मध्य प्रदेश के शहडोल जिले के अंतिम छोर पर बसे ब्यौहारी क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी के कारण किडनी के मरीजों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ब्यौहारी में डायलिसिस सेंटर न होने की वजह से क्षेत्र के लगभग 15 से 20 मरीजों को हर हफ्ते और सप्ताह में कई बार 90 किलोमीटर का लंबा सफर तय करके जिला अस्पताल शहडोल पहुंचने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। इस लंबी दूरी, बढ़ते खर्च और जानलेवा तकलीफ के कारण मरीजों और उनके परिजनों की शारीरिक, मानसिक और आर्थिक परेशानियां लगातार बढ़ रही हैं। इसी समस्या के बीच ब्यौहारी से शहडोल डायलिसिस कराने पहुंची सरसी हाई स्कूल में पदस्थ शिक्षिका कल्पना चतुर्वेदी का दर्द सोशल मीडिया पर सामने आया है। उन्होंने एक भावुक वीडियो जारी कर शासन और प्रशासन से ब्यौहारी में जल्द से जल्द डायलिसिस सेंटर शुरू करने की मार्मिक अपील की है, ताकि गंभीर बीमारी से जूझ रहे मरीजों को 90 किलोमीटर की कष्टदायक यात्रा न करनी पड़े और उन्हें समय पर उपचार मिल सके। इस मामले ने अब राजनीतिक और सामाजिक रूप से भी तूल पकड़ लिया है। ब्यौहारी क्षेत्र की उपेक्षित स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर जिला पंचायत सदस्य पुष्पेंद्र सिंह पटेल ने मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने वीडियो जारी कर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री, स्वास्थ्य मंत्री एवं जिला प्रभारी मंत्री राजेंद्र शुक्ला से तत्काल डायलिसिस सेंटर शुरू कराने और व्यवस्थाएं सुधारने की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी है कि यदि जल्द स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार नहीं हुआ, तो प्रभारी मंत्री के ब्यौहारी आगमन पर उनका विरोध स्वरूप स्वागत किया जाएगा।
मध्य प्रदेश के शहडोल जिले के अंतिम छोर पर बसे ब्यौहारी क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी के कारण किडनी के मरीजों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ब्यौहारी में डायलिसिस सेंटर न होने की वजह से क्षेत्र के लगभग 15 से 20 मरीजों को हर हफ्ते और सप्ताह में कई बार 90 किलोमीटर का लंबा सफर तय करके जिला अस्पताल शहडोल पहुंचने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। इस लंबी दूरी, बढ़ते खर्च और जानलेवा तकलीफ के कारण मरीजों और उनके परिजनों की शारीरिक, मानसिक और आर्थिक परेशानियां लगातार बढ़ रही हैं। इसी समस्या के बीच ब्यौहारी से शहडोल डायलिसिस कराने पहुंची सरसी हाई स्कूल में पदस्थ शिक्षिका कल्पना चतुर्वेदी का दर्द सोशल मीडिया पर सामने आया है। उन्होंने एक भावुक वीडियो जारी कर
शासन और प्रशासन से ब्यौहारी में जल्द से जल्द डायलिसिस सेंटर शुरू करने की मार्मिक अपील की है, ताकि गंभीर बीमारी से जूझ रहे मरीजों को 90 किलोमीटर की कष्टदायक यात्रा न करनी पड़े और उन्हें समय पर उपचार मिल सके। इस मामले ने अब राजनीतिक और सामाजिक रूप से भी तूल पकड़ लिया है। ब्यौहारी क्षेत्र की उपेक्षित स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर जिला पंचायत सदस्य पुष्पेंद्र सिंह पटेल ने मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने वीडियो जारी कर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री, स्वास्थ्य मंत्री एवं जिला प्रभारी मंत्री राजेंद्र शुक्ला से तत्काल डायलिसिस सेंटर शुरू कराने और व्यवस्थाएं सुधारने की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी है कि यदि जल्द स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार नहीं हुआ, तो प्रभारी मंत्री के ब्यौहारी आगमन पर उनका विरोध स्वरूप स्वागत किया जाएगा।
