logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…
  • Latest News
  • News
  • Politics
  • Elections
  • Viral
  • Astrology
  • Horoscope in Hindi
  • Horoscope in English
  • Latest Political News
logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…

ड्रोन उड़ाने के लिए तीन मुख्य बातों को समझना ज़रूरी है: ड्रोन कैसे काम करता है, इसे सुरक्षित तरीके से कैसे उड़ाया जाए और भारत में इससे जुड़े क्या नियम हैं। ड्रोन दरअसल एक छोटा उड़ने वाला कैमरा या मशीन होता है, जिसे रिमोट या मोबाइल ऐप से नियंत्रित किया जाता है। इसका उपयोग वीडियो शूट, शादियों में कवरेज, खेती, मैपिंग, यूट्यूब व्लॉगिंग, सर्वे और सुरक्षा जैसे विभिन्न कार्यों में होता है। एक ड्रोन के मुख्य पुर्जे मोटर, प्रोपेलर, बैटरी, कैमरा, जीपीएस, रिमोट कंट्रोल और सेंसर होते हैं। ड्रोन उड़ाने से पहले कुछ तैयारी करना आवश्यक है। सबसे पहले ड्रोन और रिमोट दोनों की बैटरी पूरी तरह चार्ज करें। फिर उड़ान के लिए एक खुली जगह चुनें, जैसे मैदान या खाली जगह, जो बिजली के तारों, पेड़ों और भीड़ से दूर हो। मौसम का ध्यान रखना भी ज़रूरी है; तेज़ हवा, बारिश या धुंध में ड्रोन न उड़ाएं। कई ड्रोन सही ढंग से उड़ने के लिए जीपीएस सिग्नल का इंतजार करते हैं, इसलिए सुनिश्चित करें कि सिग्नल पूरी तरह आ गया हो। ड्रोन उड़ाने का तरीका चरणबद्ध है: पहले रिमोट चालू करें, फिर ड्रोन चालू करें। यदि ड्रोन मोबाइल ऐप से चलता है, तो उसे कनेक्ट करें। टेक ऑफ के लिए आप ऑटो टेकऑफ बटन का उपयोग कर सकते हैं या कंट्रोल स्टिक से धीरे-धीरे ड्रोन को ऊपर उठा सकते हैं। कंट्रोल स्टिक को समझना महत्वपूर्ण है: लेफ्ट स्टिक ऊपर/नीचे करने या ड्रोन को घुमाने के लिए होती है, जबकि राइट स्टिक आगे/पीछे उड़ने या साइड में जाने के लिए होती है। सुरक्षित उड़ान के लिए कुछ नियम हैं: ड्रोन को एयरपोर्ट के पास, लोगों के सिर के ऊपर, या रात में बिना अनुमति के न उड़ाएं। साथ ही, इसे सेना या सरकारी क्षेत्र में उड़ाने से बचें। हमेशा यह ध्यान रखें कि ड्रोन आपकी आँखों के सामने रहे और जब बैटरी 20% से कम हो जाए तो उसे वापस बुला लें। ‘रिटर्न टू होम’ फीचर को हमेशा चालू रखें। भारत में ड्रोन के अपने नियम हैं, जिनमें बहुत छोटे (नैनो) ड्रोन पर कम प्रतिबंध होते हैं, लेकिन कैमरा ड्रोन के लिए कई मामलों में रजिस्ट्रेशन ज़रूरी हो सकता है। बड़े या कमर्शियल ड्रोन उड़ाने के लिए ट्रेनिंग और लाइसेंस की आवश्यकता होती है। कुछ नो-फ्लाई ज़ोन भी हैं जैसे एयरपोर्ट, सेना क्षेत्र, सरकारी भवन और बॉर्डर एरिया, जहाँ ड्रोन उड़ाना मना होता है। ड्रोन से कमाई करने के कई अवसर हैं, जिनमें शादी वीडियो शूट, यूट्यूब व्लॉग, खेती में स्प्रे करना, रियल एस्टेट वीडियो, मैपिंग सर्वे और इंस्टाग्राम रील्स शूट शामिल हैं। शुरुआती लोगों के लिए हल्के और सस्ते बिगिनर ड्रोन अच्छे होते हैं, जबकि 4K वीडियो और स्टेबल कैमरे वाले कैमरा ड्रोन यूट्यूब के लिए बेहतर हैं। तेज़ स्पीड वाले एफपीवी (FPV) ड्रोन रेसिंग और सिनेमैटिक वीडियो के लिए उपयुक्त हैं। ड्रोन सीखने के आसान टिप्स में पहले कम ऊंचाई पर उड़ाना, धीरे-धीरे कंट्रोल सीखना, रोज़ 10-15 मिनट अभ्यास करना और शुरुआत में बिना कैमरा रिकॉर्डिंग के उड़ना शामिल है।

4 hrs ago
user_Dayaram Chandravanshi
