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शिवपुरी जिले के सिरसौद गांव में एक व्यक्ति ने सरपंच अंतरसिंह लोधी की पहल पर नशा मुक्ति केंद्र में चार माह बिताने के बाद नशे की अपनी आदत छोड़ दी है। अब वह सामान्य जीवन की ओर लौटने का संकल्प ले चुका है, जिसे गांव में एक सकारात्मक बदलाव के तौर पर देखा जा रहा है। जानकारी के अनुसार, संबंधित व्यक्ति के परिजन उसकी नशे की लत से लंबे समय से बहुत परेशान थे, क्योंकि नशे के लिए पैसे न मिलने पर वह घर में अक्सर विवाद और गाली-गलौज करने लगता था। इस स्थिति से तंग आकर उसकी पत्नी और पिता ने गांव के सरपंच अंतरसिंह लोधी से संपर्क किया और मदद की गुहार लगाई। इसके बाद सरपंच ने तुरंत शिवपुरी स्थित नशा मुक्ति केंद्र से संपर्क किया और उस व्यक्ति को वहां भर्ती कराया। केंद्र में लगभग चार महीने के उपचार और परामर्श के बाद, वह युवक अब गांव लौट आया है। सोमवार सुबह 9 बजे उसने कहा कि वह अब मेहनत करके अपने परिवार के साथ सामान्य जीवन जीना चाहता है और नशे से पूरी तरह दूर रहेगा। ग्रामीणों ने सरपंच की इस पहल की सराहना करते हुए इसे 'सराहनीय' बताया है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि यदि परिवार और समाज का समय पर सहयोग मिले, तो नशे जैसी गंभीर समस्या से भी सफलतापूर्वक बाहर निकला जा सकता है।

6 hrs ago
user_Sachin jha
Sachin jha
दैनिक भास्कर, संवादाता करेरा, शिवपुरी, मध्य प्रदेश•
6 hrs ago

शिवपुरी जिले के सिरसौद गांव में एक व्यक्ति ने सरपंच अंतरसिंह लोधी की पहल पर नशा मुक्ति केंद्र में चार माह बिताने के बाद नशे की अपनी आदत छोड़ दी है। अब वह सामान्य जीवन की ओर लौटने का संकल्प ले चुका है, जिसे गांव में एक सकारात्मक बदलाव के तौर पर देखा जा रहा है। जानकारी के अनुसार, संबंधित व्यक्ति के परिजन उसकी नशे की लत से लंबे समय से बहुत परेशान थे, क्योंकि नशे के लिए पैसे न मिलने पर वह घर में अक्सर विवाद और गाली-गलौज करने लगता था। इस स्थिति से तंग आकर उसकी पत्नी और पिता ने गांव के सरपंच अंतरसिंह लोधी से संपर्क किया और मदद की गुहार लगाई। इसके बाद सरपंच ने तुरंत शिवपुरी स्थित नशा मुक्ति केंद्र से संपर्क किया और उस व्यक्ति को वहां भर्ती कराया। केंद्र में लगभग चार महीने के उपचार और परामर्श के बाद, वह युवक अब गांव लौट आया है। सोमवार सुबह 9 बजे उसने कहा कि वह अब मेहनत करके अपने परिवार के साथ सामान्य जीवन जीना चाहता है और नशे से पूरी तरह दूर रहेगा। ग्रामीणों ने सरपंच की इस पहल की सराहना करते हुए इसे 'सराहनीय' बताया है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि यदि परिवार और समाज का समय पर सहयोग मिले, तो नशे जैसी गंभीर समस्या से भी सफलतापूर्वक बाहर निकला जा सकता है।

