विवेक सिंह तोमर ने "सेफ क्लिक 2.0" अभियान के अंतर्गत आयोजित एक साइबर सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम में नागरिकों, विद्यार्थियों और युवाओं को साइबर अपराधों से बचाव के संबंध में विस्तृत जानकारी प्रदान की। उन्होंने बताया कि वर्तमान समय में ऑनलाइन धोखाधड़ी, फर्जी कॉल, सोशल मीडिया फ्रॉड, बैंकिंग ठगी और मोबाइल चोरी जैसी घटनाएं तेजी से बढ़ रही हैं, जिसके कारण प्रत्येक व्यक्ति का साइबर सुरक्षा के प्रति सजग और जागरूक रहना अत्यंत आवश्यक है। कार्यक्रम के दौरान, "सेफ क्लिक 2.0" की थीम के तहत विभिन्न महत्वपूर्ण साइबर सुरक्षा पोर्टलों और सेवाओं पर विस्तार से चर्चा की गई। थाना प्रभारी विवेक सिंह तोमर ने विशेष रूप से संचार साथी और CEIR (Central Equipment Identity Register) पोर्टल का उल्लेख किया। उन्होंने समझाया कि यदि किसी व्यक्ति का मोबाइल फोन चोरी हो जाता है या गुम हो जाता है, तो वह भारत सरकार के संचार साथी पोर्टल और CEIR के माध्यम से अपने मोबाइल को तुरंत ब्लॉक कर सकता है, जिससे चोरी हुए मोबाइल का गलत उपयोग रोका जा सकेगा।
विवेक सिंह तोमर ने "सेफ क्लिक 2.0" अभियान के अंतर्गत आयोजित एक साइबर सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम में नागरिकों, विद्यार्थियों और युवाओं को साइबर अपराधों से बचाव के संबंध में विस्तृत जानकारी प्रदान की। उन्होंने बताया कि वर्तमान समय में ऑनलाइन धोखाधड़ी, फर्जी कॉल, सोशल मीडिया फ्रॉड, बैंकिंग ठगी और मोबाइल चोरी जैसी घटनाएं तेजी से बढ़ रही हैं, जिसके कारण प्रत्येक व्यक्ति का साइबर सुरक्षा के प्रति सजग और जागरूक रहना अत्यंत आवश्यक है। कार्यक्रम के दौरान, "सेफ क्लिक 2.0" की थीम के तहत विभिन्न महत्वपूर्ण साइबर सुरक्षा पोर्टलों और सेवाओं पर विस्तार से चर्चा की गई। थाना प्रभारी विवेक सिंह तोमर ने विशेष रूप से संचार साथी और CEIR (Central Equipment Identity Register) पोर्टल का उल्लेख किया। उन्होंने समझाया कि यदि किसी व्यक्ति का मोबाइल फोन चोरी हो जाता है या गुम हो जाता है, तो वह भारत सरकार के संचार साथी पोर्टल और CEIR के माध्यम से अपने मोबाइल को तुरंत ब्लॉक कर सकता है, जिससे चोरी हुए मोबाइल का गलत उपयोग रोका जा सकेगा।
- विवेक सिंह तोमर ने "सेफ क्लिक 2.0" अभियान के अंतर्गत आयोजित एक साइबर सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम में नागरिकों, विद्यार्थियों और युवाओं को साइबर अपराधों से बचाव के संबंध में विस्तृत जानकारी प्रदान की। उन्होंने बताया कि वर्तमान समय में ऑनलाइन धोखाधड़ी, फर्जी कॉल, सोशल मीडिया फ्रॉड, बैंकिंग ठगी और मोबाइल चोरी जैसी घटनाएं तेजी से बढ़ रही हैं, जिसके कारण प्रत्येक व्यक्ति का साइबर सुरक्षा के प्रति सजग और जागरूक रहना अत्यंत आवश्यक है। कार्यक्रम के दौरान, "सेफ क्लिक 2.0" की थीम के तहत विभिन्न महत्वपूर्ण साइबर सुरक्षा पोर्टलों और सेवाओं पर विस्तार से चर्चा की गई। थाना प्रभारी विवेक सिंह तोमर ने विशेष रूप से संचार साथी और CEIR (Central Equipment Identity Register) पोर्टल का उल्लेख किया। उन्होंने समझाया कि यदि किसी व्यक्ति का मोबाइल फोन चोरी हो जाता है या गुम हो जाता है, तो वह भारत सरकार के संचार साथी पोर्टल और CEIR के माध्यम से अपने मोबाइल को तुरंत ब्लॉक कर सकता है, जिससे चोरी हुए मोबाइल का गलत उपयोग रोका जा सकेगा।1
