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3 hrs ago
user_Devprakash Bhatt
Devprakash Bhatt
Salesperson श्रीनगर, पौड़ी गढ़वाल, उत्तराखंड•
3 hrs ago

More news from उत्तराखंड and nearby areas
  • - वन विभाग के दावों पर उठे सवाल आग बुझाने के पुख्ता इंतजाम के दावे किए गए थे, लेकिन मौके पर वन संपदा खाक होती दिख रही है। - वन्य जीवों पर भी बड़ा खतरा जंगलों में लगी आग से वन्य जीवों के जीवन पर गंभीर संकट, पर्यावरण को भारी नुकसान की आशंका। - सरकार गैरसैंण में, जंगलों में आग का संकट, विधानसभा सत्र के दौरान पास के जंगलों में लगी आग ने व्यवस्थाओं और तैयारियों पर सवाल खड़े किए।
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    - वन विभाग के दावों पर उठे सवाल आग बुझाने के पुख्ता इंतजाम के दावे किए गए थे, लेकिन मौके पर वन संपदा खाक होती दिख रही है।
- वन्य जीवों पर भी बड़ा खतरा जंगलों में लगी आग से वन्य जीवों के जीवन पर गंभीर संकट, पर्यावरण को भारी नुकसान की आशंका।
- सरकार गैरसैंण में, जंगलों में आग का संकट, विधानसभा सत्र के दौरान पास के जंगलों में लगी आग ने व्यवस्थाओं और तैयारियों पर सवाल खड़े किए।
    user_Dpk Chauhan
    Dpk Chauhan
    Farmer हरिद्वार, हरिद्वार, उत्तराखंड•
    11 hrs ago
  • , बच्चों की सुरक्षा पर दिया गया विशेष जोर हरिद्वार। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) Navneet Singh के निर्देश पर जनपद में लगातार यातायात जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में Delhi Public School Ranipur (DPS रानीपुर) में विशेष कार्यक्रम आयोजित कर वाहन चालकों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक किया गया। इस दौरान स्कूल आने-जाने वाले बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए चालकों को बताया गया कि बच्चों को सुरक्षित रूप से घर से स्कूल और स्कूल से घर तक पहुँचाने में चालक की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होती है। यदि चालक सतर्कता और जिम्मेदारी के साथ वाहन चलाए तो किसी भी प्रकार की दुर्घटना से बचा जा सकता है। कार्यक्रम के दौरान वाहन चालकों को फर्स्ट एड किट के महत्व के बारे में भी जानकारी दी गई। साथ ही यह भी बताया गया कि किसी आपातकालीन स्थिति या दुर्घटना होने पर तुरंत क्या-क्या कदम उठाने चाहिए, ताकि बच्चों और अन्य लोगों को समय पर सहायता मिल सके। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि यातायात नियमों का पालन, सुरक्षित ड्राइविंग और सतर्कता ही बच्चों की सुरक्षा की सबसे बड़ी गारंटी है। इस मौके पर सभी चालकों को जिम्मेदारी से वाहन चलाने और बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का संकल्प भी दिलाया गया। “आज के बच्चे कल का भविष्य हैं, इनकी सुरक्षा हमारी और आपकी प्राथमिकता है।”
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    , बच्चों की सुरक्षा पर दिया गया विशेष जोर
हरिद्वार। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) Navneet Singh के निर्देश पर जनपद में लगातार यातायात जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में Delhi Public School Ranipur (DPS रानीपुर) में विशेष कार्यक्रम आयोजित कर वाहन चालकों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक किया गया।
