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बिहार के वैशाली जिले से एक बेहद चौंकाने वाली और रूह कंपाने वाली खबर सामने आई है, जहाँ 33 साल पुराने एक जानलेवा हमले के मामले में 84 वर्षीय दीप राय नाम के एक बुजुर्ग को जेल भेज दिया गया है। जिस उम्र में इंसान को अपनों के सहारे की जरूरत होती है, उस बुढ़ापे में उन्हें सलाखों के पीछे जाना पड़ा है। यह मामला 1992 का है, जब दीप राय ने अपनी जवानी के जोश में एक विवाद के दौरान गोलीबारी की थी। केस चला, गवाह बदले, और अब 33 साल बाद कोर्ट ने उन्हें दोषी करार दिया है। इस केस के अन्य चार आरोपी पहले ही दुनिया छोड़ चुके हैं, लेकिन दीप राय अकेले कानून के कटघरे में खड़े रह गए। उनकी शारीरिक स्थिति इतनी कमजोर है कि उन्हें कोर्ट से बाहर निकालने के लिए दो लोगों का सहारा लेना पड़ा। इस घटना को देखकर हर कोई स्तब्ध है, और यह टिप्पणी कर रहा है कि कानून अंधा नहीं होता। जवानी का यह कांड अब बुढ़ापे में पछतावा और नर्क बनकर सामने आया है, जो बताता है कि समय बीतने के बाद भी कर्मों का फल मिलता है।

1 hr ago
user_THE LIVE Munger
THE LIVE Munger
तारापुर, मुंगेर, बिहार•
1 hr ago

बिहार के वैशाली जिले से एक बेहद चौंकाने वाली और रूह कंपाने वाली खबर सामने आई है, जहाँ 33 साल पुराने एक जानलेवा हमले के मामले में 84 वर्षीय दीप राय नाम के एक बुजुर्ग को जेल भेज दिया गया है। जिस उम्र में इंसान को अपनों के सहारे की जरूरत होती है, उस बुढ़ापे में उन्हें सलाखों के पीछे जाना पड़ा है। यह मामला 1992 का है, जब दीप राय ने अपनी जवानी के जोश में एक विवाद के दौरान गोलीबारी की थी। केस चला, गवाह बदले, और अब 33 साल बाद कोर्ट ने उन्हें दोषी करार दिया है। इस केस के अन्य चार आरोपी पहले ही दुनिया छोड़ चुके हैं, लेकिन दीप राय अकेले कानून के कटघरे में खड़े रह गए। उनकी शारीरिक स्थिति इतनी कमजोर है कि उन्हें कोर्ट से बाहर निकालने के लिए दो लोगों का सहारा लेना पड़ा। इस घटना को देखकर हर कोई स्तब्ध है, और यह टिप्पणी कर रहा है कि कानून अंधा नहीं होता। जवानी का यह कांड अब बुढ़ापे में पछतावा और नर्क बनकर सामने आया है, जो बताता है कि समय बीतने के बाद भी कर्मों का फल मिलता है।

