नोएडा के फेज-2 क्षेत्र से जुड़ा एक वीडियो और सोशल मीडिया पोस्ट इन दिनों तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें 1,000 से अधिक फैक्ट्री कर्मचारियों को वेतन, बोनस और श्रमिक अधिकारों से जुड़ी मांगों को लेकर प्रदर्शन करते देखा जा रहा है। वायरल पोस्ट के अनुसार, प्रदर्शनकारी कथित तौर पर ₹20,000 न्यूनतम वेतन और 8 घंटे की कार्य शिफ्ट की मांग कर रहे थे। वायरल वीडियो में श्रमिकों की भारी संख्या, नारेबाजी और भारी पुलिस बल की तैनाती साफ दिखाई देती है, जिसमें प्रदर्शनकारियों और पुलिसकर्मियों के बीच तीखा टकराव भी नजर आता है। वीडियो फुटेज में पुलिसकर्मियों को प्रदर्शनकारियों को बलपूर्वक हटाते हुए दिखाया गया है, और सोशल मीडिया पर कई यूजर्स दावा कर रहे हैं कि इस दौरान श्रमिकों के साथ सख्ती बरती गई व बल प्रयोग किया गया। हालांकि, वीडियो में दिखाई दे रही घटनाओं तथा इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हो सकी है। वायरल पोस्ट में यह भी दावा किया गया है कि बढ़ती महंगाई के बीच ₹11,000 से ₹13,000 मासिक वेतन में परिवार का भरण-पोषण करना मुश्किल हो गया है, जिसके चलते श्रमिक अपनी मांगों को लेकर सड़कों पर उतरने को मजबूर हुए। इस घटना को लेकर सोशल मीडिया पर बहस तेज है, जहाँ कई लोग इसे श्रमिक अधिकारों और जीवन-यापन की बढ़ती लागत के मुद्दे से जोड़कर देख रहे हैं, जबकि अन्य लोग पूरे मामले में आधिकारिक जानकारी सामने आने का इंतजार करने की बात कह रहे हैं। फिलहाल, प्रशासन या संबंधित अधिकारियों की ओर से इस घटना पर कोई विस्तृत आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, ऐसे में इससे जुड़े सभी दावों की आधिकारिक पुष्टि अभी शेष है।
नोएडा के फेज-2 क्षेत्र से जुड़ा एक वीडियो और सोशल मीडिया पोस्ट इन दिनों तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें 1,000 से अधिक फैक्ट्री कर्मचारियों को वेतन, बोनस और श्रमिक अधिकारों से जुड़ी मांगों को लेकर प्रदर्शन करते देखा जा रहा है। वायरल पोस्ट के अनुसार, प्रदर्शनकारी कथित तौर पर ₹20,000 न्यूनतम वेतन और 8 घंटे की कार्य शिफ्ट की मांग कर रहे थे। वायरल वीडियो में श्रमिकों की भारी संख्या, नारेबाजी और भारी पुलिस बल की तैनाती साफ दिखाई देती है, जिसमें प्रदर्शनकारियों और पुलिसकर्मियों के बीच तीखा टकराव भी नजर आता है। वीडियो फुटेज में पुलिसकर्मियों को प्रदर्शनकारियों को बलपूर्वक हटाते हुए दिखाया गया है, और सोशल मीडिया पर कई यूजर्स दावा कर रहे हैं कि इस दौरान श्रमिकों के साथ सख्ती बरती गई व बल प्रयोग किया गया। हालांकि, वीडियो में दिखाई दे रही घटनाओं तथा इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हो सकी है। वायरल पोस्ट में यह भी दावा किया गया है कि बढ़ती महंगाई के बीच ₹11,000 से ₹13,000 मासिक वेतन में परिवार का भरण-पोषण करना मुश्किल हो गया है, जिसके चलते श्रमिक अपनी मांगों को लेकर सड़कों पर उतरने को मजबूर हुए। इस घटना को लेकर सोशल मीडिया पर बहस तेज है, जहाँ कई लोग इसे श्रमिक अधिकारों और जीवन-यापन की बढ़ती लागत के मुद्दे से जोड़कर देख रहे हैं, जबकि अन्य लोग पूरे मामले में आधिकारिक जानकारी सामने आने का इंतजार करने की बात कह रहे हैं। फिलहाल, प्रशासन या संबंधित अधिकारियों की ओर से इस घटना पर कोई विस्तृत आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, ऐसे में इससे जुड़े सभी दावों की आधिकारिक पुष्टि अभी शेष है।
- उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले के असरेन्दा में 25 मई 2026 से एक ट्रांसफार्मर जल गया है। बताया गया है कि ट्रांसफार्मर के जल जाने के बावजूद उसे अभी तक बदला नहीं गया है। इस संबंध में जले हुए ट्रांसफार्मर को बदलने की मांग की गई है।1
- Post by Guddu Rawat1
- उत्तर प्रदेश के कानपुर नगर से एक चिंताजनक खबर सामने आई है, जहाँ पत्रकार भारत पांडे ने अपना घर और पत्रकारिता दोनों छोड़ने की घोषणा की है। पांडे ने बताया कि वे आज से अपना घर छोड़ रहे हैं और पत्रकारिता से भी संन्यास ले रहे हैं, क्योंकि उनका मानना है कि कानपुर नगर में पत्रकार सुरक्षित नहीं हैं। उन्होंने अपनी "आत्मा लीला" भी समाप्त करने की बात कही है। पत्रकार के इस तरह के बयान पर सवाल उठ रहे हैं कि आखिर वह ऐसी बात क्यों कह रहा है, और यह मामला जाँच का विषय बन गया है। इस बीच, भारत पांडे उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी से मिलने वाले हैं।1
- कानपुर के लाल बंगला स्थित पोखपुर में, राज मेडिकल स्टोर के पास एक गंभीर समस्या ने स्थानीय निवासियों को परेशानी में डाल दिया है, जहाँ खुले नाले में शौच बहाया जा रहा है। इस कारण पूरी गली में गंदगी और मक्खियों का जमावड़ा हो गया है, जिससे भयंकर दुर्गंध फैल रही है। निवासियों का आरोप है कि जिनकी शौच नालियों में बहती है, वे लोग आज तक कभी पाइप नहीं डलवा पाए हैं और खुले में शौच बहाकर लगातार वातावरण को प्रदूषित कर रहे हैं। इस स्थिति से उन्हें भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से जल्द से जल्द इस नाले में गंदगी फैलाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की पुरज़ोर अपील की है।1
- कानपुर के नवाबगंज स्थित डाटा एक्सपर्ट कंप्यूटर कोचिंग इंस्टीट्यूट के संचालक विजय प्रकाश गुप्ता की हत्या के मामले का पुलिस ने चार दिन के भीतर खुलासा कर दिया है। पुलिस ने इस संबंध में विजय प्रकाश गुप्ता के 18 साल पुराने दोस्त मोहित द्विवेदी को गिरफ्तार किया है। आरोपी मोहित द्विवेदी ने होली के दौरान खुजराहो यात्रा में विजय के पास 10 लाख रुपये कीमत की सोने की चेन और ब्रेसलेट देखकर लूट की योजना बनाई थी। इस योजना को अंजाम देने के लिए उसने यूट्यूब पर तरीके खोजे और क्राइम पेट्रोल के एपिसोड देखकर पुलिस से बचने के उपाय सीखे। उसने बुर्का, लेडीज चप्पल, पर्स और ग्लव्स पहनकर एक महिला का वेश धारण किया और खुद को गूंगा बताते हुए ऑटो से कोचिंग इंस्टीट्यूट पहुंचा। चेन छीनने के दौरान हुई हाथापाई में धक्का लगने से विजय की मौत हो गई, जिसके बाद आरोपी जेवरात लूटकर फरार हो गया। पुलिस ने 500 से अधिक सीसीटीवी फुटेज खंगालकर संदिग्ध की पहचान की। पूछताछ के दौरान मोहित ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। पुलिस ने लूटे गए जेवरात बरामद कर आरोपी को जेल भेज दिया है। इस सफल खुलासे के लिए पुलिस टीम को 50 हजार रुपये इनाम देने की घोषणा भी की गई है।1