इस दौरान स्कूल आने-जाने वाले बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए चालकों को बताया गया कि बच्चों को सुरक्षित रूप से घर से स्कूल और स्कूल से घर तक पहुँचाने में चालक की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होती है। यदि चालक सतर्कता और जिम्मेदारी के साथ वाहन चलाए तो किसी भी प्रकार की दुर्घटना से बचा जा सकता है।
कार्यक्रम के दौरान वाहन चालकों को फर्स्ट एड किट के महत्व के बारे में भी जानकारी दी गई। साथ ही यह भी बताया गया कि किसी आपातकालीन स्थिति या दुर्घटना होने पर तुरंत क्या-क्या कदम उठाने चाहिए, ताकि बच्चों और अन्य लोगों को समय पर सहायता मिल सके।
पुलिस अधिकारियों ने कहा कि यातायात नियमों का पालन, सुरक्षित ड्राइविंग और सतर्कता ही बच्चों की सुरक्षा की सबसे बड़ी गारंटी है।
इस मौके पर सभी चालकों को जिम्मेदारी से वाहन चलाने और बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का संकल्प भी दिलाया गया।
“आज के बच्चे कल का भविष्य हैं, इनकी सुरक्षा हमारी और आपकी प्राथमिकता है।”
    user_A Bharat News 10
    A Bharat News 10
    Local News Reporter हरिद्वार, हरिद्वार, उत्तराखंड•
    16 hrs ago
  • स्वतंत्र पत्रकार रामेश्वर गौड़ की कलम से बच्चों की सुरक्षा पर सख्त हरिद्वार यातायात पुलिस: डीपीएस रानीपुर में बस चालकों को दिया विशेष प्रशिक्षण “स्कूल बस चालक केवल ड्राइवर नहीं, सैकड़ों परिवारों की उम्मीदों का संरक्षक” — सड़क सुरक्षा पर दिया गया बड़ा संदेश हरिद्वार, 12 मार्च 2026। तीर्थनगरी हरिद्वार में सड़क सुरक्षा को लेकर यातायात पुलिस ने एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए दिल्ली पब्लिक स्कूल (डीपीएस) रानीपुर में विशेष यातायात जागरूकता अभियान और प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य स्कूल बसों से आने-जाने वाले बच्चों की सुरक्षा को और मजबूत बनाना था। कार्यक्रम का आयोजन वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक हरिद्वार के मार्गदर्शन, पुलिस अधीक्षक यातायात के पर्यवेक्षण तथा पुलिस उपाधीक्षक यातायात के निर्देशन में किया गया। इस दौरान यातायात निरीक्षक और उनकी टीम ने स्कूल बस चालकों एवं अटेंडेंट को बच्चों की सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण नियमों और जिम्मेदारियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। बस चालकों को सिखाए गए सड़क सुरक्षा के अहम नियम प्रशिक्षण के दौरान बस चालकों को गति सीमा का सख्ती से पालन करने, अनावश्यक ओवरटेकिंग से बचने और यातायात संकेतों का सम्मान करने के लिए विशेष रूप से जागरूक किया गया। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट कहा कि स्कूल बस चलाते समय चालक को सामान्य वाहन चालक से अधिक जिम्मेदारी निभानी पड़ती है, क्योंकि उसकी एक छोटी सी गलती भी मासूम बच्चों की सुरक्षा को खतरे में डाल सकती है। बच्चों को बस में चढ़ाने-उतारने की सुरक्षित प्रक्रिया समझाई अभियान के दौरान बस अटेंडेंट को भी महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए। उन्हें बताया गया कि बच्चों को बस में चढ़ाते और उतारते समय सुरक्षित घेरा बनाकर कार्य करें और बस के पूरी तरह रुकने के बाद ही दरवाजा खोला जाए। साथ ही यह भी निर्देश दिए गए कि प्रत्येक बच्चे को स्कूल परिसर या घर के गेट तक सुरक्षित पहुंचाना अटेंडेंट की जिम्मेदारी है, ताकि किसी भी प्रकार की दुर्घटना की संभावना को रोका जा सके। स्कूल बसों की सुरक्षा व्यवस्था की मौके पर जांच यातायात पुलिस टीम ने स्कूल परिसर में खड़ी बसों की सुरक्षा व्यवस्था का निरीक्षण भी किया। इस दौरान बसों में लगे