मध्य प्रदेश के बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के धमोखर बफर स्थित बरबसपुर बीट में एक कॉलरयुक्त मादा बाघिन को सुरक्षित रूप से ट्रेंकुलाइज (बेहोश) कर उसका खराब हो चुका रेडियो कॉलर सफलतापूर्वक हटा दिया गया है। बाघिन का रेडियो कॉलर कई दिनों से काम नहीं कर रहा था, जिससे उसकी लोकेशन मिलना बंद हो गई थी। स्वास्थ्य परीक्षण के बाद उसे पूरी तरह होश में लाकर उसके प्राकृतिक आवास में सुरक्षित छोड़ दिया गया है, जहां वह सामान्य रूप से जंगल की ओर चली गई। रेडियो कॉलर का सिग्नल बंद होने के बाद ट्रैप कैमरों, वीएचएफ उपकरणों और प्रशिक्षित हाथियों की मदद से करीब 100 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में सघन खोज अभियान चलाया गया था। लगातार बारिश जैसी चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बावजूद टीम ने 25 जुलाई को बाघिन को उसके होम रेंज में पूरी तरह स्वस्थ खोज निकाला। इसके बाद प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) से अनुमति लेकर शनिवार को पीएफ-126, बरबसपुर-झांझहार क्षेत्र में यह अभियान पूरा किया गया। इस कार्रवाई में क्षेत्र संचालक, उप संचालक, सहायक संचालक धमोखर बफर, वन्यजीव स्वास्थ्य अधिकारी और वन परिक्षेत्र अधिकारी सहित 63 अधिकारी-कर्मचारी शामिल थे। इसमें प्रशिक्षित हाथियों लक्ष्मण, सूर्या, रामा और श्याम तथा उनके महावतों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण रही। क्षेत्र संचालक डॉ. अनुपम सहाय ने बताया कि बांधवगढ़ में वन्यजीव संरक्षण के लिए आधुनिक तकनीक और वैज्ञानिक प्रबंधन को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। कॉलर खराब होने से बाघिन की निगरानी प्रभावित हो रही थी, इसलिए सभी आवश्यक अनुमतियों और निर्धारित प्रोटोकॉल का पालन करते हुए यह अभियान चलाया गया। पूरी प्रक्रिया के दौरान बाघिन की सुरक्षा और स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखा गया।
मध्य प्रदेश के बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के धमोखर बफर स्थित बरबसपुर बीट में एक कॉलरयुक्त मादा बाघिन को सुरक्षित रूप से ट्रेंकुलाइज (बेहोश) कर उसका खराब हो चुका रेडियो कॉलर सफलतापूर्वक हटा दिया गया है। बाघिन का रेडियो कॉलर कई दिनों से काम नहीं कर रहा था, जिससे उसकी लोकेशन मिलना बंद हो गई थी। स्वास्थ्य परीक्षण के बाद उसे पूरी तरह होश में लाकर उसके प्राकृतिक आवास में सुरक्षित छोड़ दिया गया है, जहां वह सामान्य रूप से जंगल की ओर चली गई। रेडियो कॉलर का सिग्नल
बंद होने के बाद ट्रैप कैमरों, वीएचएफ उपकरणों और प्रशिक्षित हाथियों की मदद से करीब 100 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में सघन खोज अभियान चलाया गया था। लगातार बारिश जैसी चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बावजूद टीम ने 25 जुलाई को बाघिन को उसके होम रेंज में पूरी तरह स्वस्थ खोज निकाला। इसके बाद प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) से अनुमति लेकर शनिवार को पीएफ-126, बरबसपुर-झांझहार क्षेत्र में यह अभियान पूरा किया गया। इस कार्रवाई में क्षेत्र संचालक, उप संचालक, सहायक संचालक धमोखर बफर, वन्यजीव स्वास्थ्य अधिकारी और वन परिक्षेत्र