More news from बिहार and nearby areas
  • बांका जिले के चांदन प्रखंड में निगरानी अन्वेषण ब्यूरो (विजिलेंस) ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए भूमि सर्वेक्षण विभाग के सर्वेयर अमीन आदित्य कुमार को रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। असोढ़ा पंचायत के दिग्घिबारी गांव निवासी दिनेश मंडल की शिकायत पर हुई यह कार्रवाई मंगलवार को चांदन-कटोरिया मुख्य मार्ग पर चांदन नदी पुल के पास एक डेरा में जाल बिछाकर की गई। आरोपी अमीन ने दिनेश मंडल से ₹10,000 की रिश्वत मांगी थी, जिसमें से ₹8,500 लेते हुए उसे दबोच लिया गया। गिरफ्तारी के बाद निगरानी विभाग की टीम आदित्य कुमार को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए पटना ले गई है। यह मामला दिग्घिबारी गांव निवासी दिनेश मंडल की जमीन से संबंधित अभिलेख में नाम और पिता के नाम में त्रुटि से जुड़ा है। आरोप है कि सर्वेयर अमीन आदित्य कुमार ने इस त्रुटि को सुधारने के एवज में ₹10,000 रिश्वत की मांग की थी। शिकायतकर्ता द्वारा कई बार आग्रह करने के बावजूद कार्य नहीं किया गया और रिश्वत की मांग जारी रही, जिससे परेशान होकर दिनेश मंडल ने निगरानी अन्वेषण ब्यूरो, पटना में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत मिलने पर विभाग ने मामले की गुप्त जांच कराई, जिसमें आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए गए। इसके बाद निगरानी विभाग ने डीएसपी के नेतृत्व में लगभग 15 सदस्यीय एक विशेष टीम गठित कर कार्रवाई की योजना बनाई। गिरफ्तारी के दौरान आरोपी अमीन ने मौके से भागने का प्रयास भी किया, लेकिन चारों ओर तैनात निगरानी विभाग की टीम ने उसे तुरंत पकड़ लिया। स्थानीय लोगों के अनुसार, चांदन प्रखंड में भूमि सर्वे, जमाबंदी, नक्शा और कागजी त्रुटि सुधार के नाम पर अवैध वसूली की शिकायतें पहले भी आती रही हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि इन शिकायतों पर पहले केवल खानापूर्ति की जाती रही है और निष्पक्ष जांच के अभाव में ऐसी स्थिति बार-बार उत्पन्न हुई है। इस बार एक जागरूक किसान दिनेश मंडल की सूझबूझ और साहस के कारण मामला निगरानी विभाग तक पहुंचा और आरोपी अमीन रंगे हाथ पकड़ा गया। यह कार्रवाई हाल के दिनों में बांका जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ निगरानी विभाग की लगातार हो रही कार्यवाहियों की कड़ी का हिस्सा है, जिसने आम लोगों के बीच चर्चा छेड़ दी है। अब लोगों की नजर इस बात पर है कि क्या यह जांच केवल एक अमीन तक सीमित रहेगी या भूमि सर्वे और राजस्व कार्यों से जुड़े अन्य मामलों की भी निष्पक्ष जांच की जाएगी। फिलहाल निगरानी विभाग मामले की जांच में जुटा हुआ है और आगे और खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।
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    बांका जिले के चांदन प्रखंड में निगरानी अन्वेषण ब्यूरो (विजिलेंस) ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए भूमि सर्वेक्षण विभाग के सर्वेयर अमीन आदित्य कुमार को रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। असोढ़ा पंचायत के दिग्घिबारी गांव निवासी दिनेश मंडल की शिकायत पर हुई यह कार्रवाई मंगलवार को चांदन-कटोरिया मुख्य मार्ग पर चांदन नदी पुल के पास एक डेरा में जाल बिछाकर की गई। आरोपी अमीन ने दिनेश मंडल से ₹10,000 की रिश्वत मांगी थी, जिसमें से ₹8,500 लेते हुए उसे दबोच लिया गया। गिरफ्तारी के बाद निगरानी विभाग की टीम आदित्य कुमार को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए पटना ले गई है।

यह मामला दिग्घिबारी गांव निवासी दिनेश मंडल की जमीन से संबंधित अभिलेख में नाम और पिता के नाम में त्रुटि से जुड़ा है। आरोप है कि सर्वेयर अमीन आदित्य कुमार ने इस त्रुटि को सुधारने के एवज में ₹10,000 रिश्वत की मांग की थी। शिकायतकर्ता द्वारा कई बार आग्रह करने के बावजूद कार्य नहीं किया गया और रिश्वत की मांग जारी रही, जिससे परेशान होकर दिनेश मंडल ने निगरानी अन्वेषण ब्यूरो, पटना में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत मिलने पर विभाग ने मामले की गुप्त जांच कराई, जिसमें आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए गए। इसके बाद निगरानी विभाग ने डीएसपी के नेतृत्व में लगभग 15 सदस्यीय एक विशेष टीम गठित कर कार्रवाई की योजना बनाई।

