शिवपुरी के माधव चौक चौराहे पर रविवार रात भरत भूषण तिवारी के कथित सरेंडर के बाद बिहार में हुए एनकाउंटर के विरोध में एक कैंडल मार्च निकाला गया। राष्ट्रभक्त सवर्ण समाज संगठन सहित विभिन्न सामाजिक संगठनों और नागरिकों ने न्याय की मांग को लेकर यह शांतिपूर्ण मार्च आयोजित किया, जिसमें उपस्थित लोगों ने हाथों में मोमबत्तियां लेकर भरत भूषण तिवारी को श्रद्धांजलि अर्पित की। प्रदर्शनकारियों ने ज़ोर देकर कहा कि यदि भरत भूषण तिवारी ने आत्मसमर्पण कर दिया था, तो उसके बाद की गई कार्रवाई की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उन्होंने पूरे मामले में न्यायिक जांच की मांग करते हुए दोषियों पर उचित कार्रवाई करने की अपील की। मार्च के दौरान न्याय की मांग से जुड़े नारे लगाए गए और प्रशासन से पूरी घटना की पारदर्शी जांच कराने का आग्रह किया गया। आयोजकों ने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य किसी प्रकार का विवाद खड़ा करना नहीं, बल्कि घटना की सच्चाई को सामने लाना और न्याय सुनिश्चित करना है। इस कार्यक्रम में राष्ट्रभक्त सवर्ण समाज संगठन के पदाधिकारियों के साथ-साथ बड़ी संख्या में समाज के लोग, युवा और नागरिक मौजूद रहे, जिन्होंने दो मिनट का मौन रखकर भरत भूषण तिवारी को श्रद्धांजलि दी और एक बार फिर निष्पक्ष जांच की मांग दोहराई।
शिवपुरी के माधव चौक चौराहे पर रविवार रात भरत भूषण तिवारी के कथित सरेंडर के बाद बिहार में हुए एनकाउंटर के विरोध में एक कैंडल मार्च निकाला गया। राष्ट्रभक्त सवर्ण समाज संगठन सहित विभिन्न सामाजिक संगठनों और नागरिकों ने न्याय की मांग को लेकर यह शांतिपूर्ण मार्च आयोजित किया, जिसमें उपस्थित लोगों ने हाथों में मोमबत्तियां लेकर भरत भूषण तिवारी को श्रद्धांजलि अर्पित की। प्रदर्शनकारियों ने ज़ोर देकर कहा कि यदि भरत भूषण तिवारी ने आत्मसमर्पण कर दिया था, तो उसके बाद की गई कार्रवाई की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उन्होंने पूरे मामले में न्यायिक जांच की मांग करते हुए दोषियों
पर उचित कार्रवाई करने की अपील की। मार्च के दौरान न्याय की मांग से जुड़े नारे लगाए गए और प्रशासन से पूरी घटना की पारदर्शी जांच कराने का आग्रह किया गया। आयोजकों ने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य किसी प्रकार का विवाद खड़ा करना नहीं, बल्कि घटना की सच्चाई को सामने लाना और न्याय सुनिश्चित करना है। इस कार्यक्रम में राष्ट्रभक्त सवर्ण समाज संगठन के पदाधिकारियों के साथ-साथ बड़ी संख्या में समाज के लोग, युवा और नागरिक मौजूद रहे, जिन्होंने दो मिनट का मौन रखकर भरत भूषण तिवारी को श्रद्धांजलि दी और एक बार फिर निष्पक्ष जांच की मांग दोहराई।
- शिवपुरी के माधव चौक चौराहे पर रविवार रात भरत भूषण तिवारी के कथित सरेंडर के बाद बिहार में हुए एनकाउंटर के विरोध में एक कैंडल मार्च निकाला गया। राष्ट्रभक्त सवर्ण समाज संगठन सहित विभिन्न सामाजिक संगठनों और नागरिकों ने न्याय की मांग को लेकर यह शांतिपूर्ण मार्च आयोजित किया, जिसमें उपस्थित लोगों ने हाथों में मोमबत्तियां लेकर भरत भूषण तिवारी को श्रद्धांजलि अर्पित की। प्रदर्शनकारियों ने ज़ोर देकर कहा कि यदि भरत भूषण तिवारी ने आत्मसमर्पण कर दिया था, तो उसके बाद की गई कार्रवाई की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उन्होंने पूरे मामले में न्यायिक जांच की मांग करते हुए दोषियों पर उचित कार्रवाई करने की अपील की। मार्च के दौरान न्याय की मांग से जुड़े नारे लगाए गए और प्रशासन से पूरी घटना की पारदर्शी जांच कराने का आग्रह किया गया। आयोजकों ने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य किसी प्रकार का विवाद खड़ा करना नहीं, बल्कि घटना की सच्चाई को सामने लाना और न्याय सुनिश्चित करना है। इस कार्यक्रम में राष्ट्रभक्त सवर्ण समाज संगठन के पदाधिकारियों के साथ-साथ बड़ी संख्या में समाज के लोग, युवा और नागरिक मौजूद रहे, जिन्होंने दो मिनट का मौन रखकर भरत भूषण तिवारी को श्रद्धांजलि दी और एक बार फिर निष्पक्ष जांच की मांग दोहराई।2