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  • शिवपुरी के माधव चौक चौराहे पर रविवार रात भरत भूषण तिवारी के कथित सरेंडर के बाद बिहार में हुए एनकाउंटर के विरोध में एक कैंडल मार्च निकाला गया। राष्ट्रभक्त सवर्ण समाज संगठन सहित विभिन्न सामाजिक संगठनों और नागरिकों ने न्याय की मांग को लेकर यह शांतिपूर्ण मार्च आयोजित किया, जिसमें उपस्थित लोगों ने हाथों में मोमबत्तियां लेकर भरत भूषण तिवारी को श्रद्धांजलि अर्पित की। प्रदर्शनकारियों ने ज़ोर देकर कहा कि यदि भरत भूषण तिवारी ने आत्मसमर्पण कर दिया था, तो उसके बाद की गई कार्रवाई की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उन्होंने पूरे मामले में न्यायिक जांच की मांग करते हुए दोषियों पर उचित कार्रवाई करने की अपील की। मार्च के दौरान न्याय की मांग से जुड़े नारे लगाए गए और प्रशासन से पूरी घटना की पारदर्शी जांच कराने का आग्रह किया गया। आयोजकों ने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य किसी प्रकार का विवाद खड़ा करना नहीं, बल्कि घटना की सच्चाई को सामने लाना और न्याय सुनिश्चित करना है। इस कार्यक्रम में राष्ट्रभक्त सवर्ण समाज संगठन के पदाधिकारियों के साथ-साथ बड़ी संख्या में समाज के लोग, युवा और नागरिक मौजूद रहे, जिन्होंने दो मिनट का मौन रखकर भरत भूषण तिवारी को श्रद्धांजलि दी और एक बार फिर निष्पक्ष जांच की मांग दोहराई।
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    शिवपुरी के माधव चौक चौराहे पर रविवार रात भरत भूषण तिवारी के कथित सरेंडर के बाद बिहार में हुए एनकाउंटर के विरोध में एक कैंडल मार्च निकाला गया। राष्ट्रभक्त सवर्ण समाज संगठन सहित विभिन्न सामाजिक संगठनों और नागरिकों ने न्याय की मांग को लेकर यह शांतिपूर्ण मार्च आयोजित किया, जिसमें उपस्थित लोगों ने हाथों में मोमबत्तियां लेकर भरत भूषण तिवारी को श्रद्धांजलि अर्पित की।

प्रदर्शनकारियों ने ज़ोर देकर कहा कि यदि भरत भूषण तिवारी ने आत्मसमर्पण कर दिया था, तो उसके बाद की गई कार्रवाई की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उन्होंने पूरे मामले में न्यायिक जांच की मांग करते हुए दोषियों पर उचित कार्रवाई करने की अपील की। मार्च के दौरान न्याय की मांग से जुड़े नारे लगाए गए और प्रशासन से पूरी घटना की पारदर्शी जांच कराने का आग्रह किया गया। आयोजकों ने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य किसी प्रकार का विवाद खड़ा करना नहीं, बल्कि घटना की सच्चाई को सामने लाना और न्याय सुनिश्चित करना है। इस कार्यक्रम में राष्ट्रभक्त सवर्ण समाज संगठन के पदाधिकारियों के साथ-साथ बड़ी संख्या में समाज के लोग, युवा और नागरिक मौजूद रहे, जिन्होंने दो मिनट का मौन रखकर भरत भूषण तिवारी को श्रद्धांजलि दी और एक बार फिर निष्पक्ष जांच की मांग दोहराई।
    user_Ram Manohar Mishra
    Ram Manohar Mishra
    पत्रकार करेरा, शिवपुरी, मध्य प्रदेश•
    3 hrs ago
  • शिवपुरी जिले के सिरसौद गांव में एक व्यक्ति ने सरपंच अंतरसिंह लोधी की पहल पर नशा मुक्ति केंद्र में चार माह बिताने के बाद नशे की अपनी आदत छोड़ दी है। अब वह सामान्य जीवन की ओर लौटने का संकल्प ले चुका है, जिसे गांव में एक सकारात्मक बदलाव के तौर पर देखा जा रहा है। जानकारी के अनुसार, संबंधित व्यक्ति के परिजन उसकी नशे की लत से लंबे समय से बहुत परेशान थे, क्योंकि नशे के लिए पैसे न मिलने पर वह घर में अक्सर विवाद और गाली-गलौज करने लगता था। इस स्थिति से तंग आकर उसकी पत्नी और पिता ने गांव के सरपंच अंतरसिंह लोधी से संपर्क किया और मदद की गुहार लगाई। इसके बाद सरपंच ने तुरंत शिवपुरी स्थित नशा मुक्ति केंद्र से संपर्क किया और उस व्यक्ति को वहां भर्ती कराया। केंद्र में लगभग चार महीने के उपचार और परामर्श के बाद, वह युवक अब गांव लौट आया है। सोमवार सुबह 9 बजे उसने कहा कि वह अब मेहनत करके अपने परिवार के साथ सामान्य जीवन जीना चाहता है और नशे से पूरी तरह दूर रहेगा। ग्रामीणों ने सरपंच की इस पहल की सराहना करते हुए इसे 'सराहनीय' बताया है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि यदि परिवार और समाज का समय पर सहयोग मिले, तो नशे जैसी गंभीर समस्या से भी सफलतापूर्वक बाहर निकला जा सकता है।
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    शिवपुरी जिले के सिरसौद गांव में एक व्यक्ति ने सरपंच अंतरसिंह लोधी की पहल पर नशा मुक्ति केंद्र में चार माह बिताने के बाद नशे की अपनी आदत छोड़ दी है। अब वह सामान्य जीवन की ओर लौटने का संकल्प ले चुका है, जिसे गांव में एक सकारात्मक बदलाव के तौर पर देखा जा रहा है।

