुरक्षा योजना लागू करने, जीवन और दुर्घटना बीमा की व्यवस्था करने, फर्जी मुकदमों और उत्पीड़न पर रोक लगाने के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट का गठन करने, राष्ट्रीय मीडिया आयोग का गठन करने और छोटे एवं मंझोले समाचार पत्रों, पोर्टलों और मीडिया संस्थानों के लिए सरकारी विज्ञापनों का समान, पारदर्शी और समयबद्ध वितरण सुनिश्चित करने की मांग की है।

जिलाध्यक्ष गिरजा शंकर अवस्थी ने कहा कि पत्रकार लोकतंत्र की मजबूती के लिए निरंतर कार्य कर रहे हैं और उनकी सुरक्षा, सम्मान और सामाजिक संरक्षण सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि केंद्र सरकार पत्रकार हित से जुड़ी इन मांगों पर गंभीरता से विचार कर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेगी। ज्ञापन जिलाधिकारी के माध्यम से भारत के माननीय प्रधानमंत्री को प्रेषित किया गया। नेशनल मीडिया प्रेस क्लब ने कहा कि यदि इन मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं लिया गया तो संगठन देशभर में लोकतांत्रिक तरीके से आगे की रणनीति तय करेगा।
    user_भारतसूत्र Live TV
    भारतसूत्र Live TV
    Social Media Manager अतर्रा, बांदा, उत्तर प्रदेश•
    3 hrs ago
  • बांदा के थाना जसपुरा क्षेत्र के ग्राम गड़रिया में सोमवार को पैतृक जमीन जोतने को लेकर दो पक्षों के बीच शुरू हुआ विवाद हिंसक टकराव में बदल गया। इस घटना में कई लोग घायल हो गए। क्षेत्र में गोली चलने की अफवाहें फैलीं, लेकिन पुलिस ने इन दावों को खारिज कर दिया। पुलिस ने बताया कि घायलों को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने किसी भी घायल में फायर इंजरी होने से इनकार किया। क्षेत्राधिकारी सदर सौरभ सिंह ने बताया कि यह मामला पैतृक जमीन के विवाद से जुड़ा है और पुलिस गहन जांच कर रही है। इस घटना से एक बार फिर यह याद दिलाता है कि जमीन के विवाद जब कानून की बजाय टकराव की राह पकड़ लेते हैं, तो सबसे पहले रिश्ते और फिर इंसान घायल होते हैं। पुलिस ने स्पष्ट किया कि अफवाहों पर भरोसा करने की बजाय तथ्यों और जांच पर भरोसा करना चाहिए।
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    बांदा के थाना जसपुरा क्षेत्र के ग्राम गड़रिया में सोमवार को पैतृक जमीन जोतने को लेकर दो पक्षों के बीच शुरू हुआ विवाद हिंसक टकराव में बदल गया। इस घटना में कई लोग घायल हो गए। क्षेत्र में गोली चलने की अफवाहें फैलीं, लेकिन पुलिस ने इन दावों को खारिज कर दिया। पुलिस ने बताया कि घायलों को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने किसी भी घायल में फायर इंजरी होने से इनकार किया। क्षेत्राधिकारी सदर सौरभ सिंह ने बताया कि यह मामला पैतृक जमीन के विवाद से जुड़ा है और पुलिस गहन जांच कर रही है। इस घटना से एक बार फिर यह याद दिलाता है कि जमीन के विवाद जब कानून की बजाय टकराव की राह पकड़ लेते हैं, तो सबसे पहले रिश्ते और फिर इंसान घायल होते हैं। पुलिस ने स्पष्ट किया कि अफवाहों पर भरोसा करने की बजाय तथ्यों और जांच पर भरोसा करना चाहिए।
    user_Amod Kumar
    Amod Kumar
    रिपोर्टर बांदा, बांदा, उत्तर प्रदेश•
    3 hrs ago
