मध्य प्रदेश के मैहर में सिविल अस्पताल से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया है, जहाँ सरकारी संपत्ति का निजी कार्यों में इस्तेमाल करने का आरोप लगा है। नागपुर मल्टी स्पेशलिटी अस्पताल में मैहर सिविल अस्पताल का ब्लड रिक्वायरमेंट फॉर्म पहुँचने की घटना से स्वास्थ्य विभाग की कार्यशैली पर सवाल खड़े हो गए हैं। आशंका जताई जा रही है कि विभागीय कर्मचारियों की मिलीभगत से सिविल अस्पताल के फॉर्म का इस्तेमाल निजी अस्पताल में किया जा रहा है, जो स्वास्थ्य सेवाओं की पारदर्शिता और विभागीय ज़िम्मेदारी पर बड़ा प्रश्नचिन्ह लगाता है। इस पूरे मामले पर जब पत्रकारों ने सवाल किया तो डॉ. विपिन सिंह ने कहा कि हम आज भी सरकारी संपत्ति का उपयोग करेंगे। दूसरी ओर, नागपुर मल्टी स्पेशलिटी अस्पताल के संचालक ने इस मामले को लेकर जिला प्रशासन से तत्काल सख्त कार्यवाही की माँग की है। इस घटना के सामने आने के बाद अब यह सवाल भी उठने लगे हैं कि क्या अन्य सरकारी सामग्रियों का भी इसी तरह दुरुपयोग किया जा रहा है। मामले की उचित जाँच और आवश्यक कार्यवाही की माँग की गई है ताकि भविष्य में ऐसी लापरवाही न हो और स्वास्थ्य व्यवस्था में पारदर्शिता बनी रहे।
मध्य प्रदेश के मैहर में सिविल अस्पताल से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया है, जहाँ सरकारी संपत्ति का निजी कार्यों में इस्तेमाल करने का आरोप लगा है। नागपुर मल्टी स्पेशलिटी अस्पताल में मैहर सिविल अस्पताल का ब्लड रिक्वायरमेंट फॉर्म पहुँचने की घटना से स्वास्थ्य विभाग की कार्यशैली पर सवाल खड़े हो गए हैं। आशंका जताई जा रही है कि विभागीय कर्मचारियों की मिलीभगत से सिविल अस्पताल के फॉर्म का इस्तेमाल निजी अस्पताल में किया जा रहा है, जो स्वास्थ्य सेवाओं की पारदर्शिता और विभागीय ज़िम्मेदारी पर बड़ा प्रश्नचिन्ह लगाता है। इस पूरे मामले पर जब पत्रकारों ने सवाल किया तो डॉ. विपिन सिंह ने कहा कि हम आज भी सरकारी संपत्ति का उपयोग करेंगे। दूसरी ओर, नागपुर मल्टी स्पेशलिटी अस्पताल के संचालक ने इस मामले को लेकर जिला प्रशासन से तत्काल सख्त कार्यवाही की माँग की है। इस घटना के सामने आने के बाद अब यह सवाल भी उठने लगे हैं कि क्या अन्य सरकारी सामग्रियों का भी इसी तरह दुरुपयोग किया जा रहा है। मामले की उचित जाँच और आवश्यक कार्यवाही की माँग की गई है ताकि भविष्य में ऐसी लापरवाही न हो और स्वास्थ्य व्यवस्था में पारदर्शिता बनी रहे।
- मध्य प्रदेश के मैहर में सिविल अस्पताल से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया है, जहाँ सरकारी संपत्ति का निजी कार्यों में इस्तेमाल करने का आरोप लगा है। नागपुर मल्टी स्पेशलिटी अस्पताल में मैहर सिविल अस्पताल का ब्लड रिक्वायरमेंट फॉर्म पहुँचने की घटना से स्वास्थ्य विभाग की कार्यशैली पर सवाल खड़े हो गए हैं। आशंका जताई जा रही है कि विभागीय कर्मचारियों की मिलीभगत से सिविल अस्पताल के फॉर्म का इस्तेमाल निजी अस्पताल में किया जा रहा है, जो स्वास्थ्य सेवाओं की पारदर्शिता और विभागीय ज़िम्मेदारी