तड़पता रहा मरीज नहीं कोई दवाई डॉक्टरों की लापरवाही के कारण मरीज की मौत परिजन लगा रहे हैं डॉक्टर के लापरवाही के कारण युवक की मौत हो गई जिला खीरी में इलाज न मिलने से मरीज की मौत परिजनों ने डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाया, विधायक ने जांच का आश्वासन दिया सीतापुर के तंबौर थाना क्षेत्र के बरसिंघवा निवासी 55 वर्षीय मिलन सिंह की कथित तौर पर इलाज न मिलने के कारण मृत्यु हो गई। परिजनों ने खमरिया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) के चिकित्सकों पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा है कि इलाज के अभाव में उनकी जान गई। जानकारी के अनुसार, मिलन सिंह फूलपुर गोनिया गांव में अपने रिश्तेदार के यहां एक शादी समारोह में शामिल होने आए थे। इसी दौरान उन्हें अचानक सीने में तेज दर्द महसूस हुआ, जिसके बाद परिजन उन्हें तत्काल शाम करीब 8 बजे सीएचसी खमरिया लेकर पहुंचे। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल पहुंचने पर काफी देर तक कोई डॉक्टर मौजूद नहीं मिला। मृतक के साथ आए ब्रजकिशोर निवासी फूलपुर गोनिया ने बताया कि अस्पताल पहुंचने के समय मिलन सिंह की हालत गंभीर थी, लेकिन वह बातचीत कर रहे थे। परिजनों ने अस्पताल परिसर से लेकर वार्ड तक मदद के लिए आवाज लगाई, लेकिन कोई चिकित्सक या स्टाफ समय पर नहीं पहुंचा। करीब एक घंटे तक इलाज की उम्मीद में इंतजार करते रहे, लेकिन इसी दौरान उनकी हालत बिगड़ती गई और अंततः उन्होंने दम तोड़ दिया। परिजनों का कहना है कि रात करीब 9 बजे डॉक्टर मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। उन्होंने आरोप लगाया कि डॉक्टरों ने केवल औपचारिकताएं पूरी कर अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लिया। घटना की सूचना मिलने पर क्षेत्रीय विधायक विनोद शंकर अवस्थी मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि चिकित्सकों की घोर लापरवाही के कारण मरीज की इलाज के अभाव में मृत्यु हुई है, जो अत्यंत गंभीर मामला है। विधायक ने आश्वासन दिया कि इस प्रकरण की जानकारी मुख्यमंत्री तक पहुंचाई जाएगी और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई कराई जाएगी। वहीं, सीएचसी अधीक्षक भी मौके पर पहुंचे और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है। इस घटना के बाद क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाल स्थिति को लेकर लोगों में आक्रोश देखा जा रहा है।
तड़पता रहा मरीज नहीं कोई दवाई डॉक्टरों की लापरवाही के कारण मरीज की मौत परिजन लगा रहे हैं डॉक्टर के लापरवाही के कारण युवक की मौत हो गई जिला खीरी में इलाज न मिलने से मरीज की मौत परिजनों ने डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाया, विधायक ने जांच का आश्वासन दिया सीतापुर के तंबौर थाना क्षेत्र के बरसिंघवा निवासी 55 वर्षीय मिलन सिंह की कथित तौर पर इलाज न मिलने के कारण मृत्यु हो गई। परिजनों ने खमरिया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) के चिकित्सकों पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा है कि इलाज के अभाव में उनकी जान गई। जानकारी के अनुसार, मिलन सिंह फूलपुर गोनिया गांव में अपने रिश्तेदार के यहां एक शादी समारोह में शामिल होने आए थे। इसी दौरान उन्हें अचानक सीने में तेज दर्द महसूस हुआ, जिसके बाद परिजन उन्हें तत्काल शाम करीब 8 बजे सीएचसी खमरिया लेकर पहुंचे। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल पहुंचने पर काफी देर तक कोई डॉक्टर मौजूद नहीं मिला। मृतक के साथ आए ब्रजकिशोर निवासी फूलपुर गोनिया ने बताया कि अस्पताल पहुंचने के समय मिलन सिंह की हालत गंभीर थी, लेकिन वह बातचीत कर रहे थे। परिजनों ने अस्पताल परिसर से लेकर वार्ड तक मदद के लिए आवाज लगाई, लेकिन कोई चिकित्सक या स्टाफ समय पर नहीं पहुंचा। करीब एक घंटे तक इलाज की उम्मीद में इंतजार करते रहे, लेकिन इसी दौरान उनकी हालत बिगड़ती गई और अंततः उन्होंने दम तोड़ दिया। परिजनों का कहना है कि रात करीब 9 बजे डॉक्टर मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। उन्होंने आरोप लगाया कि डॉक्टरों ने केवल औपचारिकताएं पूरी कर अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लिया। घटना की सूचना मिलने