- पोरसा नगर में श्री नागाजी सफाई अभियान टीम के सदस्यों ने पूरे उत्साह और समर्पण के साथ एक विशेष स्वच्छता अभियान चलाया, जिसमें नगर के प्रमुख धार्मिक स्थल—श्री नागाजी मंदिर, छोटी जग्गा मंदिर, गिर्राज जी मंदिर और करोली वाली माता मंदिर—शामिल थे। इस अभियान के दौरान मंदिर परिसरों की बारीकी से झाड़ू-पोछा और पानी से धुलाई की गई, जिससे संपूर्ण परिसर स्वच्छ और पवित्र हो गया। टीम का मानना है कि इस तरह की नियमित सफाई से न केवल वातावरण शुद्ध होता है, बल्कि श्रद्धालुओं के मन में भी सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। यह टीम लगभग नौ वर्ष पूर्व पोरसा शहर के समाजसेवियों द्वारा गठित की गई थी। तब से लेकर आज तक यह टीम हर महीने दंदरौआ मंदिर, शहर के कई मंदिरों सहित अन्य धार्मिक स्थलों पर नियमित रूप से सफाई अभियान चलाती आ रही है, जो इनकी निरंतर सेवा भावना और धार्मिक आस्था का प्रतीक है। आज के इस पुनीत कार्य में मुख्य रूप से बबलू दुबे, रामसनेही सिंह तोमर, गंभीर सिंह तोमर, संजय शर्मा, राममोहन कटारे, मुकेश शर्मा, रवि ओझा, अवधेश शर्मा, अनिल शर्मा, नितिन शर्मा, ओमप्रकाश कुशवाहा, अनुज दुबे, गिर्राज सिंह तोमर, धरमेश शर्मा, धर्मेंद्र कुशवाहा और सनी रजक सहित कई समाजसेवियों ने सक्रिय भूमिका निभाकर अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया। धार्मिक और सामाजिक दृष्टि से इस सफाई अभियान को महत्वपूर्ण माना जाता है, क्योंकि इससे आध्यात्मिक पुण्य की प्राप्ति होती है, मन और आत्मा की शुद्धि होती है, तथा स्वच्छ वातावरण में सकारात्मक ऊर्जा का संचार बढ़ता है। ऐसे कार्य समाज में स्वच्छता और सेवा का संदेश देते हुए दूसरों को भी सामाजिक व धार्मिक कार्यों में भाग लेने के लिए प्रेरित करते हैं, साथ ही साफ-सफाई से स्वास्थ्य लाभ भी मिलता है। श्री नागाजी सफाई अभियान टीम का यह प्रयास यह सिद्ध करता है कि “सेवा ही सच्चा धर्म है।” टीम ने पोरसा के नागरिकों से अपील की है कि वे भी इस तरह के पुण्य कार्यों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें और अपने धार्मिक स्थलों को स्वच्छ व पवित्र बनाए रखने में सहयोग करें।3
- आज पोरसा नगर में धर्म, सेवा और सामाजिक जिम्मेदारी का एक प्रेरणादायक उदाहरण देखने को मिला, जहाँ श्री नागाजी सफाई अभियान टीम के सदस्यों ने पूरे उत्साह और समर्पण के साथ नगर के प्रमुख धार्मिक स्थलों पर विशेष सफाई अभियान चलाया। इस अभियान के तहत श्री नागाजी मंदिर, छोटी जग्गा मंदिर, गिर्राज जी मंदिर और करोली वाली माता मंदिर के परिसरों की बारीकी से सफाई की गई, जिसमें झाड़ू-पोछा और पानी से धुलाई कर संपूर्ण स्थल को स्वच्छ और पवित्र बनाया गया। यह नियमित सफाई न केवल