Dayaram Chandravanshi
Local News Reporter खाचरोद, उज्जैन, मध्य प्रदेश•
4 hrs ago

ड्रोन उड़ाने के लिए तीन मुख्य बातों को समझना ज़रूरी है: ड्रोन कैसे काम करता है, इसे सुरक्षित तरीके से कैसे उड़ाया जाए और भारत में इससे जुड़े क्या नियम हैं। ड्रोन दरअसल एक छोटा उड़ने वाला कैमरा या मशीन होता है, जिसे रिमोट या मोबाइल ऐप से नियंत्रित किया जाता है। इसका उपयोग वीडियो शूट, शादियों में कवरेज, खेती, मैपिंग, यूट्यूब व्लॉगिंग, सर्वे और सुरक्षा जैसे विभिन्न कार्यों में होता है। एक ड्रोन के मुख्य पुर्जे मोटर, प्रोपेलर, बैटरी, कैमरा, जीपीएस, रिमोट कंट्रोल और सेंसर होते हैं। ड्रोन उड़ाने से पहले कुछ तैयारी करना आवश्यक है। सबसे पहले ड्रोन और रिमोट दोनों की बैटरी पूरी तरह चार्ज करें। फिर उड़ान के लिए एक खुली जगह चुनें, जैसे मैदान या खाली जगह, जो बिजली के तारों, पेड़ों और भीड़ से दूर हो। मौसम का ध्यान रखना भी ज़रूरी है; तेज़ हवा, बारिश या धुंध में ड्रोन न उड़ाएं। कई ड्रोन सही ढंग से उड़ने के लिए जीपीएस सिग्नल का इंतजार करते हैं, इसलिए सुनिश्चित करें कि सिग्नल पूरी तरह आ गया हो। ड्रोन उड़ाने का तरीका चरणबद्ध है: पहले रिमोट चालू करें, फिर ड्रोन चालू करें। यदि ड्रोन मोबाइल ऐप से चलता है, तो उसे कनेक्ट करें। टेक ऑफ के लिए आप ऑटो टेकऑफ बटन का उपयोग कर सकते हैं या कंट्रोल स्टिक से धीरे-धीरे ड्रोन को ऊपर उठा सकते हैं। कंट्रोल स्टिक को समझना महत्वपूर्ण है: लेफ्ट स्टिक ऊपर/नीचे करने या ड्रोन को घुमाने के लिए होती है, जबकि राइट स्टिक आगे/पीछे उड़ने या साइड में जाने के लिए होती है। सुरक्षित उड़ान के लिए कुछ नियम हैं: ड्रोन को एयरपोर्ट के पास, लोगों के सिर के ऊपर, या रात में बिना अनुमति के न उड़ाएं। साथ ही, इसे सेना या सरकारी क्षेत्र में उड़ाने से बचें। हमेशा यह ध्यान रखें कि ड्रोन आपकी आँखों के सामने रहे और जब बैटरी 20% से कम हो जाए तो उसे वापस बुला लें। ‘रिटर्न टू होम’ फीचर को हमेशा चालू रखें। भारत में ड्रोन के अपने नियम हैं, जिनमें बहुत छोटे (नैनो) ड्रोन पर कम प्रतिबंध होते हैं, लेकिन कैमरा ड्रोन के लिए कई मामलों में रजिस्ट्रेशन ज़रूरी हो सकता है। बड़े या कमर्शियल ड्रोन उड़ाने के लिए ट्रेनिंग और लाइसेंस की आवश्यकता होती है। कुछ नो-फ्लाई ज़ोन भी हैं जैसे एयरपोर्ट, सेना क्षेत्र, सरकारी भवन और बॉर्डर एरिया, जहाँ ड्रोन उड़ाना मना होता है। ड्रोन से कमाई करने के कई अवसर हैं, जिनमें शादी वीडियो शूट, यूट्यूब व्लॉग, खेती में स्प्रे करना, रियल एस्टेट वीडियो, मैपिंग सर्वे और इंस्टाग्राम रील्स शूट शामिल हैं। शुरुआती लोगों के लिए हल्के और सस्ते बिगिनर ड्रोन अच्छे होते हैं, जबकि 4K वीडियो और स्टेबल कैमरे वाले कैमरा ड्रोन यूट्यूब के लिए बेहतर हैं। तेज़ स्पीड वाले एफपीवी (FPV) ड्रोन रेसिंग और सिनेमैटिक वीडियो के लिए उपयुक्त हैं। ड्रोन सीखने के आसान टिप्स में पहले कम ऊंचाई पर उड़ाना, धीरे-धीरे कंट्रोल सीखना, रोज़ 10-15 मिनट अभ्यास करना और शुरुआत में बिना कैमरा रिकॉर्डिंग के उड़ना शामिल है।

More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
