शहडोल के संभागीय मुख्यालय स्थित अशोका पैलेस में बिना किसी अनुमति, पुलिस सूचना और अग्निशमन के बुनियादी मानकों की धज्जियां उड़ाते हुए अवैध रूप से संचालित किए जा रहे 'सस्ता बाजार' को पुलिस ने बंद करवा दिया है। इस गंभीर लापरवाही की जानकारी मीडिया के जरिए पुलिस कप्तान डॉ. संजय अग्रवाल तक पहुंची, जिसके बाद उन्होंने बिना देरी किए सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। कोतवाली पुलिस की मुस्तैद टीम ने तुरंत मौके पर पहुंचकर इस अवैध मेले पर ताला जड़ दिया और शहर को एक संभावित बड़े हादसे से बचा लिया। इस गैर-कानूनी मेले का संचालन दिल्ली मुजफ्फरपुर निवासी मोहम्मद दाऊद द्वारा किया जा रहा था। संचालक ने न तो अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) यानी एसडीएम दफ्तर से अनुमति ली थी और न ही स्थानीय कोतवाली पुलिस को इसकी कोई इत्तला दी थी। इसके अलावा, बाहर से लाए गए दर्जनों कर्मचारियों का कोई पुलिस वेरिफिकेशन भी नहीं कराया गया था। मेले में खरीदारों की भारी भीड़ उमड़ रही थी, लेकिन सुरक्षा के नाम पर शून्य व्यवस्था थी। परिसर में आग से निपटने के लिए न तो अग्निशमन यंत्र थे और न ही आपातकालीन निकास की सुविधा थी। पैलेस का पिछला दरवाजा भी बंद रखा गया था, जिससे शॉर्ट सर्किट या आग लगने की स्थिति में सैकड़ों जिंदगियों के खतरे में पड़ने की आशंका बनी हुई थी। शहडोल पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई की शहरवासी जमकर सराहना कर रहे हैं। मामले पर कोतवाली प्रभारी राघवेंद्र तिवारी ने बताया कि पुलिस के पास इस बाजार की कोई सूचना नहीं थी और न ही आयोजकों द्वारा कर्मचारियों की कोई सूची उपलब्ध कराई गई थी। पुलिस प्रशासन ने साफ कर दिया है कि जिले में सुरक्षा और कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वाले आयोजकों व संचालकों के खिलाफ आगे भी कड़ी दंडात्मक कार्रवाई जारी रहेगी।
शहडोल के संभागीय मुख्यालय स्थित अशोका पैलेस में बिना किसी अनुमति, पुलिस सूचना और अग्निशमन के बुनियादी मानकों की धज्जियां उड़ाते हुए अवैध रूप से संचालित किए जा रहे 'सस्ता बाजार' को पुलिस ने बंद करवा दिया है। इस गंभीर लापरवाही की जानकारी मीडिया के जरिए पुलिस कप्तान डॉ. संजय अग्रवाल तक पहुंची, जिसके बाद उन्होंने बिना देरी किए सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। कोतवाली पुलिस की मुस्तैद टीम ने तुरंत मौके पर पहुंचकर इस अवैध मेले पर ताला जड़ दिया और शहर को एक संभावित बड़े हादसे से बचा लिया। इस गैर-कानूनी मेले का संचालन दिल्ली मुजफ्फरपुर निवासी मोहम्मद दाऊद द्वारा किया जा रहा था। संचालक ने न तो अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) यानी एसडीएम दफ्तर से अनुमति ली थी और न ही स्थानीय कोतवाली पुलिस को इसकी कोई इत्तला दी थी। इसके अलावा, बाहर से लाए गए दर्जनों कर्मचारियों का कोई पुलिस वेरिफिकेशन भी
