विद्यापतिनगर थाना क्षेत्र से गुजरने वाली राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 122बी पर बढ़ौना गांव के समीप शुक्रवार देर शाम हुए एक सड़क हादसे में बढ़ौना निवासी सोनेलाल सदा के पुत्र टुनटुन सदा की मौके पर ही मौत हो गई। इस दुखद घटना के बाद मृतक के परिजनों में गहरा शोक व्याप्त है, जबकि पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है। स्थानीय लोगों के अनुसार, टुनटुन सदा भोजन के बाद सड़क किनारे टहल रहे थे, तभी एक तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि उनकी घटनास्थल पर ही मृत्यु हो गई और घटना को अंजाम देने के बाद वाहन चालक मौके से फरार हो गया। सूचना मिलने पर विद्यापतिनगर थाना की पुलिस ने तुरंत मौके पर पहुँचकर शव को कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल समस्तीपुर भेज दिया। थानाध्यक्ष सूरज कुमार ने बताया कि अज्ञात वाहन की पहचान और चालक की गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं। इस हादसे के बाद ग्रामीणों ने निर्माणाधीन राष्ट्रीय राजमार्ग पर सुरक्षा इंतजामों की घोर कमी पर कड़ी नाराजगी जताई है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि सड़क निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा मानकों की अनदेखी की जा रही है, जिसके कारण आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं। उन्होंने बताया कि निर्माण एजेंसी द्वारा न तो पर्याप्त बैरिकेडिंग की गई है और न ही रात में वाहनों को सतर्क करने के लिए रेडियम संकेतक, चेतावनी बोर्ड या पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था की गई है। ग्रामीणों के अनुसार, कई स्थानों पर निर्माण सामग्री और मिट्टी सड़क के किनारे ही छोड़ दी गई है, जिससे रात के समय राहगीरों और वाहन चालकों को सड़क की स्थिति स्पष्ट न होने के कारण भारी परेशानी होती है और दुर्घटनाओं का जोखिम बना रहता है। ग्रामीणों ने प्रशासन और निर्माण एजेंसी से सड़क सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन सुनिश्चित कराने, मृतक के परिजनों को उचित मुआवजा देने और दुर्घटना के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
विद्यापतिनगर थाना क्षेत्र से गुजरने वाली राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 122बी पर बढ़ौना गांव के समीप शुक्रवार देर शाम हुए एक सड़क हादसे में बढ़ौना निवासी सोनेलाल सदा के पुत्र टुनटुन सदा की मौके पर ही मौत हो गई। इस दुखद घटना के बाद मृतक के परिजनों में गहरा शोक व्याप्त है, जबकि पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है। स्थानीय लोगों के अनुसार, टुनटुन सदा भोजन के बाद सड़क किनारे टहल रहे थे, तभी एक तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने उन्हें
जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि उनकी घटनास्थल पर ही मृत्यु हो गई और घटना को अंजाम देने के बाद वाहन चालक मौके से फरार हो गया। सूचना मिलने पर विद्यापतिनगर थाना की पुलिस ने तुरंत मौके पर पहुँचकर शव को कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल समस्तीपुर भेज दिया। थानाध्यक्ष सूरज कुमार ने बताया कि अज्ञात वाहन की पहचान और चालक की गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं। इस हादसे के बाद ग्रामीणों ने निर्माणाधीन
राष्ट्रीय राजमार्ग पर सुरक्षा इंतजामों की घोर कमी पर कड़ी नाराजगी जताई है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि सड़क निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा मानकों की अनदेखी की जा रही है, जिसके कारण आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं। उन्होंने बताया कि निर्माण एजेंसी द्वारा न तो पर्याप्त बैरिकेडिंग की गई है और न ही रात में वाहनों को सतर्क करने के लिए रेडियम संकेतक, चेतावनी बोर्ड या पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था की गई है। ग्रामीणों के अनुसार, कई स्थानों