अधिकारी सहित 63 अधिकारी-कर्मचारी शामिल थे। इसमें प्रशिक्षित हाथियों लक्ष्मण, सूर्या, रामा और श्याम तथा उनके महावतों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण रही। क्षेत्र संचालक डॉ. अनुपम सहाय ने बताया कि बांधवगढ़ में वन्यजीव संरक्षण के लिए आधुनिक तकनीक और वैज्ञानिक प्रबंधन को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। कॉलर खराब होने से बाघिन की निगरानी प्रभावित हो रही थी, इसलिए सभी आवश्यक अनुमतियों और निर्धारित प्रोटोकॉल का पालन करते हुए यह अभियान चलाया गया। पूरी प्रक्रिया के दौरान बाघिन की सुरक्षा और स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखा गया।
- सनातन संस्कृति और धर्म की निशानी गौमाता के संरक्षण को लेकर देशवासियों से विशेष अपील की गई है। इसके तहत गौचर भूमि पर गौशालाएं खुलवाने की माँग उठाई गई है, ताकि गौमाता की उचित देखभाल हो सके। गौमाता को जीती-जागती माँ बताते हुए उनके भोजन की व्यवस्था के लिए सभी लोगों से दस रुपये का दान करने या भोजन संबंधी सहायता देने का आग्रह किया गया है। गौमाता के कष्टों को दूर करने के उद्देश्य से एक आवेदन भी तैयार किया गया है। इसके साथ ही सत्य सनातन संस्कृति धर्म, गौमाता और गाँव के सभी कुल देवी-देवताओं की जय-जयकार करते हुए इस कार्य में सहयोग की भावना जताई गई है।1
- शहडोल जिले के सिंहपुर और सोहागपुर थाना क्षेत्र की सीमा से लगे अंदर अडहाई के जंगलों में कथित रूप से बड़े पैमाने पर जुआ फड़ संचालित होने की चर्चाएं जोरों पर हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि यहां प्रतिदिन लाखों रुपये के दांव लगाए जा रहे हैं और दूर-दराज के जिलों से भारी संख्या में जुआरी पहुंच रहे हैं। बताया जा रहा है कि इस जुआ फड़ में डिंडोरी, मंडला, शाहपुरा, जबलपुर, पेंड्रा, सिंहपुर, नौरोजाबाद, पाली और उमरिया सहित कई क्षेत्रों से लोग आ रहे हैं, जिसके कारण आसपास के ढाबों और होटलों में वाहनों की लंबी कतारें देखी जा रही हैं। आरोप है कि इस फड़ से प्रतिदिन ₹1 से ₹1.5 लाख तक की 'कट्टी' वसूली जाती है और चारों तरफ निगरानी के लिए लोगों को तैनात रखा जाता है। स्थानीय स्तर पर यह भी दावा किया जा रहा है कि इस जुआ फड़ का संचालन रामजी शर्मा और उसके सहयोगी भूपेंद्र सिंह (अक्कू) जमुई, लाल चौहान अडहाई तथा आदेश तिवारी के संरक्षण में हो रहा है, हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि यदि इतने बड़े पैमाने पर रोज जुआ चल रहा है तो सिंहपुर और सोहागपुर थाना पुलिस को इसकी भनक क्यों नहीं लगी और क्या पुलिस की गश्त महज कागजों तक सीमित है।1
- मध्य प्रदेश के शहडोल जिले में कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक के निर्देशन पर खनिज, राजस्व और पुलिस विभाग की संयुक्त टीम ने जैतपुर क्षेत्र में अवैध रेत भंडारण के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। सहायक खनिज अधिकारी अभिषेक पटले के नेतृत्व में संयुक्त टीम ने ग्राम खैरहनी में पानी की टंकी के पास शासकीय भूमि पर सड़क किनारे लगभग 30 ट्रैक्टर-ट्रॉली अवैध रेत का भंडारण पाया। इसके बाद मौके पर जेसीबी मशीन