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शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद इसे देश के युवाओं की बड़ी कामयाबी और लोकतंत्र की जीत बताया गया है। इस घटनाक्रम को लेकर कहा गया है कि देश के युवाओं ने आखिरकार यह कर दिखाया है और यह सीधे तौर पर लोकतंत्र की जीत है। C J P की ओर से इस मोड़ को युवाओं के प्रयासों की सफलता के रूप में रेखांकित किया गया है।
वाइस ऑफ़ राइट्स न्यूज चैनल
शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद इसे देश के युवाओं की बड़ी कामयाबी और लोकतंत्र की जीत बताया गया है। इस घटनाक्रम को लेकर कहा गया है कि देश के युवाओं ने आखिरकार यह कर दिखाया है और यह सीधे तौर पर लोकतंत्र की जीत है। C J P की ओर से इस मोड़ को युवाओं के प्रयासों की सफलता के रूप में रेखांकित किया गया है।
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- शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद इसे देश के युवाओं की बड़ी कामयाबी और लोकतंत्र की जीत बताया गया है। इस घटनाक्रम को लेकर कहा गया है कि देश के युवाओं ने आखिरकार यह कर दिखाया है और यह सीधे तौर पर लोकतंत्र की जीत है। C J P की ओर से इस मोड़ को युवाओं के प्रयासों की सफलता के रूप में रेखांकित किया गया है।1
- उमरिया स्थित बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में लगभग 13 दिनों तक चले सघन खोज और निगरानी अभियान के बाद एक कॉलरयुक्त मादा बाघिन का खराब हो चुका रेडियो कॉलर सुरक्षित रूप से हटाकर उसे प्राकृतिक आवास में छोड़ दिया गया है। टाइगर रिजर्व के क्षेत्रीय संचालक अनुपम सहाय ने इसे वन्यजीव संरक्षण और वैज्ञानिक मॉनिटरिंग की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया है। अनुपम सहाय के अनुसार, 1 जुलाई 2026 की दोपहर करीब 2 बजे के बाद बाघिन के रेडियो कॉलर से जीपीएस और वीएचएफ सिग्नल मिलने बंद हो गए थे। लगातार बारिश और घने जंगल के कारण शुरुआत में सफलता नहीं मिली, जिसके बाद प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) के मार्गदर्शन में एक विशेष खोज दल गठित किया गया। करीब 100 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में चलाए गए इस सर्च ऑपरेशन में वन्यजीव स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. राजेश तोमर, वाइल्डलाइफ कंजर्वेशन ट्रस्ट के डॉ. प्रशांत देशमुख, प्रशिक्षित हाथियों, डॉग स्क्वाड और ट्रैप कैमरों की मदद ली गई। अंततः 12 जुलाई को पदचिह्नों के आधार पर बाघिन को उसके होम रेंज में सुरक्षित और स्वस्थ अवस्था में खोज निकाला गया, जहाँ जांच में उसका रेडियो कॉलर पूरी तरह खराब पाया गया। जरूरी अनुमति मिलने के बाद धमोखर बफर के बरबसपुर बीट में दो दिनों तक सघन निगरानी की गई और 25 जुलाई को विशेषज्ञों की टीम ने बाघिन को सुरक्षित रूप से ट्रेंकुलाइज करके उसका कॉलर हटा दिया। स्वास्थ्य परीक्षण में पूरी तरह स्वस्थ पाए जाने और निर्धारित प्रोटोकॉल पूरा होने के बाद बाघिन को होश में लाकर जंगल में छोड़ दिया गया। इस पूरे सफल अभियान में 63 अधिकारी-कर्मचारियों के अलावा लक्ष्मण, सूर्या, रामा और श्याम नामक प्रशिक्षित हाथियों तथा उनके महावतों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।2
