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13 hrs ago
user_Radheshyam Kumar
Radheshyam Kumar
Rajgir, Patna•
13 hrs ago

More news from Patna and nearby areas
  • Post by Radheshyam Kumar
    1
    Post by Radheshyam Kumar
    user_Radheshyam Kumar
    Radheshyam Kumar
    Rajgir, Patna•
    13 hrs ago
  • नालंदा जिला जदयू पार्टी के तरफ से बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का जन्मदिन के मौके पर होली मिलन का आयोजन, झूम कर नाचे कार्यकर्ता....
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    नालंदा जिला जदयू पार्टी के तरफ से बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का जन्मदिन के मौके पर होली मिलन का आयोजन, झूम कर नाचे कार्यकर्ता....
    user_ख़बरें टी वी
    ख़बरें टी वी
    Journalist Nalanda, Bihar•
    2 hrs ago
  • फरोग-ए-उर्दू सेमिनार, कार्यशाला एवं मुशायरा का हुआ सफल आयोजन नवादा लाइव नेटवर्क। ककोलत महोत्सव के तीसरे एवं अंतिम दिन जिला उर्दू भाषा कोषांग द्वारा खेल भवन, नवादा में फरोग-ए-उर्दू सेमिनार, कार्यशाला एवं मुशायरा का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन जिला उर्दू भाषा कोषांग के प्रभारी मनोज चौधरी एवं अन्य पदाधिकारियों तथा गणमान्य अतिथियों द्वारा संयुक्त रूप से किया गया। कार्यक्रम का शुभारम्भ स्वागत भाषण से हुआ, जिसमें उर्दू भाषा के महत्व, इसकी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत तथा गंगा-जमुनी तहजीब में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला गया। अतिथियों ने अपने संबोधन में उर्दू को सामाजिक सद्भाव एवं सांस्कृतिक एकता की भाषा बताते हुए इसके अध्ययन, संरक्षण एवं दैनिक उपयोग को बढ़ावा देने का आह्वान किया। कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के पदाधिकारी, शिक्षाविद, साहित्यकार एवं उर्दू प्रेमी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। “डिजिटल दुनिया और उर्दू-दाँ की ज़िम्मेदारियाँ” विषय पर आयोजित कार्यशाला में वक्ताओं ने बताया कि आधुनिक तकनीक के माध्यम से उर्दू भाषा को वैश्विक मंच पर नई पहचान दिलाई जा सकती है। प्रतिभागियों को उर्दू टाइपिंग, डिजिटल प्रकाशन, यूनिकोड के उपयोग तथा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से भाषा प्रचार-प्रसार के व्यावहारिक पहलुओं से अवगत कराया गया। कार्यक्रम के अंतर्गत विद्वानों द्वारा उर्दू भाषा एवं साहित्य पर आलेख प्रस्तुत किए गए। शिक्षाविदों ने उर्दू की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि, साहित्यिक परंपरा तथा डिजिटल युग में इसकी प्रासंगिकता पर विस्तार से विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम के अंतिम चरण में आयोजित मुशायरे ने श्रोताओं को भाव-विभोर कर दिया। विभिन्न शायरों ने अपनी रचनाओं के माध्यम से प्रेम, सामाजिक सरोकार, राष्ट्रीय एकता एवं मानवीय संवेदनाओं को प्रभावशाली ढंग से अभिव्यक्त किया। श्रोताओं ने तालियों की गड़गड़ाहट से शायरों का उत्साहवर्धन किया। अंत में साहित्यकारों, शिक्षाविदों एवं उर्दू प्रेमियों को सम्मानित किया गया तथा धन्यवाद ज्ञापन के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।
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    फरोग-ए-उर्दू सेमिनार, कार्यशाला एवं मुशायरा का हुआ सफल आयोजन
नवादा लाइव नेटवर्क।
ककोलत महोत्सव के तीसरे एवं अंतिम दिन जिला उर्दू भाषा कोषांग द्वारा खेल भवन, नवादा में फरोग-ए-उर्दू सेमिनार, कार्यशाला एवं मुशायरा का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन जिला उर्दू भाषा कोषांग के प्रभारी मनोज चौधरी एवं अन्य पदाधिकारियों तथा गणमान्य अतिथियों द्वारा संयुक्त रूप से किया गया।