- मध्य प्रदेश के शहडोल जिले के अंतिम छोर पर बसे ब्यौहारी क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी के कारण किडनी के मरीजों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ब्यौहारी में डायलिसिस सेंटर न होने की वजह से क्षेत्र के लगभग 15 से 20 मरीजों को हर हफ्ते और सप्ताह में कई बार 90 किलोमीटर का लंबा सफर तय करके जिला अस्पताल शहडोल पहुंचने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। इस लंबी दूरी, बढ़ते खर्च और जानलेवा तकलीफ के कारण मरीजों और उनके परिजनों की शारीरिक, मानसिक और आर्थिक परेशानियां लगातार बढ़ रही हैं। इसी समस्या के बीच ब्यौहारी से शहडोल डायलिसिस कराने पहुंची सरसी हाई स्कूल में पदस्थ शिक्षिका कल्पना चतुर्वेदी का दर्द सोशल मीडिया पर सामने आया है। उन्होंने एक भावुक वीडियो जारी कर शासन और प्रशासन से ब्यौहारी में जल्द से जल्द डायलिसिस सेंटर शुरू करने की मार्मिक अपील की है, ताकि गंभीर बीमारी से जूझ रहे मरीजों को 90 किलोमीटर की कष्टदायक यात्रा न करनी पड़े और उन्हें समय पर उपचार मिल सके। इस मामले ने अब राजनीतिक और सामाजिक रूप से भी तूल पकड़ लिया है। ब्यौहारी क्षेत्र की उपेक्षित स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर जिला पंचायत सदस्य पुष्पेंद्र सिंह पटेल ने मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने वीडियो जारी कर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री, स्वास्थ्य मंत्री एवं जिला प्रभारी मंत्री राजेंद्र शुक्ला से तत्काल डायलिसिस सेंटर शुरू कराने और व्यवस्थाएं सुधारने की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी है कि यदि जल्द स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार नहीं हुआ, तो प्रभारी मंत्री के ब्यौहारी आगमन पर उनका विरोध स्वरूप स्वागत किया जाएगा।2
- पुलिस अधीक्षक डॉ. संजय कुमार अग्रवाल के निर्देशन में अमलाई थाना पुलिस ने रेलवे कॉलोनी, छोटी अमलाई निवासी फरियादी ध्रुव लोनिया के सूने मकान में हुई गृहभेदन एवं चोरी की वारदात का सफलतापूर्वक खुलासा किया है। फरियादी की रिपोर्ट पर अमलाई थाने में अज्ञात आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की गई थी, जिसमें सूने घर से सोने-चांदी के आभूषण चोरी होने की बात कही गई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने सतत पूछताछ और जांच के आधार पर दो आरोपियों को हिरासत में लिया, जिन्होंने जुर्म स्वीकार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सुमन लोनिया (उम्र 22 वर्ष, निवासी वार्ड क्रमांक 13, दफाई नंबर 2, अमलाई) और सूरज केवट (उम्र 28 वर्ष, निवासी उस्लापुर, अमलाई) के रूप में हुई है। पुलिस ने इनके पास से ₹1,05,000 की अनुमानित कीमत के सोने-चांदी के आभूषण, जिनमें एक सोने की बिंदी, एक सोने की 'हाय' और एक चांदी का ब्रेसलेट शामिल है, विधिवत ज़ब्त कर लिए हैं। इस कार्रवाई में एसडीओपी अनु. धनपुरी विकास पाण्डेय के नेतृत्व में थाना प्रभारी निरीक्षक भूपेन्द्रमणी पाण्डेय, सहायक उपनिरीक्षक अमृतलाल, प्रधान आरक्षक ठाकुरदास, आरक्षक धर्मेंद्र शुक्ला और आरक्षक राजेंद्र शुक्ला की सराहनीय भूमिका रही।1
- नगर परिषद गुढ़ की अध्यक्ष डॉ. अर्चना सिंह के बयानों के खिलाफ 13 पार्षदों ने संयुक्त पत्रकार वार्ता कर पलटवार किया है। पार्षदों ने अध्यक्ष पर करोड़ों रुपये की गंभीर वित्तीय अनियमितताओं, मनमानी और राजनीतिक षड्यंत्र के आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि अध्यक्ष अपने कथित भ्रष्टाचार से जनता का ध्यान हटाने के लिए गुढ़ क्षेत्र के विधायक नागेन्द्र सिंह, भाजपा मंडल अध्यक्ष अनंत गुप्ता और जिला मंत्री बाबूलाल यादव की छवि धूमिल करने का प्रयास कर रही हैं। पार्षदों ने उस दावे को असत्य बताया जिसमें अध्यक्ष ने कहा था कि विधायक ने 13 पार्षदों को रीवा स्थित निवास पर बुलाकर अविश्वास प्रस्ताव लाने का दबाव बनाया