गोपालगंज शहर के वार्ड संख्या 21 और 22 में स्टेशन रोड से राजेंद्र नगर जाने वाली सड़क का निर्माण एक ही साल के भीतर दो अलग-अलग मदों से करा दिया गया, लेकिन इसके बावजूद सड़क पर जलजमाव की गंभीर स्थिति बनी हुई है। स्थानीय लोगों को पानी के बीच से होकर गुजरना पड़ रहा है, जिससे आने-जाने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार, पूर्व में इस सड़क का निर्माण डूडा के सहयोग से कराया गया था। इसके कुछ ही दिनों बाद उसी सड़क को तत्कालीन विधायक कुसुम देवी के सहयोग से दोबारा बनवा दिया गया। हद तो तब हो गई जब सड़क निर्माण का शिलापट्ट लगाने वाले कारीगरों, संवेदक और अभियंता द्वारा शिलापट्ट को ही उल्टा टांग दिया गया। इस शिलापट्ट पर सड़क और नाला निर्माण के लिए 28 लाख 26 हजार 354 रुपये की राशि अंकित है, जबकि मौके पर नाले का कोई अता-पता ही नहीं है। इस पूरे मामले ने घोर प्रशासनिक लापरवाही को उजागर कर दिया है। अब सवाल यह उठ रहा है कि निर्माण में अनियमितता के अलावा नाला कहाँ है, सड़क बनने के बाद भी जलजमाव क्यों है और किन परिस्थितियों में उल्टा शिलापट्ट लगाया गया। स्थानीय लोग निर्माण एजेंसी, उसके अधिकारियों और फंड देने वाली तत्कालीन विधायक की कार्यप्रणाली की जमकर निंदा कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि अगर वरीय पदाधिकारियों के पास थोड़ी सी भी संवेदना बची हो, तो इस मामले की जाँच कराकर उचित कार्रवाई की जानी चाहिए।
गोपालगंज शहर के वार्ड संख्या 21 और 22 में स्टेशन रोड से राजेंद्र नगर जाने वाली सड़क का निर्माण एक ही साल के भीतर दो अलग-अलग मदों से करा दिया गया, लेकिन इसके बावजूद सड़क पर जलजमाव की गंभीर स्थिति बनी हुई है। स्थानीय लोगों को पानी के बीच से होकर गुजरना पड़ रहा है, जिससे आने-जाने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार, पूर्व में इस सड़क का निर्माण डूडा के सहयोग से कराया गया था। इसके कुछ ही दिनों बाद उसी सड़क को तत्कालीन विधायक कुसुम देवी के सहयोग से दोबारा बनवा दिया गया। हद तो तब हो गई जब सड़क निर्माण का शिलापट्ट लगाने वाले कारीगरों, संवेदक और अभियंता द्वारा शिलापट्ट को ही उल्टा
टांग दिया गया। इस शिलापट्ट पर सड़क और नाला निर्माण के लिए 28 लाख 26 हजार 354 रुपये की राशि अंकित है, जबकि मौके पर नाले का कोई अता-पता ही नहीं है। इस पूरे मामले ने घोर प्रशासनिक लापरवाही को उजागर कर दिया है। अब सवाल यह उठ रहा है कि निर्माण में अनियमितता के अलावा नाला कहाँ है, सड़क बनने के बाद भी जलजमाव क्यों है और किन परिस्थितियों में उल्टा शिलापट्ट लगाया गया। स्थानीय लोग निर्माण एजेंसी, उसके अधिकारियों और फंड देने वाली तत्कालीन विधायक की कार्यप्रणाली की जमकर निंदा कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि अगर वरीय पदाधिकारियों के पास थोड़ी सी भी संवेदना बची हो, तो इस मामले की जाँच कराकर उचित कार्रवाई की जानी चाहिए।
- गोपालगंज शहर के वार्ड संख्या 21 और 22 में स्टेशन रोड से राजेंद्र नगर जाने वाली सड़क का निर्माण एक ही साल के भीतर दो अलग-अलग मदों से करा दिया गया, लेकिन इसके बावजूद सड़क पर जलजमाव की गंभीर स्थिति बनी हुई है। स्थानीय लोगों को पानी के बीच से होकर गुजरना पड़ रहा है, जिससे आने-जाने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार, पूर्व में इस सड़क का निर्माण डूडा के सहयोग से कराया गया था। इसके कुछ ही दिनों बाद उसी सड़क को तत्कालीन विधायक कुसुम देवी के सहयोग से दोबारा बनवा दिया गया। हद तो तब हो गई जब सड़क निर्माण का शिलापट्ट लगाने वाले कारीगरों, संवेदक और अभियंता द्वारा शिलापट्ट को ही उल्टा टांग दिया गया। इस शिलापट्ट पर सड़क और नाला निर्माण के लिए 28 लाख 26 हजार 354 रुपये की राशि अंकित है, जबकि मौके पर नाले का कोई अता-पता ही नहीं है। इस पूरे मामले ने घोर प्रशासनिक लापरवाही को उजागर कर दिया है। अब सवाल यह उठ रहा है कि निर्माण में अनियमितता के अलावा नाला कहाँ है, सड़क बनने के बाद भी जलजमाव क्यों है और किन परिस्थितियों में उल्टा शिलापट्ट लगाया गया। स्थानीय लोग निर्माण एजेंसी, उसके अधिकारियों और फंड देने वाली तत्कालीन विधायक की कार्यप्रणाली की जमकर निंदा कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि अगर वरीय पदाधिकारियों के पास थोड़ी सी भी संवेदना बची हो, तो इस मामले की जाँच कराकर उचित कार्रवाई की जानी चाहिए।2