नहीं कराया गया था। मेले में खरीदारों की भारी भीड़ उमड़ रही थी, लेकिन सुरक्षा के नाम पर शून्य व्यवस्था थी। परिसर में आग से निपटने के लिए न तो अग्निशमन यंत्र थे और न ही आपातकालीन निकास की सुविधा थी। पैलेस का पिछला दरवाजा भी बंद रखा गया था, जिससे शॉर्ट सर्किट या आग लगने की स्थिति में सैकड़ों जिंदगियों के खतरे में पड़ने की आशंका बनी हुई थी। शहडोल पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई की शहरवासी जमकर सराहना कर रहे हैं। मामले पर कोतवाली प्रभारी राघवेंद्र तिवारी ने बताया कि पुलिस के पास इस बाजार की कोई सूचना नहीं थी और न ही आयोजकों द्वारा कर्मचारियों की कोई सूची उपलब्ध कराई गई थी। पुलिस प्रशासन ने साफ कर दिया है कि जिले में सुरक्षा और कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वाले आयोजकों व संचालकों के खिलाफ आगे भी कड़ी दंडात्मक कार्रवाई जारी रहेगी।
- मध्य प्रदेश के उमरिया स्थित बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में 100 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र की खाक छानने के बाद एक मादा बाघिन का खराब हो चुका रेडियो कॉलर सफलतापूर्वक हटा दिया गया है। धमोखर बफर के बरबसपुर बीट अंतर्गत पीएफ-126, बरबसपुर-झांझहार क्षेत्र में बाघिन को सुरक्षित रूप से ट्रेंकुलाइज कर उसका कॉलर हटाया गया। इसके बाद स्वास्थ्य परीक्षण कर उसे पूरी तरह होश में लाया गया और उसके प्राकृतिक आवास में सुरक्षित छोड़ दिया गया। वन विभाग के अनुसार बाघिन का रेडियो कॉलर कई दिनों से काम नहीं कर रहा था, जिससे उसकी लोकेशन मिलना बंद हो गई थी। इसके बाद प्रशिक्षित हाथियों, वन अमले, वन्यजीव विशेषज्ञों, ट्रैप कैमरों, वीएचएफ उपकरणों और अन्य तकनीकी संसाधनों की मदद से सघन खोज अभियान चलाया गया। लगातार बारिश की चुनौतियों के बीच टीम ने 25 जुलाई को बाघिन को उसके होम रेंज में खोज निकाला। इसके बाद प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) से अनुमति लेकर दो दिनों की गहन सर्च के बाद शनिवार को यह अभियान सफलतापूर्वक पूरा किया गया। इस अभियान में क्षेत्र संचालक, उप संचालक, सहायक संचालक, वन्यजीव स्वास्थ्य अधिकारी और वन परिक्षेत्र अधिकारी सहित 63 अधिकारी-कर्मचारी शामिल रहे। इसमें प्रशिक्षित हाथी लक्ष्मण, सूर्या, रामा व श्याम और उनके महावतों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण रही। क्षेत्र संचालक डॉ. अनुपम सहाय ने कहा कि बांधवगढ़ में वन्यजीव संरक्षण के लिए आधुनिक तकनीक और वैज्ञानिक प्रबंधन को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। खराब कॉलर से बाघिन की निगरानी प्रभावित हो रही थी, इसलिए सभी अनुमतियों और प्रोटोकॉल का पालन करते हुए यह अभियान चलाया गया। पूरी प्रक्रिया के दौरान बाघिन की सुरक्षा व स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखा गया और कॉलर हटाने के बाद वह सामान्य रूप से अपने प्राकृतिक आवास की ओर चली गई।3
- मध्य प्रदेश के बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के धमोखर बफर स्थित बरबसपुर बीट में एक कॉलरयुक्त मादा बाघिन को सुरक्षित रूप से ट्रेंकुलाइज (बेहोश) कर उसका खराब हो चुका रेडियो कॉलर सफलतापूर्वक हटा दिया गया है। बाघिन का रेडियो कॉलर कई दिनों से काम नहीं कर रहा था, जिससे उसकी लोकेशन मिलना बंद हो गई थी। स्वास्थ्य परीक्षण के बाद उसे पूरी तरह होश में लाकर उसके प्राकृतिक आवास में सुरक्षित छोड़ दिया गया है, जहां वह सामान्य रूप से जंगल की ओर चली गई। रेडियो कॉलर का सिग्नल बंद होने के बाद ट्रैप कैमरों, वीएचएफ उपकरणों और प्रशिक्षित हाथियों की मदद से करीब 100 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में सघन खोज अभियान चलाया गया था। लगातार बारिश