गिरफ्तारी के दौरान आरोपी अमीन ने मौके से भागने का प्रयास भी किया, लेकिन चारों ओर तैनात निगरानी विभाग की टीम ने उसे तुरंत पकड़ लिया। स्थानीय लोगों के अनुसार, चांदन प्रखंड में भूमि सर्वे, जमाबंदी, नक्शा और कागजी त्रुटि सुधार के नाम पर अवैध वसूली की शिकायतें पहले भी आती रही हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि इन शिकायतों पर पहले केवल खानापूर्ति की जाती रही है और निष्पक्ष जांच के अभाव में ऐसी स्थिति बार-बार उत्पन्न हुई है। इस बार एक जागरूक किसान दिनेश मंडल की सूझबूझ और साहस के कारण मामला निगरानी विभाग तक पहुंचा और आरोपी अमीन रंगे हाथ पकड़ा गया।

यह कार्रवाई हाल के दिनों में बांका जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ निगरानी विभाग की लगातार हो रही कार्यवाहियों की कड़ी का हिस्सा है, जिसने आम लोगों के बीच चर्चा छेड़ दी है। अब लोगों की नजर इस बात पर है कि क्या यह जांच केवल एक अमीन तक सीमित रहेगी या भूमि सर्वे और राजस्व कार्यों से जुड़े अन्य मामलों की भी निष्पक्ष जांच की जाएगी। फिलहाल निगरानी विभाग मामले की जांच में जुटा हुआ है और आगे और खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।
    user_Umakant poddar 9709500512
    Umakant poddar 9709500512
    Software Developer बांका, बांका, बिहार•
    5 hrs ago
  • बिहार पुलिस मुख्यालय के कड़े निर्देशों के बावजूद, भागलपुर में कुछ महिला पुलिसकर्मियों द्वारा वर्दी पहनकर रील बनाने का मामला सामने आया है। पुलिस मुख्यालय ने हाल ही में सभी पुलिसकर्मियों को साफ तौर पर कहा था कि वर्दी में सोशल मीडिया वीडियो या रील बनाना अनुशासनहीनता माना जाएगा और ऐसे मामलों में संबंधित कर्मियों पर विभागीय कार्रवाई की जाएगी। तेजी से वायरल हो रहे एक वीडियो में ये महिला पुलिसकर्मी अपनी ड्यूटी के दौरान रील बनाती दिख रही हैं। बताया जा रहा है कि यह वीडियो भागलपुर के बरारी थाना क्षेत्र के बरारी गंगा घाट के आसपास का है। इस वीडियो के सामने आने के बाद पुलिस विभाग द्वारा जारी किए गए निर्देशों के पालन पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। हालांकि, अभी तक इस वायरल वीडियो की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन यदि जांच में यह मामला सही पाया जाता है, तो इन महिला पुलिसकर्मियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जा सकती है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि पुलिस मुख्यालय और जिला पुलिस प्रशासन इस पूरे प्रकरण पर क्या अगला कदम उठाते हैं।
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    बिहार पुलिस मुख्यालय के कड़े निर्देशों के बावजूद, भागलपुर में कुछ महिला पुलिसकर्मियों द्वारा वर्दी पहनकर रील बनाने का मामला सामने आया है। पुलिस मुख्यालय ने हाल ही में सभी पुलिसकर्मियों को साफ तौर पर कहा था कि वर्दी में सोशल मीडिया वीडियो या रील बनाना अनुशासनहीनता माना जाएगा और ऐसे मामलों में संबंधित कर्मियों पर विभागीय कार्रवाई की जाएगी।

तेजी से वायरल हो रहे एक वीडियो में ये महिला पुलिसकर्मी अपनी ड्यूटी के दौरान रील बनाती दिख रही हैं। बताया जा रहा है कि यह वीडियो भागलपुर के बरारी थाना क्षेत्र के बरारी गंगा घाट के आसपास का है। इस वीडियो के सामने आने के बाद पुलिस विभाग द्वारा जारी किए गए निर्देशों के पालन पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं।