- डिंडोरी जिले के शाहपुरा जनपद अंतर्गत ग्राम पंचायत बिलगांव में लगातार हो रही बारिश और पानी निकासी की उचित व्यवस्था न होने से मुख्य सड़क मार्ग तालाब में तब्दील हो गया है। सड़क पर जलभराव होने के कारण ग्रामीणों, राहगीरों और स्कूली छात्र-छात्राओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है तथा लोग जोखिम उठाकर आवागमन करने को मजबूर हैं। शनिवार सुबह लगभग 10 बजे ग्रामीणों ने मीडिया को बताया कि ग्राम पंचायत द्वारा नाली निर्माण के बाद उसे ऊपर से बंद कर दिया गया, जिसके चलते बरसात का पानी पुलिया के ऊपर सड़क पर जमा हो रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि इस समस्या के संबंध में संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को कई बार सूचित किया जा चुका है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से जल्द से जल्द जल निकासी की समुचित व्यवस्था कराकर सड़क को आवागमन योग्य बनाने की मांग की है।4
- शाहडोल के घरौला मोहल्ला स्थित सरदार वल्लभभाई पटेल विद्यालय में 'पत्रिका समाचार' के बैनर तले पर्यावरण संरक्षण और हरित भविष्य के संकल्प के साथ भव्य पौधरोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। "वृक्षारोपण ही प्रकृति की सच्ची सेवा है" के संदेश के साथ आयोजित इस कार्यक्रम में विद्यार्थियों और नागरिकों को पर्यावरण सुरक्षा के प्रति जागरूक किया गया। कार्यक्रम के दौरान पौधरोपण करते हुए संदेश दिया गया कि आज लगाया गया एक पौधा आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य की नींव है। सभी उपस्थित लोगों से प्रत्येक वर्ष कम से कम एक पौधा लगाने और उसकी जिम्मेदारी के साथ देखभाल करने का आग्रह किया गया। साथ ही "एक पेड़ माँ के नाम" लगाकर प्रकृति के प्रति अपना कर्तव्य निभाने और "पेड़ लगाइए, जीवन बचाइए" का संकल्प दोहराया गया। इस अवसर पर श्री विकास जोतवानी जी, श्री अनिल सोनी जी, लकी वर्मा, विद्यालय की प्राचार्य नंदनी तिवारी जी, गीता जी, विद्यालय का समस्त स्टाफ और छात्र-छात्राएँ बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। सभी ने उत्साहपूर्वक पौधरोपण किया और धरती को हरा-भरा बनाने का सामूहिक संकल्प लिया।4
- शहडोल के थाना अमलाई पुलिस ने सूने मकान में हुई चोरी के एक मामले का सफलतापूर्वक खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस अधीक्षक डॉ. संजय कुमार अग्रवाल के निर्देशन में हुई इस कार्रवाई में आरोपियों के पास से चोरी गए सोने-चांदी के आभूषण भी बरामद कर लिए गए हैं। यह मामला रेलवे कॉलोनी, छोटी अमलाई निवासी फरियादी ध्रुव लोनिया की रिपोर्ट पर दर्ज किया गया था, जिनके सूने घर में प्रवेश कर अज्ञात चोरों ने गहने पार कर दिए थे। शिकायत के आधार पर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसडीओपी अनुभाग घनपुरी श्री विकास पाण्डेय के नेतृत्व में थाना प्रभारी निरीक्षक भूपेन्द्रमणि पाण्डेय द्वारा एक विशेष टीम का गठन किया गया था। टीम द्वारा की गई पूछताछ और विवेचना के आधार पर संदेहियों को हिरासत में लिया गया, जिन्होंने पूछताछ में चोरी की घटना स्वीकार कर ली। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सुमन लोनिया (उम्र 22 वर्ष, निवासी वार्ड क्रमांक 13, दफाई नंबर 2, अमलाई) और सूरज केवट (उम्र 28 वर्ष, निवासी उस्लापुर, अमलाई) के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से एक सोने की बिंदी, एक सोने की 'हाय' और एक चांदी का ब्रेसलेट बरामद किया है। जब्त किए गए मशरूका की कुल अनुमानित कीमत लगभग ₹1,05,000 है, जिसे विधिवत जमा कर लिया गया है। इस पूरी कार्रवाई में एसडीओपी विकास पाण्डेय और थाना प्रभारी भूपेन्द्रमणि पाण्डेय के साथ प्रधान आरक्षक सुनील अमृतलाल, प्रधान आरक्षक ठाकुरदास, आरक्षक धर्मेन्द्र शुक्ला और आरक्षक राजेन्द्र शुक्ला की सराहनीय भूमिका रही।3
