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भोजपुर जिले में भरत तिवारी से जुड़ी एक घटना को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। यह प्रश्न उठाया जा रहा है कि क्या यह एक वास्तविक एनकाउंटर था, या फिर इसे एक फर्जी हत्या के रूप में अंजाम दिया गया है।
Manoj kumar Singh
भोजपुर जिले में भरत तिवारी से जुड़ी एक घटना को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। यह प्रश्न उठाया जा रहा है कि क्या यह एक वास्तविक एनकाउंटर था, या फिर इसे एक फर्जी हत्या के रूप में अंजाम दिया गया है।
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- आज फैसल खान उर्फ खान सर के नाम से पहचाने जाने वाले व्यक्ति के अस्पताल में अग्निशमन टीम दूसरी बार पहुंची है। यह कदम पहली जांच में मिली खामियों के बाद उठाया गया है। इस दौरान टीम अस्पताल का ऑडिट कर रही है, जिसकी जानकारी अग्निशमन पदाधिकारी इंद्रजीत कुमार ने दी है। इस पूरे घटनाक्रम से खान सर की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं।1
- राजपुर को अपनी 325 वर्ष पुरानी ‘तारतम सागर’ नामक पांडुलिपि पर गर्व है, जिसे एक ऐतिहासिक धरोहर और एक अमर संदेश के रूप में देखा जा रहा है।1
- बिहार के हाजीपुर से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहाँ 2023 में एक व्यक्ति ने अपनी बेटी की उम्र की एक लड़की के साथ हैवानियत की। इस घटना ने सबको हैरान कर दिया है। अदालत में प्रस्तुत तथ्यों के अनुसार, आरोपी ने पहले पिता बनने का ढोंग कर लड़की का भरोसा जीता, लेकिन बाद में उसी भरोसे को तोड़ते हुए जघन्य कृत्य को अंजाम दिया। इस मामले में सुनवाई पूरी होने के बाद, अदालत ने 2026 में अपना फैसला सुनाया और आरोपी को उम्रकैद की सज़ा सुनाई है।1
- राजधानी पटना के बेउर थाना क्षेत्र से बीते 13 जून से दो नाबालिग लड़के, करण कुमार और विशाल कुमार, लापता हैं। दोनों की उम्र 13 वर्ष है। 13 जून की शाम 6 बजे दोनों दोस्त ब्रह्मपुर स्थित आरपीएस स्कूल के निकट खेल मैदान में क्रिकेट खेलने गए थे, लेकिन देर शाम तक घर नहीं लौटे। परिजनों और सगे-संबंधियों ने लड़कों की काफी खोजबीन की, लेकिन उन्हें ढूंढने में असमर्थ रहे। इसके बाद करण के पिता अखिलेश राय और विशाल के पिता अरुण कुमार ने स्थानीय थाने में गुमशुदगी का मामला दर्ज कराया। मामला दर्ज होने के छह दिन बीत जाने के बावजूद, लापता युवकों का अब तक कोई सुराग नहीं मिल पाया है। किसी अनहोनी की आशंका से दोनों युवकों के परिजन बेहद चिंतित एवं आशंकित हैं, और उनका रो-रोकर बुरा हाल है। अपने बच्चों का सही पता बताने वाले व्यक्ति को परिजनों ने 20 हजार रुपये का सुनिश्चित इनाम देने की घोषणा की है।1
- शुक्रवार, 19 जून 2026 को पटना जिले के बख्तियारपुर थाना में खुशी का माहौल रहा, जब वहां पदस्थापित दारोगा कृष्णा कुमारी ने 70वीं बीपीएससी परीक्षा में सफलता हासिल कर डीएसपी पद के लिए चयन होकर जिले का नाम रोशन किया। उनकी इस उपलब्धि पर पुलिस महकमे में खासा उत्साह देखा गया। सफलता की खबर मिलते ही थाना परिसर में सहकर्मियों ने उन्हें मिठाई खिलाकर बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। बख्तियारपुर थानाध्यक्ष देवानंद शर्मा और एसडीपीओ-1 आयुष श्रीवास्तव ने भी कृष्णा कुमारी को इस गौरवपूर्ण उपलब्धि पर शुभकामनाएं दीं। मूल रूप से मधुबनी जिले के एक साधारण किसान परिवार से आने वाली कृष्णा कुमारी अपने तीन भाई-बहनों में सबसे बड़ी हैं। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा दरभंगा जिले में पूरी की और वर्ष 2018 में स्नातक की पढ़ाई संपन्न की। इसके बाद, 2019 में उन्होंने बिहार पुलिस अवर सेवा आयोग की दारोगा भर्ती परीक्षा का फॉर्म भरा और वर्ष 2022 में चयनित होकर धनरूआ थाना में पहली नियुक्ति पाई। करीब दो वर्षों तक धनरूआ थाना में सेवा देने के उपरांत, वह पिछले एक वर्ष से बख्तियारपुर थाना में अपनी जिम्मेदारियां निभा रही हैं। नौकरी के साथ-साथ अपनी पढ़ाई जारी रखते हुए, कृष्णा कुमारी ने जनवरी 2026 में आयोजित 70वीं बीपीएससी परीक्षा में भी शानदार सफलता हासिल की। इस तरह, उन्होंने महज चार वर्षों में दारोगा से डीएसपी तक का सफर तय कर लिया। कृष्णा कुमारी ने अपनी इस सफलता का श्रेय कड़ी मेहनत, अनुशासन और परिवार के निरंतर सहयोग को दिया। उनकी यह उपलब्धि विशेष रूप से ग्रामीण पृष्ठभूमि से आने वाली बेटियों और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए एक बड़ी प्रेरणा बन गई है।1
- मुहर्रम के मद्देनज़र पातेपुर प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट हो गया है। इसी कड़ी में, पातेपुर थाना परिसर में शांति समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई है। इस बैठक में मुहर्रम के दौरान शांति व्यवस्था बनाए रखने हेतु कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए हैं। प्रशासन ने डीजे के उपयोग पर पूर्णतः प्रतिबंध लगा दिया है, और इसके साथ ही अफवाह फैलाने वाले व्यक्तियों पर भी कड़ी निगरानी रखने का निर्णय लिया गया है।1
- पटना के बापू परीक्षा केंद्र पर री-नीट परीक्षा के लिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। इस दौरान पैरामिलिट्री फोर्स के जवानों के साथ-साथ राज्य पुलिस बल को भी तैनात किया गया है ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना से बचा जा सके और परीक्षा शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो।1
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