था। पत्रकार वार्ता में पार्षदों ने आरोप लगाया कि अध्यक्ष और तत्कालीन मुख्य नगर पालिका अधिकारी की मिलीभगत से नगर परिषद में फर्जी बिलों का भुगतान किया गया है। इसमें लगभग ₹10 लाख का डीजल भुगतान, अमृत 2.0 योजना में लगभग ₹73 लाख का कथित फर्जी भुगतान और विभिन्न वार्डों में कार्य कराए बिना लगभग ₹50 लाख का भुगतान शामिल है। पार्षदों ने दावा किया कि ठेकेदारों से 30 से 40 प्रतिशत तक कमीशन लिया जाता है। इसके अलावा, अध्यक्ष परिषद और पीआईसी की नियमित बैठकें नहीं बुलाती हैं तथा वर्ष 2025-26 और 2026-27 का बजट भी विधिवत पारित नहीं कराया गया है। अध्यक्ष द्वारा चार बार अविश्वास प्रस्ताव प्रस्तुत किए जाने के दावे को पूरी तरह गलत बताते हुए पार्षदों ने कहा कि अविश्वास प्रस्ताव केवल एक बार लाया गया है, जिसका मुख्य कारण नगर परिषद में भ्रष्टाचार और कमीशनखोरी है। पार्षदों ने मांग की है कि नगर परिषद अध्यक्ष के वित्तीय अधिकार तत्काल समाप्त किए जाएं, वित्तीय अनियमितताओं और पार्टी विरोधी गतिविधियों की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए। साथ ही उन्होंने अध्यक्ष की शैक्षणिक योग्यता, उनके पति से जुड़े पुराने मामलों और चुनाव के दौरान उनके निवास पर हुई कथित गोलीबारी की घटना की भी निष्पक्ष जांच की मांग उठाई है।1
- रायपुर कर्चुलियान तहसील के ग्राम देवरा फरेंदा में आम रास्ते पर पानी भर जाने के कारण लोगों का आना-जाना प्रभावित हो गया है। जलभराव की वजह से इस मार्ग पर आवागमन में समस्या पैदा हो गई है। ग्रामीणों के इस्तेमाल में आने वाला यह आम रास्ता करीब 50 वर्ष पुराना है, जहाँ पानी जमा होने से स्थानीय निवासियों को आवाजाही में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।3
- मैहर में शनिवार को कांग्रेस पार्टी द्वारा दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्र आंदोलन में शहीद बेटी और NEET व CBSE पेपर लीक से प्रभावित होकर जान गंवाने वाले बच्चों की याद में कैंडल मार्च निकालकर श्रद्धांजलि दी गई। यह कैंडल मार्च घंटाघर से शुरू होकर बाजार क्षेत्र में भ्रमण करते हुए वापस घंटाघर पहुंचा, जहां मौन धारण के साथ इस कार्यक्रम का समापन किया गया। प्रदर्शन के दौरान जिला अध्यक्ष धर्मेश घई ने मांग की कि पेपर लीक मामले से जुड़े दोषियों को कड़ी सजा दी जानी चाहिए। वहीं नगर अध्यक्ष प्रभात द्विवेदी ने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे से बात नहीं बनेगी, केंद्र सरकार के प्रधान को भी इस्तीफा देना चाहिए। इस आंदोलन में ब्लॉक अध्यक्ष रमेश प्रजापति, दद्दा मनीष पटेल, महेंद्र पटेल, अरुण तने मिश्रा, जितेंद्र कुशवाहा, रामभद्र पांडे, विष्णु दत्त पांडे, गणेश चतुर्वेदी, चूड़ामणि बाड़ोलिया, महेंद्र त्रिपाठी, पंकज कुशवाहा, नितिन, विपिन सिंह, राजेंद्र सिंह, गुड्डू कुशवाहा, सोमदत्त साकेत, अखिल, नित्यानंद, समर्पण, राजाराम समेत सैकड़ों की संख्या में लोग मौजूद रहे।1
- gram Devra Parinda tahsil Raipur Kushal Ramdevra tahsil Raipur karchuliyan aam rasta 50 se3
- मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर जिले में जिसे सामान्य सड़क हादसा समझा जा रहा था, पुलिस की जांच में उसका सनसनीखेज खुलासा हुआ है। जांच में सामने आया कि यह कोई दुर्घटना नहीं, बल्कि पुरानी रंजिश के चलते रची गई एक सुनियोजित हत्या थी। पुलिस ने मामले की जांच के दौरान तकनीकी साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज और अन्य सबूतों के आधार पर मुख्य साजिशकर्ता सहित कुल 8 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। वारदात में इस्तेमाल दो हाईवा, एक कार और अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य भी जब्त किए गए हैं। आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत कानूनी कार्रवाई जारी है।1