मध्य प्रदेश के शहडोल जिले में कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक के निर्देशन पर खनिज, राजस्व और पुलिस विभाग की संयुक्त टीम ने जैतपुर क्षेत्र में अवैध रेत भंडारण के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। सहायक खनिज अधिकारी अभिषेक पटले के नेतृत्व में संयुक्त टीम ने ग्राम खैरहनी में पानी की टंकी के पास शासकीय भूमि पर सड़क किनारे लगभग 30 ट्रैक्टर-ट्रॉली अवैध रेत का भंडारण पाया। इसके बाद मौके पर जेसीबी मशीन की सहायता से रेत में मिट्टी मिलाकर उसे पूरी तरह नष्ट कर दिया गया। कार्रवाई के दौरान इसी क्षेत्र में पानी की टंकी के पास निजी भूमि पर भी बिना अनुमति के लगभग 30 ट्रैक्टर-ट्रॉली रेत का भंडारण मिला। स्थानीय लोगों के अनुसार यह जमीन ग्राम खैरहनी निवासी पिंकू महाराज की बताई जा रही है। जांच के दौरान भूमि स्वामी की जमीन पर लगभग 25 ट्रैक्टर-ट्रॉली रेत का अवैध भंडारण पाया गया, जिसे मौके पर ही जप्त कर लिया गया। खनिज विभाग द्वारा भूमि स्वामी के विरुद्ध अवैध रेत भंडारण का प्रकरण तैयार किया जा रहा है और नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। इस कार्रवाई में थाना जैतपुर के एएसआई, राजस्व एवं पुलिस टीम शामिल रही। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जिले में अवैध खनन और अवैध रेत भंडारण के खिलाफ यह अभियान लगातार जारी रहेगा।
मध्य प्रदेश के शहडोल जिले में कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक के निर्देशन पर खनिज, राजस्व और पुलिस विभाग की संयुक्त टीम ने जैतपुर क्षेत्र में अवैध रेत भंडारण के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। सहायक खनिज अधिकारी अभिषेक पटले के नेतृत्व में संयुक्त टीम ने ग्राम खैरहनी में पानी की टंकी के पास शासकीय भूमि पर सड़क किनारे लगभग 30 ट्रैक्टर-ट्रॉली अवैध रेत का भंडारण पाया। इसके बाद मौके पर जेसीबी मशीन की सहायता से रेत में मिट्टी मिलाकर उसे पूरी तरह नष्ट कर दिया गया। कार्रवाई के दौरान इसी क्षेत्र में पानी की टंकी के पास निजी भूमि पर भी बिना अनुमति के लगभग 30 ट्रैक्टर-ट्रॉली रेत का भंडारण मिला। स्थानीय लोगों के अनुसार यह जमीन ग्राम खैरहनी निवासी पिंकू महाराज की बताई जा रही है। जांच के दौरान भूमि स्वामी की जमीन पर लगभग 25 ट्रैक्टर-ट्रॉली रेत का अवैध भंडारण पाया गया, जिसे मौके पर ही जप्त कर लिया गया। खनिज विभाग द्वारा भूमि स्वामी के विरुद्ध अवैध रेत भंडारण का प्रकरण तैयार किया जा रहा है और नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। इस कार्रवाई में थाना जैतपुर के एएसआई, राजस्व एवं पुलिस टीम शामिल रही। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जिले में अवैध खनन और अवैध रेत भंडारण के खिलाफ यह अभियान लगातार जारी रहेगा।
- शाहडोल के घरौला मोहल्ला स्थित सरदार वल्लभभाई पटेल विद्यालय में 'पत्रिका समाचार' के बैनर तले पर्यावरण संरक्षण और हरित भविष्य के संकल्प के साथ भव्य पौधरोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। "वृक्षारोपण ही प्रकृति की सच्ची सेवा है" के संदेश के साथ आयोजित इस कार्यक्रम में विद्यार्थियों और नागरिकों को पर्यावरण सुरक्षा के प्रति जागरूक किया गया। कार्यक्रम के दौरान पौधरोपण करते हुए संदेश दिया गया कि आज लगाया गया एक पौधा आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य की नींव है। सभी उपस्थित लोगों से प्रत्येक वर्ष कम से कम एक पौधा लगाने और उसकी जिम्मेदारी के साथ देखभाल करने का आग्रह किया गया। साथ ही "एक पेड़ माँ के नाम" लगाकर प्रकृति के प्रति अपना कर्तव्य निभाने और "पेड़ लगाइए, जीवन बचाइए" का संकल्प दोहराया गया। इस अवसर पर श्री विकास जोतवानी जी, श्री अनिल सोनी जी, लकी वर्मा, विद्यालय की प्राचार्य नंदनी तिवारी जी, गीता जी, विद्यालय का समस्त स्टाफ और छात्र-छात्राएँ बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। सभी ने उत्साहपूर्वक पौधरोपण किया और धरती को हरा-भरा बनाने का सामूहिक संकल्प लिया।4
- शहडोल जिले के सिंहपुर और सोहागपुर थाना क्षेत्र की सीमा से लगे अंदर अडहाई के जंगलों में कथित रूप से बड़े पैमाने पर जुआ फड़ संचालित होने की चर्चाएं जोरों पर हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि यहां प्रतिदिन लाखों रुपये के दांव लगाए जा रहे हैं और दूर-दराज के जिलों से भारी संख्या में जुआरी पहुंच रहे हैं। बताया जा रहा है कि इस जुआ फड़ में डिंडोरी, मंडला, शाहपुरा, जबलपुर, पेंड्रा, सिंहपुर, नौरोजाबाद, पाली और उमरिया सहित कई क्षेत्रों से लोग आ रहे हैं, जिसके कारण आसपास के ढाबों और होटलों में वाहनों की लंबी कतारें देखी जा रही हैं। आरोप है कि इस फड़ से प्रतिदिन ₹1 से ₹1.5 लाख तक की 'कट्टी' वसूली जाती है और चारों तरफ निगरानी के लिए लोगों को तैनात रखा जाता है। स्थानीय स्तर पर यह भी दावा किया जा रहा है कि इस जुआ फड़ का संचालन रामजी शर्मा और उसके सहयोगी भूपेंद्र सिंह (अक्कू) जमुई, लाल चौहान अडहाई तथा आदेश तिवारी के संरक्षण में हो रहा है, हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि यदि इतने बड़े पैमाने पर रोज जुआ चल रहा है तो सिंहपुर और सोहागपुर थाना पुलिस को इसकी भनक क्यों नहीं लगी और क्या पुलिस की गश्त महज कागजों तक सीमित है।1
- मध्य प्रदेश के शहडोल जिले में कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक के निर्देशन पर खनिज, राजस्व और पुलिस विभाग की संयुक्त टीम ने जैतपुर क्षेत्र में अवैध रेत भंडारण के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। सहायक खनिज अधिकारी अभिषेक पटले के नेतृत्व में संयुक्त टीम ने ग्राम खैरहनी में पानी की टंकी के पास शासकीय भूमि पर सड़क किनारे लगभग 30 ट्रैक्टर-ट्रॉली अवैध रेत का भंडारण पाया। इसके बाद मौके पर जेसीबी मशीन की सहायता से रेत में मिट्टी मिलाकर उसे पूरी तरह नष्ट कर दिया गया। कार्रवाई के दौरान इसी क्षेत्र में पानी की टंकी के पास निजी भूमि पर भी बिना अनुमति के लगभग 30 ट्रैक्टर-ट्रॉली रेत का भंडारण मिला। स्थानीय लोगों के अनुसार यह जमीन ग्राम खैरहनी निवासी पिंकू महाराज की बताई जा रही है। जांच के दौरान भूमि स्वामी की जमीन पर लगभग 25 ट्रैक्टर-ट्रॉली रेत का अवैध भंडारण पाया गया, जिसे मौके पर ही जप्त कर लिया गया। खनिज विभाग द्वारा भूमि स्वामी के विरुद्ध अवैध रेत भंडारण का प्रकरण तैयार किया जा रहा है और नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। इस कार्रवाई में थाना जैतपुर के एएसआई, राजस्व एवं पुलिस टीम शामिल रही। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जिले में अवैध खनन और अवैध रेत भंडारण के खिलाफ यह अभियान लगातार जारी रहेगा।1
