कुदरत का कहर: मोहम्मदी खीरी में आसमानी आफत ने मचाई तबाही, ओलों की मार से कराह उठा अन्नदाता! मोहम्मदी-खीरी। कुदरत का कहर: मोहम्मदी खीरी में आसमानी आफत ने मचाई तबाही, ओलों की मार से कराह उठा अन्नदाता! मोहम्मदी-खीरी। इंसान अपनी प्लानिंग करता रह गया और ऊपर वाले ने अपनी इबारत लिख दी। रविवार को मोहम्मदी और आसपास के इलाकों में मौसम ने ऐसा खौफनाक यू-टर्न लिया कि खुशहाली की उम्मीद लगाए बैठे किसानों के चेहरों पर हवाइयां उड़ने लगीं। चिलचिलाती धूप की जगह अचानक काली घटाओं ने डेरा डाला और देखते ही देखते 'सफेद मौत' यानी ओलों की ऐसी बारिश हुई कि खेतों में खड़ी सोना उगलती फसलें मिट्टी में मिल गईं। तेज आंधी और बारिश का 'डेडली कॉम्बो' दोपहर के वक्त अचानक मौसम का मिजाज बिगड़ा। धूल भरी तेज आंधी ने पूरे इलाके को अपनी आगोश में ले लिया। विजिबिलिटी इतनी कम हो गई कि सड़कों पर गाड़ियों की रफ्तार थम गई। लेकिन असली खेल तो उसके बाद शुरू हुआ। आंधी के साथ आई मूसलाधार बारिश और फिर शुरू हुआ बड़े-बड़े ओलों का तांडव। लगभग आधे घंटे तक गिरे इन ओलों ने मोहम्मदी क्षेत्र के कई गांवों में कुदरत का ऐसा कहर बरपाया कि हर तरफ तबाही के निशान नजर आने लगे। गेहूं की 'सुनहरी उम्मीद' पर फिरा पानी सबसे ज्यादा मार गेहूं की फसल पर पड़ी है। जो फसल पककर तैयार होने की कगार पर थी और जिसे देखकर किसान अपनी बिटिया की शादी या कर्ज चुकाने के सपने बुन रहा था, वो अब जमीन पर बिछी नजर आ रही है। जानकारों की मानें तो: * गेहूं: तेज हवा और ओलों की वजह से दाने झड़ गए हैं और फसल गिर गई है, जिससे उत्पादन में भारी गिरावट तय है। * सरसों: कटी रखी या तैयार सरसों की फलियां टूटकर बिखर गई हैं। * आम और बागवानी: आम के बागों में आए बौर (फूल) और छोटी अमिया को इस आंधी-ओले ने बुरी तरह झकझोर दिया है, जिससे बागवानों को भी लाखों का चूना लगना तय है। सन्नाटे में डूबा अन्नदाता खेतों की मेढ़ पर खड़ा किसान आज बेबस है। मोहम्मदी के प्रभावित गांवों के किसानों का कहना है कि उन्होंने साल भर खून-पसीना एक करके फसल तैयार की थी, लेकिन कुदरत के इस 'मसालेदार' सितम ने उनकी कमर तोड़ दी है। बारिश के कारण खेतों में जलभराव की स्थिति है, जिससे बची-कुची फसल के भी सड़ने का डर सता रहा है। > "ऐसा मंजर पहले कभी नहीं देखा। ओले नहीं गिर रहे थे, लग रहा था जैसे पत्थर बरस रहे हों। अब सरकार से ही मुआवजे की आस है, वरना हम तो बर्बाद हो गए।" — एक स्थानीय किसान > अब सबकी निगाहें शासन और प्रशासन की ओर टिकी हैं। किसानों ने मांग की है कि जल्द से जल्द फसलों के नुकसान का सर्वे कराया जाए और उन्हें उचित मुआवजा दिया जाए। अगर समय रहते मदद न मिली, तो मोहम्मदी का किसान इस आर्थिक चोट से शायद ही उबर पाए। फिलहाल, आसमान में अभी भी बादल छाए हुए हैं और किसानों की धड़कनें तेज हैं कि कहीं कुदरत का ये गुस्सा दोबारा न फूट पड़े।
कुदरत का कहर: मोहम्मदी खीरी में आसमानी आफत ने मचाई तबाही, ओलों की मार से कराह उठा अन्नदाता! मोहम्मदी-खीरी। कुदरत का कहर: मोहम्मदी खीरी में आसमानी आफत ने मचाई तबाही, ओलों की मार से कराह उठा अन्नदाता! मोहम्मदी-खीरी। इंसान अपनी प्लानिंग करता रह गया और ऊपर वाले ने अपनी इबारत लिख दी। रविवार को मोहम्मदी और आसपास के इलाकों में मौसम ने ऐसा खौफनाक यू-टर्न लिया कि खुशहाली की उम्मीद लगाए बैठे किसानों के चेहरों पर हवाइयां उड़ने लगीं। चिलचिलाती