  • ड्रोन उड़ाने के लिए तीन मुख्य बातों को समझना ज़रूरी है: ड्रोन कैसे काम करता है, इसे सुरक्षित तरीके से कैसे उड़ाया जाए और भारत में इससे जुड़े क्या नियम हैं। ड्रोन दरअसल एक छोटा उड़ने वाला कैमरा या मशीन होता है, जिसे रिमोट या मोबाइल ऐप से नियंत्रित किया जाता है। इसका उपयोग वीडियो शूट, शादियों में कवरेज, खेती, मैपिंग, यूट्यूब व्लॉगिंग, सर्वे और सुरक्षा जैसे विभिन्न कार्यों में होता है। एक ड्रोन के मुख्य पुर्जे मोटर, प्रोपेलर, बैटरी, कैमरा, जीपीएस, रिमोट कंट्रोल और सेंसर होते हैं। ड्रोन उड़ाने से पहले कुछ तैयारी करना आवश्यक है। सबसे पहले ड्रोन और रिमोट दोनों की बैटरी पूरी तरह चार्ज करें। फिर उड़ान के लिए एक खुली जगह चुनें, जैसे मैदान या खाली जगह, जो बिजली के तारों, पेड़ों और भीड़ से दूर हो। मौसम का ध्यान रखना भी ज़रूरी है; तेज़ हवा, बारिश या धुंध में ड्रोन न उड़ाएं। कई ड्रोन सही ढंग से उड़ने के लिए जीपीएस सिग्नल का इंतजार करते हैं, इसलिए सुनिश्चित करें कि सिग्नल पूरी तरह आ गया हो। ड्रोन उड़ाने का तरीका चरणबद्ध है: पहले रिमोट चालू करें, फिर ड्रोन चालू करें। यदि ड्रोन मोबाइल ऐप से चलता है, तो उसे कनेक्ट करें। टेक ऑफ के लिए आप ऑटो टेकऑफ बटन का उपयोग कर सकते हैं या कंट्रोल स्टिक से धीरे-धीरे ड्रोन को ऊपर उठा सकते हैं। कंट्रोल स्टिक को समझना महत्वपूर्ण है: लेफ्ट स्टिक ऊपर/नीचे करने या ड्रोन को घुमाने के लिए होती है, जबकि राइट स्टिक आगे/पीछे उड़ने या साइड में जाने के लिए होती है। सुरक्षित उड़ान के लिए कुछ नियम हैं: ड्रोन को एयरपोर्ट के पास, लोगों के सिर के ऊपर, या रात में बिना अनुमति के न उड़ाएं। साथ ही, इसे सेना या सरकारी क्षेत्र में उड़ाने से बचें। हमेशा यह ध्यान रखें कि ड्रोन आपकी आँखों के सामने रहे और जब बैटरी 20% से कम हो जाए तो उसे वापस बुला लें। ‘रिटर्न टू होम’ फीचर को हमेशा चालू रखें। भारत में ड्रोन के अपने नियम हैं, जिनमें बहुत छोटे (नैनो) ड्रोन पर कम प्रतिबंध होते हैं, लेकिन कैमरा ड्रोन के लिए कई मामलों में रजिस्ट्रेशन ज़रूरी हो सकता है। बड़े या कमर्शियल ड्रोन उड़ाने के लिए ट्रेनिंग और लाइसेंस की आवश्यकता होती है। कुछ नो-फ्लाई ज़ोन भी हैं जैसे एयरपोर्ट, सेना क्षेत्र, सरकारी भवन और बॉर्डर एरिया, जहाँ ड्रोन उड़ाना मना होता है। ड्रोन से कमाई करने के कई अवसर हैं, जिनमें शादी वीडियो शूट, यूट्यूब व्लॉग, खेती में स्प्रे करना, रियल एस्टेट वीडियो, मैपिंग सर्वे और इंस्टाग्राम रील्स शूट शामिल हैं। शुरुआती लोगों के लिए हल्के और सस्ते बिगिनर ड्रोन अच्छे होते हैं, जबकि 4K वीडियो और स्टेबल कैमरे वाले कैमरा ड्रोन यूट्यूब के लिए बेहतर हैं। तेज़ स्पीड वाले एफपीवी (FPV) ड्रोन रेसिंग और सिनेमैटिक वीडियो के लिए उपयुक्त हैं। ड्रोन सीखने के आसान टिप्स में पहले कम ऊंचाई पर उड़ाना, धीरे-धीरे कंट्रोल सीखना, रोज़ 10-15 मिनट अभ्यास करना और शुरुआत में बिना कैमरा रिकॉर्डिंग के उड़ना शामिल है।
    1
    ड्रोन उड़ाने के लिए तीन मुख्य बातों को समझना ज़रूरी है: ड्रोन कैसे काम करता है, इसे सुरक्षित तरीके से कैसे उड़ाया जाए और भारत में इससे जुड़े क्या नियम हैं। ड्रोन दरअसल एक छोटा उड़ने वाला कैमरा या मशीन होता है, जिसे रिमोट या मोबाइल ऐप से नियंत्रित किया जाता है। इसका उपयोग वीडियो शूट, शादियों में कवरेज, खेती, मैपिंग, यूट्यूब व्लॉगिंग, सर्वे और सुरक्षा जैसे विभिन्न कार्यों में होता है। एक ड्रोन के मुख्य पुर्जे मोटर, प्रोपेलर, बैटरी, कैमरा, जीपीएस, रिमोट कंट्रोल और सेंसर होते हैं।

