बच्चों की सुरक्षा पर सख्त हरिद्वार यातायात पुलिस: डीपीएस रानीपुर में बस चालकों को दिया विशेष प्रशिक्षण स्वतंत्र पत्रकार रामेश्वर गौड़ की कलम से बच्चों की सुरक्षा पर सख्त हरिद्वार यातायात पुलिस: डीपीएस रानीपुर में बस चालकों को दिया विशेष प्रशिक्षण “स्कूल बस चालक केवल ड्राइवर नहीं, सैकड़ों परिवारों की उम्मीदों का संरक्षक” — सड़क सुरक्षा पर दिया गया बड़ा संदेश हरिद्वार, 12 मार्च 2026। तीर्थनगरी हरिद्वार में सड़क सुरक्षा को लेकर यातायात पुलिस ने एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए दिल्ली पब्लिक स्कूल (डीपीएस) रानीपुर में विशेष यातायात जागरूकता अभियान और प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य स्कूल बसों से आने-जाने वाले बच्चों की सुरक्षा को और मजबूत बनाना था। कार्यक्रम का आयोजन वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक हरिद्वार के मार्गदर्शन, पुलिस अधीक्षक यातायात के पर्यवेक्षण तथा पुलिस उपाधीक्षक यातायात के निर्देशन में किया गया। इस दौरान यातायात निरीक्षक और उनकी टीम ने स्कूल बस चालकों एवं अटेंडेंट को बच्चों की सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण नियमों और जिम्मेदारियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। बस चालकों को सिखाए गए सड़क सुरक्षा के अहम नियम प्रशिक्षण के दौरान बस चालकों को गति सीमा का सख्ती से पालन करने, अनावश्यक ओवरटेकिंग से बचने और यातायात संकेतों का सम्मान करने के लिए विशेष रूप से जागरूक किया गया। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट कहा कि स्कूल बस चलाते समय चालक को सामान्य वाहन चालक से अधिक जिम्मेदारी निभानी पड़ती है, क्योंकि उसकी एक छोटी सी गलती भी मासूम बच्चों की सुरक्षा को खतरे में डाल सकती है। बच्चों को बस में चढ़ाने-उतारने की सुरक्षित प्रक्रिया समझाई अभियान के दौरान बस अटेंडेंट को भी महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए। उन्हें बताया गया कि बच्चों को बस में चढ़ाते और उतारते समय सुरक्षित घेरा बनाकर कार्य करें और बस के पूरी तरह रुकने के बाद ही दरवाजा खोला जाए। साथ ही यह भी निर्देश दिए गए कि प्रत्येक बच्चे को स्कूल परिसर या घर के गेट तक सुरक्षित पहुंचाना अटेंडेंट की जिम्मेदारी है, ताकि किसी भी प्रकार की दुर्घटना की संभावना को रोका जा सके। स्कूल बसों की सुरक्षा व्यवस्था की मौके पर जांच यातायात पुलिस टीम ने स्कूल परिसर में खड़ी बसों की सुरक्षा व्यवस्था का निरीक्षण भी किया। इस दौरान बसों में लगे अग्निशमन यंत्र फर्स्ट एड किट इमरजेंसी एग्जिट की जांच की गई। इसके अलावा बसों में लगे GPS सिस्टम, रिवर्स हॉर्न और स्पीड गवर्नर की भी जांच कर उनकी कार्यक्षमता सुनिश्चित की गई, ताकि बच्चों की यात्रा पूरी तरह सुरक्षित रहे। स्कूल प्रशासन को भी दिए गए महत्वपूर्ण सुझाव यातायात पुलिस ने स्कूल प्रशासन से अपील की कि स्कूल के बाहर सड़क पर सूचनात्मक बोर्ड और पार्किंग संकेतक लगाए जाएं, जिससे ट्रैफिक व्यवस्था बेहतर बनी रहे। इसके साथ ही स्कूल परिसर में बच्चों को यातायात चिन्हों और सड़क सुरक्षा के नियमों की जानकारी देने के लिए पेंटिंग प्रतियोगिता और जागरूकता गतिविधियां आयोजित करने का सुझाव भी दिया गया। सड़क सुरक्षा को