रियान बड़ी-रोहिसी रोड पर एक बड़ा सड़क हादसा उस समय टल गया, जब एक चलते ट्रैक्टर-ट्रॉली के पीछे के दोनों पहिए अचानक अलग होकर सड़क पर लुढ़कने लगे। गनीमत रही कि घटना के समय सड़क पर वाहनों की आवाजाही कम थी, जिससे कोई गंभीर दुर्घटना नहीं हुई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जब ट्रॉली के पहिए निकले तो आसपास मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई और वे तुरंत सुरक्षित स्थान पर चले गए। ट्रैक्टर चालक ने बताया कि पहिए निकलने के बाद ट्रॉली का संतुलन बिगड़ गया और वह करीब 50 मीटर तक ट्रैक्टर के पीछे सड़क पर घिसटती रही। चालक ने सावधानी बरतते हुए ट्रैक्टर को रोका और स्थिति को नियंत्रित किया। इस घटना में किसी भी प्रकार की जनहानि या चोट की कोई सूचना नहीं है। स्थानीय लोगों ने इसे महज संयोग बताया कि सड़क खाली होने से बड़ा हादसा टल गया, क्योंकि यदि उस समय कोई बाइक सवार, अन्य वाहन या राहगीर मौजूद होता तो दौड़ते हुए पहिए उनकी चपेट में आ सकते थे, जिससे गंभीर दुर्घटना हो सकती थी। घटना के बाद कुछ समय के लिए सड़क पर वाहनों की आवाजाही प्रभावित रही, लेकिन आसपास के लोगों की मदद से ट्रैक्टर-ट्रॉली को सड़क किनारे हटाने के बाद यातायात सुचारु हो सका। इस घटना के बाद स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन और वाहन चालकों से मालवाहक ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की नियमित तकनीकी जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि ऐसे वाहनों के पहिए, एक्सल, नट-बोल्ट और अन्य महत्वपूर्ण हिस्सों की समय-समय पर जांच आवश्यक है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचा जा सके। यह घटना वाहन सुरक्षा और नियमित रखरखाव की आवश्यकता की ओर गंभीर संकेत देती है।
रियान बड़ी-रोहिसी रोड पर एक बड़ा सड़क हादसा उस समय टल गया, जब एक चलते ट्रैक्टर-ट्रॉली के पीछे के दोनों पहिए अचानक अलग होकर सड़क पर लुढ़कने लगे। गनीमत रही कि घटना के समय सड़क पर वाहनों की आवाजाही कम थी, जिससे कोई गंभीर दुर्घटना नहीं हुई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जब ट्रॉली के पहिए निकले तो आसपास मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई और वे तुरंत सुरक्षित स्थान पर चले गए। ट्रैक्टर चालक ने बताया कि पहिए निकलने के बाद ट्रॉली का संतुलन बिगड़ गया और वह करीब 50 मीटर तक ट्रैक्टर के पीछे सड़क पर घिसटती रही। चालक ने सावधानी बरतते हुए ट्रैक्टर को रोका और स्थिति को नियंत्रित किया। इस घटना में किसी भी प्रकार की जनहानि या चोट की कोई सूचना नहीं है। स्थानीय लोगों ने इसे महज संयोग बताया कि सड़क खाली होने से बड़ा हादसा टल गया, क्योंकि यदि उस समय कोई बाइक सवार, अन्य वाहन या राहगीर मौजूद होता तो दौड़ते हुए पहिए उनकी चपेट में आ सकते थे, जिससे गंभीर दुर्घटना हो सकती थी। घटना के बाद कुछ समय के लिए सड़क पर वाहनों की आवाजाही प्रभावित रही, लेकिन आसपास के लोगों की मदद से ट्रैक्टर-ट्रॉली को सड़क किनारे हटाने के बाद यातायात सुचारु हो सका। इस घटना के बाद स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन और वाहन चालकों से मालवाहक ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की नियमित तकनीकी जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि ऐसे वाहनों के पहिए, एक्सल, नट-बोल्ट और अन्य महत्वपूर्ण हिस्सों की समय-समय पर जांच आवश्यक है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचा जा सके। यह घटना वाहन सुरक्षा और नियमित रखरखाव की आवश्यकता की ओर गंभीर संकेत देती है।