कार्यक्रम का शुभारम्भ स्वागत भाषण से हुआ, जिसमें उर्दू भाषा के महत्व, इसकी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत तथा गंगा-जमुनी तहजीब में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला गया। अतिथियों ने अपने संबोधन में उर्दू को सामाजिक सद्भाव एवं सांस्कृतिक एकता की भाषा बताते हुए इसके अध्ययन, संरक्षण एवं दैनिक उपयोग को बढ़ावा देने का आह्वान किया। कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के पदाधिकारी, शिक्षाविद, साहित्यकार एवं उर्दू प्रेमी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
“डिजिटल दुनिया और उर्दू-दाँ की ज़िम्मेदारियाँ” विषय पर आयोजित कार्यशाला में वक्ताओं ने बताया कि आधुनिक तकनीक के माध्यम से उर्दू भाषा को वैश्विक मंच पर नई पहचान दिलाई जा सकती है। प्रतिभागियों को उर्दू टाइपिंग, डिजिटल प्रकाशन, यूनिकोड के उपयोग तथा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से भाषा प्रचार-प्रसार के व्यावहारिक पहलुओं से अवगत कराया गया।
कार्यक्रम के अंतर्गत विद्वानों द्वारा उर्दू भाषा एवं साहित्य पर आलेख प्रस्तुत किए गए। शिक्षाविदों ने उर्दू की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि, साहित्यिक परंपरा तथा डिजिटल युग में इसकी प्रासंगिकता पर विस्तार से विचार व्यक्त किए।
कार्यक्रम के अंतिम चरण में आयोजित मुशायरे ने श्रोताओं को भाव-विभोर कर दिया। विभिन्न शायरों ने अपनी रचनाओं के माध्यम से प्रेम, सामाजिक सरोकार, राष्ट्रीय एकता एवं मानवीय संवेदनाओं को प्रभावशाली ढंग से अभिव्यक्त किया। श्रोताओं ने तालियों की गड़गड़ाहट से शायरों का उत्साहवर्धन किया।
अंत में साहित्यकारों, शिक्षाविदों एवं उर्दू प्रेमियों को सम्मानित किया गया तथा धन्यवाद ज्ञापन के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।
    user_Varunendra kumar (Nawada Live)
    Varunendra kumar (Nawada Live)
    Nawada, Bihar•
    2 hrs ago
  • जय बाबा शिव गुरु विडियो न0-464🚩🌅⛲🪷♥️👋
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    जय बाबा शिव गुरु विडियो न0-464🚩🌅⛲🪷♥️👋
    user_Garibnath Sahani
    Garibnath Sahani
    Singer Bihar•
    15 hrs ago
  • हम तो परदेशी, हैं जनाब । 🤗 😊 हमारे लिए कौन सा त्यौहार है ।। 😢😰
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    हम तो परदेशी, हैं जनाब । 🤗 😊
हमारे लिए कौन सा त्यौहार है ।। 😢😰
    user_Rajesh Kumar
    Rajesh Kumar
    Consultant Bihar Sharif, Nalanda•
    3 hrs ago
  • डॉक्टर सुनील के करप्शन वाले बयान पर सांसद का तीखा प्रहार बिहार शरीफ
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    डॉक्टर सुनील के करप्शन वाले बयान पर सांसद का तीखा प्रहार
बिहार शरीफ
    user_Hello Nalanda
    Hello Nalanda
    Electronic engineer बिहार शरीफ, नालंदा, बिहार•
    8 hrs ago
  • Post by Amit Kumar
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    Post by Amit Kumar
    user_Amit Kumar
    Amit Kumar
    Local News Reporter Bihar Sharif, Nalanda•
    8 hrs ago
  • ककोलत महोत्सव के दूसरे दिन गूंजा “तुम्हारी दौलत नई नई है...” #कवि सम्मेलन एवं सांस्कृतिक संध्या में कलाकारों ने बांधा समां...! नवादा लाइव नेटवर्क। ककोलत महोत्सव, 2026 के दूसरे दिन सांस्कृतिक एवं साहित्यिक कार्यक्रमों की आकर्षक श्रृंखला ने उपस्थित दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। दिन भर चले विविध कार्यक्रमों में कवि सम्मेलन, स्थानीय कलाकारों की मनमोहक प्रस्तुतियाँ तथा संध्या में प्रसिद्ध गायक कुमार सत्यम की सुरमयी प्रस्तुति प्रमुख आकर्षण का केंद्र रही। द्वितीय दिवस का शुभारम्भ भव्य कवि सम्मेलन से हुआ, जिसमें आमंत्रित कवियों ने देशभक्ति, सामाजिक सरोकार, प्रकृति सौंदर्य एवं मानवीय संवेदनाओं पर आधारित अपनी रचनाओं का पाठ किया। ओज, वीर रस, हास्य-व्यंग्य एवं श्रृंगार रस से परिपूर्ण कविताओं ने श्रोताओं की खूब तालियाँ बटोरीं। कवियों की सशक्त अभिव्यक्ति ने न केवल मनोरंजन किया बल्कि समाज के विभिन्न मुद्दों पर सोचने