अग्निशमन यंत्र फर्स्ट एड किट इमरजेंसी एग्जिट की जांच की गई। इसके अलावा बसों में लगे GPS सिस्टम, रिवर्स हॉर्न और स्पीड गवर्नर की भी जांच कर उनकी कार्यक्षमता सुनिश्चित की गई, ताकि बच्चों की यात्रा पूरी तरह सुरक्षित रहे। स्कूल प्रशासन को भी दिए गए महत्वपूर्ण सुझाव यातायात पुलिस ने स्कूल प्रशासन से अपील की कि स्कूल के बाहर सड़क पर सूचनात्मक बोर्ड और पार्किंग संकेतक लगाए जाएं, जिससे ट्रैफिक व्यवस्था बेहतर बनी रहे। इसके साथ ही स्कूल परिसर में बच्चों को यातायात चिन्हों और सड़क सुरक्षा के नियमों की जानकारी देने के लिए पेंटिंग प्रतियोगिता और जागरूकता गतिविधियां आयोजित करने का सुझाव भी दिया गया। सड़क सुरक्षा को लेकर अभियान रहेगा जारी हरिद्वार यातायात पुलिस ने स्पष्ट किया कि बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसी उद्देश्य से भविष्य में भी स्कूलों तथा सार्वजनिक स्थानों पर सड़क सुरक्षा से जुड़े जागरूकता अभियान लगातार चलाए जाएंगे। यह पहल केवल यातायात नियमों का पालन कराने का प्रयास नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ी को सुरक्षित और जिम्मेदार नागरिक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
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    स्वतंत्र पत्रकार रामेश्वर गौड़ की कलम से
बच्चों की सुरक्षा पर सख्त हरिद्वार यातायात पुलिस: डीपीएस रानीपुर में बस चालकों को दिया विशेष प्रशिक्षण
“स्कूल बस चालक केवल ड्राइवर नहीं, सैकड़ों परिवारों की उम्मीदों का संरक्षक” — सड़क सुरक्षा पर दिया गया बड़ा संदेश
हरिद्वार, 12 मार्च 2026।
तीर्थनगरी हरिद्वार में सड़क सुरक्षा को लेकर यातायात पुलिस ने एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए दिल्ली पब्लिक स्कूल (डीपीएस) रानीपुर में विशेष यातायात जागरूकता अभियान और प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य स्कूल बसों से आने-जाने वाले बच्चों की सुरक्षा को और मजबूत बनाना था।
कार्यक्रम का आयोजन वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक हरिद्वार के मार्गदर्शन, पुलिस अधीक्षक यातायात के पर्यवेक्षण तथा पुलिस उपाधीक्षक यातायात के निर्देशन में किया गया। इस दौरान यातायात निरीक्षक और उनकी टीम ने स्कूल बस चालकों एवं अटेंडेंट को बच्चों की सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण नियमों और जिम्मेदारियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
बस चालकों को सिखाए गए सड़क सुरक्षा के अहम नियम
प्रशिक्षण के दौरान बस चालकों को गति सीमा का सख्ती से पालन करने, अनावश्यक ओवरटेकिंग से बचने और यातायात संकेतों का सम्मान करने के लिए विशेष रूप से जागरूक किया गया।
पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट कहा कि स्कूल बस चलाते समय चालक को सामान्य वाहन चालक से अधिक जिम्मेदारी निभानी पड़ती है, क्योंकि उसकी एक छोटी सी गलती भी मासूम बच्चों की सुरक्षा को खतरे में डाल सकती है।
बच्चों को बस में चढ़ाने-उतारने की सुरक्षित प्रक्रिया समझाई
अभियान के दौरान बस अटेंडेंट को भी महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए। उन्हें बताया गया कि बच्चों को बस में चढ़ाते और उतारते समय सुरक्षित घेरा बनाकर कार्य करें और बस के पूरी तरह रुकने के बाद ही दरवाजा खोला जाए।
साथ ही यह भी निर्देश दिए गए कि प्रत्येक बच्चे को स्कूल परिसर या घर के गेट तक सुरक्षित पहुंचाना अटेंडेंट की जिम्मेदारी है, ताकि किसी भी प्रकार की दुर्घटना की संभावना को रोका जा सके।