लेकर अभियान रहेगा जारी हरिद्वार यातायात पुलिस ने स्पष्ट किया कि बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसी उद्देश्य से भविष्य में भी स्कूलों तथा सार्वजनिक स्थानों पर सड़क सुरक्षा से जुड़े जागरूकता अभियान लगातार चलाए जाएंगे। यह पहल केवल यातायात नियमों का पालन कराने का प्रयास नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ी को सुरक्षित और जिम्मेदार नागरिक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
बच्चों की सुरक्षा पर सख्त हरिद्वार यातायात पुलिस: डीपीएस रानीपुर में बस चालकों को दिया विशेष प्रशिक्षण स्वतंत्र पत्रकार रामेश्वर गौड़ की कलम से बच्चों की सुरक्षा पर सख्त हरिद्वार यातायात पुलिस: डीपीएस रानीपुर में बस चालकों को दिया विशेष प्रशिक्षण “स्कूल बस चालक केवल ड्राइवर नहीं, सैकड़ों परिवारों की उम्मीदों का संरक्षक” — सड़क सुरक्षा पर दिया गया बड़ा संदेश हरिद्वार, 12 मार्च 2026। तीर्थनगरी हरिद्वार में सड़क सुरक्षा को लेकर यातायात पुलिस ने एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए दिल्ली पब्लिक स्कूल (डीपीएस) रानीपुर में विशेष यातायात जागरूकता अभियान और प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य स्कूल बसों से आने-जाने वाले बच्चों की सुरक्षा को और मजबूत बनाना था। कार्यक्रम का आयोजन वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक हरिद्वार के मार्गदर्शन, पुलिस अधीक्षक यातायात के पर्यवेक्षण तथा पुलिस उपाधीक्षक यातायात के निर्देशन में किया गया। इस दौरान यातायात निरीक्षक और उनकी टीम ने स्कूल बस चालकों एवं अटेंडेंट को बच्चों की सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण नियमों और जिम्मेदारियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। बस चालकों को सिखाए गए सड़क सुरक्षा के अहम नियम प्रशिक्षण के दौरान
बस चालकों को गति सीमा का सख्ती से पालन करने, अनावश्यक ओवरटेकिंग से बचने और यातायात संकेतों का सम्मान करने के लिए विशेष रूप से जागरूक किया गया। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट कहा कि स्कूल बस चलाते समय चालक को सामान्य वाहन चालक से अधिक जिम्मेदारी निभानी पड़ती है, क्योंकि उसकी एक छोटी सी गलती भी मासूम बच्चों की सुरक्षा को खतरे में डाल सकती है। बच्चों को बस में चढ़ाने-उतारने की सुरक्षित प्रक्रिया समझाई अभियान के दौरान बस अटेंडेंट को भी महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए। उन्हें बताया गया कि बच्चों को बस में चढ़ाते और उतारते समय सुरक्षित घेरा बनाकर कार्य करें और बस के पूरी तरह रुकने के बाद ही दरवाजा खोला जाए। साथ ही यह भी निर्देश दिए गए कि प्रत्येक बच्चे को स्कूल परिसर या घर के गेट तक सुरक्षित पहुंचाना अटेंडेंट की जिम्मेदारी है, ताकि किसी भी प्रकार की दुर्घटना की संभावना को रोका जा सके। स्कूल बसों की सुरक्षा व्यवस्था की मौके पर जांच यातायात पुलिस टीम ने स्कूल परिसर में खड़ी बसों की सुरक्षा व्यवस्था का निरीक्षण भी किया।
