अमेठी के रेभा गांव में अंडरपास की मांग को लेकर प्रदर्शन अमेठी। निर्माणाधीन बाईपास फेज-2 को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। रविवार को रेभा गांव के सैकड़ों ग्रामीणों ने अंडरपास निर्माण की मांग को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया और कार्यदायी संस्था के खिलाफ नारेबाजी की। ग्रामीणों ने सार्वजनिक मार्ग बंद किए जाने का आरोप लगाते हुए चेतावनी दी कि मांग पूरी न होने पर आंदोलन तेज किया जाएगा। ग्रामीणों का कहना है कि अमेठी–प्रतापगढ़ मार्ग से रेभा होते हुए विशेश्वरगंज तक जाने वाला रास्ता बेहद महत्वपूर्ण है, जिससे रोजाना हजारों लोग और बड़ी संख्या में स्कूली छात्र-छात्राएं आवागमन करते हैं। बाईपास निर्माण के दौरान बनाए गए नाले के सहारे अस्थायी आवागमन हो रहा था, जिसे बंद किए जाने की कोशिश पर विरोध भड़क उठा। ग्रामीणों की मांग है कि उसी नाले को चौड़ा कर अंडरपास बनाया जाए, ताकि सुरक्षित आवागमन संभव हो सके। उन्होंने कहा कि यह पुरानी जिला पंचायत सड़क है, जिसे बंद करना जनहित के खिलाफ है। अंडरपास न बनने पर बड़े आंदोलन की चेतावनी दी गई है।
अमेठी के रेभा गांव में अंडरपास की मांग को लेकर प्रदर्शन अमेठी। निर्माणाधीन बाईपास फेज-2 को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। रविवार को रेभा गांव के सैकड़ों ग्रामीणों ने अंडरपास निर्माण की मांग को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया और कार्यदायी संस्था के
खिलाफ नारेबाजी की। ग्रामीणों ने सार्वजनिक मार्ग बंद किए जाने का आरोप लगाते हुए चेतावनी दी कि मांग पूरी न होने पर आंदोलन तेज किया जाएगा। ग्रामीणों का कहना है कि अमेठी–प्रतापगढ़ मार्ग से रेभा होते हुए विशेश्वरगंज तक जाने वाला रास्ता बेहद
महत्वपूर्ण है, जिससे रोजाना हजारों लोग और बड़ी संख्या में स्कूली छात्र-छात्राएं आवागमन करते हैं। बाईपास निर्माण के दौरान बनाए गए नाले के सहारे अस्थायी आवागमन हो रहा था, जिसे बंद किए जाने की कोशिश पर विरोध भड़क उठा। ग्रामीणों की मांग है
कि उसी नाले को चौड़ा कर अंडरपास बनाया जाए, ताकि सुरक्षित आवागमन संभव हो सके। उन्होंने कहा कि यह पुरानी जिला पंचायत सड़क है, जिसे बंद करना जनहित के खिलाफ है। अंडरपास न बनने पर बड़े आंदोलन की चेतावनी दी गई है।
- अमेठी के रेभा गांव में अंडरपास की मांग को लेकर प्रदर्शन अमेठी। निर्माणाधीन बाईपास फेज-2 को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। रविवार को रेभा गांव के सैकड़ों ग्रामीणों ने अंडरपास निर्माण की मांग को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया और कार्यदायी संस्था के खिलाफ नारेबाजी की। ग्रामीणों ने सार्वजनिक मार्ग बंद किए जाने का आरोप लगाते हुए चेतावनी दी कि मांग पूरी न होने पर आंदोलन तेज किया जाएगा। ग्रामीणों का कहना है कि अमेठी–प्रतापगढ़ मार्ग से रेभा होते हुए विशेश्वरगंज तक जाने वाला रास्ता बेहद महत्वपूर्ण है, जिससे रोजाना हजारों लोग और बड़ी संख्या में स्कूली छात्र-छात्राएं आवागमन करते हैं। बाईपास निर्माण के दौरान बनाए गए नाले के सहारे अस्थायी आवागमन हो रहा था, जिसे बंद किए जाने की कोशिश पर विरोध भड़क उठा। ग्रामीणों की मांग है कि उसी नाले को चौड़ा कर अंडरपास बनाया जाए, ताकि सुरक्षित आवागमन संभव हो सके। उन्होंने कहा कि यह पुरानी जिला पंचायत सड़क है, जिसे बंद करना जनहित के खिलाफ है। अंडरपास न बनने पर बड़े आंदोलन की चेतावनी दी गई है।4