- बिहार के गोपालगंज में पुलिस ने एक मिनी कंटेनर से 20 लाख रुपये मूल्य की शराब बरामद की है। इस कार्रवाई के दौरान पुलिस ने खगड़िया के रहने वाले तीन तस्करों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए तस्कर शराब की इस खेप को दिल्ली से खगड़िया लेकर जा रहे थे। गिरफ्तार तस्करों की पहचान खगड़िया जिले के बेलदौर थाना क्षेत्र स्थित कानीगोश गवास गांव निवासी मोहन कुमार, निरंजन कुमार सिंह और विकास कुमार शर्मा के रूप में हुई है।1
- दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे विरोध प्रदर्शन से जुड़ा एक वीडियो सामने आया है। इस प्रदर्शन के समर्थन में लोगों से इसे ज्यादा से ज्यादा शेयर करने और अपना सहयोग देने की अपील की गई है।1
- कक्षा 10 के मैट्रिक बैच (2026-27) के छात्रों के लिए केमिस्ट्री के अध्याय 3 'धातु एवं अधातु' से संबंधित एक लाइव टेस्ट आयोजित किया जा रहा है। इस टेस्ट का मुख्य उद्देश्य सभी बच्चों की तैयारी का मूल्यांकन करना है। इसके जरिए यह पता लगाया जाएगा कि किस छात्र ने इस चैप्टर की पढ़ाई अच्छे से की है और किसकी तैयारी अभी अधूरी है।1
- मैट्रिक बैच 2026-27 के कक्षा 10 के विद्यार्थियों के लिए रसायन विज्ञान (केमिस्ट्री) के अध्याय 3 'धातु एवं अधातु' पर आधारित लाइव टेस्ट का आयोजन किया जा रहा है। इस लाइव टेस्ट का मुख्य उद्देश्य सभी बच्चों की तैयारी के स्तर की जांच करना है, जिससे यह स्पष्ट रूप से पता चल सके कि किस छात्र ने इस चैप्टर को अच्छे से तैयार किया है और किसकी तैयारी अभी अधूरी है।1
- बनिया चाहे कोई भी हो, उसे अपने दिमाग पर कभी भी घमंड नहीं करना चाहिए। हर परिस्थिति में दिमाग पर जोर देने और उसे शांत रखने की जरूरत है। बनिया थान हार सकता है लेकिन गज नहीं। यह आज ही की घटना है, इसलिए किसी को भी अपने दिमाग पर कभी अभिमान नहीं करना चाहिए।1
- पश्चिम चंपारण के नौतन थाना क्षेत्र स्थित मंगलपुर गुदरिया में अदालती आदेश पर जमीन का दखलदहानी कराने पहुंची पुलिस और प्रशासनिक टीम को ग्रामीणों के विरोध के कारण बैरंग लौटना पड़ा। दशकों पहले बेची गई जमीन पर कोर्ट से डिग्री मिलने के बाद रविवार को प्रशासन कब्जा दिलाने पहुंचा था, लेकिन हजारों की संख्या में जुटे लोगों के सामने खड़े हो जाने से मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया और टीम बिना कब्जा दिलाए वापस लौट गई। मामले की जानकारी के अनुसार, जिला भाजपा अध्यक्ष रूपकलाल श्रीवास्तव के बड़े भाई अंजनी कुमार श्रीवास्तव के दादा गणेश प्रसाद और पिता अध्या प्रसाद द्वारा वर्ष 1928 से लेकर 2000 तक करीब सात बीघा जमीन 54 व्यक्तियों को बेची गई थी, जिस पर खरीदारों का सालों से कब्जा चला आ रहा है। अंजनी कुमार श्रीवास्तव ने वर्ष 1981 में इस जमीन पर केस दर्ज कराया था, जिसमें उन्हें वर्ष 2023 में न्यायालय से डिग्री मिली। इसके बाद न्यायालय के आदेश पर नौतन व जगदीशपुर थाना पुलिस समेत जिला बल के दर्जनों जवान दखल दिलाने गांव पहुंचे थे। कार्रवाई का विरोध कर रहे रैयत उमेश पांडे, नारद पांडेय, चंद्रशेखर ओझा और श्याम पांडेय ने बताया कि उन्हें मुकदमे या डिग्री के दौरान कोर्ट से कोई नोटिस नहीं मिला है। उन्होंने यह जमीन पूर्वजों और पट्टीदारों से बैनामा करवाकर खरीदी है और वर्षों से इस पर उनका कब्जा है। उन्होंने साफ कहा कि अगर कोई भी जमीन पर कब्जा करने की कोशिश करेगा तो वे उसका खुलकर विरोध करेंगे। वहीं इस मामले में सीओ अलका कुमारी ने बताया कि पर्याप्त पुलिस बल की कमी और ग्रामीणों के हुजूम को देखते हुए प्रशासन को बिना कब्जा दिलाए लौटना पड़ा।1
- दंगा फैलाने के आरोप में पुलिस ने तेज प्रताप यादव को पटना के सिटी सेंटर मॉल से गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तारी के बाद उन्हें पहली बार बेउर जेल भेजा गया है। मामले में पुलिस रात 12:15 बजे तेज प्रताप को नौबतपुर थाने से लाकर छज्जू बाग स्थित मजिस्ट्रेट के यहां पेश किया। जिसके बाद मजिस्ट्रेट ने उन्हें न्यायिक हिरासत में बेउर जेल भेज दिया।1