- शहडोल के थाना अमलाई पुलिस ने सूने मकान में हुई चोरी के एक मामले का सफलतापूर्वक खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस अधीक्षक डॉ. संजय कुमार अग्रवाल के निर्देशन में हुई इस कार्रवाई में आरोपियों के पास से चोरी गए सोने-चांदी के आभूषण भी बरामद कर लिए गए हैं। यह मामला रेलवे कॉलोनी, छोटी अमलाई निवासी फरियादी ध्रुव लोनिया की रिपोर्ट पर दर्ज किया गया था, जिनके सूने घर में प्रवेश कर अज्ञात चोरों ने गहने पार कर दिए थे। शिकायत के आधार पर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसडीओपी अनुभाग घनपुरी श्री विकास पाण्डेय के नेतृत्व में थाना प्रभारी निरीक्षक भूपेन्द्रमणि पाण्डेय द्वारा एक विशेष टीम का गठन किया गया था। टीम द्वारा की गई पूछताछ और विवेचना के आधार पर संदेहियों को हिरासत में लिया गया, जिन्होंने पूछताछ में चोरी की घटना स्वीकार कर ली। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सुमन लोनिया (उम्र 22 वर्ष, निवासी वार्ड क्रमांक 13, दफाई नंबर 2, अमलाई) और सूरज केवट (उम्र 28 वर्ष, निवासी उस्लापुर, अमलाई) के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से एक सोने की बिंदी, एक सोने की 'हाय' और एक चांदी का ब्रेसलेट बरामद किया है। जब्त किए गए मशरूका की कुल अनुमानित कीमत लगभग ₹1,05,000 है, जिसे विधिवत जमा कर लिया गया है। इस पूरी कार्रवाई में एसडीओपी विकास पाण्डेय और थाना प्रभारी भूपेन्द्रमणि पाण्डेय के साथ प्रधान आरक्षक सुनील अमृतलाल, प्रधान आरक्षक ठाकुरदास, आरक्षक धर्मेन्द्र शुक्ला और आरक्षक राजेन्द्र शुक्ला की सराहनीय भूमिका रही।3
- उमरिया स्थित बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में लगभग 13 दिनों तक चले सघन खोज और निगरानी अभियान के बाद एक कॉलरयुक्त मादा बाघिन का खराब हो चुका रेडियो कॉलर सुरक्षित रूप से हटाकर उसे प्राकृतिक आवास में छोड़ दिया गया है। टाइगर रिजर्व के क्षेत्रीय संचालक अनुपम सहाय ने इसे वन्यजीव संरक्षण और वैज्ञानिक मॉनिटरिंग की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया है। अनुपम सहाय के अनुसार, 1 जुलाई 2026 की दोपहर करीब 2 बजे के बाद बाघिन के रेडियो कॉलर से जीपीएस और वीएचएफ सिग्नल मिलने बंद हो गए थे। लगातार बारिश और घने जंगल के कारण शुरुआत में सफलता नहीं मिली, जिसके बाद प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) के मार्गदर्शन में एक विशेष खोज दल गठित किया गया। करीब 100 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में चलाए गए इस सर्च ऑपरेशन में वन्यजीव स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. राजेश तोमर, वाइल्डलाइफ कंजर्वेशन ट्रस्ट के डॉ. प्रशांत देशमुख, प्रशिक्षित हाथियों, डॉग स्क्वाड और ट्रैप कैमरों की मदद ली गई। अंततः 12 जुलाई को पदचिह्नों के आधार पर बाघिन को उसके होम रेंज में सुरक्षित और स्वस्थ अवस्था में खोज निकाला गया, जहाँ जांच में उसका रेडियो कॉलर पूरी तरह खराब पाया गया। जरूरी अनुमति मिलने के बाद धमोखर बफर के बरबसपुर बीट में दो दिनों तक सघन निगरानी की गई और 25 जुलाई को विशेषज्ञों की टीम ने बाघिन को सुरक्षित रूप से ट्रेंकुलाइज करके उसका कॉलर हटा दिया। स्वास्थ्य परीक्षण में पूरी तरह स्वस्थ पाए जाने और निर्धारित प्रोटोकॉल पूरा होने के बाद बाघिन को होश में लाकर जंगल में छोड़ दिया गया। इस पूरे सफल अभियान में 63 अधिकारी-कर्मचारियों के अलावा लक्ष्मण, सूर्या, रामा और श्याम नामक प्रशिक्षित हाथियों तथा उनके महावतों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।2