जैसी चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बावजूद टीम ने 25 जुलाई को बाघिन को उसके होम रेंज में पूरी तरह स्वस्थ खोज निकाला। इसके बाद प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) से अनुमति लेकर शनिवार को पीएफ-126, बरबसपुर-झांझहार क्षेत्र में यह अभियान पूरा किया गया। इस कार्रवाई में क्षेत्र संचालक, उप संचालक, सहायक संचालक धमोखर बफर, वन्यजीव स्वास्थ्य अधिकारी और वन परिक्षेत्र अधिकारी सहित 63 अधिकारी-कर्मचारी शामिल थे। इसमें प्रशिक्षित हाथियों लक्ष्मण, सूर्या, रामा और श्याम तथा उनके महावतों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण रही। क्षेत्र संचालक डॉ. अनुपम सहाय ने बताया कि बांधवगढ़ में वन्यजीव संरक्षण के लिए आधुनिक तकनीक और वैज्ञानिक प्रबंधन को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। कॉलर खराब होने से बाघिन की निगरानी प्रभावित हो रही थी, इसलिए सभी आवश्यक अनुमतियों और निर्धारित प्रोटोकॉल का पालन करते हुए यह अभियान चलाया गया। पूरी प्रक्रिया के दौरान बाघिन की सुरक्षा और स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखा गया।3
- अनूपपुर के सोनमौहरी जंगल से निकले तीन हाथियों के समूह ने शुक्रवार शाम अमगवां और गुवारी गांव में विचरण करते हुए भारी उत्पात मचाया। हाथियों का यह समूह देर रात मोजर बेयर प्लांट की बाउंड्री को तीन स्थानों से तोड़कर शनिवार सुबह प्लांट परिसर के अंदर पहुंच गया और वहीं विश्राम कर रहा है। हाथियों के इस निरंतर विचरण को देखते हुए वन विभाग और पुलिस प्रशासन अलर्ट पर है। सफर के दौरान हाथियों ने प्यारेलाल राठौर के खेत में केला, गन्ना व धान और गुवारी में लेखराम राठौर के खेत में धान की फसल को अपना आहार बनाया और नुकसान पहुंचाया। अमगवां बाजार में ग्रामीणों की भारी भीड़ और हो-हल्ला के कारण वन विभाग को जैतहरी थाने से पुलिस बुलानी पड़ी। इसी दौरान अमगवां तिराहा के पास 28 वर्षीय मानसिक रोगी युवक सौरभ उर्फ गोरखा अचानक हाथियों से महज 10 फीट की दूरी पर पहुंच गया, जिसे वन विभाग के गश्ती दल ने तुरंत खींचकर बचा लिया। शनिवार दोपहर मुख्य वन संरक्षक (सीसीएफ) शहडोल महेंद्र सिंह ने मोजर बेयर प्लांट पहुंचकर स्थिति का निरीक्षण किया। उन्होंने वन अधिकारियों और गश्ती दल को हाथियों की निगरानी रखने और आम लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के कड़े निर्देश दिए। इस निरीक्षण के दौरान अनूपपुर डीएफओ डेविड बेकटराव चनाप, मोजर बेयर प्लांट के मुख्य अधिकारी आर. के. खटाना, जैतहरी रेंजर विवेक मिश्रा, अनूपपुर रेंजर स्वर्ण गौरव सिंह सहित परिसर सहायक रिचर्ड रेगी राव और संतोष श्रीवास्तव उपस्थित रहे। देर रात यह समूह किस दिशा में रवाना होगा, इसका पता रात में ही चल सकेगा।1
- पुलिस अधीक्षक डॉ. संजय कुमार अग्रवाल के निर्देशन में अमलाई थाना पुलिस ने रेलवे कॉलोनी, छोटी अमलाई निवासी फरियादी ध्रुव लोनिया के सूने मकान में हुई गृहभेदन एवं चोरी की वारदात का सफलतापूर्वक खुलासा किया है। फरियादी की रिपोर्ट पर अमलाई थाने में अज्ञात आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की गई थी, जिसमें सूने घर से सोने-चांदी के आभूषण चोरी होने की बात कही गई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने सतत पूछताछ और जांच के आधार पर