ड्रोन उड़ाने से पहले कुछ तैयारी करना आवश्यक है। सबसे पहले ड्रोन और रिमोट दोनों की बैटरी पूरी तरह चार्ज करें। फिर उड़ान के लिए एक खुली जगह चुनें, जैसे मैदान या खाली जगह, जो बिजली के तारों, पेड़ों और भीड़ से दूर हो। मौसम का ध्यान रखना भी ज़रूरी है; तेज़ हवा, बारिश या धुंध में ड्रोन न उड़ाएं। कई ड्रोन सही ढंग से उड़ने के लिए जीपीएस सिग्नल का इंतजार करते हैं, इसलिए सुनिश्चित करें कि सिग्नल पूरी तरह आ गया हो।

ड्रोन उड़ाने का तरीका चरणबद्ध है: पहले रिमोट चालू करें, फिर ड्रोन चालू करें। यदि ड्रोन मोबाइल ऐप से चलता है, तो उसे कनेक्ट करें। टेक ऑफ के लिए आप ऑटो टेकऑफ बटन का उपयोग कर सकते हैं या कंट्रोल स्टिक से धीरे-धीरे ड्रोन को ऊपर उठा सकते हैं। कंट्रोल स्टिक को समझना महत्वपूर्ण है: लेफ्ट स्टिक ऊपर/नीचे करने या ड्रोन को घुमाने के लिए होती है, जबकि राइट स्टिक आगे/पीछे उड़ने या साइड में जाने के लिए होती है।

सुरक्षित उड़ान के लिए कुछ नियम हैं: ड्रोन को एयरपोर्ट के पास, लोगों के सिर के ऊपर, या रात में बिना अनुमति के न उड़ाएं। साथ ही, इसे सेना या सरकारी क्षेत्र में उड़ाने से बचें। हमेशा यह ध्यान रखें कि ड्रोन आपकी आँखों के सामने रहे और जब बैटरी 20% से कम हो जाए तो उसे वापस बुला लें। ‘रिटर्न टू होम’ फीचर को हमेशा चालू रखें। भारत में ड्रोन के अपने नियम हैं, जिनमें बहुत छोटे (नैनो) ड्रोन पर कम प्रतिबंध होते हैं, लेकिन कैमरा ड्रोन के लिए कई मामलों में रजिस्ट्रेशन ज़रूरी हो सकता है। बड़े या कमर्शियल ड्रोन उड़ाने के लिए ट्रेनिंग और लाइसेंस की आवश्यकता होती है। कुछ नो-फ्लाई ज़ोन भी हैं जैसे एयरपोर्ट, सेना क्षेत्र, सरकारी भवन और बॉर्डर एरिया, जहाँ ड्रोन उड़ाना मना होता है।

ड्रोन से कमाई करने के कई अवसर हैं, जिनमें शादी वीडियो शूट, यूट्यूब व्लॉग, खेती में स्प्रे करना, रियल एस्टेट वीडियो, मैपिंग सर्वे और इंस्टाग्राम रील्स शूट शामिल हैं। शुरुआती लोगों के लिए हल्के और सस्ते बिगिनर ड्रोन अच्छे होते हैं, जबकि 4K वीडियो और स्टेबल कैमरे वाले कैमरा ड्रोन यूट्यूब के लिए बेहतर हैं। तेज़ स्पीड वाले एफपीवी (FPV) ड्रोन रेसिंग और सिनेमैटिक वीडियो के लिए उपयुक्त हैं। ड्रोन सीखने के आसान टिप्स में पहले कम ऊंचाई पर उड़ाना, धीरे-धीरे कंट्रोल सीखना, रोज़ 10-15 मिनट अभ्यास करना और शुरुआत में बिना कैमरा रिकॉर्डिंग के उड़ना शामिल है।
    user_Dayaram Chandravanshi
    Dayaram Chandravanshi
    Local News Reporter खाचरोद, उज्जैन, मध्य प्रदेश•
    4 hrs ago
  • खाचरोद नगर में बिगड़ी साफ-सफाई व्यवस्था को लेकर वार्ड 21 के पार्षद प्रतिनिधि लखन गोहर के नेतृत्व में आज मंगलवार को जनसुनवाई में धरना प्रदर्शन किया गया। इस दौरान अनुविभागीय अधिकारी को एक आवेदन भी सौंपा गया, जिसमें नगर की बदहाल स्वच्छता स्थिति को सुधारने की मांग की गई। पार्षद प्रतिनिधि लखन गोहर ने बताया कि नगर पालिका परिषद के अधिकारियों को कई बार लिखित और मौखिक शिकायतें देने के बावजूद साफ-सफाई व्यवस्था में कोई सुधार नहीं किया गया है। उनके अनुसार, संबंधित अधिकारी शिकायतों पर यह कहकर टाल देते हैं कि “आप तो शिकायत करो, जैसा चल रहा है हम तो वैसा ही चलवाएंगे।” गोहर ने आरोप लगाया