- उत्तर प्रदेश से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहाँ एक नाबालिग बेटी के साथ बलात्कार का प्रयास किया गया। सोशल मीडिया पर वायरल हो रही एक पोस्ट के मुताबिक, जब पीड़ित परिवार मदद के लिए थाने पहुँचा, तो पुलिस ने सहयोग करने की बजाय कथित तौर पर उन्हें ही धमकाया। वायरल पोस्ट में दावा किया गया है कि महिला पुलिस ने बेटी को रात 12 बजे तक थाने में बिठाए रखा, जबकि आरोपी खुलेआम घूम रहा था। इस घटना के बाद पीड़ित परिवार ने मजबूरन अपना मकान बेचकर गांव छोड़ने का फैसला कर लिया है। उनके घर पर लगे एक हस्तलिखित नोटिस में स्पष्ट रूप से 'मकान बिकाऊ है' लिखा है, जिसमें परिवार ने अपनी मजबूरी और पूरी घटना का ब्योरा दिया है। यह पोस्ट सोशल मीडिया पर तेजी से चर्चा में है, जहाँ लोग भावुक होकर इसे शेयर कर रहे हैं और योगी सरकार तक पहुंचाने की अपील कर रहे हैं। एक यूजर ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए सवाल उठाया, “यह योगी जी के सुशासन की लोकतांत्रिक सच्चाई है?” इस घटना ने पूरे प्रदेश में कानून व्यवस्था, पुलिस तंत्र और नाबालिग लड़कियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, जिससे आम लोगों में गहरा गुस्सा और आक्रोश देखा जा रहा है।1
- नोएडा के फेज-2 क्षेत्र से जुड़ा एक वीडियो और सोशल मीडिया पोस्ट इन दिनों तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें 1,000 से अधिक फैक्ट्री कर्मचारियों को वेतन, बोनस और श्रमिक अधिकारों से जुड़ी मांगों को लेकर प्रदर्शन करते देखा जा रहा है। वायरल पोस्ट के अनुसार, प्रदर्शनकारी कथित तौर पर ₹20,000 न्यूनतम वेतन और 8 घंटे की कार्य शिफ्ट की मांग कर रहे थे। वायरल वीडियो में श्रमिकों की भारी संख्या, नारेबाजी और भारी पुलिस बल की तैनाती साफ दिखाई देती है, जिसमें प्रदर्शनकारियों और पुलिसकर्मियों के बीच तीखा टकराव भी नजर आता है। वीडियो फुटेज में पुलिसकर्मियों को प्रदर्शनकारियों को बलपूर्वक हटाते हुए दिखाया गया है, और सोशल मीडिया पर कई यूजर्स दावा कर रहे हैं कि इस दौरान श्रमिकों के साथ सख्ती बरती गई व बल प्रयोग किया गया। हालांकि, वीडियो में दिखाई दे रही घटनाओं तथा इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हो सकी है। वायरल पोस्ट में यह भी दावा किया गया है कि बढ़ती महंगाई के बीच ₹11,000 से ₹13,000 मासिक वेतन में परिवार का भरण-पोषण करना मुश्किल हो गया है, जिसके चलते श्रमिक अपनी मांगों को लेकर सड़कों पर उतरने को मजबूर हुए। इस घटना को लेकर सोशल मीडिया पर बहस तेज है, जहाँ कई लोग इसे श्रमिक अधिकारों और जीवन-यापन की बढ़ती लागत के मुद्दे से जोड़कर देख रहे हैं, जबकि अन्य लोग पूरे मामले में आधिकारिक जानकारी सामने आने का इंतजार करने की बात कह रहे हैं। फिलहाल, प्रशासन या संबंधित अधिकारियों की ओर से इस घटना पर कोई विस्तृत आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, ऐसे में इससे जुड़े सभी दावों की आधिकारिक पुष्टि अभी शेष है।1