पर निर्माण सामग्री और मिट्टी सड़क के किनारे ही छोड़ दी गई है, जिससे रात के समय राहगीरों और वाहन चालकों को सड़क की स्थिति स्पष्ट न होने के कारण भारी परेशानी होती है और दुर्घटनाओं का जोखिम बना रहता है। ग्रामीणों ने प्रशासन और निर्माण एजेंसी से सड़क सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन सुनिश्चित कराने, मृतक के परिजनों को उचित मुआवजा देने और दुर्घटना के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
- समस्तीपुर के मोहिउद्दीन नगर प्रखंड क्षेत्र के नंदनी गाँव में विश्व अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस धूमधाम से मनाया गया। यह आयोजन सरस्वती शिशु मंदिर नंदनी द्वारा किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में शिक्षक-शिक्षिकाएँ और स्कूली बच्चे मौजूद रहे। हालांकि, इस अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर सरकारी स्कूलों में इसका आयोजन नदारद रहा, जिसके कारण सरकार की किरकिरी हो रही है। इस योग दिवस पर सरस्वती शिशु मंदिर नंदनी के प्रधानाध्यापक अशोक कुमार ठाकुर ने एक संदेश भी दिया।1
- वैशाली जिले के महनार निवासी धर्मराज रौशन रहस्यमय ढंग से लापता हो गए हैं, जिससे उनके परिवार में गहरी चिंता व्याप्त है। उनकी गुमशुदगी को लेकर क्षेत्र में #गुमशुदा_की_तलाश और #MissingPerson जैसे हैशटैग के साथ जानकारी साझा की जा रही है, जिसमें जनता से धर्मराज रौशन को खोजने में मदद करने की अपील की जा रही है।1
- Post by Azzibulhaq Shaikh2
- अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर, बाढ़ अनुमंडल के अगवानपुर खेल मैदान में एक भव्य योग कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में बाढ़ विधायक डॉ. सियाराम सिंह ने भाजपा नेताओं, कार्यकर्ताओं और स्थानीय नागरिकों के साथ मिलकर योगाभ्यास किया, और स्वस्थ जीवन जीने के महत्वपूर्ण संदेश को साझा किया। 21 जून की सुबह हुए इस सामूहिक योगाभ्यास में विधायक डॉ. सियाराम सिंह मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे। उनके साथ भाजपा बाढ़ जिला अध्यक्ष शैलेन्द्र कुमार, मुकुंद कुमार, विश्वाकांत सिंह 'सिट्टू', बाढ़ नगर बीस सूत्री अध्यक्ष संजय शाह, संतोष कुमार, और अरविन्द कुमार सहित बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता और स्थानीय लोग उत्साहपूर्वक शामिल हुए। योग प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन में सभी उपस्थित लोगों ने विभिन्न योगासन और प्राणायाम का अभ्यास किया, तथा अपनी दिनचर्या में नियमित योग को शामिल करने का संकल्प लिया। इस दौरान पूरे मैदान में एक ऊर्जावान और उत्साहपूर्ण माहौल देखा गया। इस अवसर पर, विधायक डॉ. सियाराम सिंह ने जोर देकर कहा कि योग केवल एक शारीरिक व्यायाम मात्र नहीं है, बल्कि यह भारत की प्राचीन जीवन पद्धति का एक अभिन्न अंग है। उन्होंने बताया कि नियमित योगाभ्यास से शरीर स्वस्थ रहता है, मन शांत होता है, और जीवन संतुलित बनता है। डॉ. सिंह ने आधुनिक जीवनशैली की भागदौड़ में योग के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह तनाव, मधुमेह, उच्च रक्तचाप जैसी अनेक बीमारियों से बचाव में अत्यंत सहायक है। उन्होंने सभी लोगों से प्रतिदिन कम से कम 30 मिनट तक योग करने की अपील की। कार्यक्रम के समापन पर, सभी प्रतिभागियों ने एक स्वस्थ, निरोग और जागरूक समाज के निर्माण का संकल्प लिया। यह आयोजन स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने और योग को जन-जन तक पहुँचाने में एक प्रभावी माध्यम साबित हुआ।1