- रियांबड़ी उपखंड मुख्यालय पर एक नवीन क्रय-विक्रय सहकारी समिति की स्थापना के उपलक्ष्य में गुरुवार को झड़ाऊँ कलाँ गांव में किसान सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में किसानों ने मेड़ता विधायक लक्ष्मण राम कलरू, समिति के चेयरमैन राजू डाँगा और संचालक मंडल के निदेशकों का स्वागत किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक लक्ष्मण राम कलरू ने कहा कि यह नई क्रय-विक्रय सहकारी समिति क्षेत्र के किसानों के लिए अत्यंत लाभकारी साबित होगी। उन्होंने बताया कि समिति के माध्यम से किसानों को समय पर खाद, उन्नत बीज, कृषि ऋण और अन्य आवश्यक कृषि सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी, जिससे उनकी खेती-किसानी को मजबूती मिलेगी। विधायक ने किसानों से नेफैड, नाबार्ड और इफको की विभिन्न योजनाओं का लाभ उठाने का आह्वान भी किया। समिति के चेयरमैन राजू डाँगा ने किसानों को आश्वासन दिया कि संचालक मंडल उनके हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देगा। उन्होंने कहा कि समिति के माध्यम से सभी योजनाओं का लाभ पात्र किसानों तक पूरी पारदर्शिता के साथ पहुंचाया जाएगा। डाँगा ने कृषि क्षेत्र के विकास और काश्तकारों की सुविधाओं के विस्तार के लिए निरंतर कार्य करने की अपनी प्रतिबद्धता भी दोहराई। इस समारोह में समिति के उपाध्यक्ष नेमाराम डूकिया तथा निदेशक माणक चंद पाराशर, रामसुख लामरोड़, रामचंद्र सिंदड़, छोटूराम लामरोड़, रामनिवास बेड़ा, चेनाराम माकड़ और धनराज बिस्सु ने भी अपने विचार व्यक्त किए और सहकारिता आंदोलन को मजबूत बनाने का संकल्प लिया। किसानों ने इस नई सहकारी समिति की स्थापना पर राज्य सरकार और अपने जनप्रतिनिधियों का आभार प्रकट किया। समारोह में नेमाराम छाबा, पुखाराम, देवाराम, रामनिवास डूकिया, बुधराम भींचर, रामरतन तेतरवाल, चेनाराम लामरोड़ सहित बड़ी संख्या में किसान उपस्थित थे।1
- नागौर के रियांबड़ी में मेड़ता-पुष्कर रेलवे लाइन परियोजना के तहत रेलवे भूमि और संभावित जलभराव की समस्या पर गुरुवार को उपखंड कार्यालय में एक विशेष बैठक आयोजित की गई। उपखंड अधिकारी विनीत कुमार सुखाड़िया की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में संबंधित पटवारी, ग्राम सचिव, प्रशासक, अन्य विभागीय अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने भाग लिया। बैठक के दौरान एसडीएम विनीत कुमार सुखाड़िया ने बताया कि प्रस्तावित रेलवे लाइन लगभग 5.5 मीटर की ऊंचाई पर बन रही है, जिसके कारण बारिश के मौसम में लाइन के दोनों ओर जलभराव की स्थिति उत्पन्न होने की आशंका है। जिला कलेक्टर से प्राप्त निर्देशों के बाद, यह बैठक आयोजित कर संबंधित अधिकारियों को ऐसे संभावित क्षेत्रों का सर्वेक्षण कर उनकी पहचान करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि समय रहते आवश्यक समाधान की कार्यवाही सुनिश्चित की जा सके।3
- पिसागंन पंचायत समिति की जेठाना ग्राम पंचायत मुख्यालय पर आयोजित ग्रामीण विकास सेवा शिविर के दौरान ग्रामीणों ने जलदाय विभाग सहायक अभियंता शंकर लाल चौधरी से मुलाकात की। ग्रामीणों ने उनसे गांव में पेयजल सप्लाई का समय बढ़ाने की मांग की, जिस पर सहायक अभियंता ने उन्हें शीघ्र ही पानी की आपूर्ति 10 मिनट बढ़ाने का आश्वासन दिया। इस आश्वासन के बाद अब जेठाना गांव में पूर्व की 40 मिनट की तुलना में कुल 50 मिनट तक पानी की सप्लाई की जाएगी। इस अवसर पर शंभू सिंह राठौड़, दुर्गा लाल आचार्य, सतपाल जाखड़, पिंटू कुमावत, नरेंद्र आचार्य और हिम्मत सिंह राठौड़ सहित कई ग्रामीण मौजूद थे। ग्रामीणों ने इस पहल के लिए सहायक अभियंता शंकर लाल चौधरी के प्रति गहरा आभार व्यक्त किया है।2
- महाराष्ट्र के पुणे में आलंदी से माउली की पालकी यात्रा का आगमन हुआ है। इस अवसर पर बहुत अधिक संख्या में मावली उपस्थित थे।1
- राजस्थान में सचिन सिंह गुर्जर और अविनाश गहलोत के बीच एक महत्वपूर्ण बैठक चल रही है। इस मुलाकात के संबंध में सकारात्मक संकेतों के साथ अच्छी खबरें सामने आ रही हैं, जिसकी जानकारी साझा किए गए वीडियो के माध्यम से दी गई है।1