स्कूल बसों की सुरक्षा व्यवस्था की मौके पर जांच
यातायात पुलिस टीम ने स्कूल परिसर में खड़ी बसों की सुरक्षा व्यवस्था का निरीक्षण भी किया। इस दौरान बसों में लगे
अग्निशमन यंत्र
फर्स्ट एड किट
इमरजेंसी एग्जिट
की जांच की गई।
इसके अलावा बसों में लगे GPS सिस्टम, रिवर्स हॉर्न और स्पीड गवर्नर की भी जांच कर उनकी कार्यक्षमता सुनिश्चित की गई, ताकि बच्चों की यात्रा पूरी तरह सुरक्षित रहे।
स्कूल प्रशासन को भी दिए गए महत्वपूर्ण सुझाव
यातायात पुलिस ने स्कूल प्रशासन से अपील की कि स्कूल के बाहर सड़क पर सूचनात्मक बोर्ड और पार्किंग संकेतक लगाए जाएं, जिससे ट्रैफिक व्यवस्था बेहतर बनी रहे।
इसके साथ ही स्कूल परिसर में बच्चों को यातायात चिन्हों और सड़क सुरक्षा के नियमों की जानकारी देने के लिए पेंटिंग प्रतियोगिता और जागरूकता गतिविधियां आयोजित करने का सुझाव भी दिया गया।
सड़क सुरक्षा को लेकर अभियान रहेगा जारी
हरिद्वार यातायात पुलिस ने स्पष्ट किया कि बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसी उद्देश्य से भविष्य में भी स्कूलों तथा सार्वजनिक स्थानों पर सड़क सुरक्षा से जुड़े जागरूकता अभियान लगातार चलाए जाएंगे।
यह पहल केवल यातायात नियमों का पालन कराने का प्रयास नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ी को सुरक्षित और जिम्मेदार नागरिक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
    user_रामेश्वर गौड़ स्वतंत्र पत्रकार
    रामेश्वर गौड़ स्वतंत्र पत्रकार
    हरिद्वार, हरिद्वार, उत्तराखंड•
    18 hrs ago
  • सड़क सुरक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराते हुए हरिद्वार यातायात पुलिस द्वारा आज दिल्ली पब्लिक स्कूल (DPS) रानीपुर में एक विशेष यातायात जागरूकता अभियान एवं प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक हरिद्वार के मार्गदर्शन, पुलिस अधीक्षक यातायात के पर्यवेक्षण तथा पुलिस उपाधीक्षक यातायात के निर्देशन में यातायात निरीक्षक द्वारा अपनी टीम के साथ संपन्न कराया गया। कार्यक्रम में स्कूल बस चालकों एवं अटेंडेंट को बच्चों की सुरक्षा से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण पहलुओं पर प्रशिक्षित किया गया। बस चालकों को गति सीमा का पालन करने, ओवरटेकिंग से बचने तथा यातायात संकेतों का सम्मान करने हेतु जागरूक किया गया। बच्चों को बस में चढ़ाने व उतारने के समय सुरक्षित घेरा बनाकर कार्य करने तथा बस के पूरी तरह रुकने के बाद ही दरवाजा खोलने के निर्देश दिए गए। अटेंडेंट को प्रत्येक बच्चे को सुरक्षित रूप से स्कूल परिसर अथवा घर के गेट तक पहुँचाने के लिए कहा गया। स्कूल बसों में लगे अग्निशमन यंत्र, फर्स्ट एड किट और इमरजेंसी एग्जिट की मौके पर जांच की गई। बसों में लगे GPS सिस्टम, रिवर्स हॉर्न और स्पीड गवर्नर की भी जांच कर उनकी कार्यक्षमता सुनिश्चित की गई। “स्कूल बस का चालक केवल एक ड्राइवर नहीं, बल्कि सैकड़ों परिवारों की उम्मीदों का संरक्षक होता है। थोड़ी सी लापरवाही भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है, इसलिए यातायात नियमों का पालन करना कानूनी दायित्व ही नहीं, बल्कि नैतिक जिम्मेदारी भी है।” इसके अतिरिक्त स्कूल प्रशासन से भी अपील की गई कि स्कूल के बाहर सड़क पर सूचनात्मक बोर्ड, पार्किंग बोर्ड लगाए जाएं तथा स्कूल परिसर में बच्चों को यातायात चिन्हों की जानकारी देने के लिए पेंटिंग एवं जागरूकता गतिविधियां कराई जाएं। हरिद्वार यातायात पुलिस द्वारा भविष्य में भी स्कूलों एवं सार्वजनिक स्थानों पर सड़क सुरक्षा को लेकर जागरूकता अभियान लगातार चलाए जाते रहेंगे।