धूप की जगह अचानक काली घटाओं ने डेरा डाला और देखते ही देखते 'सफेद मौत' यानी ओलों की ऐसी बारिश हुई कि खेतों में खड़ी सोना उगलती फसलें मिट्टी में मिल गईं। तेज आंधी और बारिश का 'डेडली कॉम्बो' दोपहर के वक्त अचानक मौसम का मिजाज बिगड़ा। धूल भरी तेज आंधी ने पूरे इलाके को अपनी आगोश में ले लिया। विजिबिलिटी इतनी कम हो गई कि सड़कों पर गाड़ियों की रफ्तार थम गई। लेकिन असली खेल तो उसके बाद शुरू हुआ। आंधी के साथ आई मूसलाधार बारिश और फिर शुरू
हुआ बड़े-बड़े ओलों का तांडव। लगभग आधे घंटे तक गिरे इन ओलों ने मोहम्मदी क्षेत्र के कई गांवों में कुदरत का ऐसा कहर बरपाया कि हर तरफ तबाही के निशान नजर आने लगे। गेहूं की 'सुनहरी उम्मीद' पर फिरा पानी सबसे ज्यादा मार गेहूं की फसल पर पड़ी है। जो फसल पककर तैयार होने की कगार पर थी और जिसे देखकर किसान अपनी बिटिया की शादी या कर्ज चुकाने के सपने बुन रहा था, वो अब जमीन पर बिछी नजर आ रही है। जानकारों की मानें तो: * गेहूं: तेज हवा और ओलों की वजह से दाने झड़ गए हैं और फसल गिर गई है, जिससे उत्पादन में भारी गिरावट तय है। * सरसों: कटी रखी या तैयार सरसों की फलियां टूटकर बिखर गई हैं। * आम और बागवानी: आम के बागों में आए बौर (फूल) और छोटी अमिया को इस आंधी-ओले ने बुरी तरह झकझोर दिया है, जिससे बागवानों को भी लाखों का चूना लगना तय है। सन्नाटे में डूबा अन्नदाता खेतों की मेढ़ पर खड़ा किसान आज बेबस है।
मोहम्मदी के प्रभावित गांवों के किसानों का कहना है कि उन्होंने साल भर खून-पसीना एक करके फसल तैयार की थी, लेकिन कुदरत के इस 'मसालेदार' सितम ने उनकी कमर तोड़ दी है। बारिश के कारण खेतों में जलभराव की स्थिति है, जिससे बची-कुची फसल के भी सड़ने का डर सता रहा है। > "ऐसा मंजर पहले कभी नहीं देखा। ओले नहीं गिर रहे थे, लग रहा था जैसे पत्थर बरस रहे हों। अब सरकार से ही मुआवजे की आस है, वरना हम तो बर्बाद हो गए।" — एक स्थानीय किसान > अब सबकी निगाहें शासन और प्रशासन की ओर टिकी हैं। किसानों ने मांग की है कि जल्द से जल्द फसलों के नुकसान का सर्वे कराया जाए और उन्हें उचित मुआवजा दिया जाए। अगर समय रहते मदद न मिली, तो मोहम्मदी का किसान इस आर्थिक चोट से शायद ही उबर पाए। फिलहाल, आसमान में अभी भी बादल छाए हुए हैं और किसानों की धड़कनें तेज हैं कि कहीं कुदरत का ये गुस्सा दोबारा न फूट पड़े।
- लखीमपुर खीरी में गैस सिलेंडर को लेकर संकट गहराता जा रहा है। भारत गैस एजेंसी पर पिछले 15–20 दिनों से लंबी कतारें लग रही हैं और उपभोक्ता सिलेंडर न मिलने से परेशान हैं। लोगों ने सप्लाई में कमी और कालाबाजारी के आरोप लगाए हैं, जबकि प्रशासन का कहना है कि सिर्फ आपूर्ति में देरी हुई है और जल्द स्थिति सामान्य की जा रही है।1
- खुर्शीद आलम लखीमपुर खीरी जिले में हमेशा कुछ नई परंपरा की शुरुआत करने वाले भाजपा नेता रवि गुप्ता ने एक नई परंपरा की फिर की शुरुआत! भारतीय जनता पार्टी जनपद लखीमपुर खीरी के नवनिर्वाचित जिला अध्यक्ष श्री अरविंद गुप्ता जी के पलिया विधानसभा प्रथम आगमन पर वरिष्ठ भाजपा नेता रवि गुप्ता ने अपनी पूरी टीम के साथ पलिया शहर के मेला गेट पर सैकड़ों लोगों के हुजूम के बीच कांटे पर जिला अध्यक्ष जी को बैठाकर 111 किलो लड्डू से तौलकर पगड़ी पहनाकर भयंकर पुष्प वर्षा कर ढोल नगाड़ों से बहुत ही शानदार और ऐतिहासिक स्वागत किया!लोगों में चर्चा है कि जिला अध्यक्ष जी का लखीमपुर जनपद का सबसे शानदार स्वागत भाजपा नेता रवि गुप्ता द्वारा पलिया में अपनी पूरी टीम के साथ किया गया!स्वागत कार्यक्रम में पलिया विधानसभा एवं लखीमपुर जनपद से आए हुए तमाम कार्यकर्ता एवं पदाधिकारियों के साथ ही शहर व क्षेत्र के नामी गिरामी लोग मौजूद रहे! स्वागत कार्यक्रम के बाद पूरा जनसमूह प्राचीन हनुमान मठिया मंदिर द्वारा आयोजित कन्याओं के विवाह में शामिल हुआ जहां पर सभी ने वर वधु को शुभकामनाएं प्रेषित की!3