- शुक्रवार, 19 जून 2026 को पटना जिले के बख्तियारपुर थाना में खुशी का माहौल रहा, जब वहां पदस्थापित दारोगा कृष्णा कुमारी ने 70वीं बीपीएससी परीक्षा में सफलता हासिल कर डीएसपी पद के लिए चयन होकर जिले का नाम रोशन किया। उनकी इस उपलब्धि पर पुलिस महकमे में खासा उत्साह देखा गया। सफलता की खबर मिलते ही थाना परिसर में सहकर्मियों ने उन्हें मिठाई खिलाकर बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। बख्तियारपुर थानाध्यक्ष देवानंद शर्मा और एसडीपीओ-1 आयुष श्रीवास्तव ने भी कृष्णा कुमारी को इस गौरवपूर्ण उपलब्धि पर शुभकामनाएं दीं। मूल रूप से मधुबनी जिले के एक साधारण किसान परिवार से आने वाली कृष्णा कुमारी अपने तीन भाई-बहनों में सबसे बड़ी हैं। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा दरभंगा जिले में पूरी की और वर्ष 2018 में स्नातक की पढ़ाई संपन्न की। इसके बाद, 2019 में उन्होंने बिहार पुलिस अवर सेवा आयोग की दारोगा भर्ती परीक्षा का फॉर्म भरा और वर्ष 2022 में चयनित होकर धनरूआ थाना में पहली नियुक्ति पाई। करीब दो वर्षों तक धनरूआ थाना में सेवा देने के उपरांत, वह पिछले एक वर्ष से बख्तियारपुर थाना में अपनी जिम्मेदारियां निभा रही हैं। नौकरी के साथ-साथ अपनी पढ़ाई जारी रखते हुए, कृष्णा कुमारी ने जनवरी 2026 में आयोजित 70वीं बीपीएससी परीक्षा में भी शानदार सफलता हासिल की। इस तरह, उन्होंने महज चार वर्षों में दारोगा से डीएसपी तक का सफर तय कर लिया। कृष्णा कुमारी ने अपनी इस सफलता का श्रेय कड़ी मेहनत, अनुशासन और परिवार के निरंतर सहयोग को दिया। उनकी यह उपलब्धि विशेष रूप से ग्रामीण पृष्ठभूमि से आने वाली बेटियों और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए एक बड़ी प्रेरणा बन गई है।1
- समस्तीपुर जिले में पुलिस ने गणेश सहनी हत्याकांड का खुलासा कर दिया है।1
- समस्तीपुर जिले के मोहनपुर प्रखंड में शुक्रवार शाम आई भीषण आंधी ने भारी तबाही मचाई है, जिससे सैकड़ों घर, दफ्तर और दर्जनों बिजली के खंभे बर्बाद हो गए हैं। इस तूफान के कहर से गरीब और अमीर, दोनों तरह के परिवारों के सैकड़ों आशियाने बिखरकर चकनाचूर हो गए हैं, जिससे पूरे क्षेत्र में आवागमन बाधित हो गया है। मोहनपुर प्रखंड के जलालपुर, दशहरा, जौनापुर सहित कई अन्य इलाके इस बर्बादी की चपेट में हैं। दशहरा पंचायत के वार्ड संख्या 5 स्थित डीह दशहरा गांव के सन्नी कुमार के घर का पूरा 'एलेस्टर' आंधी में उड़ गया, जिससे उन्हें खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर होना पड़ा है। जौनापुर निवासी बाबा ईंट निर्माता अनंत कुमार सिंह के दफ्तर और घर को भी आंधी ने पूरी तरह से 'पोस्टमार्टम' कर दिया; श्री सिंह ने बताया कि उन्होंने अपने जीवन में ऐसी तबाही कभी नहीं देखी। जलालपुर पंचायत के वार्ड संख्या 14 में भी दर्जनों बिजली के खंभे, तार, पेड़ और ट्रांसफार्मर क्षतिग्रस्त हो गए हैं, जिससे आवागमन पूरी तरह बाधित है और लोग अपने घरों में प्रवेश करने को लेकर भी सोचने पर मजबूर हैं। क्षेत्र के लोगों का कहना है कि पूरे इलाके में ऐसा ही भयावह मंजर है, जिससे उनकी परेशानियां बढ़ गई हैं। आवागमन ठप्प होने, घरों के उजड़ने और बिजली बाधित होने के कारण पीने के पानी तक की समस्या खड़ी हो गई है। लोग अभी भी डरे और सहमे हुए हैं कि अपने छोटे बच्चों को लेकर आखिर कहां जाएं। इस भारी तबाही के बाद भी सरकार की ओर से न तो कोई सुध लेने आया है और न ही कोई मदद पहुंची है, जिससे यह बड़ा सवाल खड़ा हो गया है कि इस 'उजड़े हुए चमन' को वापस पटरी पर कैसे लाया जाएगा।1
- भोजपुर जिले में भरत तिवारी से जुड़ी एक घटना को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। यह प्रश्न उठाया जा रहा है कि क्या यह एक वास्तविक एनकाउंटर था, या फिर इसे एक फर्जी हत्या के रूप में अंजाम दिया गया है।1