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    सड़क सुरक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराते हुए हरिद्वार यातायात पुलिस द्वारा आज दिल्ली पब्लिक स्कूल (DPS) रानीपुर में एक विशेष यातायात जागरूकता अभियान एवं प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया गया।
यह कार्यक्रम वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक हरिद्वार के मार्गदर्शन, पुलिस अधीक्षक यातायात के पर्यवेक्षण तथा पुलिस उपाधीक्षक यातायात के निर्देशन में यातायात निरीक्षक द्वारा अपनी टीम के साथ संपन्न कराया गया। कार्यक्रम में स्कूल बस चालकों एवं अटेंडेंट को बच्चों की सुरक्षा से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण पहलुओं पर प्रशिक्षित किया गया।
बस चालकों को गति सीमा का पालन करने, ओवरटेकिंग से बचने तथा यातायात संकेतों का सम्मान करने हेतु जागरूक किया गया।
बच्चों को बस में चढ़ाने व उतारने के समय सुरक्षित घेरा बनाकर कार्य करने तथा बस के पूरी तरह रुकने के बाद ही दरवाजा खोलने के निर्देश दिए गए। अटेंडेंट को प्रत्येक बच्चे को सुरक्षित रूप से स्कूल परिसर अथवा घर के गेट तक पहुँचाने के लिए कहा गया।
स्कूल बसों में लगे अग्निशमन यंत्र, फर्स्ट एड किट और इमरजेंसी एग्जिट की मौके पर जांच की गई।
बसों में लगे GPS सिस्टम, रिवर्स हॉर्न और स्पीड गवर्नर की भी जांच कर उनकी कार्यक्षमता सुनिश्चित की गई।
“स्कूल बस का चालक केवल एक ड्राइवर नहीं, बल्कि सैकड़ों परिवारों की उम्मीदों का संरक्षक होता है। थोड़ी सी लापरवाही भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है, इसलिए यातायात नियमों का पालन करना कानूनी दायित्व ही नहीं, बल्कि नैतिक जिम्मेदारी भी है।”
इसके अतिरिक्त स्कूल प्रशासन से भी अपील की गई कि स्कूल के बाहर सड़क पर सूचनात्मक बोर्ड, पार्किंग बोर्ड लगाए जाएं तथा स्कूल परिसर में बच्चों को यातायात चिन्हों की जानकारी देने के लिए पेंटिंग एवं जागरूकता गतिविधियां कराई जाएं।
हरिद्वार यातायात पुलिस द्वारा भविष्य में भी स्कूलों एवं सार्वजनिक स्थानों पर सड़क सुरक्षा को लेकर जागरूकता अभियान लगातार चलाए जाते रहेंगे।
    user_लोकल न्यूज़ हरिद्वार  शहर की खबर शहर को खबर
    लोकल न्यूज़ हरिद्वार शहर की खबर शहर को खबर
    Journalist हरिद्वार, हरिद्वार, उत्तराखंड•
    19 hrs ago
  • link@mohdazhar
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    link@mohdazhar
    user_Mohd Azhar
    Mohd Azhar
    नजीबाबाद, बिजनौर, उत्तर प्रदेश•
    4 hrs ago
  • Post by Bijnor Super News
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    Post by Bijnor Super News
    user_Bijnor Super News
    Bijnor Super News
    Local News Reporter नजीबाबाद, बिजनौर, उत्तर प्रदेश•
    13 hrs ago
  • स्वतंत्र पत्रकार रामेश्वर गौड़ की कलम से ‘ऑपरेशन कालनेमि’ का बड़ा एक्शन: हर की पैड़ी घाटों से 27 संदिग्ध गिरफ्तार, धर्म की आड़ में धोखाधड़ी पर पुलिस का शिकंजा मुख्यमंत्री के आदेश पर हरिद्वार पुलिस की सख्ती, घाटों पर चलाया गया सघन चेकिंग अभियान हरिद्वार, 12 मार्च 2026। तीर्थनगरी हरिद्वार में धर्म की आड़ में ठगी और संदिग्ध गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए पुलिस ने “ऑपरेशन कालनेमि” के तहत बड़ी कार्रवाई की है। मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुपालन में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक हरिद्वार के आदेश पर कोतवाली नगर पुलिस ने हर की पैड़ी क्षेत्र के घाटों पर सघन चेकिंग अभियान चलाया, जिसमें 27 संदिग्ध व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस के अनुसार ये सभी व्यक्ति बिना पहचान पत्र के रह रहे थे या संदिग्ध गतिविधियों में लिप्त पाए गए, जिनमें कुछ पर धर्म की आड़ में श्रद्धालुओं से धोखाधड़ी करने का भी संदेह है। पुलिस ने इन सभी को बीएनएसएस की धारा 172(2) के तहत गिरफ्तार किया है। हर की पैड़ी और आसपास के घाटों पर चला विशेष अभियान कोतवाली नगर के प्रभारी निरीक्षक के नेतृत्व में पुलिस टीमों ने हर की पैड़ी, सुभाष घाट, हाथी पुल, रोडीवेलवाला और सर्वानंद घाट सहित आसपास के क्षेत्रों में विशेष चेकिंग अभियान चलाया। इस दौरान पुलिस ने घाटों पर ठहरे हुए और घूम रहे लोगों से पहचान पत्र और गतिविधियों की जानकारी ली। जांच के दौरान कई व्यक्ति बिना पहचान के संदिग्ध परिस्थितियों में पाए गए, जिन्हें तत्काल हिरासत में लिया गया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि तीर्थनगरी में आने वाले लाखों श्रद्धालुओं की सुरक्षा और आस्था की रक्षा के लिए ऐसे अभियान लगातार चलाए जाएंगे। फिंगर प्रिंट लेकर खंगाला जा रहा आपराधिक इतिहास गिरफ्तार किए गए सभी 27 व्यक्तियों का फिंगर प्रिंट लिया जा रहा है, ताकि उनके आपराधिक इतिहास की जांच की जा सके। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि इनमें से कोई व्यक्ति किसी ठगी गिरोह या संगठित आपराधिक गतिविधि से जुड़ा तो नहीं है। यदि जांच में किसी के खिलाफ आपराधिक रिकॉर्ड मिलता है तो उसके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। तीर्थनगरी में धोखाधड़ी और फर्जी बाबाओं पर कड़ा संदेश पुलिस की इस कार्रवाई को तीर्थनगरी में सक्रिय फर्जी साधु-संतों, ठगों और संदिग्ध तत्वों के खिलाफ सख्त चेतावनी के रूप में देखा जा रहा है। हर की पैड़ी जैसे पवित्र स्थल पर कई बार श्रद्धालुओं को धर्म और आस्था के नाम पर ठगने की शिकायतें सामने आती रही हैं। ऐसे में “ऑपरेशन कालनेमि” के तहत चलाया गया यह अभियान पुलिस की सख्त मंशा को दर्शाता है कि धर्मस्थल की पवित्रता और श्रद्धालुओं की सुरक्षा से किसी भी कीमत पर समझौता नहीं किया जाएगा। पुलिस का संदेश – तीर्थनगरी में संदिग्ध गतिविधियों पर नहीं होगी कोई ढील हरिद्वार पुलिस ने स्पष्ट किया है कि तीर्थनगरी में संदिग्ध गतिविधियों, फर्जी साधुओं और ठगी करने वालों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। प्रशासन का कहना है कि श्रद्धालुओं की आस्था और सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है, इसलिए जो भी व्यक्ति धर्म की आड़ में अपराध करेगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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    स्वतंत्र पत्रकार रामेश्वर गौड़ की कलम से
‘ऑपरेशन कालनेमि’ का बड़ा एक्शन: हर की पैड़ी घाटों से 27 संदिग्ध गिरफ्तार, धर्म की आड़ में धोखाधड़ी पर पुलिस का शिकंजा
मुख्यमंत्री के आदेश पर हरिद्वार पुलिस की सख्ती, घाटों पर चलाया गया सघन चेकिंग अभियान
हरिद्वार, 12 मार्च 2026।