दो आरोपियों को हिरासत में लिया, जिन्होंने जुर्म स्वीकार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सुमन लोनिया (उम्र 22 वर्ष, निवासी वार्ड क्रमांक 13, दफाई नंबर 2, अमलाई) और सूरज केवट (उम्र 28 वर्ष, निवासी उस्लापुर, अमलाई) के रूप में हुई है। पुलिस ने इनके पास से ₹1,05,000 की अनुमानित कीमत के सोने-चांदी के आभूषण, जिनमें एक सोने की बिंदी, एक सोने की 'हाय' और एक चांदी का ब्रेसलेट शामिल है, विधिवत ज़ब्त कर लिए हैं। इस कार्रवाई में एसडीओपी अनु. धनपुरी विकास पाण्डेय के नेतृत्व में थाना प्रभारी निरीक्षक भूपेन्द्रमणी पाण्डेय, सहायक उपनिरीक्षक अमृतलाल, प्रधान आरक्षक ठाकुरदास, आरक्षक धर्मेंद्र शुक्ला और आरक्षक राजेंद्र शुक्ला की सराहनीय भूमिका रही।1
- मध्य प्रदेश के उमरिया में कांग्रेस नेता राहुल गांधी के साथ हुई कथित बर्बरता और दुर्व्यवहार के विरोध में जिला युवा कांग्रेस ने बुधवार को उग्र प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का पुतला दहन किया। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार द्वारा लोकतांत्रिक तरीके से आवाज़ उठाने वालों का दमन किया जा रहा है। प्रदर्शन के दौरान युवा कांग्रेस ने राहुल गांधी के साथ हुए दुर्व्यवहार की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की। युवा कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र ध्यान नहीं दिया गया तो इस आंदोलन को और अधिक तेज किया जाएगा। इस मुद्दे को लेकर देश के कई अन्य हिस्सों में भी लगातार विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं और इस्तीफे की मांग उठाई जा रही है।1
- डिंडोरी जिले के शाहपुरा जनपद अंतर्गत ग्राम पंचायत बिलगांव में लगातार हो रही बारिश और पानी निकासी की उचित व्यवस्था न होने से मुख्य सड़क मार्ग तालाब में तब्दील हो गया है। सड़क पर जलभराव होने के कारण ग्रामीणों, राहगीरों और स्कूली छात्र-छात्राओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है तथा लोग जोखिम उठाकर आवागमन करने को मजबूर हैं। शनिवार सुबह लगभग 10 बजे ग्रामीणों ने मीडिया को बताया कि ग्राम पंचायत द्वारा नाली निर्माण के बाद उसे ऊपर से बंद कर दिया गया, जिसके चलते बरसात का पानी पुलिया के ऊपर सड़क पर जमा हो रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि इस समस्या के संबंध में संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को कई बार सूचित किया जा चुका है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से जल्द से जल्द जल निकासी की समुचित व्यवस्था कराकर सड़क को आवागमन योग्य बनाने की मांग की है।4
- मानपुर नगर परिषद के वार्ड क्रमांक 7 में पहली ही तेज बारिश ने विकास कार्यों की पोल खोलकर रख दी है। पूरे नगर के वर्षा जल की निकासी के लिए बनाई गई नाली पानी का दबाव नहीं झेल सकी, जिससे सड़कों पर गंदा पानी, कीचड़ और कचरा फैल गया है। रहवासी दुर्गंध और जलभराव के बीच जीवन जीने को मजबूर हैं और उनका कहना है कि "भुगतान हो गया, अब भुगत रहे हम।" रहवासियों का आरोप है कि नाली का निर्माण संविदाकार ज्ञानेंद्र सिंह गहरवार के माध्यम से कराया गया, जिसमें नगर परिषद में अकाउंटेंट के सहायक शिवम गुप्ता ने समन्वय और भुगतान प्रक्रिया में मुख्य भूमिका निभाई। लोगों के अनुसार, निर्माण में कई जगहों पर एक