हालांकि, अभी तक इस वायरल वीडियो की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन यदि जांच में यह मामला सही पाया जाता है, तो इन महिला पुलिसकर्मियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जा सकती है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि पुलिस मुख्यालय और जिला पुलिस प्रशासन इस पूरे प्रकरण पर क्या अगला कदम उठाते हैं।
    user_Sushil rajak
    Sushil rajak
    Jagdishpur, Bhagalpur•
    8 hrs ago
  • खगड़िया में सदर विधायक बबलू कुमार मंडल ने सोमवार को भदास दक्षिणी पंचायत के त्रिभुवन टोला का दौरा किया, जहाँ उन्होंने स्थानीय लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुना। ग्रामीणों ने उन्हें बिजली आपूर्ति बाधित होने और जर्जर सड़क जैसी मूलभूत सुविधाओं से जुड़ी अपनी परेशानियों से अवगत कराया। ग्रामीणों ने बताया कि पिछले पाँच दिनों से क्षेत्र में बिजली आपूर्ति ठप है, जिससे भीषण गर्मी के बीच जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए विधायक बबलू मंडल ने तत्काल बिजली विभाग के कार्यपालक अभियंता से दूरभाष पर बात की और उन्हें शीघ्र विद्युत व्यवस्था बहाल करने का निर्देश दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि आम जनता की सुविधा से जुड़े मामलों में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। निरीक्षण के दौरान, ग्रामीणों ने त्रिभुवन टोला में सड़क की जर्जर स्थिति की ओर भी विधायक का ध्यान आकर्षित कराया, जिसके कारण आवागमन में कठिनाइयाँ हो रही हैं। इस पर विधायक ने जानकारी दी कि उक्त सड़क समस्तीपुर रेलवे मंडल के अधिकार क्षेत्र में आती है, और उन्होंने रेलवे के संबंधित अभियंताओं से बातचीत कर सड़क निर्माण की दिशा में आवश्यक पहल शुरू करने का आग्रह किया। विधायक बबलू मंडल ने इस बात पर जोर दिया कि क्षेत्र का विकास और जनता की समस्याओं का समाधान उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने मौके पर मौजूद अधिकारियों को निर्देश दिया कि लोगों की छोटी-बड़ी समस्याओं का त्वरित निष्पादन सुनिश्चित किया जाए, ताकि आम लोगों को अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। इस अवसर पर बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण उपस्थित रहे और अपनी समस्याएँ विधायक के समक्ष रखीं, उम्मीद जताते हुए कि उनके हस्तक्षेप से क्षेत्र की समस्याओं का शीघ्र समाधान होगा।
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    खगड़िया में सदर विधायक बबलू कुमार मंडल ने सोमवार को भदास दक्षिणी पंचायत के त्रिभुवन टोला का दौरा किया, जहाँ उन्होंने स्थानीय लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुना। ग्रामीणों ने उन्हें बिजली आपूर्ति बाधित होने और जर्जर सड़क जैसी मूलभूत सुविधाओं से जुड़ी अपनी परेशानियों से अवगत कराया।

ग्रामीणों ने बताया कि पिछले पाँच दिनों से क्षेत्र में बिजली आपूर्ति ठप है, जिससे भीषण गर्मी के बीच जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए विधायक बबलू मंडल ने तत्काल बिजली विभाग के कार्यपालक अभियंता से दूरभाष पर बात की और उन्हें शीघ्र विद्युत व्यवस्था बहाल करने का निर्देश दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि आम जनता की सुविधा से जुड़े मामलों में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। निरीक्षण के दौरान, ग्रामीणों ने त्रिभुवन टोला में सड़क की जर्जर स्थिति की ओर भी विधायक का ध्यान आकर्षित कराया, जिसके कारण आवागमन में कठिनाइयाँ हो रही हैं। इस पर विधायक ने जानकारी दी कि उक्त सड़क समस्तीपुर रेलवे मंडल के अधिकार क्षेत्र में आती है, और उन्होंने रेलवे के संबंधित अभियंताओं से बातचीत कर सड़क निर्माण की दिशा में आवश्यक पहल शुरू करने का आग्रह किया।

