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गोरखपुर में डॉ. संपूर्णानंद मल्ल की गिरफ्तारी को लेकर उनकी पत्नी ने एक बड़ा आरोप लगाया है। पत्नी के मुताबिक, पुलिस उन्हें धोखे से अपने साथ ले गई।
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गोरखपुर में डॉ. संपूर्णानंद मल्ल की गिरफ्तारी को लेकर उनकी पत्नी ने एक बड़ा आरोप लगाया है। पत्नी के मुताबिक, पुलिस उन्हें धोखे से अपने साथ ले गई।
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- बाबा नीम करोली कैंची धाम के स्थापना दिवस के पावन अवसर पर गोरखपुर के भौवापार स्थित बाबा मुंजेश्वर नाथ मंदिर परिसर में बने बाबा नीम करोली मंदिर के सामने भक्ति और श्रद्धा का अद्भुत संगम देखने को मिला। इस दौरान प्रसिद्ध भजन गायक बबलू शुक्ला और उनकी टीम ने सुमधुर स्वर में श्रीरामचरितमानस के सुंदरकांड का भावपूर्ण पाठ किया, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। श्रद्धालु भक्ति रस में डूबे रहे और भगवान श्रीराम तथा हनुमान जी के जयकारों से पूरा मंदिर परिसर गूंज उठा। सुंदरकांड पाठ के समापन के बाद, श्रद्धालुओं के लिए एक विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में क्षेत्रीय नागरिकों, श्रद्धालुओं और भक्तों ने प्रसाद ग्रहण कर पुण्य लाभ कमाया। इस कार्यक्रम का आयोजन उपजिलाधिकारी बांसगांव प्रदीप कुमार सिंह के निर्देशन में और द इंडिया न्यूज़ के संपादक पंचानन पांडे के संरक्षण एवं देखरेख में संपन्न हुआ। इस अवसर पर उपजिलाधिकारी प्रदीप कुमार सिंह ने कहा कि बाबा नीम करोली महाराज का जीवन मानव सेवा, परोपकार और आध्यात्मिक साधना का अनुपम उदाहरण है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि बाबा द्वारा दिखाए गए प्रेम, सेवा और भक्ति के मार्ग पर चलकर समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाया जा सकता है। उन्होंने यह भी बताया कि सुंदरकांड का पाठ और ऐसे धार्मिक आयोजन लोगों में आध्यात्मिक चेतना जागृत करने के साथ-साथ सामाजिक एकता और भाईचारे को भी मजबूत करते हैं। सिंह ने स्थापना दिवस पर सभी श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं देते हुए क्षेत्र की सुख-समृद्धि एवं जनकल्याण की कामना की। वरिष्ठ फिजियोथैरेपिस्ट डॉ. त्र्यंबक पांडे और डॉ. अंजली पांडे ने बाबा के जीवन और आध्यात्मिक संदेशों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उनका सेवा, प्रेम और मानव कल्याण का मार्ग आज भी समाज को प्रेरित कर रहा है। राष्ट्रीय पत्रकार सुरक्षा परिषद के जिला प्रभारी दुर्गेश मिश्र ने कहा कि बाबा नीम करोली महाराज की शिक्षाएं मानवता, करुणा और निस्वार्थ सेवा का संदेश देती हैं, वहीं परिषद के मीडिया प्रभारी ओमप्रकाश तिवारी ने ऐसे आयोजनों को आध्यात्मिक चेतना और सामाजिक समरसता को बढ़ावा देने वाला बताया। कार्यक्रम में डॉ. त्र्यंबक पांडे, डॉ. अंजली पांडे, दुर्गेश मिश्र, ओमप्रकाश तिवारी सहित अनेक पत्रकार, समाजसेवी, गणमान्य नागरिक और श्रद्धालु उपस्थित थे। सभी ने बाबा मुंजेश्वर नाथ और बाबा नीम करोली महाराज का विधिवत दर्शन-पूजन और आरती कर क्षेत्र की सुख-समृद्धि और जनकल्याण की कामना की। अंत में, आयोजकों ने सभी श्रद्धालुओं एवं सहयोगकर्ताओं का आभार व्यक्त किया और भविष्य में भी ऐसे धार्मिक आयोजनों को निरंतर जारी रखने का संकल्प दोहराया।4
- गोरखपुर में मानव सम्पदा पोर्टल पर एक बड़ी गड़बड़ी सामने आई है, जिसके कारण 300 कर्मचारियों का डेटा गलत दर्ज हो गया है। इस गंभीर त्रुटि के चलते इन कर्मचारियों को पिछले 11 महीनों से पेंशन का भुगतान नहीं हो पाया है, जिससे वे परेशानियों का सामना कर रहे हैं।1
- राष्ट्रवादी पार्टी ने विनय कुमार गिरी को गोरखपुर जिले के लिए अपना मीडिया प्रभारी नियुक्त किया है। वह अब जिले में पार्टी के मीडिया संबंधी कार्यों का प्रभार संभालेंगे।1