- शिवपुरी जिले के सिरसौद गांव में एक व्यक्ति ने सरपंच अंतरसिंह लोधी की पहल पर नशा मुक्ति केंद्र में चार माह बिताने के बाद नशे की अपनी आदत छोड़ दी है। अब वह सामान्य जीवन की ओर लौटने का संकल्प ले चुका है, जिसे गांव में एक सकारात्मक बदलाव के तौर पर देखा जा रहा है। जानकारी के अनुसार, संबंधित व्यक्ति के परिजन उसकी नशे की लत से लंबे समय से बहुत परेशान थे, क्योंकि नशे के लिए पैसे न मिलने पर वह घर में अक्सर विवाद और गाली-गलौज करने लगता था। इस स्थिति से तंग आकर उसकी पत्नी और पिता ने गांव के सरपंच अंतरसिंह लोधी से संपर्क किया और मदद की गुहार लगाई। इसके बाद सरपंच ने तुरंत शिवपुरी स्थित नशा मुक्ति केंद्र से संपर्क किया और उस व्यक्ति को वहां भर्ती कराया। केंद्र में लगभग चार महीने के उपचार और परामर्श के बाद, वह युवक अब गांव लौट आया है। सोमवार सुबह 9 बजे उसने कहा कि वह अब मेहनत करके अपने परिवार के साथ सामान्य जीवन जीना चाहता है और नशे से पूरी तरह दूर रहेगा। ग्रामीणों ने सरपंच की इस पहल की सराहना करते हुए इसे 'सराहनीय' बताया है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि यदि परिवार और समाज का समय पर सहयोग मिले, तो नशे जैसी गंभीर समस्या से भी सफलतापूर्वक बाहर निकला जा सकता है।1
- ramdhan Doli Mata Mandir Jay Siyaram Jay Siyaram Jay Siyaram Jay Jay Siyaram1
- ग्राम डाबर घाट में भागवत कथा का शुभारंभ कलश यात्रा के साथ हो गया है। आज से इस धार्मिक अनुष्ठान की शुरुआत हुई है।1
- शिवपुरी जिले के करेरा थाना पुलिस ने अवैध शराब के खिलाफ कार्रवाई करते हुए एक स्विफ्ट डिजायर कार और उसमें रखी 11 पेटी देशी प्लेन शराब जब्त की है। मुखबिर की सूचना पर टीला रोड तिराहे पर वाहन चेकिंग के दौरान पुलिस को देखकर चालक कार लेकर भाग निकला। पुलिस द्वारा पीछा किए जाने पर वाहन पथरीले क्षेत्र में क्षतिग्रस्त हो गया, जिसके बाद चालक कार छोड़कर फरार हो गया। तलाशी के दौरान, जब्त की गई कार से कुल 550 क्वार्टर (99 बल्क लीटर) देशी प्लेन शराब बरामद हुई, जिसकी कीमत लगभग 55 हजार रुपये आंकी गई है। पुलिस ने लगभग 6 लाख रुपये कीमत की स्विफ्ट डिजायर कार भी जब्त कर आबकारी अधिनियम की धारा 34(2) के तहत मामला दर्ज कर लिया है। फरार आरोपी की तलाश जारी है।1
- शिवपुरी जिले की करैरा पुलिस को अवैध गतिविधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने 21 जून को मुखबिर से मिली सूचना पर कार्रवाई करते हुए झांसी से शिवपुरी की ओर ले जाई जा रही 11 पेटी देशी प्लेन शराब के साथ एक मारुति स्विफ्ट डिजायर कार (क्रमांक यूपी-15-डीडी-4002) जब्त की है। जब्त की गई कुल 550 क्वार्टर यानी 99 बल्क लीटर शराब की अनुमानित कीमत 55 हजार रुपये और वाहन की कीमत करीब 6 लाख रुपये आंकी गई है। पुलिस को 21 जून को सूचना मिली थी कि एक व्यक्ति अवैध शराब लेकर झांसी से आ रहा है। इस जानकारी के आधार पर पुलिस टीम ने टीला रोड तिराहे पर वाहन चेकिंग शुरू की। झांसी की ओर से आ रही संदिग्ध कार को रोकने का प्रयास करने पर चालक पुलिस को देखकर वाहन को गलत दिशा में तेज गति से भगाने लगा। पुलिस ने पीछा किया, जिसके दौरान चालक कार को आईटीवी की बाउंड्री के पीछे कलोथरा के पथरीले