विधायक बबलू मंडल ने इस बात पर जोर दिया कि क्षेत्र का विकास और जनता की समस्याओं का समाधान उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने मौके पर मौजूद अधिकारियों को निर्देश दिया कि लोगों की छोटी-बड़ी समस्याओं का त्वरित निष्पादन सुनिश्चित किया जाए, ताकि आम लोगों को अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। इस अवसर पर बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण उपस्थित रहे और अपनी समस्याएँ विधायक के समक्ष रखीं, उम्मीद जताते हुए कि उनके हस्तक्षेप से क्षेत्र की समस्याओं का शीघ्र समाधान होगा।
    user_GAUTAM KUMAR
    GAUTAM KUMAR
    परबत्ता, खगड़िया, बिहार•
    14 hrs ago
  • मुंगेर से एक महत्वपूर्ण न्यायिक मामला सामने आया है, जहाँ अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश-7 की अदालत ने मुफस्सिल थाना के थानाध्यक्ष विपिन कुमार सिंह के खिलाफ गैरजमानती वारंट जारी किया है। यह सख्त कार्रवाई न्यायालय के आदेशों का लगातार अनुपालन नहीं करने और बार-बार निर्देश दिए जाने के बावजूद आवश्यक रिपोर्ट प्रस्तुत नहीं करने के कारण की गई है। मुंगेर न्यायालय के अधिवक्ता ओम प्रकाश पोद्दार ने बताया कि अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश-7 संतोष कुमार-2 की अदालत ने 1 जून को यह आदेश जारी करते हुए पुलिस अधीक्षक को आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। यह मामला मुफस्सिल थाना कांड संख्या 157/2010 एवं सेशन वाद संख्या 92/2011 से जुड़ा है। अदालत ने सबसे पहले 9 अप्रैल को मुख्य अभियुक्त मो. सत्तार के मृत्यु प्रतिवेदन की मांग की थी। इस आदेश का पालन नहीं होने पर 8 मई को थानाध्यक्ष को शो-कॉज नोटिस जारी किया गया। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर 13 मई को जमानती वारंट जारी किया गया। इसके बाद भी, 20 मई को न्यायालय ने पुलिस अधीक्षक और मुफस्सिल थानाध्यक्ष को आदेश की प्रति भेजकर स्पष्ट चेतावनी दी थी कि अदालत अपने आदेशों की अवहेलना पर मूकदर्शक नहीं बनी रहेगी। इन सभी निर्देशों और चेतावनियों के बावजूद आवश्यक प्रतिवेदन प्रस्तुत नहीं किए जाने पर अदालत ने सख्त रुख अपनाते हुए थानाध्यक्ष के खिलाफ गैरजमानती वारंट जारी कर दिया। गौरतलब है कि वर्ष 2010 में तत्कालीन मुफस्सिल थानाध्यक्ष प्रवेंद्र भारती ने गुप्त सूचना के आधार पर बाकरपुर गांव में मो. सत्तार के घर छापेमारी की थी। इस छापेमारी के दौरान 49 बोरा अमोनियम नाइट्रेट, 100 डेटोनेटर, 2750 मीटर फ्यूज वायर और 2725 जिलेटिन स्टिक बरामद किए गए थे। इस मामले में तीन लोगों को नामजद अभियुक्त बनाया गया था, जिनमें मो. सत्तार मुख्य अभियुक्त था। अदालत उसी मो. सत्तार की मृत्यु हो जाने के संबंध में मृत्यु प्रतिवेदन की मांग कर रही थी।
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    मुंगेर से एक महत्वपूर्ण न्यायिक मामला सामने आया है, जहाँ अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश-7 की अदालत ने मुफस्सिल थाना के थानाध्यक्ष विपिन कुमार सिंह के खिलाफ गैरजमानती वारंट जारी किया है। यह सख्त कार्रवाई न्यायालय के आदेशों का लगातार अनुपालन नहीं करने और बार-बार निर्देश दिए जाने के बावजूद आवश्यक रिपोर्ट प्रस्तुत नहीं करने के कारण की गई है। मुंगेर न्यायालय के अधिवक्ता ओम प्रकाश पोद्दार ने बताया कि अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश-7 संतोष कुमार-2 की अदालत ने 1 जून को यह आदेश जारी करते हुए पुलिस अधीक्षक को आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। यह मामला मुफस्सिल थाना कांड संख्या 157/2010 एवं सेशन वाद संख्या 92/2011 से जुड़ा है।