जानकारी के अनुसार, संबंधित व्यक्ति के परिजन उसकी नशे की लत से लंबे समय से बहुत परेशान थे, क्योंकि नशे के लिए पैसे न मिलने पर वह घर में अक्सर विवाद और गाली-गलौज करने लगता था। इस स्थिति से तंग आकर उसकी पत्नी और पिता ने गांव के सरपंच अंतरसिंह लोधी से संपर्क किया और मदद की गुहार लगाई।

इसके बाद सरपंच ने तुरंत शिवपुरी स्थित नशा मुक्ति केंद्र से संपर्क किया और उस व्यक्ति को वहां भर्ती कराया। केंद्र में लगभग चार महीने के उपचार और परामर्श के बाद, वह युवक अब गांव लौट आया है। सोमवार सुबह 9 बजे उसने कहा कि वह अब मेहनत करके अपने परिवार के साथ सामान्य जीवन जीना चाहता है और नशे से पूरी तरह दूर रहेगा।

ग्रामीणों ने सरपंच की इस पहल की सराहना करते हुए इसे 'सराहनीय' बताया है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि यदि परिवार और समाज का समय पर सहयोग मिले, तो नशे जैसी गंभीर समस्या से भी सफलतापूर्वक बाहर निकला जा सकता है।
    user_Sachin jha
    Sachin jha
    दैनिक भास्कर, संवादाता करेरा, शिवपुरी, मध्य प्रदेश•
    6 hrs ago
  • ramdhan Doli Mata Mandir Jay Siyaram Jay Siyaram Jay Siyaram Jay Jay Siyaram
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    ramdhan Doli Mata Mandir Jay Siyaram Jay Siyaram Jay Siyaram Jay Jay Siyaram
    user_Hrdas Emr tje
    Hrdas Emr tje
    Farmer Karera, Shivpuri•
    7 hrs ago
  • भितरवार से विधायक मोहन सिंह राठौड़ का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वे अपने सुरक्षा गार्डों द्वारा की गई कथित बदसलूकी के लिए आम जनता से हाथ जोड़कर माफी मांगते हुए दिखाई दे रहे हैं। विधायक के इस विनम्र व्यवहार की लोग जमकर सराहना कर रहे हैं और इसे एक जनप्रतिनिधि की जिम्मेदारी का बेहतरीन उदाहरण बता रहे हैं। यह घटना तब हुई जब एक किसान का ट्रैक्टर सड़क पर पलट जाने के कारण यातायात व्यवस्था बाधित हो गई थी। विधायक मोहन सिंह राठौड़ स्वयं मौके पर मौजूद थे और यातायात को सुचारू कराने तथा लोगों को समझाने में लगे हुए थे। इसी दौरान कुछ लोगों और उनके सुरक्षा गार्डों के बीच कहासुनी हो गई। आरोप है कि विधायक के दो गनरों ने आम लोगों के साथ गाली-गलौज और बदसलूकी की, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वायरल वीडियो में एक युवक विधायक से यह कहते हुए सुनाई देता है कि "आप हमारे विधायक हैं, अपने गार्डों को समझाइए।" इसके तत्काल बाद विधायक मोहन सिंह राठौड़ ने स्थिति को संभाला और हाथ जोड़कर जनता से कहा कि यदि उनके गार्डों से कोई गलती हुई है तो वे उनकी ओर से माफी मांगते हैं। विधायक के इस आचरण को लेकर सोशल मीडिया पर काफी चर्चा हो रही है। लोगों का मानना है कि गलती चाहे किसी की भी हो, उसे स्वीकार कर जनता से क्षमा मांगना ही एक सच्चे जनप्रतिनिधि की पहचान है। "जनता सर्वोपरि है, और जनता का सम्मान ही जनप्रतिनिधि की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है" — इसी संदेश के साथ विधायक मोहन सिंह राठौड़ का यह वीडियो पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।
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    भितरवार से विधायक मोहन सिंह राठौड़ का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वे अपने सुरक्षा गार्डों द्वारा की गई कथित बदसलूकी के लिए आम जनता से हाथ जोड़कर माफी मांगते हुए दिखाई दे रहे हैं। विधायक के इस विनम्र व्यवहार की लोग जमकर सराहना कर रहे हैं और इसे एक जनप्रतिनिधि की जिम्मेदारी का बेहतरीन उदाहरण बता रहे हैं।