इस दौरान बसों में लगे अग्निशमन यंत्र फर्स्ट एड किट इमरजेंसी एग्जिट की जांच की गई। इसके अलावा बसों में लगे GPS सिस्टम, रिवर्स हॉर्न और स्पीड गवर्नर की भी जांच कर उनकी कार्यक्षमता सुनिश्चित की गई, ताकि बच्चों की यात्रा पूरी तरह सुरक्षित रहे। स्कूल प्रशासन को भी दिए गए महत्वपूर्ण सुझाव यातायात पुलिस ने स्कूल प्रशासन से अपील की कि स्कूल के बाहर सड़क पर सूचनात्मक बोर्ड और पार्किंग संकेतक लगाए जाएं, जिससे ट्रैफिक व्यवस्था बेहतर बनी रहे। इसके साथ ही स्कूल परिसर में बच्चों को यातायात चिन्हों और सड़क सुरक्षा के नियमों की जानकारी देने के लिए पेंटिंग प्रतियोगिता और जागरूकता गतिविधियां आयोजित करने का सुझाव भी दिया गया। सड़क सुरक्षा को लेकर अभियान रहेगा जारी हरिद्वार यातायात पुलिस ने स्पष्ट किया कि बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसी उद्देश्य से भविष्य में भी स्कूलों तथा सार्वजनिक स्थानों पर सड़क सुरक्षा से जुड़े जागरूकता अभियान लगातार चलाए जाएंगे। यह पहल केवल यातायात नियमों का पालन कराने का प्रयास नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ी को सुरक्षित और जिम्मेदार नागरिक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
- गैरसैंण विधानसभा सत्र से लौट रहे लक्सर से बसपा के विधायक मोहम्मद शहज़ाद के वाहन को यूकेडी के कार्यकर्ताओं ने रोका, कार्यकर्ताओं ने जमकर किया हंगामा पुलिस ने कार्यकर्ताओं को बमुश्किल रोका।1
- , बच्चों की सुरक्षा पर दिया गया विशेष जोर हरिद्वार। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) Navneet Singh के निर्देश पर जनपद में लगातार यातायात जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में Delhi Public School Ranipur (DPS रानीपुर) में विशेष कार्यक्रम आयोजित कर वाहन चालकों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक किया गया। इस दौरान स्कूल आने-जाने वाले बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए चालकों को बताया गया कि बच्चों को सुरक्षित रूप से घर से स्कूल और स्कूल से घर तक पहुँचाने में चालक की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होती है। यदि चालक सतर्कता और जिम्मेदारी के साथ वाहन चलाए तो किसी भी प्रकार की दुर्घटना से बचा जा सकता है। कार्यक्रम के दौरान वाहन चालकों को फर्स्ट एड किट के महत्व के बारे में भी जानकारी दी गई। साथ ही यह भी बताया गया कि किसी आपातकालीन स्थिति या दुर्घटना होने पर तुरंत क्या-क्या कदम उठाने चाहिए, ताकि बच्चों और अन्य लोगों को समय पर सहायता मिल सके। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि यातायात नियमों का पालन, सुरक्षित ड्राइविंग और सतर्कता ही बच्चों की सुरक्षा की सबसे बड़ी गारंटी है। इस मौके पर सभी चालकों को जिम्मेदारी से वाहन चलाने और बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का संकल्प भी दिलाया गया। “आज के बच्चे कल का भविष्य हैं, इनकी सुरक्षा हमारी और आपकी प्राथमिकता है।”1
