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देश के युवाओं के हौसले और बुलंदी को सलाम करते हुए उनके संघर्ष की सराहना की गई है। जिस हिम्मत और मजबूती के साथ युवाओं ने अत्याचारों का सामना किया है, उसने पूरे देश को जगाने का काम किया है। अत्याचारों के खिलाफ युवाओं के इस साहस और बुलंद जज्बे को नमन करते हुए उन्हें सलाम भेजा गया है।
Yogesh jangar
देश के युवाओं के हौसले और बुलंदी को सलाम करते हुए उनके संघर्ष की सराहना की गई है। जिस हिम्मत और मजबूती के साथ युवाओं ने अत्याचारों का सामना किया है, उसने पूरे देश को जगाने का काम किया है। अत्याचारों के खिलाफ युवाओं के इस साहस और बुलंद जज्बे को नमन करते हुए उन्हें सलाम भेजा गया है।
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- देश के युवाओं के हौसले और बुलंदी को सलाम करते हुए उनके संघर्ष की सराहना की गई है। जिस हिम्मत और मजबूती के साथ युवाओं ने अत्याचारों का सामना किया है, उसने पूरे देश को जगाने का काम किया है। अत्याचारों के खिलाफ युवाओं के इस साहस और बुलंद जज्बे को नमन करते हुए उन्हें सलाम भेजा गया है।1
- कांठ के बेगमपुर में लंबे समय से मुख्य रास्ते का निर्माण न होने के कारण ग्रामीणों में भारी आक्रोश व्याप्त है। ग्रामीणों का सीधा आरोप है कि ग्राम प्रधान काशीराम से कई बार शिकायत करने और मांग उठाने के बावजूद आज तक रास्ते का निर्माण नहीं कराया गया। जनप्रतिनिधियों की इस उपेक्षा की वजह से गांव के लोगों को हर दिन आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बरसात के मौसम में स्थिति बेहद गंभीर हो जाती है, क्योंकि मुख्य रास्ते पर कीचड़, गंदगी और बारिश का पानी जमा हो जाता है। जलभराव के चलते लोगों के घरों की दीवारों पर सांप और बिच्छू जैसे जहरीले कीड़े दिखाई देने लगते हैं। गांव के कई परिवारों को अपने घरों तक पहुंचने के लिए कीचड़ से होकर गुजरना पड़ता है। रास्ते में फिसलकर कई लोग गिर चुके हैं, जिससे दुर्घटनाओं की आशंका लगातार बनी रहती है। इस बदहाली के कारण स्कूल जाने वाले बच्चों, काम पर जाने वाले लोगों और बुजुर्गों व मरीजों को सबसे ज्यादा परेशानी झेलनी पड़ रही है। आपातकालीन स्थिति में एम्बुलेंस या अन्य वाहन भी गांव के अंदर तक नहीं पहुंच पाते हैं। ग्रामीणों ने स्पष्ट कहा है कि जनप्रतिनिधियों का मुख्य कर्तव्य गांव की बुनियादी समस्याओं का समाधान करना है, लेकिन इस मामले में उनकी शिकायतों को पूरी तरह से नजरअंदाज किया जा रहा है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि मामले का तुरंत संज्ञान लेकर रास्ते का निर्माण कार्य शुरू कराया जाए। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वे संबंधित अधिकारियों के समक्ष उग्र प्रदर्शन करने और अपनी आवाज बुलंद करने के लिए मजबूर होंगे।2
- पूरे देश में छात्रों का गुस्सा उबाल पर है और इसी बीच आज बिहार से एक नई तस्वीर निकलकर सामने आई है। डबल इंजन की सरकार वाले राज्य बिहार में आक्रोशित छात्रों ने भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के कार्यालय का घेराव कर दिया। इस प्रदर्शन के दौरान स्थिति बिगड़ने पर बिहार पुलिस और बिहार के छात्र आमने-सामने आ गए, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच तीखी भिड़ंत हो गई।1
- संसद के बाहर हुए प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिस का भी बेहद सराहनीय कदम देखने को मिला है। प्रदर्शन के बीच पुलिस की ओर से उठाया गया यह कदम काफी प्रशंसनीय रहा।1
- दिल्ली में अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस द्वारा किए गए लाठीचार्ज और बल प्रयोग के विरोध में जिला कांग्रेस ने गुरुवार को गुरुग्राम में जिला उपायुक्त के माध्यम से राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को ज्ञापन भेजा। कांग्रेस के शहरी जिलाध्यक्ष पंकज डावर और ग्रामीण जिलाध्यक्ष वर्धन यादव के नेतृत्व में पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रपति से छात्रों की लोकतांत्रिक मांगों पर सकारात्मक हस्तक्षेप और न्यायोचित कार्रवाई करने की मांग की। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि जंतर-मंतर पर अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्वक आवाज उठा रहे युवाओं पर पुलिस बल का प्रयोग लोकतांत्रिक मूल्यों और संविधान की भावना के खिलाफ है। ज्ञापन में देश में बार-बार सामने आ रही परीक्षा संबंधी अनियमितताओं, भर्ती प्रक्रियाओं में देरी, प्रशासनिक विफलताओं और सरकार के असंवेदनशील रवैये पर चिंता जताई गई। इसके साथ ही 21 जुलाई 2026 की घटना का उल्लेख करते हुए कहा गया कि जब कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में प्रधानमंत्री आवास के समक्ष शांतिपूर्ण धरना दे रहे थे, तब दिल्ली पुलिस ने केंद्र सरकार के इशारे पर उन्हें हिरासत में ले लिया था। हरियाणा कांग्रेस का कहना है कि देश का युवा भारत की सबसे बड़ी शक्ति है और उनकी लोकतांत्रिक आवाज का सम्मान किया जाना चाहिए। कांग्रेस ने राष्ट्रपति से संवैधानिक शक्तियों का उपयोग करते हुए केंद्र सरकार को निर्देशित करने का आग्रह किया है और तीन प्रमुख मांगें रखी हैं। पहली मांग में परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता बनाए रखने में विफल रहने पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के तत्काल इस्तीफे की मांग की गई है। दूसरी मांग में परीक्षा अनियमितताओं और भर्ती में देरी पर संसद में सार्थक चर्चा कराने तथा तीसरी मांग में शांतिपूर्ण प्रदर्शन के दौरान छात्रों पर दर्ज सभी एफआईआर तुरंत वापस लेने और दमनात्मक कार्रवाई रोकने की अपील की गई है। इस मौके पर पीसीसी सदस्य पंकज भारद्वाज, मेयर प्रत्याशी नीरज यादव, सूबे सिंह यादव, शैलजा भाटिया, सुनीता वर्मा, सतबीर पहलवान सहित दर्जनों कांग्रेस पदाधिकारी व कार्यकर्ता मौजूद रहे।1
- नेता विपक्ष राहुल गांधी ने छात्रों को साफ संदेश देते हुए उनके समर्थन का ऐलान किया है। राहुल गांधी ने कहा कि जब छात्र सड़क पर हैं, तो विपक्ष का सड़क पर होना भी ज़रूरी है। उन्होंने छात्रों को आश्वस्त करते हुए कहा कि हम आपके साथ हैं और पूरा विपक्ष आपके साथ खड़ा है। इसके साथ ही उन्होंने छात्रों के साथ हो रही हिंसा को पूरी तरह गलत बताया है।1
- आज़ाद समाज पार्टी (कांशीराम) के प्रमुख और सांसद चंद्रशेखर आज़ाद ने NEET पेपर लीक स्कैम और छात्रों के विरोध प्रदर्शन पर कड़ा रुख अपनाया है। दिल्ली में मीडिया से बात करते हुए उन्होंने साफ कहा कि संसद में इस मुद्दे पर चर्चा तभी संभव है जब पहले इस्तीफा दिया जाए। उन्होंने स्पष्ट कर दिया कि बिना इस्तीफे के कोई वार्ता स्वीकार नहीं होगी। चंद्रशेखर आज़ाद ने सरकार के संवाद के रवैये पर सवाल खड़े करते हुए पूछा कि अगर वे इतने ही संवादप्रिय हैं तो उन्होंने 20 तारीख से पहले बच्चों से बात क्यों नहीं की। उन्होंने दोहराया कि संसद में बातचीत का रास्ता तभी खुलेगा जब पहले इस्तीफा होगा।1
- कांठ के गढ़ी गांव में बिजली विभाग की कथित लापरवाही के चलते एक बड़ा हादसा हो गया। तालाब के पास खड़े बिजली के पोल से पानी में करंट फैल जाने के कारण उसमें उतरे दो पशुओं की मौके पर ही तड़प-तड़पकर मौत हो गई। घटना के समय गढ़ी निवासी मुस्तकीम अपने दो पशुओं को पानी पीने और खड़ा होने के लिए तालाब में ले गए थे। जैसे ही पशु पानी के संपर्क में आए, वे तुरंत करंट की चपेट में आ गए। आसपास मौजूद लोग जब तक मदद के लिए दौड़े, तब तक दोनों पशुओं की जान जा चुकी थी। इस हादसे के बाद पूरे गांव में भारी आक्रोश फैल गया और बड़ी संख्या में ग्रामीण घटनास्थल पर एकत्र हो गए। ग्रामीणों का आरोप है कि पोल पर लाइन जोड़ने का काम लाइनमैन द्वारा किया गया था। लोगों ने पहले ही लाइनमैन को चेतावनी दी थी कि तालाब के पास इस तरह लापरवाही से तार जोड़ना खतरनाक साबित हो सकता है, लेकिन उनकी चेतावनी को गंभीरता से नहीं लिया गया। इसी लापरवाही के कारण पोल में करंट उतरा और वह पूरे तालाब के पानी में फैल गया। उग्र ग्रामीणों ने बिजली विभाग की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि समय रहते उनकी शिकायत पर ध्यान दिया जाता तो यह हादसा टाला जा सकता था। ग्रामीणों ने दोषी लाइनमैन और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई तथा पीड़ित को मुआवजा देने की मांग की है। साथ ही ग्रामीणों ने बताया कि गांव में कई जगहों पर बिजली के पोल और तार बेहद जर्जर स्थिति में हैं, जिससे लगातार हादसे का खतरा बना हुआ है। उन्होंने प्रशासन से पूरे क्षेत्र की बिजली व्यवस्था की तत्काल जांच कराने और जर्जर तारों व पोलों को तुरंत सुधारने की मांग की है ताकि भविष्य में किसी व्यक्ति या पशु की जान जोखिम में न पड़े।1