की सहायता से रेत में मिट्टी मिलाकर उसे पूरी तरह नष्ट कर दिया गया। कार्रवाई के दौरान इसी क्षेत्र में पानी की टंकी के पास निजी भूमि पर भी बिना अनुमति के लगभग 30 ट्रैक्टर-ट्रॉली रेत का भंडारण मिला। स्थानीय लोगों के अनुसार यह जमीन ग्राम खैरहनी निवासी पिंकू महाराज की बताई जा रही है। जांच के दौरान भूमि स्वामी की जमीन पर लगभग 25 ट्रैक्टर-ट्रॉली रेत का अवैध भंडारण पाया गया, जिसे मौके पर ही जप्त कर लिया गया। खनिज विभाग द्वारा भूमि स्वामी के विरुद्ध अवैध रेत भंडारण का प्रकरण तैयार किया जा रहा है और नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। इस कार्रवाई में थाना जैतपुर के एएसआई, राजस्व एवं पुलिस टीम शामिल रही। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जिले में अवैध खनन और अवैध रेत भंडारण के खिलाफ यह अभियान लगातार जारी रहेगा।1
- डिंडोरी जिले के शाहपुरा जनपद अंतर्गत ग्राम पंचायत बिलगांव में लगातार हो रही बारिश और पानी निकासी की उचित व्यवस्था न होने से मुख्य सड़क मार्ग तालाब में तब्दील हो गया है। सड़क पर जलभराव होने के कारण ग्रामीणों, राहगीरों और स्कूली छात्र-छात्राओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है तथा लोग जोखिम उठाकर आवागमन करने को मजबूर हैं। शनिवार सुबह लगभग 10 बजे ग्रामीणों ने मीडिया को बताया कि ग्राम पंचायत द्वारा नाली निर्माण के बाद उसे ऊपर से बंद कर दिया गया, जिसके चलते बरसात का पानी पुलिया के ऊपर सड़क पर जमा हो रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि इस समस्या के संबंध में संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को कई बार सूचित किया जा चुका है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से जल्द से जल्द जल निकासी की समुचित व्यवस्था कराकर सड़क को आवागमन योग्य बनाने की मांग की है।4
- इंद्र मिश्रा ने आरोप लगाया है कि फॉरेस्टर प्लेग्राउंड में छात्र प्रदर्शन के दौरान तोड़फोड़ की गई। इसके साथ ही इस प्रदर्शन के दौरान प्रधानमंत्री के खिलाफ आपत्तिजनक नारे भी लगाए गए।1
- मध्य प्रदेश के कटनी जिले के इटौरा स्थित माँ चंद्रिका धाम एक धरोहर स्थल है, जो जलमग्न रहता है। माँ चंद्रिका धाम विकास यात्रा से जुड़ा यह स्थल एक महत्वपूर्ण धरोहर के रूप में स्थित है और यह निरंतर जलमग्न स्थिति में रहता है।1
- मध्य प्रदेश के शहडोल जिले के अंतिम छोर पर बसे ब्यौहारी क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी के कारण किडनी के मरीजों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ब्यौहारी में डायलिसिस सेंटर न होने की वजह से क्षेत्र के लगभग 15 से 20 मरीजों को हर हफ्ते और सप्ताह में कई बार 90 किलोमीटर का लंबा सफर तय करके जिला अस्पताल शहडोल पहुंचने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। इस लंबी दूरी, बढ़ते खर्च और जानलेवा तकलीफ के कारण मरीजों और उनके परिजनों की शारीरिक, मानसिक और आर्थिक परेशानियां लगातार बढ़ रही हैं। इसी समस्या के बीच ब्यौहारी से शहडोल डायलिसिस कराने पहुंची सरसी हाई स्कूल में पदस्थ शिक्षिका कल्पना चतुर्वेदी का दर्द सोशल मीडिया पर सामने आया है। उन्होंने एक