पर बड़ा प्रश्नचिन्ह लगाता है। इस पूरे मामले पर जब पत्रकारों ने सवाल किया तो डॉ. विपिन सिंह ने कहा कि हम आज भी सरकारी संपत्ति का उपयोग करेंगे। दूसरी ओर, नागपुर मल्टी स्पेशलिटी अस्पताल के संचालक ने इस मामले को लेकर जिला प्रशासन से तत्काल सख्त कार्यवाही की माँग की है। इस घटना के सामने आने के बाद अब यह सवाल भी उठने लगे हैं कि क्या अन्य सरकारी सामग्रियों का भी इसी तरह दुरुपयोग किया जा रहा है। मामले की उचित जाँच और आवश्यक कार्यवाही की माँग की गई है ताकि भविष्य में ऐसी लापरवाही न हो और स्वास्थ्य व्यवस्था में पारदर्शिता बनी रहे।1
- केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद पन्ना के अंबेडकर चौक पर जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष अनीश खान के नेतृत्व में विजय मार्च निकाला गया। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के महासचिव के.सी. वेणुगोपाल के निर्देशानुसार आयोजित इस कार्यक्रम में अनीश खान ने कहा कि यह विजय मार्च देश के उन छात्रों और युवाओं को समर्पित है, जिनके साहस और दृढ़ संकल्प से यह सफलता संभव हुई है। इसके साथ ही उन्होंने इसका श्रेय लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को भी दिया, जिन्होंने पूरे आंदोलन के दौरान छात्रों के अधिकारों के लिए निरंतर आवाज़ उठाई। विजय मार्च के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि दी। कार्यकर्ताओं ने छात्रों की इस जीत पर खुशी जताने के साथ ही पेपर लीक की घटनाओं से दुखी होकर आत्महत्या करने वाले छात्रों को भी श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर पूर्व विधायक श्रीकांत दुबे, पवन जैन, मनीष मिश्रा, पुरुषोत्तम जड़िया, राकेश शर्मा, अंकित शर्मा, स्वतंत्र प्रभाकर अवस्थी, कदीर खान, श्रीमती आस्था तिवारी, श्रीमती रहीमा खातून, सुरेंद्र सिंह, सुरेंद्र सेन, सरदार सिंह यादव, बृजेंद्र दुबे, अजय बाजपेई, आकिल खान, सौरभ पटेरिया, अमित शर्मा, आकाश जाटव, बृजेंद्र यादव, राजेश द्विवेदी, शाकिर अली, आशीष कुशवाहा, सुरेंद्र रैकवार, हिमांशु सिंह, दीपू चौधरी, वेदांत मिश्रा, अरविंद सोनी, राहत अली, अंजुल चौहान और मोहम्मद हुसैन सहित कई लोग उपस्थित रहे।1
- सभी छात्रों को सादर आमंत्रित किया गया है।1
- मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा संचालित "नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0" अभियान के तहत मैहर के पुलिस अधीक्षक श्री अवधेश प्रताप सिंह के निर्देशन पर शनिवार को कृषि उपज मंडी घुनवारा में जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। एस आई लक्ष्मण प्रसाद बुनकर द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में उपस्थित किसानों को मादक पदार्थों के सेवन से होने वाले शारीरिक, मानसिक, सामाजिक एवं आर्थिक दुष्परिणामों की जानकारी दी गई। कार्यक्रम के दौरान छात्र-छात्राओं से नशे से दूर रहने तथा अपने परिवार एवं समाज को नशामुक्त बनाने में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया गया। एस आई लक्ष्मण प्रसाद बुनकर, एएसआई मीना धुर्वे, कांस्टेबल सचिन बागरी और कांस्टेबल दिनेश अनसोलिया की मौजूदगी में अमदरा पुलिस ने किसानों से नशामुक्त समाज के निर्माण में सहयोग करने की अपील की। इस अवसर पर लोगों को स्वस्थ, सुरक्षित एवं उज्ज्वल भविष्य के लिए नशे से दूर रहने का संदेश दिया गया और नशा न करने की शपथ दिलाई गई।1
