एडीजी और डीआईजी ने साइवर क्राइम को लेकर किया जागरूक कन्नौज। तिर्वा स्थित मेडिकल कॉलेज के ऑडिटोरियम हाल में आयोजित साइवर अपराधों पर जागरूकता को लेकर एडीजी और डीआईजी ने छात्र छात्राओं से लेकर आमजनमानस को जागरूक किया। बताते चलें कि,मंगलवार को जिले के तिर्वा स्थित मेडिकल कॉलेज में आयोजित कार्यक्रम में पहुंचे दोनों पुलिस के उच्चाधिकारियों को पुलिस द्वारा गार्ड ऑफ ऑनर भी दिया गया। इसके बाद आडिटोरियम हाल में आयोजित कार्यकम की शुरुआत हुई। कार्यकम में बढ़ते साइबर अपराधों, ऑनलाइन धोखाधड़ी, सोशल मीडिया के दुरुपयोग, डिजिटल माध्यमों से होने वाले अपराधों के प्रति लोगों को जागरूक किया गया। कार्यकम में मौजूद महानिदेशक कानपुर जोन आलोक सिंह, एवं पुलिस महानिरीक्षक कानपुर जोन डीआईजी हरिश्चंद्र ने जहां साइबर सुरक्षा को लेकर अपनी बात रखते हुए कार्यकम में मौजूद जनमानस को जागरूकता का पाठ पढ़ाया,वहीं प्रत्येक नागरिक को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक रहने का संदेश भी दिया। मुख्य वक्ता मौजूद रक्षित टंडन ने कार्यकम में मौजूद पुलिस कर्मियों, छात्र छात्राओं, शिक्षकों, सहित आम जनमानस को साइबर अपराधों के विभिन्न तरीकों के बारे में बताया। उन्होंने बताया कि किस प्रकार साइबर अपराधी फर्जी लिंक, ओटीपी शेयरिंग, सोशल मीडिया हैकिंग, ऑन लाइन निवेश के नाम पर ठगी, फर्जी काल, डिजिटल अरेस्ट, यूपीआई फ्रॉड, बैंकिंग फ्रॉड, एवं अन्य माध्यमों से लोगों को अपना शिकार बनाते हैं। उन्होंने बताया कि किस प्रकार लोग इनसे अपना बचाव हेतु मोबाइल फोन, सोशल मीडिया का सुरक्षित उपयोग, अनजान लिंक पर क्लिक ना करने, ओटीपी और बैंकिंग पासवर्ड साझा ना करने, मजबूत पासवर्ड का उपयोग करने, की सलाह दी। कार्यकम में हेल्पलाइन नंबर 1930 एवं राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल के बारे में भी कार्यकम में जानकारी दी गई। साइबर अपराध पर पीड़ित अपनी शिकायत कैसे दर्ज कराएं इसकी भी जानकारी कार्यकम में दी गई। इस दौरान जिलाधिकारी आशुतोष मोहन अग्निहोत्री, पुलिस कप्तान विनोद कुमार, क्षेत्रीय पुलिस क्षेत्राधिकारी कुलवीर सिंह, सहित बड़ी संख्या में पुलिस बल मौजूद रहा। कॉलेज के प्राचार्य सीपी पाल, सीएमएस दिलीप सिंह, सर्जरी विभाग के चिकित्सकों सहित अन्य चिकित्सकों के अलावा सच्चिदानंद मिश्रा आदि मौजूद रहे।
एडीजी और डीआईजी ने साइवर क्राइम को लेकर किया जागरूक कन्नौज। तिर्वा स्थित मेडिकल कॉलेज के ऑडिटोरियम हाल में आयोजित साइवर अपराधों पर जागरूकता को लेकर एडीजी और डीआईजी ने छात्र छात्राओं से लेकर आमजनमानस को जागरूक किया। बताते चलें कि,मंगलवार को जिले के तिर्वा स्थित मेडिकल कॉलेज में आयोजित कार्यक्रम में पहुंचे दोनों पुलिस के उच्चाधिकारियों को पुलिस द्वारा गार्ड ऑफ ऑनर भी दिया गया। इसके बाद आडिटोरियम हाल में आयोजित कार्यकम की शुरुआत हुई। कार्यकम में बढ़ते साइबर अपराधों, ऑनलाइन धोखाधड़ी, सोशल मीडिया के दुरुपयोग, डिजिटल माध्यमों से होने वाले अपराधों के प्रति लोगों को जागरूक किया गया। कार्यकम में मौजूद महानिदेशक कानपुर जोन आलोक सिंह, एवं