तीर्थनगरी हरिद्वार में धर्म की आड़ में ठगी और संदिग्ध गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए पुलिस ने “ऑपरेशन कालनेमि” के तहत बड़ी कार्रवाई की है। मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुपालन में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक हरिद्वार के आदेश पर कोतवाली नगर पुलिस ने हर की पैड़ी क्षेत्र के घाटों पर सघन चेकिंग अभियान चलाया, जिसमें 27 संदिग्ध व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया।
पुलिस के अनुसार ये सभी व्यक्ति बिना पहचान पत्र के रह रहे थे या संदिग्ध गतिविधियों में लिप्त पाए गए, जिनमें कुछ पर धर्म की आड़ में श्रद्धालुओं से धोखाधड़ी करने का भी संदेह है। पुलिस ने इन सभी को बीएनएसएस की धारा 172(2) के तहत गिरफ्तार किया है।
हर की पैड़ी और आसपास के घाटों पर चला विशेष अभियान
कोतवाली नगर के प्रभारी निरीक्षक के नेतृत्व में पुलिस टीमों ने हर की पैड़ी, सुभाष घाट, हाथी पुल, रोडीवेलवाला और सर्वानंद घाट सहित आसपास के क्षेत्रों में विशेष चेकिंग अभियान चलाया।
इस दौरान पुलिस ने घाटों पर ठहरे हुए और घूम रहे लोगों से पहचान पत्र और गतिविधियों की जानकारी ली। जांच के दौरान कई व्यक्ति बिना पहचान के संदिग्ध परिस्थितियों में पाए गए, जिन्हें तत्काल हिरासत में लिया गया।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि तीर्थनगरी में आने वाले लाखों श्रद्धालुओं की सुरक्षा और आस्था की रक्षा के लिए ऐसे अभियान लगातार चलाए जाएंगे।
फिंगर प्रिंट लेकर खंगाला जा रहा आपराधिक इतिहास
गिरफ्तार किए गए सभी 27 व्यक्तियों का फिंगर प्रिंट लिया जा रहा है, ताकि उनके आपराधिक इतिहास की जांच की जा सके। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि इनमें से कोई व्यक्ति किसी ठगी गिरोह या संगठित आपराधिक गतिविधि से जुड़ा तो नहीं है।
यदि जांच में किसी के खिलाफ आपराधिक रिकॉर्ड मिलता है तो उसके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
तीर्थनगरी में धोखाधड़ी और फर्जी बाबाओं पर कड़ा संदेश
पुलिस की इस कार्रवाई को तीर्थनगरी में सक्रिय फर्जी साधु-संतों, ठगों और संदिग्ध तत्वों के खिलाफ सख्त चेतावनी के रूप में देखा जा रहा है।
हर की पैड़ी जैसे पवित्र स्थल पर कई बार श्रद्धालुओं को धर्म और आस्था के नाम पर ठगने की शिकायतें सामने आती रही हैं। ऐसे में “ऑपरेशन कालनेमि” के तहत चलाया गया यह अभियान पुलिस की सख्त मंशा को दर्शाता है कि धर्मस्थल की पवित्रता और श्रद्धालुओं की सुरक्षा से किसी भी कीमत पर समझौता नहीं किया जाएगा।
पुलिस का संदेश – तीर्थनगरी में संदिग्ध गतिविधियों पर नहीं होगी कोई ढील
हरिद्वार पुलिस ने स्पष्ट किया है कि तीर्थनगरी में संदिग्ध गतिविधियों, फर्जी साधुओं और ठगी करने वालों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा।
प्रशासन का कहना है कि श्रद्धालुओं की आस्था और सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है, इसलिए जो भी व्यक्ति धर्म की आड़ में अपराध करेगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
    user_रामेश्वर गौड़ स्वतंत्र पत्रकार
    रामेश्वर गौड़ स्वतंत्र पत्रकार
    हरिद्वार, हरिद्वार, उत्तराखंड•
    18 hrs ago
  • Post by Dpk Chauhan
    1
    Post by Dpk Chauhan
    user_Dpk Chauhan
    Dpk Chauhan
    Farmer हरिद्वार, हरिद्वार, उत्तराखंड•
    21 hrs ago