- सतना जिले के मैहर स्थित देवी धाम में पुलिस की नाक के नीचे ही खुलेआम शराब की पैकारी का कारोबार चल रहा है। इस तरह पुलिस की मौजूदगी के बावजूद धड़ल्ले से हो रही शराब पैकारी को लेकर पुलिस की कार्यशैली और उसकी कार्रवाई पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।2
- मध्य प्रदेश के मैहर जिले की अमरपाटन तहसील स्थित ग्राम बारी में शनिवार शाम सड़क मार्ग से अवैध अतिक्रमण हटाने पहुंची प्रशासनिक टीम और पुलिस कार्रवाई के दौरान जमकर हंगामा हो गया। शासकीय कार्य में बाधा डालने और अधिकारियों के साथ अभद्रता करने के आरोप में पुलिस ने कुछ लोगों को हिरासत में ले लिया है। यह कार्रवाई शिकायतकर्ता गोविंद सिंह (पिता भैयालाल सिंह) द्वारा कमिश्नर के समक्ष दर्ज कराई गई शिकायत के बाद की गई। शिकायत पर संज्ञान लेते हुए तहसीलदार आर.डी. साकेत, थाना प्रभारी विजय सिंह परस्ते, राजस्व अमला और भारी पुलिस बल मौके पर पहुंचे। जांच व विधिवत सीमांकन में पाया गया कि संबंधित पक्ष का वैध रकबा लगभग 22.5 डिसमिल था, जबकि सड़क मार्ग की शासकीय भूमि पर लकड़ियां व अन्य सामग्री रखकर कुल 27 डिसमिल जमीन पर अवैध कब्जा किया गया था। प्रशासनिक टीम ने शासकीय भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया। कार्रवाई के दौरान संबंधित पक्ष ने विरोध शुरू कर दिया और अधिकारियों के साथ अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए सरकारी काम में बाधा डालने की कोशिश की, जिससे मौके पर तनाव बन गया। इस दौरान राहुल और गणेश पटेल के बीच भी विवाद हुआ। स्थिति बिगड़ती देख पुलिस ने तुरंत हस्तक्षेप किया और हंगामा कर रहे लोगों को हिरासत में लिया। तहसीलदार के अनुसार, कमिश्नर के निर्देश पर कार्रवाई की गई है और शासकीय कार्य में बाधा डालने वालों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।1
- भोपाल में पेपर लीक के मुद्दे को लेकर सियासी संग्राम छिड़ गया है। इस मामले पर अपना विरोध दर्ज कराते हुए कांग्रेस ने भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के दफ्तर का घेराव किया है।1
- मध्य प्रदेश के सतना में धर्मेंद्र प्रधान के खिलाफ प्रदर्शन और कलेक्ट्रेट घेराव के दौरान पुलिस वाहन में तोड़फोड़ करने वाले उपद्रवियों पर केस दर्ज किया गया है। एनएसयूआई कार्यकर्ताओं द्वारा कलेक्ट्रेट का घेराव किए जाने के दौरान कुछ लोगों ने पुलिस के सरकारी वाहन में तोड़फोड़ कर उसे नुकसान पहुंचाया था। इस दौरान असामाजिक तत्वों द्वारा माहौल बिगाड़ने की कोशिश भी की गई, जिसके बाद पुलिस ने उपद्रवियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए मामला दर्ज कर लिया है।2