नगर परिषद गुढ़ की अध्यक्ष डॉ. अर्चना सिंह के बयानों के खिलाफ 13 पार्षदों ने संयुक्त पत्रकार वार्ता कर पलटवार किया है। पार्षदों ने अध्यक्ष पर करोड़ों रुपये की गंभीर वित्तीय अनियमितताओं, मनमानी और राजनीतिक षड्यंत्र के आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि अध्यक्ष अपने कथित भ्रष्टाचार से जनता का ध्यान हटाने के लिए गुढ़ क्षेत्र के विधायक नागेन्द्र सिंह, भाजपा मंडल अध्यक्ष अनंत गुप्ता और जिला मंत्री बाबूलाल यादव की छवि धूमिल करने का प्रयास कर रही हैं। पार्षदों ने उस दावे को असत्य बताया जिसमें अध्यक्ष ने कहा था कि विधायक ने 13 पार्षदों को रीवा स्थित निवास पर बुलाकर अविश्वास प्रस्ताव लाने का दबाव बनाया था। पत्रकार वार्ता में पार्षदों ने आरोप लगाया कि अध्यक्ष और तत्कालीन मुख्य नगर पालिका अधिकारी की मिलीभगत से नगर परिषद में फर्जी बिलों का भुगतान किया गया है। इसमें लगभग ₹10 लाख का डीजल भुगतान, अमृत 2.0 योजना में लगभग ₹73 लाख का कथित फर्जी भुगतान और विभिन्न वार्डों में कार्य कराए बिना लगभग ₹50 लाख का भुगतान शामिल है। पार्षदों ने दावा किया कि ठेकेदारों से 30 से 40 प्रतिशत तक कमीशन लिया जाता है। इसके अलावा, अध्यक्ष परिषद और पीआईसी की नियमित बैठकें नहीं बुलाती हैं तथा वर्ष 2025-26 और 2026-27 का बजट भी विधिवत पारित नहीं कराया गया है। अध्यक्ष द्वारा चार बार अविश्वास प्रस्ताव प्रस्तुत किए जाने के दावे को पूरी तरह गलत बताते हुए पार्षदों ने कहा कि अविश्वास प्रस्ताव केवल एक बार लाया गया है, जिसका मुख्य कारण नगर परिषद में भ्रष्टाचार और कमीशनखोरी है। पार्षदों ने मांग की है कि नगर परिषद अध्यक्ष के वित्तीय अधिकार तत्काल समाप्त किए जाएं, वित्तीय अनियमितताओं और पार्टी विरोधी गतिविधियों की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए। साथ ही उन्होंने अध्यक्ष की शैक्षणिक योग्यता, उनके पति से जुड़े पुराने मामलों और चुनाव के दौरान उनके निवास पर हुई कथित गोलीबारी की घटना की भी निष्पक्ष जांच की मांग उठाई है।
नगर परिषद गुढ़ की अध्यक्ष डॉ. अर्चना सिंह के बयानों के खिलाफ 13 पार्षदों ने संयुक्त पत्रकार वार्ता कर पलटवार किया है। पार्षदों ने अध्यक्ष पर करोड़ों रुपये की गंभीर वित्तीय अनियमितताओं, मनमानी और राजनीतिक षड्यंत्र के आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि अध्यक्ष अपने कथित भ्रष्टाचार से जनता का ध्यान हटाने के लिए गुढ़ क्षेत्र के विधायक नागेन्द्र सिंह, भाजपा मंडल अध्यक्ष अनंत गुप्ता और जिला मंत्री बाबूलाल यादव की छवि धूमिल करने का प्रयास कर रही हैं। पार्षदों ने उस दावे को असत्य बताया जिसमें अध्यक्ष ने कहा था कि विधायक ने 13 पार्षदों को रीवा स्थित निवास पर बुलाकर अविश्वास प्रस्ताव लाने का दबाव बनाया था। पत्रकार वार्ता में पार्षदों ने आरोप लगाया कि अध्यक्ष और तत्कालीन मुख्य नगर पालिका अधिकारी की मिलीभगत से नगर परिषद में फर्जी बिलों का भुगतान किया गया है। इसमें लगभग ₹10 लाख का डीजल भुगतान, अमृत 2.0 योजना में लगभग ₹73 लाख का कथित फर्जी भुगतान और विभिन्न वार्डों में कार्य कराए बिना लगभग ₹50 लाख का भुगतान शामिल है। पार्षदों ने दावा किया कि ठेकेदारों से 30 से 40 प्रतिशत तक कमीशन लिया जाता है। इसके अलावा, अध्यक्ष परिषद और पीआईसी की नियमित बैठकें नहीं बुलाती हैं तथा वर्ष 2025-26 और 2026-27 का बजट भी विधिवत पारित नहीं कराया गया है। अध्यक्ष द्वारा चार बार अविश्वास प्रस्ताव प्रस्तुत किए जाने के दावे को पूरी तरह