वातावरण को शुद्ध करती है, बल्कि श्रद्धालुओं के मन में भी सकारात्मक ऊर्जा का संचार करती है। उल्लेखनीय है कि पोरसा शहर के समाजसेवियों द्वारा लगभग नौ वर्ष पूर्व इस टीम का गठन किया गया था, और तब से लेकर आज तक यह टीम हर महीने दंदरौआ मंदिर, शहर के कई अन्य मंदिरों सहित विभिन्न धार्मिक स्थलों पर नियमित रूप से सफाई अभियान चलाती आ रही है, जो इनकी सेवा भावना और धार्मिक आस्था का प्रतीक है। आज के इस पुनीत कार्य में बबलू दुबे, रामसनेही सिंह तोमर, गंभीर सिंह तोमर, संजय शर्मा, राममोहन कटारे, मुकेश शर्मा, रवि ओझा, अवधेश शर्मा, अनिल शर्मा, नितिन शर्मा, ओमप्रकाश कुशवाहा, अनुज दुबे, गिर्राज सिंह तोमर, धरमेश शर्मा, धर्मेंद्र कुशवाहा और सनी रजक सहित कई समाजसेवियों ने भाग लेकर अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया। धार्मिक और सामाजिक दोनों दृष्टियों से मंदिर की सफाई से अनेक पुण्य लाभ प्राप्त होते हैं। हिंदू धर्म में मंदिर को भगवान का निवास स्थान माना जाता है, और इसकी सफाई ईश्वर की सीधी सेवा के समान है, जिससे आध्यात्मिक पुण्य मिलता है। निःस्वार्थ सेवा मन और आत्मा को शुद्ध करती है, क्योंकि सफाई करते समय व्यक्ति का ध्यान ईश्वर में लगता है, जिससे मानसिक शांति और संतोष की प्राप्ति होती है। स्वच्छ और सुव्यवस्थित मंदिर सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं, जो श्रद्धालुओं को शांति और आध्यात्मिक आनंद प्रदान करता है। इसके अतिरिक्त, ऐसे कार्य समाज में स्वच्छता और सेवा का संदेश देकर दूसरों को प्रेरित करते हैं और बीमारियों का खतरा कम करके पूरे समाज को स्वास्थ्य लाभ भी देते हैं। श्री नागाजी सफाई अभियान टीम का यह निरंतर प्रयास इस बात को सिद्ध करता है कि "सेवा ही सच्चा धर्म है।" इन समाजसेवियों की निस्वार्थ भावना न केवल धार्मिक आस्था को मजबूत करती है, बल्कि पूरे समाज के लिए एक प्रेरणादायक उदाहरण भी प्रस्तुत करती है। पोरसा के नागरिकों से भी अपील की गई है कि वे इस तरह के पुण्य कार्यों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें और अपने धार्मिक स्थलों को स्वच्छ व पवित्र बनाए रखने में सहयोग करें।1
- अजमेर की हाई सिक्योरिटी जेल में पूर्व दस्यु जगन गुर्जर की हत्या के मामले पर राजाखेड़ा विधायक रोहित बोहरा ने सरकार पर तीखा हमला बोला है। रविवार को एक बयान जारी करते हुए विधायक बोहरा ने इस घटना को सरकार की “बड़ी नाकामी और टोटल फेलियर” करार दिया और इसकी सीबीआई जांच की मांग की है। विधायक रोहित बोहरा ने इस घटना को अत्यंत निंदनीय बताया, खासकर यह देखते हुए कि अजमेर की इस जेल में हाई रिस्क कैदियों को रखा जाता है। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि जवाहर सिंह बेढम द्वारा परिवार की मानी गई मांगों को तुरंत लागू किया जाए। बोहरा ने इस मामले में जिम्मेदार लोगों की पहचान को लेकर सवाल उठाए, पूछा कि क्या कोई मंत्री इस्तीफा देने को तैयार है या नहीं, और यह भी कहा कि अब तक किसी जेलर या अधिकारी को निलंबित नहीं किया गया है। उन्होंने सरकार पर आरोप लगाया कि वह कानून-व्यवस्था की बिगड़ती स्थिति के बावजूद केवल इवेंट मैनेजमेंट और होर्डिंग लगाने में व्यस्त है। विधायक ने यह भी कहा कि सरकार छोटी-छोटी बातों पर चालान काटने पर जोर देती है, लेकिन हत्याओं जैसे गंभीर मुद्दों पर ध्यान नहीं दे रही है। इस घटना पर चिंता व्यक्त करते हुए बोहरा ने कहा कि आम आदमी त्रस्त है और सरकार इस गंभीर त्रासदी पर संज्ञान नहीं ले रही है। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह पूरी घटना राजस्थान की जेल व्यवस्था और कानून-व्यवस्था की स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े करती है।1
- पुलिस अधिकारियों और वकीलों के बीच कानूनी दांव-पेच को लेकर एक गंभीर आरोप सामने आया है, जिसमें दावा किया गया है कि वकीलों के पास ऐसे तरीके होते हैं जिससे वे पुलिसकर्मियों को कानूनी तौर पर हरा सकते हैं। इस संदर्भ में एक घटना का जिक्र किया गया है, जहाँ जोधपुर (राजस्थान) में एक थानाधिकारी (SHO) ने एक वकील से अभद्र भाषा का प्रयोग किया और उसे धारा 151 के तहत अंदर करने की धमकी दी। इसके बाद वकील ने राजस्थान उच्च न्यायालय में अपील दायर की, जिसके परिणामस्वरूप न्यायालय ने 3 दिसम्बर 2025 को संबंधित थाने को ही निलंबित कर दिया और दो अधिकारियों को भी निलंबित कर दिया। इसी वजह से पुलिसकर्मी वकीलों से दूरी बनाए रखते हैं। इस बीच, "भरतभूषण तिवारी की शहादत" को लेकर 65 एपिसोड और 72 वीडियो साझा किए गए हैं, जिनका दावा है कि वे अपना प्रभाव दिखा रहे हैं। इन वीडियो को देखने के लिए दर्शकों को प्रोफाइल फोटो पर क्लिक करके प्रोफाइल खोलने का सुझाव दिया गया है। ताजा घटनाक्रम में, रायबरेली जिले के दीपक पंडित को एसपी श्रीराज ने कथित तौर पर हिरासत में लेकर धमकी दी और उनके खिलाफ मामला दर्ज कर दिया। इस पर, एडवोकेट रूपम ने एसपी को सीधे चुनौती दी, जिसमें उन्होंने कहा कि अगर एसपी साहब में "औकात और हिम्मत है तो मेरी लिंक भेज दीजिए" और अपना नाम "एडवोकेट रूपम" बताते हुए उन्हें सर्च करने के लिए कहा। इस मामले में सम्राट चौधरी को भी घसीटा गया है।2
- पुलिस विभाग में ड्राइवर हवलदार के पद पर कार्यरत काशीनाथ तिवारी, जो भरत तिवारी के पिता हैं, उनके बावजूद पुलिस ने स्वयं 'पुलिस के साथ दंगल खेल दिया' है। इस घटना को लेकर सरदार भैया में भी बहुत तेज क्रोध उमड़ रहा है, जो स्थिति की गंभीरता को दर्शाता है। भरत तिवारी के चचेरे भाई, जो बिहार पुलिस में कांस्टेबल हैं, ने अपने भाई को खोने के गहरे गम के चलते सारी पुलिस कस्टडी को अलर्ट कर दिया है। यह कदम पुलिस के ही एक हिस्से के भीतर उत्पन्न हुए आक्रोश और बदले की भावना को स्पष्ट रूप से उजागर करता है।2
- मध्य प्रदेश के अम्बाह विधानसभा क्षेत्र में एक स्कूल के भीतर नल का पानी भर गया है, जिससे वहां पहले से ही जलभराव की स्थिति बनी हुई है। इस मौजूदा हालात को देखते हुए अब यह गंभीर चिंता जताई जा रही है कि आगामी बारिश के मौसम में स्कूल की स्थिति और भी बदतर हो जाएगी, और तब इसका क्या हाल होगा।1