भावुक वीडियो जारी कर शासन और प्रशासन से ब्यौहारी में जल्द से जल्द डायलिसिस सेंटर शुरू करने की मार्मिक अपील की है, ताकि गंभीर बीमारी से जूझ रहे मरीजों को 90 किलोमीटर की कष्टदायक यात्रा न करनी पड़े और उन्हें समय पर उपचार मिल सके। इस मामले ने अब राजनीतिक और सामाजिक रूप से भी तूल पकड़ लिया है। ब्यौहारी क्षेत्र की उपेक्षित स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर जिला पंचायत सदस्य पुष्पेंद्र सिंह पटेल ने मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने वीडियो जारी कर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री, स्वास्थ्य मंत्री एवं जिला प्रभारी मंत्री राजेंद्र शुक्ला से तत्काल डायलिसिस सेंटर शुरू कराने और व्यवस्थाएं सुधारने की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी है कि यदि जल्द स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार नहीं हुआ, तो प्रभारी मंत्री के ब्यौहारी आगमन पर उनका विरोध स्वरूप स्वागत किया जाएगा।2
- NEET को लेकर पूरे देश के साथ-साथ कटनी जिले में भी युवाओं ने पुरजोर हुंकार भरी है। युवाओं के इस व्यापक विरोध और प्रदर्शन के बीच शिक्षा मंत्री ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है।1
- शहडोल के संभागीय मुख्यालय स्थित अशोका पैलेस में बिना किसी अनुमति, पुलिस सूचना और अग्निशमन के बुनियादी मानकों की धज्जियां उड़ाते हुए अवैध रूप से संचालित किए जा रहे 'सस्ता बाजार' को पुलिस ने बंद करवा दिया है। इस गंभीर लापरवाही की जानकारी मीडिया के जरिए पुलिस कप्तान डॉ. संजय अग्रवाल तक पहुंची, जिसके बाद उन्होंने बिना देरी किए सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। कोतवाली पुलिस की मुस्तैद टीम ने तुरंत मौके पर पहुंचकर इस अवैध मेले पर ताला जड़ दिया और शहर को एक संभावित बड़े हादसे से बचा लिया। इस गैर-कानूनी मेले का संचालन दिल्ली मुजफ्फरपुर निवासी मोहम्मद दाऊद द्वारा किया जा रहा था। संचालक ने न तो अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) यानी एसडीएम दफ्तर से अनुमति ली थी और न ही स्थानीय कोतवाली पुलिस को इसकी कोई इत्तला दी थी। इसके अलावा, बाहर से लाए गए दर्जनों कर्मचारियों का कोई पुलिस वेरिफिकेशन भी नहीं कराया गया था। मेले में खरीदारों की भारी भीड़ उमड़ रही थी, लेकिन सुरक्षा के नाम पर शून्य व्यवस्था थी। परिसर में आग से निपटने के लिए न तो अग्निशमन यंत्र थे और न ही आपातकालीन निकास की सुविधा थी। पैलेस का पिछला दरवाजा भी बंद रखा गया था, जिससे शॉर्ट सर्किट या आग लगने की स्थिति में सैकड़ों जिंदगियों के खतरे में पड़ने की आशंका बनी हुई थी। शहडोल पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई की शहरवासी जमकर सराहना कर रहे हैं। मामले पर कोतवाली प्रभारी राघवेंद्र तिवारी ने बताया कि पुलिस के पास इस बाजार की कोई सूचना नहीं थी और न ही आयोजकों द्वारा कर्मचारियों की कोई सूची उपलब्ध कराई गई थी। पुलिस प्रशासन ने साफ कर दिया है कि जिले में सुरक्षा और कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वाले आयोजकों व संचालकों के खिलाफ आगे भी कड़ी दंडात्मक कार्रवाई जारी रहेगी।2