कि निचले स्तर के कर्मचारियों पर कोई दबाव नहीं है और सफाई कर्मचारी व दरोगा की मिलीभगत के चलते कर्मचारी अक्सर काम से गायब रहते हैं। कई कर्मचारी एक समय काम करके भी पूरे समय का पैसा लेकर घर पर आराम करते हैं, जिससे नगर की साफ-सफाई व्यवस्था धूमिल हो रही है और जनप्रतिनिधियों की छवि भी जनता के बीच खराब हो रही है। उन्होंने यह भी कहा कि मेहनती कर्मचारियों पर दरोगा द्वारा दबाव बनाकर काम करवाया जाता है, जबकि जिन कर्मचारियों से दरोगा की सांठगांठ है, उन्हें काम ही नहीं बताया जाता। लखन गोहर ने वर्तमान स्वास्थ्य अधिकारी पर भी सवाल उठाए, जिनके पास स्वच्छता के अतिरिक्त नामांतरण प्रभारी जैसे कई महत्वपूर्ण प्रभार हैं, जिसके कारण वे साफ-सफाई पर पूरा ध्यान नहीं दे पा रहे हैं। उन्होंने बताया कि इस संबंध में उन्होंने पूर्व में 12 मई 2026 को भी जनसुनवाई में आवेदन दिया था, लेकिन उस पर आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है, जिस पर उन्होंने अपनी गहरी नाराजगी व्यक्त की। पार्षद प्रतिनिधि लखन गोहर ने मांग की है कि नगर की साफ-सफाई व्यवस्था में तत्काल सुधार किया जाए और स्वास्थ्य अधिकारी व दरोगा को उनके पदों से तुरंत हटाया जाए। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं होती हैं, तो आगामी मंगलवार को नागदा रोड पर सड़क पर चक्का जाम किया जाएगा, जिसकी समस्त जवाबदारी स्थानीय प्रशासन की होगी।
    1
    खाचरोद नगर में बिगड़ी साफ-सफाई व्यवस्था को लेकर वार्ड 21 के पार्षद प्रतिनिधि लखन गोहर के नेतृत्व में आज मंगलवार को जनसुनवाई में धरना प्रदर्शन किया गया। इस दौरान अनुविभागीय अधिकारी को एक आवेदन भी सौंपा गया, जिसमें नगर की बदहाल स्वच्छता स्थिति को सुधारने की मांग की गई।

पार्षद प्रतिनिधि लखन गोहर ने बताया कि नगर पालिका परिषद के अधिकारियों को कई बार लिखित और मौखिक शिकायतें देने के बावजूद साफ-सफाई व्यवस्था में कोई सुधार नहीं किया गया है। उनके अनुसार, संबंधित अधिकारी शिकायतों पर यह कहकर टाल देते हैं कि “आप तो शिकायत करो, जैसा चल रहा है हम तो वैसा ही चलवाएंगे।” गोहर ने आरोप लगाया कि निचले स्तर के कर्मचारियों पर कोई दबाव नहीं है और सफाई कर्मचारी व दरोगा की मिलीभगत के चलते कर्मचारी अक्सर काम से गायब रहते हैं। कई कर्मचारी एक समय काम करके भी पूरे समय का पैसा लेकर घर पर आराम करते हैं, जिससे नगर की साफ-सफाई व्यवस्था धूमिल हो रही है और जनप्रतिनिधियों की छवि भी जनता के बीच खराब हो रही है। उन्होंने यह भी कहा कि मेहनती कर्मचारियों पर दरोगा द्वारा दबाव बनाकर काम करवाया जाता है, जबकि जिन कर्मचारियों से दरोगा की सांठगांठ है, उन्हें काम ही नहीं बताया जाता।

लखन गोहर ने वर्तमान स्वास्थ्य अधिकारी पर भी सवाल उठाए, जिनके पास स्वच्छता के अतिरिक्त नामांतरण प्रभारी जैसे कई महत्वपूर्ण प्रभार हैं, जिसके कारण वे साफ-सफाई पर पूरा ध्यान नहीं दे पा रहे हैं। उन्होंने बताया कि इस संबंध में उन्होंने पूर्व में 12 मई 2026 को भी जनसुनवाई में आवेदन दिया था, लेकिन उस पर आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है, जिस पर उन्होंने अपनी गहरी नाराजगी व्यक्त की।