- बच्चे भगवान का स्वरूप होते हैं, इनकी हंसी से सारा दुख भूल जाता है। 5 माह के बच्चे की हंसी जीवन भर के लिए यादगार बन जाता है। ईश्वर बच्चे को दीर्घायु करे और खानदान का नाम रोशन करने का आशीर्वाद प्रदान करें।1
- Post by Anil Kumar Pandey1
- उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर जिले से विकास कार्य में बाधा डालने का मामला सामने आया है। कादीपुर थाना क्षेत्र के मझगवा गांव में ग्राम पंचायत द्वारा कराए जा रहे खड़ंजा (ईंट मार्ग) निर्माण कार्य को कुछ लोगों द्वारा कथित रूप से उखाड़ दिए जाने से विवाद की स्थिति उत्पन्न हो गई। सूचना मिलने पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची और हालात को नियंत्रण में लेते हुए आरोपियों को सख्त चेतावनी दी। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया कि सरकारी विकास कार्य में किसी भी प्रकार की बाधा बर्दाश्त नहीं की जाएगी और भविष्य में ऐसी घटना होने पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। घटना के बाद ग्रामीणों में नाराजगी देखी जा रही है और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की जा रही है।1
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मेरठ में नमो भारत रैपिड रेल और मेरठ मेट्रो का शुभारंभ किया है इस दौरान शहर के सभी विधायक राज्यसभा सांसद और भारतीय जनता पार्टी के पदाधिकारी मौजूदरहे।1
- रामपुरखास में रोजगार को बढ़ावा देने के लिए सांसद प्रमोद तिवारी और विधायक मोना ने एल्युमीनियम प्लांट का किया समारोहपूर्वक लोकार्पण | डीएम शिवसहाय अवस्थी ने कहा कि जिले के उद्यमी विकास के लिए ऐसी फैक्टरियां की स्थापना लोक कल्याणकारी है | प्लांट से चार सौ परिवारों को रोजगार का बेहतर अवसर मुहैया होना क्षेत्र के लिए बड़ी उपलब्धि है |1
- अमेठी के रेभा गांव में अंडरपास की मांग को लेकर प्रदर्शन अमेठी। निर्माणाधीन बाईपास फेज-2 को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। रविवार को रेभा गांव के सैकड़ों ग्रामीणों ने अंडरपास निर्माण की मांग को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया और कार्यदायी संस्था के खिलाफ नारेबाजी की। ग्रामीणों ने सार्वजनिक मार्ग बंद किए जाने का आरोप लगाते हुए चेतावनी दी कि मांग पूरी न होने पर आंदोलन तेज किया जाएगा। ग्रामीणों का कहना है कि अमेठी–प्रतापगढ़ मार्ग से रेभा होते हुए विशेश्वरगंज तक जाने वाला रास्ता बेहद महत्वपूर्ण है, जिससे रोजाना हजारों लोग और बड़ी संख्या में स्कूली छात्र-छात्राएं आवागमन करते हैं। बाईपास निर्माण के दौरान बनाए गए नाले के सहारे अस्थायी आवागमन हो रहा था, जिसे बंद किए जाने की कोशिश पर विरोध भड़क उठा। ग्रामीणों की मांग है कि उसी नाले को चौड़ा कर अंडरपास बनाया जाए, ताकि सुरक्षित आवागमन संभव हो सके। उन्होंने कहा कि यह पुरानी जिला पंचायत सड़क है, जिसे बंद करना जनहित के खिलाफ है। अंडरपास न बनने पर बड़े आंदोलन की चेतावनी दी गई है।1
- उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर में शुक्रवार का दिन सियासी हलचल से भरा रहा। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और सांसद Rahul Gandhi गृह मंत्री Amit Shah पर कथित टिप्पणी से जुड़े मामले में सुल्तानपुर की MP/MLA कोर्ट में पेश हुए। करीब 25 मिनट तक चली इस पेशी के दौरान राहुल गांधी ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों से साफ इनकार किया और इसे “राजनीतिक दुर्भावना से प्रेरित केस” बताया। कोर्ट में क्या हुआ, आइए अब इसको भी जानते हैं... राहुल गांधी सुबह करीब 9 बजे दिल्ली से लखनऊ एयरपोर्ट पहुंचे। वहां कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। एयरपोर्ट से निकलते ही उनका काफिला सुल्तानपुर के लिए रवाना हो गया। करीब साढ़े 10 बजे जब उनका काफिला कोर्ट परिसर पहुंचा, तो वहां पहले से ही भारी पुलिस बल तैनात था। सुरक्षा के मद्देनजर कोर्ट परिसर को छावनी में तब्दील कर दिया गया था। राहुल गांधी की गाड़ी सुरक्षा कारणों से सीधे कोर्ट परिसर के अंदर ले जाई गई। वे उतरकर सीधे MP/MLA कोर्ट में पहुंचे। कोर्ट में मौजूद अधिवक्ताओं के मुताबिक, राहुल गांधी ने जज को हाथ जोड़कर प्रणाम किया। सुनवाई पूरी होने के बाद उन्होंने मुस्कुराते हुए जज को धन्यवाद भी कहा। यह पूरा घटनाक्रम वहां मौजूद वकीलों और कार्यकर्ताओं के बीच चर्चा का विषय बना रहा। राहुल गांधी ने अपने बयान में कहा कि उनके खिलाफ दर्ज मामला राजनीतिक उद्देश्य से प्रेरित है और इसमें कोई ठोस आधार नहीं है। उनके वकील के अनुसार, उन्होंने सभी आरोपों से इनकार करते हुए स्पष्ट किया कि उन्होंने कोई आपत्तिजनक या गैरकानूनी बयान नहीं दिया। कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 9 मार्च तय की है। राहुल गांधी के पहुंचने से पहले ही कोर्ट परिसर के बाहर कांग्रेस कार्यकर्ताओं की भीड़ जुट गई थी। ‘राहुल जिंदाबाद’ और ‘कांग्रेस पार्टी जिंदाबाद’ के नारों से माहौल गूंज उठा। कार्यकर्ताओं ने उन्हें माला पहनाने की कोशिश की, लेकिन राहुल गांधी ने विनम्रता से मना कर दिया और मुस्कुराते हुए सीधे कोर्ट के अंदर चले गए। सुरक्षा के लिहाज से प्रशासन ने चाक-चौबंद व्यवस्था की थी। पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों की तैनाती हर प्रवेश द्वार पर की गई थी। कोर्ट परिसर में प्रवेश से पहले सघन जांच की जा रही थी। मोची की दुकान पर फिर रुके राहुल कोर्ट की कार्रवाई के बाद राहुल गांधी का काफिला अचानक कूरेभार थाना क्षेत्र के विधायक नगर चौराहे पर रुका। यहां वे रामचेत मोची की दुकान पर पहुंचे। रामचेत का तीन महीने पहले कैंसर से निधन हो गया था। रामचेत वही मोची थे, जिनकी दुकान पर एक साल पहले राहुल