यह घटना तब हुई जब एक किसान का ट्रैक्टर सड़क पर पलट जाने के कारण यातायात व्यवस्था बाधित हो गई थी। विधायक मोहन सिंह राठौड़ स्वयं मौके पर मौजूद थे और यातायात को सुचारू कराने तथा लोगों को समझाने में लगे हुए थे। इसी दौरान कुछ लोगों और उनके सुरक्षा गार्डों के बीच कहासुनी हो गई। आरोप है कि विधायक के दो गनरों ने आम लोगों के साथ गाली-गलौज और बदसलूकी की, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।

वायरल वीडियो में एक युवक विधायक से यह कहते हुए सुनाई देता है कि "आप हमारे विधायक हैं, अपने गार्डों को समझाइए।" इसके तत्काल बाद विधायक मोहन सिंह राठौड़ ने स्थिति को संभाला और हाथ जोड़कर जनता से कहा कि यदि उनके गार्डों से कोई गलती हुई है तो वे उनकी ओर से माफी मांगते हैं।

विधायक के इस आचरण को लेकर सोशल मीडिया पर काफी चर्चा हो रही है। लोगों का मानना है कि गलती चाहे किसी की भी हो, उसे स्वीकार कर जनता से क्षमा मांगना ही एक सच्चे जनप्रतिनिधि की पहचान है। "जनता सर्वोपरि है, और जनता का सम्मान ही जनप्रतिनिधि की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है" — इसी संदेश के साथ विधायक मोहन सिंह राठौड़ का यह वीडियो पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।
    user_मीडिया लाइन
    मीडिया लाइन
    भितरवार, ग्वालियर, मध्य प्रदेश•
    5 hrs ago
  • शिवपुरी जिले के नरवर स्थित पोस्ट ऑफिस में कांग्रेस नेत्री संध्या तोमर ने एक बाबू पर डाक नहीं डालने के गंभीर आरोप लगाए हैं।
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    शिवपुरी जिले के नरवर स्थित पोस्ट ऑफिस में कांग्रेस नेत्री संध्या तोमर ने एक बाबू पर डाक नहीं डालने के गंभीर आरोप लगाए हैं।
    user_Deepak Journalist
    Deepak Journalist
    TV News Anchor नरवर, शिवपुरी, मध्य प्रदेश•
    21 hrs ago
  • शिवपुरी जिले के नरवर की अनाज मंडी से 389 क्विंटल गेहूं से भरा एक ट्रक संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गया है। ट्रक के साथ उसके चालक का भी कोई पता नहीं चल पा रहा है, जिसके बाद व्यापारी ने नरवर थाने में शिकायत दर्ज कर कार्रवाई की मांग की है। जानकारी के अनुसार, नरवर स्थित मैसर्स हरीशंकर नीरज कुमार फर्म के प्रोपराइटर हरीशंकर अग्रवाल ने पुलिस को दिए आवेदन में बताया कि उनकी फर्म का 389 क्विंटल गेहूं ट्रक क्रमांक RJ11GD4058 में लोड कर 16 जून की रात 9:40 बजे नरवर से उत्तर प्रदेश के हापुड़ स्थित कंसल फूड इंडस्ट्रीज के लिए रवाना किया गया था। यह ट्रक अजय रामेश्वरपुरी गोस्वामी के नाम पर पंजीकृत है और स्वयं अजय गोस्वामी ही वाहन चला रहा था। चालक से 17 जून की शाम तक संपर्क बना रहा, लेकिन उसके बाद उसका मोबाइल फोन बंद हो गया और ट्रक भी अपने गंतव्य तक नहीं पहुंचा। व्यापारी को 19 जून को जानकारी मिली कि ट्रक का अंतिम टोल मालनपुर, मुरैना में कटा था। इसके बाद से ट्रक और चालक के संबंध में कोई सूचना नहीं मिल सकी है। ट्रक में भरे गेहूं की कीमत लाखों रुपये बताई जा रही है। फर्म संचालक हरीशंकर अग्रवाल ने पुलिस से मामले की जांच कर ट्रक और उसमें भरे गेहूं की बरामदगी कराने तथा दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने आवेदन प्राप्त कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
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    शिवपुरी जिले के नरवर की अनाज मंडी से 389 क्विंटल गेहूं से भरा एक ट्रक संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गया है। ट्रक के साथ उसके चालक का भी कोई पता नहीं चल पा रहा है, जिसके बाद व्यापारी ने नरवर थाने में शिकायत दर्ज कर कार्रवाई की मांग की है।