  • सबसे पहले करें गरीबों की ईद की व्यवस्था मौलाना अनवारुल हक़ ईद का चांद तलाश करने से पहले अपनी बस्ती में ऐसे घर तलाश करें जिन मैं अभी तक ईद की व्यवस्था नहीं हुई विशेष तौर पर उनकी मदद जरूर करें जिनके परिवार के जिम्मेदार लोग जेल के अंदर बंद है *नजीबाबाद* विश्व मानवाधिकार परिषद की तरफ से नई बस्ती नजीबाबाद मैं मोहम्मद असलम के आवास पर ईद किट वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया जिसमें मौलाना अनवारुल हक ने कहा कि ईद का चांद तलाश करने से पहले अपनी बस्ती में ऐसे घर तलाश करें जिन मैं अभी तक ईद की व्यवस्था नहीं हुई विशेष तौर पर उनकी मदद जरूर करें जिनके परिवार के जिम्मेदार लोग जेल के अंदर बंद हैं उन्होंने कहा कि उस बस्ती पर खुदा की रहमत नहीं बरसती है जिस बस्ती में सभी लोग ईद तो मनाएं मगर एक गरीब मजबूर परिवार ईद की व्यवस्था न होने के कारण अपनी बेबसी पर आंसू बहाता रहे राष्ट्रीय सचिव तहसीम अहमद ने कहा कि पूर्व सालों की तरह इस साल भी विश्व मानवधिकार परिषद देश प्रदेश की अलग-अलग जेल में बंद निर्दोष कैदियों की मदद कर रहा है और उनके परिवारों की ईद की व्यवस्था का भी काम कर रहा है किसी मजबूर की मदद करना सबसे बड़ी इंसानियत और सबसे बड़ा धर्म है जिला महासचिव एडवोकेट मोo मोहसिन ने कहा कि अगर जिंदगी में खुशी हासिल करना चाहते हो तो गरीबों की मदद करना शुरू कर दो दौलत से शोहरत तरक्की तो मिल सकती है मगर दिल का सुकून नहीं विश्व मानवधिकार परिषद की पूरी टीम निर्दोष लोगों की हर तरह से मदद करने के लिए तैयार है इस मौके पर मुरादाबाद मंडल अध्यक्ष आदिल इरफान,हाफ़िज़ अनवार, महबूब कस्सार इमरान मंसूरी, नसीम अहमद, इंतजार अहमद, मो फय्याज़ क़ासम प्रधान, मोहम्मद आरिफ, शहज़ेब, मोहम्मद अशरफ ,अकदस, आदि पदाधिकारीगण मौजूद रहे
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    सबसे पहले करें गरीबों की ईद की व्यवस्था
मौलाना अनवारुल हक़
ईद का चांद तलाश करने से पहले अपनी बस्ती में ऐसे घर तलाश करें जिन मैं अभी तक ईद की व्यवस्था नहीं हुई
विशेष तौर पर उनकी मदद जरूर करें जिनके परिवार के जिम्मेदार लोग जेल के अंदर बंद है
*नजीबाबाद* 
विश्व मानवाधिकार परिषद की तरफ से नई बस्ती नजीबाबाद मैं मोहम्मद असलम के आवास पर  ईद किट वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया
जिसमें मौलाना अनवारुल हक ने कहा कि ईद का चांद तलाश करने से पहले अपनी बस्ती में ऐसे घर तलाश करें जिन मैं अभी तक ईद की व्यवस्था नहीं हुई
विशेष तौर पर उनकी मदद जरूर करें जिनके परिवार के जिम्मेदार लोग जेल के अंदर बंद हैं उन्होंने कहा कि उस बस्ती पर खुदा की रहमत नहीं बरसती है जिस बस्ती में सभी लोग ईद तो मनाएं मगर एक गरीब मजबूर परिवार ईद की व्यवस्था न होने के कारण अपनी बेबसी पर आंसू बहाता रहे 
राष्ट्रीय सचिव तहसीम अहमद ने कहा कि पूर्व सालों की तरह इस साल भी विश्व मानवधिकार परिषद देश प्रदेश की अलग-अलग जेल में बंद निर्दोष कैदियों की मदद कर रहा है
और उनके परिवारों की ईद की व्यवस्था का भी काम कर रहा है
किसी मजबूर की मदद करना सबसे बड़ी इंसानियत और सबसे बड़ा धर्म है
जिला महासचिव एडवोकेट मोo मोहसिन ने कहा कि अगर जिंदगी में खुशी हासिल करना चाहते हो तो गरीबों की मदद करना शुरू कर दो 
दौलत से शोहरत तरक्की तो मिल सकती है मगर दिल का सुकून नहीं  
विश्व मानवधिकार परिषद की पूरी टीम निर्दोष लोगों की हर तरह से मदद करने के लिए तैयार है 
इस मौके पर मुरादाबाद मंडल अध्यक्ष आदिल इरफान,हाफ़िज़ अनवार, महबूब कस्सार इमरान मंसूरी, नसीम अहमद, इंतजार अहमद, मो फय्याज़ क़ासम प्रधान, मोहम्मद आरिफ, शहज़ेब, मोहम्मद अशरफ ,अकदस, आदि पदाधिकारीगण मौजूद रहे
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    HNNK News Sabir
    नजीबाबाद, बिजनौर, उत्तर प्रदेश•
    13 hrs ago
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