पार्षद प्रतिनिधि लखन गोहर ने मांग की है कि नगर की साफ-सफाई व्यवस्था में तत्काल सुधार किया जाए और स्वास्थ्य अधिकारी व दरोगा को उनके पदों से तुरंत हटाया जाए। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं होती हैं, तो आगामी मंगलवार को नागदा रोड पर सड़क पर चक्का जाम किया जाएगा, जिसकी समस्त जवाबदारी स्थानीय प्रशासन की होगी।
    user_Journalist Girdhari Lal Gehlot
    Journalist Girdhari Lal Gehlot
    Plumber खाचरोद, उज्जैन, मध्य प्रदेश•
    23 hrs ago
  • विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने सीबीएसई के नतीजों में गंभीर अनियमितताओं का आरोप लगाया है, इसे उन्होंने एक "गड़बड़ी या बड़ा खेल" करार दिया है। उनके अनुसार, यह स्थिति 18.5 लाख छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ करने जैसा है।
    1
    विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने सीबीएसई के नतीजों में गंभीर अनियमितताओं का आरोप लगाया है, इसे उन्होंने एक "गड़बड़ी या बड़ा खेल" करार दिया है। उनके अनुसार, यह स्थिति 18.5 लाख छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ करने जैसा है।
    user_ठा शंभू सिंह तंवर पत्रकार
    ठा शंभू सिंह तंवर पत्रकार
    कृषि कार्य एवं पत्रकारिता ताल, रतलाम, मध्य प्रदेश•
    1 hr ago
  • नौलखा क्षेत्र में पानी और नालियों की व्यवस्था को लेकर लोग खासे परेशान हैं। यहाँ पानी की आपूर्ति सही समय पर नहीं हो रही है और पानी केवल चार दिन ही मिल पाता है। इसके अतिरिक्त, नालियों की साफ-सफाई भी ठीक से नहीं की जा रही है, जिससे स्थिति और बिगड़ रही है। निवासियों का आरोप है कि इन गंभीर समस्याओं के बारे में उनकी कोई भी नहीं सुन रहा है।
    1
    नौलखा क्षेत्र में पानी और नालियों की व्यवस्था को लेकर लोग खासे परेशान हैं। यहाँ पानी की आपूर्ति सही समय पर नहीं हो रही है और पानी केवल चार दिन ही मिल पाता है। इसके अतिरिक्त, नालियों की साफ-सफाई भी ठीक से नहीं की जा रही है, जिससे स्थिति और बिगड़ रही है। निवासियों का आरोप है कि इन गंभीर समस्याओं के बारे में उनकी कोई भी नहीं सुन रहा है।
    user_Jivan nayak
    Jivan nayak
    पिपलोदा, रतलाम, मध्य प्रदेश•
    13 hrs ago
  • आलोट मंडी ने एक आवश्यक सूचना जारी करते हुए बताया है कि कल बकरा ईद होने के कारण मंडी में अवकाश रहेगा। इस जानकारी के अनुसार, कल मंडी में सामान्य कामकाज स्थगित रहेगा।
    1
    आलोट मंडी ने एक आवश्यक सूचना जारी करते हुए बताया है कि कल बकरा ईद होने के कारण मंडी में अवकाश रहेगा। इस जानकारी के अनुसार, कल मंडी में सामान्य कामकाज स्थगित रहेगा।
    user_Arjun rathore2994
    Arjun rathore2994
    Alliance church आलोट, रतलाम, मध्य प्रदेश•
    2 hrs ago
  • धार पुलिस अधीक्षक सचिन शर्मा और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्रीमती पारुल वेलापुरकर के निर्देश पर कानवन पुलिस ने संपत्ति संबंधी अपराधियों की धरपकड़ के लिए बड़ी कार्रवाई की है। एसडीओपी अरविंद सिंह तोमर के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी रविंद्र कुमार बारिया और उनकी टीम ने गुजरात के खेड़ा जिले के वागजीपुर ग्राम से चोरी हुए एक आईसर वाहन को जब्त करते हुए मनीष उर्फ उमेश और रवि नामक दो शातिर चोरों को गिरफ्तार किया है। पुलिस को बुधवार को मुखबिर से सूचना मिली थी कि दो व्यक्ति चोरी का आईसर वाहन बेचने के लिए सादलपुर की तरफ से