ओर दीवार तक नहीं बनाई गई और सीधे सीसी सड़क पर स्लैब रखकर ढंक दिया गया। बस स्टैंड सहित नगर के बड़े हिस्से का पानी इसी मार्ग से निकलता है, इसके बावजूद नाली की चौड़ाई महज एक फीट या उससे कम रखी गई। इस मामले में नगर परिषद के सीएमओ और उपयंत्री की भूमिका पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं कि निरीक्षण के दौरान इतनी गंभीर खामियां नजर क्यों नहीं आईं। रहवासियों का कहना है कि निर्माण के दौरान चौड़ाई और गुणवत्ता को लेकर कई बार आपत्तियां जताई गईं, लेकिन जिम्मेदार तमाशबीन बने रहे। अब बारिश का पानी और नगर की गंदगी सीधे सोनी मोहल्ला पहुंच रही है। रहवासियों ने अनुविभागीय दंडाधिकारी (एसडीएम) मानपुर से नवनिर्मित नाली का तत्काल स्थलीय एवं तकनीकी निरीक्षण कराने की मांग की है। उन्होंने स्वीकृत स्टीमेट, माप पुस्तिका (एमबी), गुणवत्ता परीक्षण और भुगतान प्रक्रिया की विस्तृत जांच कराते हुए दोषी अधिकारियों, उपयंत्री और संविदाकार के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने का आग्रह किया है।3
- शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद इसे देश के युवाओं की बड़ी कामयाबी और लोकतंत्र की जीत बताया गया है। इस घटनाक्रम को लेकर कहा गया है कि देश के युवाओं ने आखिरकार यह कर दिखाया है और यह सीधे तौर पर लोकतंत्र की जीत है। C J P की ओर से इस मोड़ को युवाओं के प्रयासों की सफलता के रूप में रेखांकित किया गया है।1
- मध्य प्रदेश के शहडोल जिले के अंतिम छोर पर बसे ब्यौहारी क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी के कारण किडनी के मरीजों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ब्यौहारी में डायलिसिस सेंटर न होने की वजह से क्षेत्र के लगभग 15 से 20 मरीजों को हर हफ्ते और सप्ताह में कई बार 90 किलोमीटर का लंबा सफर तय करके जिला अस्पताल शहडोल पहुंचने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। इस लंबी दूरी, बढ़ते खर्च और जानलेवा तकलीफ के कारण मरीजों और उनके परिजनों की शारीरिक, मानसिक और आर्थिक परेशानियां लगातार बढ़ रही हैं। इसी समस्या के बीच ब्यौहारी से शहडोल डायलिसिस कराने पहुंची सरसी हाई स्कूल में पदस्थ शिक्षिका कल्पना चतुर्वेदी का दर्द सोशल मीडिया पर सामने आया है। उन्होंने एक भावुक वीडियो जारी कर शासन और प्रशासन से ब्यौहारी में जल्द से जल्द डायलिसिस सेंटर शुरू करने की मार्मिक अपील की है, ताकि गंभीर बीमारी से जूझ रहे मरीजों को 90 किलोमीटर की कष्टदायक यात्रा न करनी पड़े और उन्हें समय पर उपचार मिल सके। इस मामले ने अब राजनीतिक और सामाजिक रूप से भी तूल पकड़ लिया है। ब्यौहारी क्षेत्र की उपेक्षित स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर जिला पंचायत सदस्य पुष्पेंद्र सिंह पटेल ने मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने वीडियो जारी कर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री, स्वास्थ्य मंत्री एवं जिला प्रभारी मंत्री राजेंद्र शुक्ला से तत्काल डायलिसिस सेंटर शुरू कराने और व्यवस्थाएं सुधारने की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी है कि यदि जल्द स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार नहीं हुआ, तो प्रभारी मंत्री के ब्यौहारी आगमन पर उनका विरोध स्वरूप स्वागत किया जाएगा।2