जानकारी के अनुसार, नरवर स्थित मैसर्स हरीशंकर नीरज कुमार फर्म के प्रोपराइटर हरीशंकर अग्रवाल ने पुलिस को दिए आवेदन में बताया कि उनकी फर्म का 389 क्विंटल गेहूं ट्रक क्रमांक RJ11GD4058 में लोड कर 16 जून की रात 9:40 बजे नरवर से उत्तर प्रदेश के हापुड़ स्थित कंसल फूड इंडस्ट्रीज के लिए रवाना किया गया था। यह ट्रक अजय रामेश्वरपुरी गोस्वामी के नाम पर पंजीकृत है और स्वयं अजय गोस्वामी ही वाहन चला रहा था। चालक से 17 जून की शाम तक संपर्क बना रहा, लेकिन उसके बाद उसका मोबाइल फोन बंद हो गया और ट्रक भी अपने गंतव्य तक नहीं पहुंचा।

व्यापारी को 19 जून को जानकारी मिली कि ट्रक का अंतिम टोल मालनपुर, मुरैना में कटा था। इसके बाद से ट्रक और चालक के संबंध में कोई सूचना नहीं मिल सकी है। ट्रक में भरे गेहूं की कीमत लाखों रुपये बताई जा रही है। फर्म संचालक हरीशंकर अग्रवाल ने पुलिस से मामले की जांच कर ट्रक और उसमें भरे गेहूं की बरामदगी कराने तथा दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने आवेदन प्राप्त कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
    user_Insideshivpuri
    Insideshivpuri
    Local News Reporter शिवपुरी, शिवपुरी, मध्य प्रदेश•
    10 min ago
  • दतिया जिले में चर्चित विशाल कुशवाहा हत्याकांड का मामला एक बार फिर गरमा गया है, क्योंकि पुलिस द्वारा मृतक विशाल कुशवाहा के खिलाफ ही प्राथमिकी (FIR) दर्ज किए जाने से परिजनों में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है। न्याय की मांग को लेकर परिजन पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे और पुलिस की कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठाए। सोमवार को मृतक के परिजन, समर्थक और केशव यादव नामक ASP नेता पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे, जहां उन्होंने मामले में निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए एक ज्ञापन सौंपा। परिजनों का आरोप है कि हत्या के शिकार हुए विशाल कुशवाहा को ही आरोपी बनाकर एफआईआर दर्ज करना न्याय के सिद्धांतों के खिलाफ है। उन्होंने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए यह भी कहा कि हत्या के वास्तविक आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और मृतक के खिलाफ दर्ज प्रकरण की निष्पक्ष समीक्षा की जाए। इस पर, एसपी कार्यालय में अधिकारियों ने परिजनों को आश्वस्त किया है कि मामले की जांच नियमानुसार की जाएगी। इस पूरे घटनाक्रम के बाद हत्याकांड को लेकर जिले में राजनीतिक और सामाजिक चर्चाएँ तेज हो गई हैं, और अब सभी की निगाहें पुलिस जांच तथा आगे की कार्रवाई पर टिकी हुई हैं। यह विशाल कुशवाहा हत्याकांड में एक नया मोड़ सामने आया है, जहाँ मृतक के खिलाफ दर्ज एफआईआर को लेकर परिजनों ने पुलिस प्रशासन पर सवाल उठाए हैं और एसपी कार्यालय पहुंचकर न्याय की गुहार लगाई है। परिजनों के आरोपों और पुलिस के पक्ष पर अब सबकी नजर बनी हुई है।
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    दतिया जिले में चर्चित विशाल कुशवाहा हत्याकांड का मामला एक बार फिर गरमा गया है, क्योंकि पुलिस द्वारा मृतक विशाल कुशवाहा के खिलाफ ही प्राथमिकी (FIR) दर्ज किए जाने से परिजनों में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है। न्याय की मांग को लेकर परिजन पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे और पुलिस की कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठाए।