पुलिस महानिरीक्षक कानपुर जोन डीआईजी हरिश्चंद्र ने जहां साइबर सुरक्षा को लेकर अपनी बात रखते हुए कार्यकम में मौजूद जनमानस को जागरूकता का पाठ पढ़ाया,वहीं प्रत्येक नागरिक को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक रहने का संदेश भी दिया। मुख्य वक्ता मौजूद रक्षित टंडन ने कार्यकम में मौजूद पुलिस कर्मियों, छात्र छात्राओं, शिक्षकों, सहित आम जनमानस को साइबर अपराधों के विभिन्न तरीकों के बारे में बताया। उन्होंने बताया कि किस प्रकार साइबर अपराधी फर्जी लिंक, ओटीपी शेयरिंग, सोशल मीडिया हैकिंग, ऑन लाइन निवेश के नाम पर ठगी, फर्जी काल, डिजिटल अरेस्ट, यूपीआई फ्रॉड, बैंकिंग फ्रॉड, एवं अन्य माध्यमों से लोगों को अपना शिकार बनाते हैं। उन्होंने बताया कि किस प्रकार लोग इनसे अपना बचाव हेतु मोबाइल फोन, सोशल मीडिया का सुरक्षित उपयोग, अनजान लिंक पर क्लिक ना करने, ओटीपी और बैंकिंग पासवर्ड साझा ना करने, मजबूत पासवर्ड का उपयोग करने, की सलाह दी। कार्यकम में हेल्पलाइन नंबर 1930 एवं राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल के बारे में भी कार्यकम में जानकारी दी गई। साइबर अपराध पर पीड़ित अपनी शिकायत कैसे दर्ज कराएं इसकी भी जानकारी कार्यकम में दी गई। इस दौरान जिलाधिकारी आशुतोष मोहन अग्निहोत्री, पुलिस कप्तान विनोद कुमार, क्षेत्रीय पुलिस क्षेत्राधिकारी कुलवीर सिंह, सहित बड़ी संख्या में पुलिस बल मौजूद रहा। कॉलेज के प्राचार्य सीपी पाल, सीएमएस दिलीप सिंह, सर्जरी विभाग के चिकित्सकों सहित अन्य चिकित्सकों के अलावा सच्चिदानंद मिश्रा आदि मौजूद रहे।
- एडीजी और डीआईजी ने साइवर क्राइम को लेकर किया जागरूक कन्नौज। तिर्वा स्थित मेडिकल कॉलेज के ऑडिटोरियम हाल में आयोजित साइवर अपराधों पर जागरूकता को लेकर एडीजी और डीआईजी ने छात्र छात्राओं से लेकर आमजनमानस को जागरूक किया। बताते चलें कि,मंगलवार को जिले के तिर्वा स्थित मेडिकल कॉलेज में आयोजित कार्यक्रम में पहुंचे दोनों पुलिस के उच्चाधिकारियों को पुलिस द्वारा गार्ड ऑफ ऑनर भी दिया गया। इसके बाद आडिटोरियम हाल में आयोजित कार्यकम की शुरुआत हुई। कार्यकम में बढ़ते साइबर अपराधों, ऑनलाइन धोखाधड़ी, सोशल मीडिया के दुरुपयोग, डिजिटल माध्यमों से होने वाले अपराधों के प्रति लोगों को जागरूक किया गया। कार्यकम में मौजूद महानिदेशक कानपुर जोन आलोक सिंह, एवं पुलिस महानिरीक्षक कानपुर जोन डीआईजी हरिश्चंद्र ने जहां साइबर सुरक्षा को लेकर अपनी बात रखते हुए कार्यकम में मौजूद जनमानस को जागरूकता का पाठ पढ़ाया,वहीं प्रत्येक नागरिक को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक रहने का संदेश भी दिया। मुख्य वक्ता मौजूद रक्षित टंडन ने कार्यकम में मौजूद पुलिस कर्मियों, छात्र छात्राओं, शिक्षकों, सहित आम जनमानस को साइबर अपराधों के विभिन्न तरीकों के बारे में बताया। उन्होंने बताया कि किस प्रकार साइबर अपराधी फर्जी लिंक, ओटीपी शेयरिंग, सोशल मीडिया हैकिंग, ऑन लाइन निवेश के नाम पर ठगी, फर्जी काल, डिजिटल अरेस्ट, यूपीआई फ्रॉड, बैंकिंग फ्रॉड, एवं अन्य माध्यमों से लोगों को अपना शिकार बनाते हैं। उन्होंने