नागदा-कानवन की ओर आ रहे हैं। इस सूचना पर कानवन टीम ने मनासा फाटा, महू-नीमच फोर लेन रोड पर नाकाबंदी कर एक आईसर वाहन को रोका, जिसमें सवार दोनों व्यक्तियों ने भागने का प्रयास किया, लेकिन उन्हें पकड़ लिया गया। वाहन की नंबर प्लेट GJ 07 TU 7123 दर्ज थी। पूछताछ में आरोपी वाहन के वैध दस्तावेज या ड्राइविंग लाइसेंस से संबंधित कोई जानकारी नहीं दे पाए, जिससे उनकी बातें संदिग्ध प्रतीत हुईं। पुलिस ने वाहन के असली मालिक का पता लगाया, जिसके बाद आरोपियों ने कबूल किया कि उन्होंने यह आईसर वाहन गुजरात के खेड़ा जिले के अतरसुमा से चुराया था। अतरसुमा पुलिस को भी इस संबंध में अवगत कराया गया है। कानवन पुलिस ने मौके पर ही आईसर वाहन जब्त कर थाना कानवन में सिलसिला क्रमांक 1/2026, धारा 35(1-ii), 106 बीएनएसएस और 303(2) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर आरोपी रवि और उमेश को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपियों में मनीष उर्फ उमेश (पिता लाखन ओसारी, जाति भील, उम्र 19 साल, निवासी वार्ड क्रमांक 15 रुंणजी गौतमपुरा, थाना गौतमपुरा, जिला इंदौर) और रवि (पिता कैलाश, जाति भील, उम्र 25 साल, निवासी ग्राम खंडवा, थाना सागौर, जिला धार) शामिल हैं। आरोपी मनीष उर्फ उमेश के खिलाफ थाना बड़नगर, जिला उज्जैन में अपराध क्रमांक 351/2024, धारा 309(6) बीएनएस के तहत पहले से ही एक प्रकरण दर्ज है। आरोपियों को माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया जा रहा है, जहाँ उनसे अन्य संपत्ति संबंधी अपराधों के संबंध में पूछताछ के लिए पुलिस रिमांड प्राप्त किया जाएगा। इस सराहनीय कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक रविंद्र कुमार बारिया, प्रधान आरक्षक रामेन्द्रसिंह चौहान, आरक्षक नवीन राठौड़, आरक्षक भगवती चौहान, आरक्षक अजयपालसिंह राठौर, आरक्षक संजय शिवहरे और पूरी कानवन टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
    2
    धार पुलिस अधीक्षक सचिन शर्मा और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्रीमती पारुल वेलापुरकर के निर्देश पर कानवन पुलिस ने संपत्ति संबंधी अपराधियों की धरपकड़ के लिए बड़ी कार्रवाई की है। एसडीओपी अरविंद सिंह तोमर के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी रविंद्र कुमार बारिया और उनकी टीम ने गुजरात के खेड़ा जिले के वागजीपुर ग्राम से चोरी हुए एक आईसर वाहन को जब्त करते हुए मनीष उर्फ उमेश और रवि नामक दो शातिर चोरों को गिरफ्तार किया है।

पुलिस को बुधवार को मुखबिर से सूचना मिली थी कि दो व्यक्ति चोरी का आईसर वाहन बेचने के लिए सादलपुर की तरफ से नागदा-कानवन की ओर आ रहे हैं। इस सूचना पर कानवन टीम ने मनासा फाटा, महू-नीमच फोर लेन रोड पर नाकाबंदी कर एक आईसर वाहन को रोका, जिसमें सवार दोनों व्यक्तियों ने भागने का प्रयास किया, लेकिन उन्हें पकड़ लिया गया। वाहन की नंबर प्लेट GJ 07 TU 7123 दर्ज थी। पूछताछ में आरोपी वाहन के वैध दस्तावेज या ड्राइविंग लाइसेंस से संबंधित कोई जानकारी नहीं दे पाए, जिससे उनकी बातें संदिग्ध प्रतीत हुईं। पुलिस ने वाहन के असली मालिक का पता लगाया, जिसके बाद आरोपियों ने कबूल किया कि उन्होंने यह आईसर वाहन गुजरात के खेड़ा जिले के अतरसुमा से चुराया था। अतरसुमा पुलिस को भी इस संबंध में अवगत कराया गया है।