पर क्षेत्रीय विधायक विनोद शंकर अवस्थी मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि चिकित्सकों की घोर लापरवाही के कारण मरीज की इलाज के अभाव में मृत्यु हुई है, जो अत्यंत गंभीर मामला है। विधायक ने आश्वासन दिया कि इस प्रकरण की जानकारी मुख्यमंत्री तक पहुंचाई जाएगी और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई कराई जाएगी। वहीं, सीएचसी अधीक्षक भी मौके पर पहुंचे और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है। इस घटना के बाद क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाल स्थिति को लेकर लोगों में आक्रोश देखा जा रहा है।
- जिला खीरी में इलाज न मिलने से मरीज की मौत परिजनों ने डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाया, विधायक ने जांच का आश्वासन दिया सीतापुर के तंबौर थाना क्षेत्र के बरसिंघवा निवासी 55 वर्षीय मिलन सिंह की कथित तौर पर इलाज न मिलने के कारण मृत्यु हो गई। परिजनों ने खमरिया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) के चिकित्सकों पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा है कि इलाज के अभाव में उनकी जान गई। जानकारी के अनुसार, मिलन सिंह फूलपुर गोनिया गांव में अपने रिश्तेदार के यहां एक शादी समारोह में शामिल होने आए थे। इसी दौरान उन्हें अचानक सीने में तेज दर्द महसूस हुआ, जिसके बाद परिजन उन्हें तत्काल शाम करीब 8 बजे सीएचसी खमरिया लेकर पहुंचे। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल पहुंचने पर काफी देर तक कोई डॉक्टर मौजूद नहीं मिला। मृतक के साथ आए ब्रजकिशोर निवासी फूलपुर गोनिया ने बताया कि अस्पताल पहुंचने के समय मिलन सिंह की हालत गंभीर थी, लेकिन वह बातचीत कर रहे थे। परिजनों ने अस्पताल परिसर से लेकर वार्ड तक मदद के लिए आवाज लगाई, लेकिन कोई चिकित्सक या स्टाफ समय पर नहीं पहुंचा। करीब एक घंटे तक इलाज की उम्मीद में इंतजार करते रहे, लेकिन इसी दौरान उनकी हालत बिगड़ती गई और अंततः उन्होंने दम तोड़ दिया। परिजनों का कहना है कि रात करीब 9 बजे डॉक्टर मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। उन्होंने आरोप लगाया कि डॉक्टरों ने केवल औपचारिकताएं पूरी कर अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लिया। घटना की सूचना मिलने पर क्षेत्रीय विधायक विनोद शंकर अवस्थी मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि चिकित्सकों की घोर लापरवाही के कारण मरीज की इलाज के अभाव में मृत्यु हुई है, जो अत्यंत गंभीर मामला है। विधायक ने आश्वासन दिया कि इस प्रकरण की जानकारी मुख्यमंत्री तक पहुंचाई जाएगी और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई कराई जाएगी। वहीं, सीएचसी अधीक्षक भी मौके पर पहुंचे और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है। इस घटना के बाद क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाल स्थिति को लेकर लोगों में आक्रोश देखा जा रहा है।1
- *स्लग-इटावा महानवादी पार्टी के राष्ट्रीय महा सचिव हरीश लोधी ने उठायी आवाज इटावा में दर्दनाक हादसा! 11000 वोल्ट लाइन की चपेट में आया युवक* *— हाथ-पैर कटे, प्रशासन पर उठे सवाल* एंकर -इटावा से एक ऐसी खबर, जो दिल दहला देगी… एक मेहनतकश युवक, जिसने अभी 6 महीने पहले ही अपनी नई जिंदगी शुरू की थी, आज बेबस और लाचार हो चुका है ग्राम नेबरपुर निवासी आशुतोष, मजदूरी करने नगर पालिका क्षेत्र में गए थे… काम के दौरान 11000 वोल्ट की हाईटेंशन लाइन की चपेट में आ गए… करंट इतना भयानक था कि वह दो मंजिला ऊंचाई से नीचे गिर पड़े… अस्पताल में जिंदगी और मौत की जंग… और आखिरकार डॉक्टरों को उनकी जान बचाने के लिए एक हाथ और एक पैर काटना पड़ा जो शख्स कल तक अपने परिवार का सहारा था… आज खुद दूसरों के सहारे पर जीने को मजबूर है… *(कलेक्ट्रेट, इटावा)* जी हाँ, यह मामला अब सिर्फ एक हादसा नहीं, बल्कि सिस्टम की लापरवाही की कहानी बन चुका है इतनी बड़ी घटना के बाद भी न जिला प्रशासन… न बिजली विभाग… कोई जिम्मेदार अधिकारी पीड़ित के घर तक नहीं पहुँचा *(खुले तार, भीड़, प्रदर्शन के दृश्य):* शहर के बीचों-बीच खुले और असुरक्षित हाई वोल्टेज तार… सीधे-सीधे विभागीय लापरवाही को उजागर कर रहे हैं इसी लापरवाही के खिलाफ अब आवाज बुलंद हो