- स्वतंत्र पत्रकार रामेश्वर गौड़ की कलम से बच्चों की सुरक्षा पर सख्त हरिद्वार यातायात पुलिस: डीपीएस रानीपुर में बस चालकों को दिया विशेष प्रशिक्षण “स्कूल बस चालक केवल ड्राइवर नहीं, सैकड़ों परिवारों की उम्मीदों का संरक्षक” — सड़क सुरक्षा पर दिया गया बड़ा संदेश हरिद्वार, 12 मार्च 2026। तीर्थनगरी हरिद्वार में सड़क सुरक्षा को लेकर यातायात पुलिस ने एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए दिल्ली पब्लिक स्कूल (डीपीएस) रानीपुर में विशेष यातायात जागरूकता अभियान और प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य स्कूल बसों से आने-जाने वाले बच्चों की सुरक्षा को और मजबूत बनाना था। कार्यक्रम का आयोजन वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक हरिद्वार के मार्गदर्शन, पुलिस अधीक्षक यातायात के पर्यवेक्षण तथा पुलिस उपाधीक्षक यातायात के निर्देशन में किया गया। इस दौरान यातायात निरीक्षक और उनकी टीम ने स्कूल बस चालकों एवं अटेंडेंट को बच्चों की सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण नियमों और जिम्मेदारियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। बस चालकों को सिखाए गए सड़क सुरक्षा के अहम नियम प्रशिक्षण के दौरान बस चालकों को गति सीमा का सख्ती से पालन करने, अनावश्यक ओवरटेकिंग से बचने और यातायात संकेतों का सम्मान करने के लिए विशेष रूप से जागरूक किया गया। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट कहा कि स्कूल बस चलाते समय चालक को सामान्य वाहन चालक से अधिक जिम्मेदारी निभानी पड़ती है, क्योंकि उसकी एक छोटी सी गलती भी मासूम बच्चों की सुरक्षा को खतरे में डाल सकती है। बच्चों को बस में चढ़ाने-उतारने की सुरक्षित प्रक्रिया समझाई अभियान के दौरान बस अटेंडेंट को भी महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए। उन्हें बताया गया कि बच्चों को बस में चढ़ाते और उतारते समय सुरक्षित घेरा बनाकर कार्य करें और बस के पूरी तरह रुकने के बाद ही दरवाजा खोला जाए। साथ ही यह भी निर्देश दिए गए कि प्रत्येक बच्चे को स्कूल परिसर या घर के गेट तक सुरक्षित पहुंचाना अटेंडेंट की जिम्मेदारी है, ताकि किसी भी प्रकार की दुर्घटना की संभावना को रोका जा सके। स्कूल बसों की सुरक्षा व्यवस्था की मौके पर जांच यातायात पुलिस टीम ने स्कूल परिसर में खड़ी बसों की सुरक्षा व्यवस्था का निरीक्षण भी किया। इस दौरान बसों में लगे अग्निशमन यंत्र फर्स्ट एड किट इमरजेंसी एग्जिट की जांच की गई। इसके अलावा बसों में लगे GPS सिस्टम, रिवर्स हॉर्न और स्पीड गवर्नर की भी जांच कर उनकी कार्यक्षमता सुनिश्चित की गई, ताकि बच्चों की यात्रा पूरी तरह सुरक्षित रहे। स्कूल प्रशासन को भी दिए गए महत्वपूर्ण सुझाव यातायात पुलिस ने स्कूल प्रशासन से अपील की कि स्कूल के बाहर सड़क पर सूचनात्मक बोर्ड और पार्किंग संकेतक लगाए जाएं, जिससे ट्रैफिक व्यवस्था बेहतर बनी रहे। इसके साथ ही स्कूल परिसर में बच्चों को यातायात चिन्हों और सड़क सुरक्षा के नियमों की जानकारी देने के लिए पेंटिंग प्रतियोगिता और जागरूकता गतिविधियां आयोजित करने का सुझाव भी दिया गया। सड़क सुरक्षा को लेकर अभियान रहेगा जारी हरिद्वार यातायात पुलिस ने स्पष्ट किया कि बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसी उद्देश्य से भविष्य में भी स्कूलों तथा सार्वजनिक स्थानों पर सड़क सुरक्षा से जुड़े जागरूकता अभियान लगातार चलाए जाएंगे। यह पहल केवल यातायात नियमों का पालन कराने का प्रयास नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ी को सुरक्षित और जिम्मेदार नागरिक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।3