बताया कि किस प्रकार लोग इनसे अपना बचाव हेतु मोबाइल फोन, सोशल मीडिया का सुरक्षित उपयोग, अनजान लिंक पर क्लिक ना करने, ओटीपी और बैंकिंग पासवर्ड साझा ना करने, मजबूत पासवर्ड का उपयोग करने, की सलाह दी। कार्यकम में हेल्पलाइन नंबर 1930 एवं राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल के बारे में भी कार्यकम में जानकारी दी गई। साइबर अपराध पर पीड़ित अपनी शिकायत कैसे दर्ज कराएं इसकी भी जानकारी कार्यकम में दी गई। इस दौरान जिलाधिकारी आशुतोष मोहन अग्निहोत्री, पुलिस कप्तान विनोद कुमार, क्षेत्रीय पुलिस क्षेत्राधिकारी कुलवीर सिंह, सहित बड़ी संख्या में पुलिस बल मौजूद रहा। कॉलेज के प्राचार्य सीपी पाल, सीएमएस दिलीप सिंह, सर्जरी विभाग के चिकित्सकों सहित अन्य चिकित्सकों के अलावा सच्चिदानंद मिश्रा आदि मौजूद रहे।1
- सतौरा मे हुआ एक्सीडेंट बाल बाल बचे यात्री || बोलेरो आटो और बोलेरो पीकअप मे हुआ एक्सीडेंट2
- अद्भुत आस्था या अंधविश्वास? मैनपुरी में 14 साल की किशोरी ने किया देवी होने का दावा! उत्तर प्रदेश के मैनपुरी (कुर्रा क्षेत्र के पोंदला गांव) से एक बेहद हैरान करने वाली खबर सामने आ रही है। यहाँ एक 14 वर्षीय किशोरी ने खुद को 'देवी का स्वरूप' घोषित कर दिया है! इतना ही नहीं, किशोरी ने यह भी ऐलान किया है कि वह ठीक 15 दिन बाद समाधि ले लेगी। 🙏✨ जैसे ही यह खबर फैली, गांव और आसपास के इलाकों से हजारों लोगों की भीड़ लड़की के दर्शन और आशीर्वाद लेने के लिए उमड़ पड़ी है। क्या है ग्रामीणों का कहना? परिजनों और कई ग्रामीणों का अटूट विश्वास है कि बच्ची पर साक्षात देवी की कृपा है। वहीं, कुछ लोग इसे अंधविश्वास मान रहे हैं और इलाके में तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। 👮♂️ प्रशासन अलर्ट पर: मामले की गंभीरता और उमड़ती भीड़ को देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने पूरे घटनाक्रम पर पैनी नजर बनाए रखी है। पुलिस और प्रशासन सतर्क है कि कहीं कोई अनहोनी न हो जाए। 👇 आपकी क्या राय है? क्या 21वीं सदी में ऐसे दावों पर यकीन किया जाना चाहिए? यह कोई चमत्कार है या फिर महज अंधविश्वास? कमेंट बॉक्स में अपने विचार जरूर बताएं! ✍️ 📌 #Mainpuri #MainpuriNews #UPNews #ViralNews #TrendingUP1
- Post by Shiva Gautam1
- Post by Ankit Gautam1
- बिलग्राम ड्रिप लगते ही बिगड़ी युवक की हालत, आयांश ऑर्थो अस्पताल पर लापरवाही के गंभीर आरोप से मचा हड़कंप बिलग्राम (हरदोई)। बिलग्राम-नवादा मार्ग स्थित आयांश ऑर्थो अस्पताल में इलाज के दौरान बड़ी लापरवाही का मामला सामने आने से क्षेत्र में हड़कंप मच गया। एक युवक को साधारण उपचार के लिए भर्ती कराया गया था, लेकिन ड्रिप लगते ही उसकी हालत अचानक बिगड़ गई, जिससे परिजनों में अफरा-तफरी मच गई। पीड़ित शादाब ने बताया कि वह अपने 18 वर्षीय पुत्र रिहान को हाथ की हड्डी बढ़ने की समस्या लेकर अस्पताल पहुंचे थे। जांच के बाद डॉक्टर ने ऑपरेशन की बात कही और ड्रिप चढ़ाने को कहा। आरोप है कि एक कर्मचारी द्वारा ड्रिप लगाते ही रिहान को तेज बुखार, घबराहट और लगातार उल्टियां शुरू हो गईं। हालत बिगड़ते देख परिजन घबरा गए, लेकिन समय रहते समुचित इलाज नहीं मिल सका। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल प्रबंधन ने जिम्मेदारी लेने के बजाय युवक को तुरंत हरदोई रेफर कर दिया। इससे उनकी पीड़ा और आक्रोश दोनों बढ़ गए। परिवार का कहना है कि अगर समय पर सही इलाज मिलता, तो स्थिति इतनी गंभीर नहीं होती। शादाब ने अस्पताल पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि यहां योग्य और डिग्रीधारी डॉक्टरों का अभाव है, जबकि कुछ लोग खुद को डॉक्टर बताकर मरीजों का इलाज कर रहे हैं। साथ ही ग्रामीण और कम जागरूक मरीजों से इलाज के नाम पर मनमाना पैसा वसूला जाता है। घटना से आक्रोशित परिजनों ने पुलिस में शिकायत देकर निष्पक्ष जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। इस पूरे प्रकरण ने स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर भी बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। वहीं, पुलिस की मदद से युवक को सीएचसी में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों की निगरानी में उसका इलाज जारी है। अब सबकी नजर प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी है—क्या लापरवाही पर होगी सख्त कार्रवाई या फिर मामला ठंडे बस्ते में चला जाएगा?1
- हरदोई मल्लावां कोतवाली क्षेत्र के मटियामऊ गांव से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहां 8 वर्षीय मासूम अबू सालेह का अपहरण कर हत्या कर दी गई। कई दिनों की तलाश के बाद मंगलवार दोपहर गांव के दक्षिण दिशा में स्थित एक मक्के के खेत से बच्चे का शव बरामद हुआ। घटना से पूरे इलाके में आक्रोश और दहशत का माहौल है। जानकारी के अनुसार, 1 मई की शाम करीब 7 बजे अबू सालेह घर के पास से ही अचानक लापता हो गया था। परिजनों ने काफी तलाश की, लेकिन कोई सुराग नहीं लगा। थक हारकर उन्होंने पुलिस को सूचना दी। मंगलवार दोपहर गांव के बाहर मक्के के खेत में काम कर रहे लोगों को बच्चे का शव पड़ा मिला। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। घटना के बाद से मटियामऊ गांव में मातम पसरा है। ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। लोगों का आरोप है कि अगर पुलिस ने समय रहते गंभीरता से कार्रवाई की होती तो शायद मासूम की जान बचाई जा सकती थी। घटना ने क्षेत्र की कानून व्यवस्था और बच्चों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल गांव में तनाव को देखते हुए भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। परिजनों और ग्रामीणों ने हत्यारों की जल्द गिरफ्तारी कर कड़ी से कड़ी सजा दिलाने की मांग की है। सीओ मल्लावां ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। परिजनों की तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। जल्द ही घटना का खुलासा कर दोषियों को गिरफ्तार किया जाएगा। पुलिस की कई टीमें जांच में जुटी हैं।4
- कोई अधिकारी या प्रधान तक की नजर नही है जो आज तक विकास के लिए तरस रही है गली मामला किसी भी अधिकारी के संझान मे हो तो इसे पुरा करने की कृपा करे सतौरा कन्नौज उत्तरप्रदेश 2097311