को भी प्रेरित किया। इसके उपरांत स्थानीय कलाकारों द्वारा लोक संस्कृति पर आधारित रंगारंग कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए। लोकगीत, लोकनृत्य एवं पारंपरिक वाद्ययंत्रों की मधुर ध्वनि ने क्षेत्रीय सांस्कृतिक विरासत की झलक प्रस्तुत की। कलाकारों की ऊर्जा, भाव-भंगिमा एवं पारंपरिक परिधानों ने दर्शकों को बिहार की समृद्ध लोक परंपरा से रूबरू कराया। सांध्यकालीन कार्यक्रम में सुप्रसिद्ध गायक कुमार सत्यम की सुरमयी प्रस्तुति ने महोत्सव में चार चाँद लगा दिया। उन्होंने भक्ति गीत, सूफी संगीत एवं लोकप्रिय हिंदी गीतों की प्रस्तुति देकर वातावरण को भक्तिमय एवं रोमांचकारी बना दिया। उनके मधुर स्वर एवं प्रभावशाली मंच संचालन ने दर्शकों को देर रात तक बांधे रखा। उपस्थित श्रोताओं ने तालियों की गड़गड़ाहट से उनका उत्साहवर्धन किया। ककोलत महोत्सव का द्वितीय दिवस साहित्य, संगीत एवं लोकसंस्कृति के अद्भुत संगम के रूप में यादगार बन गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों, युवाओं की सहभागिता रही। प्रशासन द्वारा सुरक्षा, स्वच्छता एवं मूलभूत सुविधाओं की समुचित व्यवस्था की गई थी, जिससे कार्यक्रम शांतिपूर्ण एवं सुव्यवस्थित रूप से संपन्न हुआ। वहीं महोत्सव के तीसरे दिन रविवार को खेल भवन, नवादा में फरोग-ए-उर्दू सेमिनार का आयोजन किया जाएगा।
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    ककोलत महोत्सव के दूसरे दिन गूंजा “तुम्हारी दौलत नई नई है...” #कवि सम्मेलन एवं सांस्कृतिक संध्या में कलाकारों ने बांधा समां...!
नवादा लाइव नेटवर्क।
ककोलत महोत्सव, 2026 के दूसरे दिन सांस्कृतिक एवं साहित्यिक कार्यक्रमों की आकर्षक श्रृंखला ने उपस्थित दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। दिन भर चले विविध कार्यक्रमों में कवि सम्मेलन, स्थानीय कलाकारों की मनमोहक प्रस्तुतियाँ तथा संध्या में प्रसिद्ध गायक कुमार सत्यम की सुरमयी प्रस्तुति प्रमुख आकर्षण का केंद्र रही।
द्वितीय दिवस का शुभारम्भ भव्य कवि सम्मेलन से हुआ, जिसमें आमंत्रित कवियों ने देशभक्ति, सामाजिक सरोकार, प्रकृति सौंदर्य एवं मानवीय संवेदनाओं पर आधारित अपनी रचनाओं का पाठ किया। ओज, वीर रस, हास्य-व्यंग्य एवं श्रृंगार रस से परिपूर्ण कविताओं ने श्रोताओं की खूब तालियाँ बटोरीं। कवियों की सशक्त अभिव्यक्ति ने न केवल मनोरंजन किया बल्कि समाज के विभिन्न मुद्दों पर सोचने को भी प्रेरित किया।
इसके उपरांत स्थानीय कलाकारों द्वारा लोक संस्कृति पर आधारित रंगारंग कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए। लोकगीत, लोकनृत्य एवं पारंपरिक वाद्ययंत्रों की मधुर ध्वनि ने क्षेत्रीय सांस्कृतिक विरासत की झलक प्रस्तुत की। कलाकारों की ऊर्जा, भाव-भंगिमा एवं पारंपरिक परिधानों ने दर्शकों को बिहार की समृद्ध लोक परंपरा से रूबरू कराया।
सांध्यकालीन कार्यक्रम में सुप्रसिद्ध गायक कुमार सत्यम की सुरमयी प्रस्तुति ने महोत्सव में चार चाँद लगा दिया। उन्होंने भक्ति गीत, सूफी संगीत एवं लोकप्रिय हिंदी गीतों की प्रस्तुति देकर वातावरण को भक्तिमय एवं रोमांचकारी बना दिया। उनके मधुर स्वर एवं प्रभावशाली मंच संचालन ने दर्शकों को देर रात तक बांधे रखा। उपस्थित श्रोताओं ने तालियों की गड़गड़ाहट से उनका उत्साहवर्धन किया।
ककोलत महोत्सव का द्वितीय दिवस साहित्य, संगीत एवं लोकसंस्कृति के अद्भुत संगम के रूप में यादगार बन गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों, युवाओं  की सहभागिता रही। प्रशासन द्वारा सुरक्षा, स्वच्छता एवं मूलभूत सुविधाओं की समुचित व्यवस्था की गई थी, जिससे कार्यक्रम शांतिपूर्ण एवं सुव्यवस्थित रूप से संपन्न हुआ।
वहीं महोत्सव के तीसरे दिन रविवार को खेल भवन, नवादा में फरोग-ए-उर्दू सेमिनार का आयोजन किया जाएगा।
    user_Varunendra kumar (Nawada Live)
    Varunendra kumar (Nawada Live)
    Nawada, Bihar•
    2 hrs ago
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