- सड़क सुरक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराते हुए हरिद्वार यातायात पुलिस द्वारा आज दिल्ली पब्लिक स्कूल (DPS) रानीपुर में एक विशेष यातायात जागरूकता अभियान एवं प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक हरिद्वार के मार्गदर्शन, पुलिस अधीक्षक यातायात के पर्यवेक्षण तथा पुलिस उपाधीक्षक यातायात के निर्देशन में यातायात निरीक्षक द्वारा अपनी टीम के साथ संपन्न कराया गया। कार्यक्रम में स्कूल बस चालकों एवं अटेंडेंट को बच्चों की सुरक्षा से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण पहलुओं पर प्रशिक्षित किया गया। बस चालकों को गति सीमा का पालन करने, ओवरटेकिंग से बचने तथा यातायात संकेतों का सम्मान करने हेतु जागरूक किया गया। बच्चों को बस में चढ़ाने व उतारने के समय सुरक्षित घेरा बनाकर कार्य करने तथा बस के पूरी तरह रुकने के बाद ही दरवाजा खोलने के निर्देश दिए गए। अटेंडेंट को प्रत्येक बच्चे को सुरक्षित रूप से स्कूल परिसर अथवा घर के गेट तक पहुँचाने के लिए कहा गया। स्कूल बसों में लगे अग्निशमन यंत्र, फर्स्ट एड किट और इमरजेंसी एग्जिट की मौके पर जांच की गई। बसों में लगे GPS सिस्टम, रिवर्स हॉर्न और स्पीड गवर्नर की भी जांच कर उनकी कार्यक्षमता सुनिश्चित की गई। “स्कूल बस का चालक केवल एक ड्राइवर नहीं, बल्कि सैकड़ों परिवारों की उम्मीदों का संरक्षक होता है। थोड़ी सी लापरवाही भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है, इसलिए यातायात नियमों का पालन करना कानूनी दायित्व ही नहीं, बल्कि नैतिक जिम्मेदारी भी है।” इसके अतिरिक्त स्कूल प्रशासन से भी अपील की गई कि स्कूल के बाहर सड़क पर सूचनात्मक बोर्ड, पार्किंग बोर्ड लगाए जाएं तथा स्कूल परिसर में बच्चों को यातायात चिन्हों की जानकारी देने के लिए पेंटिंग एवं जागरूकता गतिविधियां कराई जाएं। हरिद्वार यातायात पुलिस द्वारा भविष्य में भी स्कूलों एवं सार्वजनिक स्थानों पर सड़क सुरक्षा को लेकर जागरूकता अभियान लगातार चलाए जाते रहेंगे।1
- The Aman Times अपना देहरादून से बड़ी खबर _ देहरादून में एलपीजी गैस के अवैध संग्रहण, कालाबाजारी और अवैध रिफिलिंग पर अब सख्त कार्रवाई होगी। डीएम सविन बंसल ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि गड़बड़ी पाए जाने पर आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 और बीएनएस के तहत सीधे जेल भेजने की कार्रवाई की जाए। 🔴 अनियमितता मिलने पर गैस एजेंसियां सील होंगी 🔴 घरेलू गैस के व्यावसायिक उपयोग पर जब्ती और कार्रवाई 🔴 72 गैस एजेंसियों के गोदाम प्रशासन के रडार पर 🔴 शिकायत के लिए कंट्रोल रूम नंबर – 1077, 0135-2626066, 2726066 🔴 व्हाट्सएप – 7534826066 डीएम ने लोगों से अपील की है कि अफवाहों पर ध्यान न दें और किसी भी समस्या की सूचना कंट्रोल रूम में दें।2
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- Post by Bijnor Super News1
- - वन विभाग के दावों पर उठे सवाल आग बुझाने के पुख्ता इंतजाम के दावे किए गए थे, लेकिन मौके पर वन संपदा खाक होती दिख रही है। - वन्य जीवों पर भी बड़ा खतरा जंगलों में लगी आग से वन्य जीवों के जीवन पर गंभीर संकट, पर्यावरण को भारी नुकसान की आशंका। - सरकार गैरसैंण में, जंगलों में आग का संकट, विधानसभा सत्र के दौरान पास के जंगलों में लगी आग ने व्यवस्थाओं और तैयारियों पर सवाल खड़े किए।1