चुकी है… महानवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव हरीश लोधी और भारतीय दिव्यांग संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष बॉबी गोला ने मोर्चा खोल दिया है *(प्रदर्शन, ज्ञापन सौंपते लोग):* सैकड़ों लोगों के साथ कलेक्ट्रेट पहुँचकर जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा गया… और प्रशासन को चेतावनी दी गई… “पीड़ित को न्याय चाहिए… 10 से 20 लाख की मदद और पत्नी को सरकारी नौकरी मिलनी चाहिए… दोषियों पर कार्रवाई होनी चाहिए जिलाधिकारी ने भरोसा तो दिया है… लेकिन सवाल ये है — क्या ये भरोसा हकीकत बनेगा क्या एक गरीब की जिंदगी की कीमत सिर्फ आश्वासन है क्या जिम्मेदारों पर कार्रवाई होगी… या फिर यह मामला भी फाइलों में दब जाएगा? 👉 ये सवाल सिर्फ आशुतोष का नहीं… 👉 ये सवाल पूरे सिस्टम से है… जिलाधिकारी का दिया गया आश्वाशन पूरा नहीं हुआ तों महानवादी पार्टी के हरीश लोधी एवं समाज के लोग बड़ा आंदोलन की तैयारी करेंगे जो इटावा मे इतिहास बदल जाएगा4
- Post by Bijendra Yadav1
- उत्तर प्रदेश : जिला प्रतापगढ़ में डीजल से भरा टैंकर पलट गया। सड़क पर बिखरे डीजल को स्थानीय गांव वाले बर्तनों में भरकर ले गए।1
- परशुराम जयंती पर सवर्ण आर्मी का भव्य आयोजन, गूंजे ‘जय परशुराम’ के जयकारे1
- पलिया कलां (लखीमपुर खीरी )। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो को लेकर खाद्य विभाग में हड़कंप मच गया है। वीडियो में फूड इंस्पेक्टर के ड्राइवर को एक व्यापारी से लिफाफा लेते हुए दिखाया जा रहा है, जिस पर अवैध वसूली के आरोप लगाए जा रहे हैं। मामले में फूड इंस्पेक्टर अभिषेक कुमार ने सफाई देते हुए कहा कि वायरल वीडियो लगभग तीन वर्ष पुराना है और उनके कार्यकाल से इसका कोई संबंध नहीं है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस प्रकरण में न तो किसी व्यापारी द्वारा कोई आरोप लगाया गया है, न ही कोई शिकायत दर्ज कराई गई। उनके अनुसार उनकी छवि धूमिल करने के उद्देश्य से वीडियो को भ्रामक तरीके से प्रसारित किया जा रहा है। वहीं ड्राइवर हिमांशु यादव ने भी आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उनका कहना है कि लिफाफे में व्यापारी द्वारा फूड लाइसेंस के नवीनीकरण से संबंधित दस्तावेज दिए जा रहे थे, न कि कोई धनराशि। उन्होंने एक तथाकथित पत्रकार पर वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करने और ₹50 हजार की मांग करने का आरोप लगाया है। सहायक खाद्य आयुक्त ब्रजेन्द्र शर्मा ने बताया कि मामले का संज्ञान लेते हुए संबंधित अधिकारी से स्पष्टीकरण मांगा गया। प्रारंभिक जांच में वीडियो पुराना पाया गया है। उन्होंने कहा कि विभाग की छवि खराब करने के उद्देश्य से इसे वायरल किया गया प्रतीत होता है। फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है और संबंधित पक्षों के बयानों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।1
- Post by Shaban Siddiqui1
- **खुटार में खुलेआम बेची जा रही चिप्पड़ पुड़िया, वीडियो वायरल** ---- युवा पीढ़ी नशे की चपेट में आकर हो रही बर्बाद, नागरिकों ने की कार्यवाही की मांग खुटार। शाहजहांपुर के तेज तर्रार पुलिस अधीक्षक सौरभ दीक्षित और जिलाधिकारी धर्मेंद्र प्रताप सिंह के द्वारा लगातार अवैध नशीले पदार्थों की बिक्री की रोकथाम के लिए आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए जा रहे हैं। लेकिन खुटार में पुवायां रोड पर बड़ौदा उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक के सामने भांग के ठेके के नाम पर अवैध तरीके से चिप्पड़ पुड़िया बिक्री करने का काम किया जा रहा है। इसकी शिकायत कई बार लोगों ने स्थानीय पुलिस के साथ ही आबकारी विभाग से की। लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। जिस वजह से यहां पर छोटे-छोटे मासूम और नाबालिक बच्चों को भी चिप्पड़ पुड़िया दुकानदार के द्वारा खुले आम 100 और 50 रुपए में बिक्री की जा रही है। जिससे नव युवा नशे की चपेट में आकर बर्बादी की कगार पर पहुंच रहा है। नगर के लोगों ने खुलेआम बेची जा रही चिप्पड़ पुड़िया की बिक्री पर रोकथाम लगाने के लिए दुकानदार के खिलाफ कार्रवाई कराई जाने की मांग की है। इसी का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रह1