कानवन पुलिस ने मौके पर ही आईसर वाहन जब्त कर थाना कानवन में सिलसिला क्रमांक 1/2026, धारा 35(1-ii), 106 बीएनएसएस और 303(2) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर आरोपी रवि और उमेश को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपियों में मनीष उर्फ उमेश (पिता लाखन ओसारी, जाति भील, उम्र 19 साल, निवासी वार्ड क्रमांक 15 रुंणजी गौतमपुरा, थाना गौतमपुरा, जिला इंदौर) और रवि (पिता कैलाश, जाति भील, उम्र 25 साल, निवासी ग्राम खंडवा, थाना सागौर, जिला धार) शामिल हैं। आरोपी मनीष उर्फ उमेश के खिलाफ थाना बड़नगर, जिला उज्जैन में अपराध क्रमांक 351/2024, धारा 309(6) बीएनएस के तहत पहले से ही एक प्रकरण दर्ज है। आरोपियों को माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया जा रहा है, जहाँ उनसे अन्य संपत्ति संबंधी अपराधों के संबंध में पूछताछ के लिए पुलिस रिमांड प्राप्त किया जाएगा। इस सराहनीय कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक रविंद्र कुमार बारिया, प्रधान आरक्षक रामेन्द्रसिंह चौहान, आरक्षक नवीन राठौड़, आरक्षक भगवती चौहान, आरक्षक अजयपालसिंह राठौर, आरक्षक संजय शिवहरे और पूरी कानवन टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
    user_Nitin Sankhla Saini
    Nitin Sankhla Saini
    Local News Reporter बदनावर, धार, मध्य प्रदेश•
    4 hrs ago
  • देशभर में सोशल मीडिया पर 'कॉकराच जनता पार्टी' (CJP) नामक एक व्यंग्यात्मक अभियान तेजी से फैल रहा है। यह अभियान बेरोजगारी, महंगाई और युवाओं की समस्याओं जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों को उठा रहा है। हाल के दिनों में इस अभियान के सोशल मीडिया फॉलोअर्स में तेजी से वृद्धि हुई है, जिसके कारण इसे लेकर राजनीतिक चर्चाएं भी तेज हो गई हैं। हालांकि, कुछ वायरल वीडियो और पोस्ट के संबंध में फर्जी जानकारी के प्रति चेतावनी भी जारी की गई है।
    1
    देशभर में सोशल मीडिया पर 'कॉकराच जनता पार्टी' (CJP) नामक एक व्यंग्यात्मक अभियान तेजी से फैल रहा है। यह अभियान बेरोजगारी, महंगाई और युवाओं की समस्याओं जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों को उठा रहा है। हाल के दिनों में इस अभियान के सोशल मीडिया फॉलोअर्स में तेजी से वृद्धि हुई है, जिसके कारण इसे लेकर राजनीतिक चर्चाएं भी तेज हो गई हैं। हालांकि, कुछ वायरल वीडियो और पोस्ट के संबंध में फर्जी जानकारी के प्रति चेतावनी भी जारी की गई है।
    user_कृष्ण पाल जाट
    कृष्ण पाल जाट
    Court reporter सीतामऊ, मंदसौर, मध्य प्रदेश•
    2 hrs ago
  • देश में पानी की भयंकर किल्लत के कारण महिलाएं सड़कों पर उतर आई हैं। पानी की समस्या से परेशान होकर वे बीच सड़क पर बैठकर प्रदर्शन कर रही हैं।
    1
    देश में पानी की भयंकर किल्लत के कारण महिलाएं सड़कों पर उतर आई हैं। पानी की समस्या से परेशान होकर वे बीच सड़क पर बैठकर प्रदर्शन कर रही हैं।
    user_ठा शंभू सिंह तंवर पत्रकार
    ठा शंभू सिंह तंवर पत्रकार
    कृषि कार्य एवं पत्रकारिता ताल, रतलाम, मध्य प्रदेश•
    2 hrs ago
View latest news on Shuru App
Download_Android
  • Terms & Conditions
  • Career
  • Privacy Policy
  • Blogs
Shuru, a product of Close App Private Limited.