सोमवार को मृतक के परिजन, समर्थक और केशव यादव नामक ASP नेता पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे, जहां उन्होंने मामले में निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए एक ज्ञापन सौंपा। परिजनों का आरोप है कि हत्या के शिकार हुए विशाल कुशवाहा को ही आरोपी बनाकर एफआईआर दर्ज करना न्याय के सिद्धांतों के खिलाफ है। उन्होंने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए यह भी कहा कि हत्या के वास्तविक आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और मृतक के खिलाफ दर्ज प्रकरण की निष्पक्ष समीक्षा की जाए। इस पर, एसपी कार्यालय में अधिकारियों ने परिजनों को आश्वस्त किया है कि मामले की जांच नियमानुसार की जाएगी।

इस पूरे घटनाक्रम के बाद हत्याकांड को लेकर जिले में राजनीतिक और सामाजिक चर्चाएँ तेज हो गई हैं, और अब सभी की निगाहें पुलिस जांच तथा आगे की कार्रवाई पर टिकी हुई हैं। यह विशाल कुशवाहा हत्याकांड में एक नया मोड़ सामने आया है, जहाँ मृतक के खिलाफ दर्ज एफआईआर को लेकर परिजनों ने पुलिस प्रशासन पर सवाल उठाए हैं और एसपी कार्यालय पहुंचकर न्याय की गुहार लगाई है। परिजनों के आरोपों और पुलिस के पक्ष पर अब सबकी नजर बनी हुई है।
    user_Hindi Varta News
    Hindi Varta News
    Local News Reporter दतिया, दतिया, मध्य प्रदेश•
    31 min ago
  • खोड़ में आयोजित जन चौपाल में किसान सुखेन्द्र राय ने प्रदेश के प्रभारी मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर के समक्ष खेत में टूटे बिजली खंभों और गिरे हुए बिजली तारों की गंभीर समस्या को उठाया। उन्होंने बताया कि ये खंभे लंबे समय से क्षतिग्रस्त अवस्था में पड़े हैं, जिससे न केवल खेती का काम प्रभावित हो रहा है, बल्कि फसलों को भी भारी नुकसान पहुँच रहा है। सुखेन्द्र राय के अनुसार, उन्होंने इस संबंध में कई बार बिजली विभाग के अधिकारियों से शिकायतें की हैं, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। खेत में गिरे हुए तार और टूटे खंभे किसानों के लिए खतरा बने हुए हैं तथा कृषि कार्य में भी लगातार बाधा उत्पन्न कर रहे हैं। जन चौपाल में प्रभारी मंत्री तक यह शिकायत पहुँचने के बाद अब किसानों में समस्या के समाधान की एक नई उम्मीद जगी है। ग्रामीणों ने मांग की है कि बिजली विभाग जल्द से जल्द खंभों और तारों की मरम्मत कराकर इस समस्या का स्थायी समाधान करे, ताकि किसानों को राहत मिल सके और उनकी फसलों को बर्बाद होने से बचाया जा सके।
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    खोड़ में आयोजित जन चौपाल में किसान सुखेन्द्र राय ने प्रदेश के प्रभारी मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर के समक्ष खेत में टूटे बिजली खंभों और गिरे हुए बिजली तारों की गंभीर समस्या को उठाया। उन्होंने बताया कि ये खंभे लंबे समय से क्षतिग्रस्त अवस्था में पड़े हैं, जिससे न केवल खेती का काम प्रभावित हो रहा है, बल्कि फसलों को भी भारी नुकसान पहुँच रहा है।

सुखेन्द्र राय के अनुसार, उन्होंने इस संबंध में कई बार बिजली विभाग के अधिकारियों से शिकायतें की हैं, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। खेत में गिरे हुए तार और टूटे खंभे किसानों के लिए खतरा बने हुए हैं तथा कृषि कार्य में भी लगातार बाधा उत्पन्न कर रहे हैं।

जन चौपाल में प्रभारी मंत्री तक यह शिकायत पहुँचने के बाद अब किसानों में समस्या के समाधान की एक नई उम्मीद जगी है। ग्रामीणों ने मांग की है कि बिजली विभाग जल्द से जल्द खंभों और तारों की मरम्मत कराकर इस समस्या का स्थायी समाधान करे, ताकि किसानों को राहत मिल सके और उनकी फसलों को बर्बाद होने से बचाया जा सके।
    user_Ram Manohar Mishra
    Ram Manohar Mishra
    पत्रकार करेरा, शिवपुरी, मध्य प्रदेश•
    7 hrs ago
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