  • वायरल स्टंट या मौत का निमंत्रण? मवई बाईपास पर दौड़ती कारो ने कानून को दी खुली चुनौती बांदा। सड़कें सफर के लिए होती हैं, सनसनी फैलाने के लिए नहीं। लेकिन नगर कोतवाली क्षेत्र के मवई बाईपास पर कुछ युवकों ने शायद इस फर्क को भुला दिया। तेज रफ्तार कारों की छत पर बैठकर किए गए खतरनाक स्टंट का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ तो यह सिर्फ एक वीडियो नहीं रहा, बल्कि कानून, यातायात व्यवस्था और सामाजिक जिम्मेदारी पर कई असहज सवाल छोड़ गया।वीडियो में दो काली कारें तेज गति से दौड़ रही हैं। एक कार की छत पर काले कपड़ों में और दूसरी पर सफेद टी-शर्ट पहने युवक बेखौफ बैठे हैं। वे हाथ हिलाते हैं, पोज देते हैं, मानो सड़क नहीं किसी फिल्म का सेट हो। लेकिन हकीकत यह है कि एक मामूली झटका भी उनकी और दूसरे राहगीरों की जिंदगी को हमेशा के लिए बदल सकता था।सबसे चिंताजनक बात यह है कि सोशल मीडिया पर कुछ पल की वाहवाही पाने की चाह अब युवाओं को कानून और जीवन—दोनों से खिलवाड़ करने के लिए उकसा रही है। यह साहस नहीं, लापरवाही है; रोमांच नहीं, दुर्घटना को खुला निमंत्रण है।घटना का वीडियो सामने आने के बाद लोगों में स्वाभाविक आक्रोश है। सवाल उठ रहे हैं कि आखिर इतने व्यस्त मार्ग पर यह सब होता रहा और कानून की निगरानी कहां थी? यदि ऐसे मामलों में समय रहते कठोर कार्रवाई नहीं होती, तो यह संदेश जाएगा कि सड़क पर नियमों से अधिक वायरल होने की होड़ का राज है।जरूरत सिर्फ इन युवकों पर कार्रवाई की नहीं, बल्कि ऐसे हर कृत्य के खिलाफ स्पष्ट और कड़ा संदेश देने की है। क्योंकि सड़क पर किया गया एक स्टंट केवल स्टंटबाज की जान को नहीं, बल्कि उन अनगिनत निर्दोष लोगों की सुरक्षा को भी खतरे में डाल देता है, जिनका उस लापरवाही से कोई लेना-देना नहीं होता। कानून का भय और जिम्मेदारी का बोध—दोनों साथ रहेंगे, तभी सड़कें सुरक्षित रहेंगी।
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    वायरल स्टंट या मौत का निमंत्रण? मवई बाईपास पर दौड़ती कारो ने कानून को दी खुली चुनौती 
बांदा। सड़कें सफर के लिए होती हैं, सनसनी फैलाने के लिए नहीं। लेकिन नगर कोतवाली क्षेत्र के मवई बाईपास पर कुछ युवकों ने शायद इस फर्क को भुला दिया। तेज रफ्तार कारों की छत पर बैठकर किए गए खतरनाक स्टंट का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ तो यह सिर्फ एक वीडियो नहीं रहा, बल्कि कानून, यातायात व्यवस्था और सामाजिक जिम्मेदारी पर कई असहज सवाल छोड़ गया।वीडियो में दो काली कारें तेज गति से दौड़ रही हैं। एक कार की छत पर काले कपड़ों में और दूसरी पर सफेद टी-शर्ट पहने युवक बेखौफ बैठे हैं। वे हाथ हिलाते हैं, पोज देते हैं, मानो सड़क नहीं किसी फिल्म का सेट हो। लेकिन हकीकत यह है कि एक मामूली झटका भी उनकी और दूसरे राहगीरों की जिंदगी को हमेशा के लिए बदल सकता था।सबसे चिंताजनक बात यह है कि सोशल मीडिया पर कुछ पल की वाहवाही पाने की चाह अब युवाओं को कानून और जीवन—दोनों से खिलवाड़ करने के लिए उकसा रही है। यह साहस नहीं, लापरवाही है; रोमांच नहीं, दुर्घटना को खुला निमंत्रण है।घटना का वीडियो सामने आने के बाद लोगों में स्वाभाविक आक्रोश है। सवाल उठ रहे हैं कि आखिर इतने व्यस्त मार्ग पर यह सब होता रहा और कानून की निगरानी कहां थी? यदि ऐसे मामलों में समय रहते कठोर कार्रवाई नहीं होती, तो यह संदेश जाएगा कि सड़क पर नियमों से अधिक वायरल होने की होड़ का राज है।जरूरत सिर्फ इन युवकों पर कार्रवाई की नहीं, बल्कि ऐसे हर कृत्य के खिलाफ स्पष्ट और कड़ा संदेश देने की है। क्योंकि सड़क पर किया गया एक स्टंट केवल स्टंटबाज की जान को नहीं, बल्कि उन अनगिनत निर्दोष लोगों की सुरक्षा को भी खतरे में डाल देता है, जिनका उस लापरवाही से कोई लेना-देना नहीं होता। कानून का भय और जिम्मेदारी का बोध—दोनों साथ रहेंगे, तभी सड़कें सुरक्षित रहेंगी।
    user_Amod Kumar
    Amod Kumar
    रिपोर्टर बांदा, बांदा, उत्तर प्रदेश•
    2 hrs ago
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