अदालत ने सबसे पहले 9 अप्रैल को मुख्य अभियुक्त मो. सत्तार के मृत्यु प्रतिवेदन की मांग की थी। इस आदेश का पालन नहीं होने पर 8 मई को थानाध्यक्ष को शो-कॉज नोटिस जारी किया गया। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर 13 मई को जमानती वारंट जारी किया गया। इसके बाद भी, 20 मई को न्यायालय ने पुलिस अधीक्षक और मुफस्सिल थानाध्यक्ष को आदेश की प्रति भेजकर स्पष्ट चेतावनी दी थी कि अदालत अपने आदेशों की अवहेलना पर मूकदर्शक नहीं बनी रहेगी। इन सभी निर्देशों और चेतावनियों के बावजूद आवश्यक प्रतिवेदन प्रस्तुत नहीं किए जाने पर अदालत ने सख्त रुख अपनाते हुए थानाध्यक्ष के खिलाफ गैरजमानती वारंट जारी कर दिया।

गौरतलब है कि वर्ष 2010 में तत्कालीन मुफस्सिल थानाध्यक्ष प्रवेंद्र भारती ने गुप्त सूचना के आधार पर बाकरपुर गांव में मो. सत्तार के घर छापेमारी की थी। इस छापेमारी के दौरान 49 बोरा अमोनियम नाइट्रेट, 100 डेटोनेटर, 2750 मीटर फ्यूज वायर और 2725 जिलेटिन स्टिक बरामद किए गए थे। इस मामले में तीन लोगों को नामजद अभियुक्त बनाया गया था, जिनमें मो. सत्तार मुख्य अभियुक्त था। अदालत उसी मो. सत्तार की मृत्यु हो जाने के संबंध में मृत्यु प्रतिवेदन की मांग कर रही थी।
    user_Kumar Mithun
    Kumar Mithun
    मुंगेर, मुंगेर, बिहार•
    3 hrs ago
  • बिहार के बांका जिले के चांदन प्रखंड की कुसुमजोरी पंचायत अंतर्गत वार्ड संख्या-11 स्थित कुसौना तुरी टोला में सरकार की 'हर घर जल' योजना के दावों के विपरीत ग्रामीण आज भी दूषित कुएं का पानी पीने को मजबूर हैं। टोले में एकमात्र चापाकल कई दिनों से खराब पड़ा है, जिसके कारण ग्रामीणों को मजबूरन गंदा पानी पीना पड़ रहा है, जिससे जलजनित बीमारियों का खतरा लगातार बढ़ रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि इस समस्या के संबंध में पंचायत प्रतिनिधियों और संबंधित अधिकारियों को कई बार अवगत कराया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं हुई है। इसी बीच, जब ग्रामीण अपनी समस्या पत्रकारों को बता रहे थे, तो पंचायत की मुखिया ममता देवी पर खबर संकलन में बाधा डालने और पत्रकार का मोबाइल छीनने की कोशिश करने का आरोप लगा है। इस घटना से ग्रामीणों में भारी आक्रोश देखा गया, जिन्होंने मुखिया पर मनमानी और दबंगई का आरोप लगाते हुए कहा कि जनप्रतिनिधियों का दायित्व जनता की समस्याओं का समाधान करना होता है, न कि सवाल पूछने पर नाराजगी दिखाना। उनका यह भी कहना है कि पंचायत में विकास योजनाओं की वास्तविक स्थिति सामने आने से कुछ लोग असहज हो रहे हैं। ग्रामीणों ने बताया कि क्षेत्रीय विधायक मनोज यादव को भी जल संकट के बारे में बताया गया था, लेकिन कोई स्थायी समाधान नहीं निकल सका, जिससे लोगों में निराशा बढ़ रही है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से तत्काल खराब चापाकल की मरम्मत कराने, स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित करने और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि उनकी समस्याओं का शीघ्र समाधान नहीं हुआ, तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे। ग्रामीणों ने सवाल उठाया है कि जब सरकार हर घर तक शुद्ध पेयजल पहुंचाने का दावा कर रही है, तो आखिर कुसौना तुरी टोला के लोग दूषित पानी पीने को क्यों मजबूर हैं, और क्या जनता की आवाज उठाने पर दबाव बनाने वालों पर कार्रवाई होगी।
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    बिहार के बांका जिले के चांदन प्रखंड की कुसुमजोरी पंचायत अंतर्गत वार्ड संख्या-11 स्थित कुसौना तुरी टोला में सरकार की 'हर घर जल' योजना के दावों के विपरीत ग्रामीण आज भी दूषित कुएं का पानी पीने को मजबूर हैं। टोले में एकमात्र चापाकल कई दिनों से खराब पड़ा है, जिसके कारण ग्रामीणों को मजबूरन गंदा पानी पीना पड़ रहा है, जिससे जलजनित बीमारियों का खतरा लगातार बढ़ रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि इस समस्या के संबंध में पंचायत प्रतिनिधियों और संबंधित अधिकारियों को कई बार अवगत कराया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं हुई है।