गलत बताते हुए पार्षदों ने कहा कि अविश्वास प्रस्ताव केवल एक बार लाया गया है, जिसका मुख्य कारण नगर परिषद में भ्रष्टाचार और कमीशनखोरी है। पार्षदों ने मांग की है कि नगर परिषद अध्यक्ष के वित्तीय अधिकार तत्काल समाप्त किए जाएं, वित्तीय अनियमितताओं और पार्टी विरोधी गतिविधियों की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए। साथ ही उन्होंने अध्यक्ष की शैक्षणिक योग्यता, उनके पति से जुड़े पुराने मामलों और चुनाव के दौरान उनके निवास पर हुई कथित गोलीबारी की घटना की भी निष्पक्ष जांच की मांग उठाई है।
- नगर परिषद गुढ़ की अध्यक्ष डॉ. अर्चना सिंह के बयानों के खिलाफ 13 पार्षदों ने संयुक्त पत्रकार वार्ता कर पलटवार किया है। पार्षदों ने अध्यक्ष पर करोड़ों रुपये की गंभीर वित्तीय अनियमितताओं, मनमानी और राजनीतिक षड्यंत्र के आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि अध्यक्ष अपने कथित भ्रष्टाचार से जनता का ध्यान हटाने के लिए गुढ़ क्षेत्र के विधायक नागेन्द्र सिंह, भाजपा मंडल अध्यक्ष अनंत गुप्ता और जिला मंत्री बाबूलाल यादव की छवि धूमिल करने का प्रयास कर रही हैं। पार्षदों ने उस दावे को असत्य बताया जिसमें अध्यक्ष ने कहा था कि विधायक ने 13 पार्षदों को रीवा स्थित निवास पर बुलाकर अविश्वास प्रस्ताव लाने का दबाव बनाया था। पत्रकार वार्ता में पार्षदों ने आरोप लगाया कि अध्यक्ष और तत्कालीन मुख्य नगर पालिका अधिकारी की मिलीभगत से नगर परिषद में फर्जी बिलों का भुगतान किया गया है। इसमें लगभग ₹10 लाख का डीजल भुगतान, अमृत 2.0 योजना में लगभग ₹73 लाख का कथित फर्जी भुगतान और विभिन्न वार्डों में कार्य कराए बिना लगभग ₹50 लाख का भुगतान शामिल है। पार्षदों ने दावा किया कि ठेकेदारों से 30 से 40 प्रतिशत तक कमीशन लिया जाता है। इसके अलावा, अध्यक्ष परिषद और पीआईसी की नियमित बैठकें नहीं बुलाती हैं तथा वर्ष 2025-26 और 2026-27 का बजट भी विधिवत पारित नहीं कराया गया है। अध्यक्ष द्वारा चार बार अविश्वास प्रस्ताव प्रस्तुत किए जाने के दावे को पूरी तरह गलत बताते हुए पार्षदों ने कहा कि अविश्वास प्रस्ताव केवल एक बार लाया गया है, जिसका मुख्य कारण नगर परिषद में भ्रष्टाचार और कमीशनखोरी है। पार्षदों ने मांग की है कि नगर परिषद अध्यक्ष के वित्तीय अधिकार तत्काल समाप्त किए जाएं, वित्तीय अनियमितताओं और पार्टी विरोधी गतिविधियों की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए। साथ ही उन्होंने अध्यक्ष की शैक्षणिक योग्यता, उनके पति से जुड़े पुराने मामलों और चुनाव के दौरान उनके निवास पर हुई कथित गोलीबारी की घटना की भी निष्पक्ष जांच की मांग उठाई है।1
- एसडीओपी कप बैडमिंटन प्रतियोगिता का आज समापन हो रहा है। इस प्रतियोगिता के अंतिम दिन होने वाले फाइनल मुकाबलों पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं।1
- रायपुर कर्चुलियान तहसील के ग्राम देवरा फरेंदा में आम रास्ते पर पानी भर जाने के कारण लोगों का आना-जाना प्रभावित हो गया है। जलभराव की वजह से इस मार्ग पर आवागमन में समस्या पैदा हो गई है। ग्रामीणों के इस्तेमाल में आने वाला यह आम रास्ता करीब 50 वर्ष पुराना है, जहाँ पानी जमा होने से स्थानीय निवासियों को आवाजाही में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।3
- संगठन को अपना संकल्प और कार्यकर्ताओं को अपनी ताकत बताते हुए कांग्रेस के विचारों और राहुल गांधी का सिपाही होने की बात कही गई है। संदेश में जोर दिया गया है कि पद तो आते-जाते रहते हैं, लेकिन सबसे महत्वपूर्ण संगठन के लिए ईमानदारी से काम करना है। इसके साथ ही, चुनाव में चुनने वाली जनता का पूर्ण सम्मान करने की बात भी कही गई है।1
- मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि उनकी सरकार शिक्षा से जुड़े सभी विषयों को, चाहे वे शिक्षक वर्ग से संबंधित हों या विद्यार्थियों से, अत्यंत संवेदनशीलता के साथ देखती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी सरकार ने ही सबसे पहले प्रदेश में राष्ट्रीय शिक्षा नीति को लागू करने की पहल की थी। सरकार विकास में विश्वास रखती है और स्पष्ट विजन के साथ प्रदेश को निरंतर प्रगति के पथ पर आगे बढ़ा रही है। अपनी सरकार की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि महज ढाई वर्ष के कार्यकाल में तीन नए सरकारी विश्वविद्यालय स्थापित किए गए हैं। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि कांग्रेस के 55 वर्षों के शासनकाल में जितने मेडिकल कॉलेज स्थापित हुए थे, उतने मेडिकल कॉलेज उनकी सरकार ने मात्र ढाई वर्षों के भीतर प्रारंभ कर दिए हैं।1
- रीवा जिले के गुढ़ थाना अंतर्गत आने वाले शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय महसाव में 'नशे से दूरी है जरूरी 2.0' अभियान के तहत एक वृहद् नशा मुक्ति जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य छात्र-छात्राओं को नशे के दुष्प्रभावों से अवगत कराना और उन्हें नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित करना था। कार्यक्रम के दौरान मुख्य रूप से उपस्थित गुढ़ थाना प्रभारी पुष्पेंद्र यादव ने बच्चों को संबोधित करते हुए नशे के सामाजिक, शारीरिक और मानसिक दुष्प्रभावों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने उपस्थित सभी विद्यार्थियों एवं नागरिकों को जीवन में कभी भी नशा न करने तथा दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करने की शपथ दिलाई। वहीं विद्यालय के प्राचार्य राजकुमार सिंह ने विद्यार्थियों को बताया कि नशा किस तरह युवाओं के भविष्य और शिक्षा को प्रभावित करता है, तथा बच्चों से अनुशासन एवं स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का आह्वान किया। इस अवसर पर समाजसेवी मोहित चौबे, सचिन सिंह, ऋषि द्विवेदी एवं नीलू चौरसिया विशेष रूप से मौजूद रहे। कार्यक्रम में विद्यालय परिवार से शिक्षक वीणा पटेल, राममिलन पटेल, विशाल शुक्ला, ब्रह्मानंद मिश्रा, नवीन शुक्ला, अलीमुद्दीन सिद्दीकी, ऋषि करोशिया, राजेश तिवारी, महेंद्र त्रिपाठी, सपना त्रिपाठी सहित अन्य स्टाफ उपस्थित रहा। वहीं पुलिस प्रशासन की ओर से सहायक उप निरीक्षक महेंद्र सिंह, प्रधान आरक्षक द्वारिका पटेल, मनोज निनामा, सुधीर शुक्ला, विपिन यादव एवं अन्य आरक्षक उपस्थित रहे।2
- मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर जिले में जिसे सामान्य सड़क हादसा समझा जा रहा था, पुलिस की जांच में उसका सनसनीखेज खुलासा हुआ है। जांच में सामने आया कि यह कोई दुर्घटना नहीं, बल्कि पुरानी रंजिश के चलते रची गई एक सुनियोजित हत्या थी। पुलिस ने मामले की जांच के दौरान तकनीकी साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज और अन्य सबूतों के आधार पर मुख्य साजिशकर्ता सहित कुल 8 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। वारदात में इस्तेमाल दो हाईवा, एक कार और अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य भी जब्त किए गए हैं। आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत कानूनी कार्रवाई जारी है।1