- अजमेर में जयपुर रोड स्थित आरटीओ कार्यालय को गुरुवार को बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद हड़कंप मच गया। कार्यालय की आधिकारिक ईमेल आईडी पर एक धमकी भरा मेल भेजा गया, जिसमें भेजने वाले ने परिसर के भीतर 7 आरडीएक्स और जहरीली सायनाइड गैस होने का दावा किया था। धमकी भरा यह मेल सुबह 5 बजे प्राप्त हुआ था, लेकिन इसे 9 घंटे बाद दोपहर 2 बजे पढ़ा गया। मामले की सूचना मिलते ही पुलिस, सीआईडी, डॉग स्क्वायड और डिजास्टर मैनेजमेंट की टीम ने तुरंत मौके पर पहुंचकर मोर्चा संभाला। सुरक्षाबलों ने पूरे परिसर में गहन सर्च ऑपरेशन चलाया, लेकिन जांच के दौरान कोई भी संदिग्ध वस्तु या विस्फोटक बरामद नहीं हुआ।1
- अजमेर के रामगंज थाना क्षेत्र में चोरी की एक बड़ी वारदात सामने आई है, जहाँ एक सूने मकान से सोने-चांदी के जेवर और नकदी सहित करीब ₹5 लाख का सामान चोरी कर लिया गया। यह घटना तब हुई जब पीड़ित परिवार अपने रिश्तेदार के बच्चे के जन्मदिन समारोह में गया हुआ था। इसी दौरान, चोरों ने तेज बारिश का फायदा उठाया और मकान के ताले तोड़कर अलमारी में रखे जेवर और ₹50 हजार की नकदी लेकर फरार हो गए। परिवार के घर लौटने पर उन्हें ताले टूटे हुए और सारा सामान बिखरा हुआ मिला, जिसके बाद उन्होंने तत्काल रामगंज थाना पुलिस को इस चोरी की सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुँची और मामले की जाँच में जुट गई है। पुलिस अब इन चोरों की तलाश कर रही है।1
- रियांबड़ी उपखंड मुख्यालय स्थित उपखंड कार्यालय के सभा कक्ष में गुरुवार को प्रस्तावित पुष्कर–मेड़ता (कात्यासनी) रेलवे परियोजना की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक की अध्यक्षता उपखंड अधिकारी विनीत कुमार सुखाड़िया ने की। बैठक में रेलवे परियोजना से प्रभावित होने वाले संभावित जलभराव क्षेत्रों, ग्रामीण संपर्क मार्गों और रेलवे लाइन निर्माण के दौरान आने वाली व्यावहारिक समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की गई। अधिकारियों ने संबंधित गांवों के राजस्व अभिलेखों, मार्गों और जल निकासी व्यवस्था का बिंदुवार परीक्षण किया, जिसका उद्देश्य भविष्य में ग्रामीणों को होने वाली परेशानियों को दूर करना था। इस दौरान ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने अपनी समस्याएं और सुझाव अधिकारियों के सामने रखे, जिसमें विशेष रूप से कोडियो मोड़ के पास एक रेलवे स्टेशन स्थापित करने की मांग की गई, ताकि आसपास के कई गांवों के लोगों को बेहतर आवागमन सुविधा मिल सके और क्षेत्र का विकास हो। बैठक में यह मुद्दा भी प्रमुखता से उठा कि कई वर्षों से ग्रामीण कुछ मार्गों का उपयोग कर रहे हैं, जो सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज नहीं हैं। इस पर प्रशासक ने बताया कि ऐसे सभी प्रचलित मार्गों का सर्वे कराया जाएगा और नियमानुसार आवश्यक प्रक्रिया पूरी कर उन्हें राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज करने का प्रयास होगा, जिससे रेलवे परियोजना के दौरान इन मार्गों के संरक्षण और अंडरपास जैसी सुविधाओं पर विचार किया जा सके। उपखंड अधिकारी विनीत कुमार सुखाड़िया ने संबंधित अधिकारियों को जनहित को प्राथमिकता देते हुए परियोजना से जुड़े सभी बिंदुओं का गंभीरता से अध्ययन करने और आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि रेलवे परियोजना के क्रियान्वयन के दौरान किसानों, ग्रामीणों और आमजन की समस्याओं का समाधान समन्वय के साथ किया जाएगा। बैठक में नायब तहसीलदार प्रेम कुमार, प्रशासक, पटवारी, ग्राम विकास अधिकारी, भू-अभिलेख निरीक्षक सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, कर्मचारी और जनप्रतिनिधि उपस्थित थे, जहाँ प्राप्त सुझावों को संबंधित स्तर पर भेजने और उन पर आवश्यक कार्यवाही करने पर सहमति भी बनी।1