इसी बीच, जब ग्रामीण अपनी समस्या पत्रकारों को बता रहे थे, तो पंचायत की मुखिया ममता देवी पर खबर संकलन में बाधा डालने और पत्रकार का मोबाइल छीनने की कोशिश करने का आरोप लगा है। इस घटना से ग्रामीणों में भारी आक्रोश देखा गया, जिन्होंने मुखिया पर मनमानी और दबंगई का आरोप लगाते हुए कहा कि जनप्रतिनिधियों का दायित्व जनता की समस्याओं का समाधान करना होता है, न कि सवाल पूछने पर नाराजगी दिखाना। उनका यह भी कहना है कि पंचायत में विकास योजनाओं की वास्तविक स्थिति सामने आने से कुछ लोग असहज हो रहे हैं। ग्रामीणों ने बताया कि क्षेत्रीय विधायक मनोज यादव को भी जल संकट के बारे में बताया गया था, लेकिन कोई स्थायी समाधान नहीं निकल सका, जिससे लोगों में निराशा बढ़ रही है।

ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से तत्काल खराब चापाकल की मरम्मत कराने, स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित करने और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि उनकी समस्याओं का शीघ्र समाधान नहीं हुआ, तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे। ग्रामीणों ने सवाल उठाया है कि जब सरकार हर घर तक शुद्ध पेयजल पहुंचाने का दावा कर रही है, तो आखिर कुसौना तुरी टोला के लोग दूषित पानी पीने को क्यों मजबूर हैं, और क्या जनता की आवाज उठाने पर दबाव बनाने वालों पर कार्रवाई होगी।
    user_Umakant poddar 9709500512
    Umakant poddar 9709500512
    Software Developer बांका, बांका, बिहार•
    22 hrs ago
  • आम खरीदने गए एक सैलून संचालक की सड़क हादसे में मौत हो गई। इस दुखद घटना के बाद, राष्ट्रीय राजमार्ग-80 (NH-80) पर घंटों तक जाम लगा रहा, जिससे यातायात प्रभावित हुआ।
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    आम खरीदने गए एक सैलून संचालक की सड़क हादसे में मौत हो गई। इस दुखद घटना के बाद, राष्ट्रीय राजमार्ग-80 (NH-80) पर घंटों तक जाम लगा रहा, जिससे यातायात प्रभावित हुआ।
    user_Kumar Mithun
    Kumar Mithun
    मुंगेर, मुंगेर, बिहार•
    3 hrs ago
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