- दुधवा टाइगर रिजर्व में जंगल सफारी के दौरान पर्यटकों को उस समय खासा रोमांच अनुभव हुआ, जब एक भालू खुले जंगल में कुलाचें मारता एवं चहलकदमी करता टाइगर नजर आया। भालू की चंचल हरकतों को देखकर पर्यटक उत्साहित हो उठे और इस अनोखे नजारे का भरपूर आनंद लिया। सफारी के दौरान टैक्सी चालक गोपाल और गाइड सौरभ ने भालू और टाइगर की गतिविधियों को अपने मोबाइल में कैद कर लिया। भालू कुछ देर तक जंगल में इधर-उधर दौड़ता और उछल-कूद करता रहा। पास में ही टाइगर भी दिखाई दिया। टाइगर और भालू को एक साथ देखकर पर्यटकों में खासा उत्साह देखने को मिला। वन क्षेत्र में इन दिनों वन्यजीवों की सक्रियता बढ़ी हुई है। जंगल सफारी के दौरान पर्यटकों को प्रतिदिन विभिन्न वन्यजीवों के दीदार हो रहे हैं, जिससे दुधवा आने वाले सैलानियों की संख्या में भी इजाफा हो रहा है। दुधवा के डिप्टी डायरेक्टर जगदीश आर ने बताया कि मौसम अनुकूल होने के चलते वन्यजीव अधिक संख्या में बाहर निकल रहे हैं, जिससे पर्यटकों को प्राकृतिक वातावरण में वन्यजीवों को करीब से देखने का अवसर मिल रहा है। गाइड सौरभ ने बताया कि इस समय जंगल सफारी के दौरान हर दिन वन्यजीवों के दीदार हो जाते हैं। आज उन्होंने भालू और टाइगर की पूरी गतिविधि अपने मोबाइल में कैद की है।1
- Post by संदीप कुमार शर्मा1
- ASTv24 digital शाहिद लखाही बताया जा रहा है कि एसडीएम द्वारा पहले पैमाइश के आदेश दिए गए थे, लेकिन बाद में उसे रोक दिया गया, जिस पर विधायक ने एक किसान के पक्ष में पैमाइश कराने की सिफारिश की मौके पर पहुंची टीम को भी एसडीएम द्वारा फोन कर वापस बुला लिया गया, जिससे विवाद और बढ़ गया जनसुनवाई के दौरान हुई बहस में नायब तहसीलदार के हस्तक्षेप पर विधायक ने उन्हें भी फटकार लगाई1
- Post by Lakhimpur Kheri दस्तक1
- Post by खीरी न्यूज़ अपडेट1
- पलिया-सम्पूर्णानगर रोड पर स्थित ग्राम बमनगर में एक ट्रैक्टर-ट्राली अनियंत्रित होकर पलट गया। गनीमत रही कि हादसे में कोई हताहत नहीं हुआ, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। बताया जा रहा है कि सामने से तेज गति से आ रहे एक वाहन को बचाने के कारण ट्रैक्टर अनियंत्रित हो गया और वाहन सड़क किनारे पलट गया। दुर्घटना होते ही आसपास के लोग मौके पर पहुंच गए और देखते ही देखते वहां भीड़ जमा हो गई। स्थानीय लोगों के अनुसार, सड़क पर अचानक नियंत्रण बिगड़ने के कारण यह हादसा हुआ। घटना के बाद कुछ समय के लिए मार्ग पर आवागमन प्रभावित रहा, जो बाद में सामान्य हो गया। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि इस मार्ग पर यातायात नियमों का कड़ाई से पालन कराया जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके।1
- थाना कोतवाली सदर क्षेत्रांतर्गत स्वयं के द्वारा गोली लगने से युवक की मृत्यु के संबंध में सहायक पुलिस अधीक्षक/क्षेत्राधिकारी सदर, श्री विवेक कुमार तिवारी की बाइट*1