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मूल पाठ में मुजफ्फरनगर जिले के अंतर्गत आने वाले रियावली नगला गांव का उल्लेख किया गया है।
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मूल पाठ में मुजफ्फरनगर जिले के अंतर्गत आने वाले रियावली नगला गांव का उल्लेख किया गया है।
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- मूल पाठ में मुजफ्फरनगर जिले के अंतर्गत आने वाले रियावली नगला गांव का उल्लेख किया गया है।1
- मुजफ्फरनगर के बुढाना में बसी रोड पर पुलिस और एक शातिर चोर के बीच मुठभेड़ हो गई। इस मुठभेड़ के दौरान चोर के पैर में गोली लगी, जिसके बाद पुलिस ने उसे घायल अवस्था में ही गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार किए गए शातिर चोर की पहचान शाहनवाज के रूप में हुई है, जो तरीका का पुत्र और मेरठ के सरूरपुर थाना क्षेत्र का रहने वाला बताया गया है। शाहनवाज पर लगभग 28 मुकदमे दर्ज होने की जानकारी दी गई है।1
- बड़े मंगल के अवसर पर उन्नाव फूड्स इंडस्ट्रीज द्वारा एक भंडारे का आयोजन किया गया। इस भंडारे का शुभारंभ सदर विधायक ने किया।1
- उत्तर प्रदेश के बागपत जिले के हिलवाड़ी गांव में 25 वर्षीय मैकेनिक चंद्रपाल की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। यह घटना कूलर ठीक करने के पैसे मांगने को लेकर हुए विवाद के बाद सामने आई है। चंद्रपाल इलेक्ट्रॉनिक मिस्त्री का काम करता था और उसकी शादी दो साल पहले हुई थी, जिसकी छह माह की एक बेटी है। घटना के बाद से परिवार में गहरा शोक है। पुलिस के अनुसार, आरोप है कि गांव के ही बबलू नामक युवक ने कुछ दिन पहले चंद्रपाल से एक कूलर ठीक करवाया था। जब चंद्रपाल ने बबलू से अपने पैसे मांगे, तो बबलू ने उसे गांव के बाहर तालाब के पास बुलाया। यहीं दोनों के बीच विवाद हुआ और बबलू ने चंद्रपाल की बेरहमी से पिटाई की, जिससे उसकी मौत हो गई। पुलिस ने पीड़ित परिवार की तहरीर पर दो नामजद व्यक्तियों सहित अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज किया है और एक आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। मामले की जांच-पड़ताल जारी है। चंद्रपाल का शव गांव पहुंचने पर परिजनों ने अंतिम संस्कार करने से साफ इनकार कर दिया। वे अपनी पांच मुख्य मांगों को पूरा करने पर अड़े हुए हैं। इन मांगों में पीड़ित परिवार को ₹50 लाख की आर्थिक सहायता, परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी, और दोषियों पर कठोर कार्रवाई शामिल है। परिजनों का स्पष्ट कहना है कि ये मांगें पूरी होने तक वे अंतिम संस्कार नहीं करेंगे। मौके पर ग्रामीणों की भारी भीड़ जमा है और अधिकारी तथा जनप्रतिनिधि परिवार को समझाने का लगातार प्रयास कर रहे हैं। पुलिस भी पूरे मामले की गहनता से जांच कर रही है।1
- शामली के जिलाधिकारी आलोक यादव ने हाल ही में बिजली विभाग के अधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी किए हैं।1
- जनपद शामली में चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए चलाए जा रहे एक विशेष अभियान के तहत थाना आदर्श मंडी पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने थाना आदर्श मंडी और थाना बाबरी क्षेत्र में हुई ट्रांसफार्मर चोरी तथा एक नलकूप चोरी की घटना का सफल अनावरण करते हुए दो अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इन गिरफ्तार अभियुक्तों के कब्जे से चोरी किए गए तांबा व एल्यूमिनियम के ट्रांसफार्मर, नलकूप से संबंधित सामान और घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल बरामद की है। पुलिस के अनुसार, ये गिरफ्तार अभियुक्त लंबे समय से क्षेत्र में ट्रांसफार्मर चोरी की घटनाओं को अंजाम दे रहे थे। आरोपी सुनसान स्थानों पर लगे ट्रांसफार्मरों को निशाना बनाकर उनमें से तांबा व एल्यूमिनियम निकाल लेते थे, इसके अतिरिक्त नलकूपों से भी सामान चोरी कर लेते थे, जिससे किसानों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। थाना आदर्श मंडी पुलिस द्वारा की गई पूछताछ में अभियुक्तों ने कई घटनाओं में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है। अब पुलिस उनके अन्य आपराधिक रिकॉर्ड की भी जांच कर रही है।1
- सहारनपुर पुलिस लाइन में एक हाईवोल्टेज हंगामा देखने को मिला, जहाँ समर्थकों द्वारा जमकर नारेबाजी की गई। इस घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।1
- बागपत की साइबर क्राइम पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए 7 साइबर ठगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें एक महिला भी शामिल है। यह गिरोह सोशल मीडिया पर आकर्षक लोन के ऑफर देकर लोगों को ठगी का शिकार बनाता था। गिरफ्तार अभियुक्तों ने देशभर में 5,000 से अधिक लोगों को निशाना बनाया और करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी की है। यह गिरोह पिछले 10 वर्षों से सक्रिय था और देश के विभिन्न हिस्सों में साइबर ठगी की कई बड़ी वारदातों को अंजाम दे चुका है। बागपत के एडिशनल एसपी प्रवीण सिंह चौहान ने इस मामले का खुलासा करते हुए बताया कि लगातार मिल रही शिकायतों के बाद यह कार्रवाई की गई। गिरफ्तार अभियुक्तों की पहचान मेरठ निवासी नदीम, अतीक, शाहरुख और शौकीन के रूप में हुई है, जबकि हरियाणा से मतीन और गाजियाबाद से अभिषेक को भी पकड़ा गया है, साथ ही एक महिला भी इसमें शामिल है। पुलिस ने इनके कब्जे से 15 मोबाइल फोन, 45,250 रुपये नकद, दो गाड़ियां, एक प्रिंटर, एक लेमिनेशन मशीन, एक लैपटॉप और दो फर्जी आधार कार्ड बरामद किए हैं। यह गिरोह पहले सोशल मीडिया पर विज्ञापन साझा करता था और लोन दिलाने के नाम पर आवेदकों से 4,000 से 15,000 रुपये तक की 'प्रोसेसिंग फीस' की मांग करता था। फीस मिलने के बाद ये अपराधी आवेदक का नंबर बंद कर देते थे। गिरफ्तार अभियुक्तों के खिलाफ हरियाणा, राजस्थान और मध्य प्रदेश सहित देश के कई हिस्सों में शिकायतें दर्ज हैं।1