क्षेत्र में ले गया। वहाँ कार पत्थर से टकराकर क्षतिग्रस्त हो गई और आगे रास्ता बंद होने पर चालक वाहन को मौके पर छोड़कर चाबी लेकर फरार हो गया। पुलिस ने कार की तलाशी ली और डिग्गी से 11 पेटी देशी प्लेन शराब बरामद की। पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध आबकारी अधिनियम की धारा 34(2) के तहत अपराध क्रमांक 415/26 दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है। वाहन के पंजीयन की जांच में कार मालिक का नाम हृदेश राजपूत निवासी रक्सा, झांसी पाया गया है। फरार आरोपी की तलाश जारी है। इस कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक विनोद छावई, उपनिरीक्षक राजकुमार चाहर, प्रधान आरक्षक वीरेन्द्र सिंह तथा आरक्षक हरेन्द्र गुर्जर, मत्स्येन्द्र गुर्जर और शिवम यादव की महत्वपूर्ण भूमिका रही।1
- भितरवार से विधायक मोहन सिंह राठौड़ का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वे अपने सुरक्षा गार्डों द्वारा की गई कथित बदसलूकी के लिए आम जनता से हाथ जोड़कर माफी मांगते हुए दिखाई दे रहे हैं। विधायक के इस विनम्र व्यवहार की लोग जमकर सराहना कर रहे हैं और इसे एक जनप्रतिनिधि की जिम्मेदारी का बेहतरीन उदाहरण बता रहे हैं। यह घटना तब हुई जब एक किसान का ट्रैक्टर सड़क पर पलट जाने के कारण यातायात व्यवस्था बाधित हो गई थी। विधायक मोहन सिंह राठौड़ स्वयं मौके पर मौजूद थे और यातायात को सुचारू कराने तथा लोगों को समझाने में लगे हुए थे। इसी दौरान कुछ लोगों और उनके सुरक्षा गार्डों के बीच कहासुनी हो गई। आरोप है कि विधायक के दो गनरों ने आम लोगों के साथ गाली-गलौज और बदसलूकी की, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वायरल वीडियो में एक युवक विधायक से यह कहते हुए सुनाई देता है कि "आप हमारे विधायक हैं, अपने गार्डों को समझाइए।" इसके तत्काल बाद विधायक मोहन सिंह राठौड़ ने स्थिति को संभाला और हाथ जोड़कर जनता से कहा कि यदि उनके गार्डों से कोई गलती हुई है तो वे उनकी ओर से माफी मांगते हैं। विधायक के इस आचरण को लेकर सोशल मीडिया पर काफी चर्चा हो रही है। लोगों का मानना है कि गलती चाहे किसी की भी हो, उसे स्वीकार कर जनता से क्षमा मांगना ही एक सच्चे जनप्रतिनिधि की पहचान है। "जनता सर्वोपरि है, और जनता का सम्मान ही जनप्रतिनिधि की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है" — इसी संदेश के साथ विधायक मोहन सिंह राठौड़ का यह वीडियो पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।1
- खोड़ में आयोजित जन चौपाल में किसान सुखेन्द्र राय ने प्रदेश के प्रभारी मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर के समक्ष खेत में टूटे बिजली खंभों और गिरे हुए बिजली तारों की गंभीर समस्या को उठाया। उन्होंने बताया कि ये खंभे लंबे समय से क्षतिग्रस्त अवस्था में पड़े हैं, जिससे न केवल खेती का काम प्रभावित हो रहा है, बल्कि फसलों को भी भारी नुकसान पहुँच रहा है। सुखेन्द्र राय के अनुसार, उन्होंने इस संबंध में कई बार बिजली विभाग के अधिकारियों से शिकायतें की हैं, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। खेत में गिरे हुए तार और टूटे खंभे किसानों के लिए खतरा बने हुए हैं तथा कृषि कार्य में भी लगातार बाधा उत्पन्न कर रहे हैं। जन चौपाल में प्रभारी मंत्री तक यह शिकायत पहुँचने के बाद अब किसानों में समस्या के समाधान की एक नई उम्मीद जगी है। ग्रामीणों ने मांग की है कि बिजली विभाग जल्द से जल्द खंभों और तारों की मरम्मत कराकर इस समस्या का स्थायी समाधान करे, ताकि किसानों को राहत मिल सके और उनकी फसलों को बर्बाद होने से बचाया जा सके।1