- शहडोल जिले के सिंहपुर और सोहागपुर थाना क्षेत्र की सीमा से लगे अंदर अडहाई के जंगलों में कथित रूप से बड़े पैमाने पर जुआ फड़ संचालित होने की चर्चाएं जोरों पर हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि यहां प्रतिदिन लाखों रुपये के दांव लगाए जा रहे हैं और दूर-दराज के जिलों से भारी संख्या में जुआरी पहुंच रहे हैं। बताया जा रहा है कि इस जुआ फड़ में डिंडोरी, मंडला, शाहपुरा, जबलपुर, पेंड्रा, सिंहपुर, नौरोजाबाद, पाली और उमरिया सहित कई क्षेत्रों से लोग आ रहे हैं, जिसके कारण आसपास के ढाबों और होटलों में वाहनों की लंबी कतारें देखी जा रही हैं। आरोप है कि इस फड़ से प्रतिदिन ₹1 से ₹1.5 लाख तक की 'कट्टी' वसूली जाती है और चारों तरफ निगरानी के लिए लोगों को तैनात रखा जाता है। स्थानीय स्तर पर यह भी दावा किया जा रहा है कि इस जुआ फड़ का संचालन रामजी शर्मा और उसके सहयोगी भूपेंद्र सिंह (अक्कू) जमुई, लाल चौहान अडहाई तथा आदेश तिवारी के संरक्षण में हो रहा है, हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि यदि इतने बड़े पैमाने पर रोज जुआ चल रहा है तो सिंहपुर और सोहागपुर थाना पुलिस को इसकी भनक क्यों नहीं लगी और क्या पुलिस की गश्त महज कागजों तक सीमित है।1
- मध्य प्रदेश के शहडोल जिले में कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक के निर्देशन पर खनिज, राजस्व और पुलिस विभाग की संयुक्त टीम ने जैतपुर क्षेत्र में अवैध रेत भंडारण के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। सहायक खनिज अधिकारी अभिषेक पटले के नेतृत्व में संयुक्त टीम ने ग्राम खैरहनी में पानी की टंकी के पास शासकीय भूमि पर सड़क किनारे लगभग 30 ट्रैक्टर-ट्रॉली अवैध रेत का भंडारण पाया। इसके बाद मौके पर जेसीबी मशीन की सहायता से रेत में मिट्टी मिलाकर उसे पूरी तरह नष्ट कर दिया गया। कार्रवाई के दौरान इसी क्षेत्र में पानी की टंकी के पास निजी भूमि पर भी बिना अनुमति के लगभग 30 ट्रैक्टर-ट्रॉली रेत का भंडारण मिला। स्थानीय लोगों के अनुसार यह जमीन ग्राम खैरहनी निवासी पिंकू महाराज की बताई जा रही है। जांच के दौरान भूमि स्वामी की जमीन पर लगभग 25 ट्रैक्टर-ट्रॉली रेत का अवैध भंडारण पाया गया, जिसे मौके पर ही जप्त कर लिया गया। खनिज विभाग द्वारा भूमि स्वामी के विरुद्ध अवैध रेत भंडारण का प्रकरण तैयार किया जा रहा है और नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। इस कार्रवाई में थाना जैतपुर के एएसआई, राजस्व एवं पुलिस टीम शामिल रही। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जिले में अवैध खनन और अवैध रेत भंडारण के खिलाफ यह अभियान लगातार जारी रहेगा।1
- उमरिया के बिरसिंहपुर पाली में सरस्वती शिशु मंदिर के पास एक पीपल के पेड़ पर चढ़ते ही बंदर को जोरदार करंट लग गया और वह अचेत होकर नीचे गिर पड़ा। घटना शाम तकरीबन 7:30 बजे की है। स्थानीय लोगों ने जब बंदर को इस हालत में देखा तो उस पर पानी डाला, जिसके बाद उसे थोड़ा होश आया और वह किनारे जाकर बैठ गया। हालांकि, उसकी हालत अभी भी सही नहीं है और वह खुद को संभाल नहीं पा रहा है। पेड़ में करंट कहाँ से आया, यह फिलहाल स्पष्ट नहीं हो पाया है। लेकिन प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार बंदर जैसे ही उछलकर पेड़ पर गया, वह तुरंत अचेत होकर नीचे आ गिरा, जिससे साफ़ जाहिर होता है कि पेड़ में करंट था। किसी की लापरवाही का खामियाजा इस बेजुबान जीव को भुगतना पड़ा है। बरसात के मौसम में बिजली के खंभों और खास तौर पर हरे-भरे पेड़ों से दूर रहने तथा सतर्क रहने की सलाह दी गई है।1