गांधी ने खुद बैठकर जूते सिले थे। उस समय उनकी तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुए थे। बाद में राहुल गांधी ने उन्हें सिलाई मशीन भी भेजी थी। इस बार राहुल गांधी ने रामचेत के बेटे राघव राम से मुलाकात की। दुकान पर कुर्सी पर बैठे राघव की छोटी बेटी को राहुल ने गोद में उठाया, उसकी चोट देखी और परिवार का हालचाल जाना। करीब पांच मिनट तक वे वहां रुके और फिर आगे बढ़ गए। यह दृश्य वहां मौजूद लोगों के लिए भावुक क्षण बन गया। स्थानीय लोगों का कहना था कि बड़े नेता अक्सर चुनावी समय में ही दिखाई देते हैं, लेकिन राहुल गांधी का इस तरह अचानक रुकना और परिवार से मिलना एक अलग संदेश देता है। सियासी जानकारों का मानना है कि सुल्तानपुर की यह पेशी सिर्फ कानूनी प्रक्रिया नहीं, बल्कि राजनीतिक तौर पर भी अहम है। गृह मंत्री अमित शाह पर टिप्पणी के मामले में अदालत में पेश होना और आरोपों से इनकार करना कांग्रेस की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। राहुल गांधी लगातार यह कहते रहे हैं कि उनके खिलाफ दर्ज कई मामले राजनीतिक दबाव बनाने के उद्देश्य से किए गए हैं। ऐसे में सुल्तानपुर की अदालत में उनका बयान इसी लाइन को आगे बढ़ाता दिखा। अब इस मामले की अगली सुनवाई 9 मार्च को होगी। कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, उस दिन अदालत में आगे की दलीलें सुनी जा सकती हैं। फिलहाल राहुल गांधी ने अपने बयान में साफ कर दिया है कि वे आरोपों को सिरे से खारिज करते हैं और इसे राजनीतिक प्रतिशोध की कार्रवाई मानते हैं। सुल्तानपुर की यह पेशी कानूनी प्रक्रिया से ज्यादा राजनीतिक मायनों में चर्चा में रही। एक तरफ कोर्ट में आरोपों से इनकार, दूसरी तरफ मोची के परिवार से मुलाकात—इन दोनों घटनाओं ने इस पूरे दौरे को खास बना दिया। अब सबकी निगाहें 9 मार्च की सुनवाई पर टिकी हैं, जब यह तय होगा कि मामला किस दिशा में आगे बढ़ता है। तब तक सुल्तानपुर की यह पेशी राजनीतिक गलियारों में चर्चा का केंद्र बनी रहेगी।1
- अमेठी। संग्रामपुर थाना क्षेत्र के टीकरमाफी चौकी अंतर्गत टीकरमाफी-भादर मार्ग स्थित एक कोको कोला एजेंसी में बीती रात अज्ञात चोरों ने दुकान का शटर तोड़कर चोरी की वारदात को अंजाम दिया। चोर दुकान में रखी नकदी, सीसीटीवी का डीवीआर, शीतल पेय और कई क्रेडिट कार्ड उठा ले गए। जानकारी के अनुसार, पीड़ित आलोक शुक्ला निवासी पहिया तिवारीपुर की टीकरमाफी-भादर मार्ग पर कोको कोला की एजेंसी है। शुक्रवार रात चोरों ने दुकान के शटर का ताला तोड़कर अंदर प्रवेश किया और गल्ले में रखी नकदी के साथ सीसीटीवी का डीवीआर, ठंडा पेय और अन्य सामान चोरी कर लिया। दुकान में रखे कई क्रेडिट कार्ड भी चोर अपने साथ ले गए। शनिवार सुबह जब दुकानदार दुकान खोलने पहुंचे तो शटर का ताला टूटा देख घटना की जानकारी हुई। अंदर सामान बिखरा पड़ा था और नकदी सहित अन्य सामान गायब मिला। इसके बाद पीड़ित ने संग्रामपुर थाने में तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। जल्द ही घटना के खुलासे का दावा किया जा रहा है।1