- अनूपपुर जिला मुख्यालय में शनिवार को कांग्रेस पार्टी ने छात्र-युवाओं के समर्थन में विजय मार्च निकाला। पार्टी कार्यकर्ताओं ने मुख्य मार्गों से रैली निकालकर खुशी व्यक्त की और इसे लोकतंत्र तथा जनआंदोलन की जीत बताया। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि छात्र-युवाओं और कांग्रेस पार्टी के संघर्ष के परिणामस्वरूप ही केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की घोषणा हुई है। रैली के दौरान पूरा शहर "कांग्रेस पार्टी जिंदाबाद", "राहुल गांधी जिंदाबाद" और "Gen Z जिंदाबाद" के नारों से गूंज उठा। रैली के पश्चात कांग्रेस कार्यालय के सभागार में आयोजित कार्यक्रम में कार्यकर्ताओं ने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के सड़क से सदन तक किए गए संघर्ष के लिए उनका आभार व्यक्त किया। वक्ताओं ने प्रतिबद्धता दोहराई कि कांग्रेस आगे भी छात्र-युवाओं और आम जनता के मुद्दों को मजबूती से उठाती रहेगी। इस दौरान बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारी, कार्यकर्ता और समर्थक उपस्थित रहे।1
- शहडोल के संभागीय मुख्यालय स्थित अशोका पैलेस में बिना किसी अनुमति, पुलिस सूचना और अग्निशमन के बुनियादी मानकों की धज्जियां उड़ाते हुए अवैध रूप से संचालित किए जा रहे 'सस्ता बाजार' को पुलिस ने बंद करवा दिया है। इस गंभीर लापरवाही की जानकारी मीडिया के जरिए पुलिस कप्तान डॉ. संजय अग्रवाल तक पहुंची, जिसके बाद उन्होंने बिना देरी किए सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। कोतवाली पुलिस की मुस्तैद टीम ने तुरंत मौके पर पहुंचकर इस अवैध मेले पर ताला जड़ दिया और शहर को एक संभावित बड़े हादसे से बचा लिया। इस गैर-कानूनी मेले का संचालन दिल्ली मुजफ्फरपुर निवासी मोहम्मद दाऊद द्वारा किया जा रहा था। संचालक ने न तो अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) यानी एसडीएम दफ्तर से अनुमति ली थी और न ही स्थानीय कोतवाली पुलिस को इसकी कोई इत्तला दी थी। इसके अलावा, बाहर से लाए गए दर्जनों कर्मचारियों का कोई पुलिस वेरिफिकेशन भी नहीं कराया गया था। मेले में खरीदारों की भारी भीड़ उमड़ रही थी, लेकिन सुरक्षा के नाम पर शून्य व्यवस्था थी। परिसर में आग से निपटने के लिए न तो अग्निशमन यंत्र थे और न ही आपातकालीन निकास की सुविधा थी। पैलेस का पिछला दरवाजा भी बंद रखा गया था, जिससे शॉर्ट सर्किट या आग लगने की स्थिति में सैकड़ों जिंदगियों के खतरे में पड़ने की आशंका बनी हुई थी। शहडोल पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई की शहरवासी जमकर सराहना कर रहे हैं। मामले पर कोतवाली प्रभारी राघवेंद्र तिवारी ने बताया कि पुलिस के पास इस बाजार की कोई सूचना नहीं थी और न ही आयोजकों द्वारा कर्मचारियों की कोई सूची उपलब्ध कराई गई थी। पुलिस प्रशासन ने साफ कर दिया है कि जिले में सुरक्षा और कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वाले आयोजकों व संचालकों के खिलाफ आगे भी कड़ी दंडात्मक कार्रवाई जारी रहेगी।2