- गोरखपुर जिले के कैंम्पियरगंज ब्लॉक के तहत मछलीगांव में भीषण आंधी-तूफान के साथ जोरदार बारिश शुरू हुई है। इस बारिश से लोगों को पड़ रही भीषण गर्मी से काफी राहत मिली है।1
- आज दिनांक 17 जून 2026 को ग्राम पंचायत भगवानपुर के गांव कानापार में 'महा तुलादान अभियान' के प्रथम चरण का भव्य आयोजन और शुभारंभ किया गया। यह महा तुलादान अभियान बड़े-बड़े विद्वानों और वेद मंत्रों के ज्ञाताओं द्वारा पूरी तरह से वैदिक रीति के अनुसार संपन्न करवाया गया है। इस शुभ अवसर पर मुख्य यजमान के रूप में स्वर्गीय श्री रामाकांत त्रिपाठी जी की पत्नी गुजाराती देवी जी ने अपनी भूमिका निभाई।1
- खलीलाबाद नगर पालिका क्षेत्र में तितौवा चौराहा से स्टेशन रोड होते हुए बिधियानी मोड़ तक की सड़क की जर्जर हालत को लेकर स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी है। सड़क की इस बदहाली के विरोध में छात्रों ने सड़क पर धान की रोपाई करके अपना प्रदर्शन दर्ज कराया। इस मामले में सदर विधायक अंकुर राज तिवारी के प्रयासों से अब सड़क निर्माण की प्रक्रिया आगे बढ़ चुकी है। उम्मीद है कि अगले एक से डेढ़ महीने के भीतर इस सड़क का निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा और लोगों को इस समस्या से समाधान मिलेगा।1
- संत कबीर नगर में जिलाधिकारी आलोक कुमार ने केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूरे होने के अवसर पर मेहदावल स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में आयोजित तीन दिवसीय आरोग्य मेले के समापन अवसर पर लगाए गए स्वास्थ्य शिविर का अवलोकन किया। यह आयोजन समेकित जन कल्याण एवं जन जागरूकता अभियान के तहत 14 जून से 16 जून 2026 तक चला, और इसी क्रम में जिलाधिकारी ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मेहदावल का निरीक्षण भी किया। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने अस्पताल में चिकित्सकों और दवाओं की उपलब्धता के साथ-साथ मरीजों को दी जा रही सेवाओं के बारे में जानकारी ली और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इस आरोग्य मेले को पंचायत विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग और शिक्षा विभाग के अंतर्समन्वय से सफल बनाया गया। स्वास्थ्य शिविर में लगभग 350 मरीजों के स्वास्थ्य का परीक्षण किया गया, जहाँ आवश्यकतानुसार रक्त जांच, एक्स-रे और अल्ट्रासाउंड जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं। जांच के दौरान मरीजों को आवश्यक दवाएं भी वितरित की गईं, और आरोग्य मेले में आयुष्मान कार्ड एवं एचपीवी वैक्सीन की सेवाएं भी प्रदान की गईं।4
- जनगणना 2026 को लेकर एक बड़ा विवाद खड़ा होने की आशंका जताई जा रही है, जो निषाद जाति को अनुसूचित जाति (SC) श्रेणी में दर्ज कराने के प्रयास से जुड़ा है। इस कोशिश के संदर्भ में उच्च न्यायालय के एक फैसले का भी हवाला दिया जा रहा है।1
- विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति, उत्तर प्रदेश ने पावर कॉरपोरेशन प्रबंधन पर संवादहीनता और उत्पीड़न भरी कार्रवाई जारी रखने का गंभीर आरोप लगाया है। समिति का कहना है कि प्रबंधन की इन गतिविधियों से ऊर्जा निगमों का औद्योगिक वातावरण लगातार बिगड़ रहा है, जिसका सीधा और नकारात्मक असर बिजली व्यवस्था पर पड़ना स्वाभाविक है। संघर्ष समिति ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि बिजली कर्मियों के विरुद्ध की जा रही दंडात्मक कार्रवाई को नहीं रोका गया, तो इसकी स्वाभाविक और तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिल सकती है। समिति के पदाधिकारी सुनील प्रजापति ने वर्तमान स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि उपभोक्ताओं को निर्बाध और गुणवत्तापूर्ण विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए स्वस्थ कार्य वातावरण और पर्याप्त मानव संसाधन अत्यंत अनिवार्य हैं। उन्होंने मांग की है कि पावर कॉरपोरेशन प्रबंधन अपनी हठधर्मिता छोड़कर संघर्ष समिति के साथ तत्काल सार्थक संवाद शुरू करे और बिजली कर्मियों के विरुद्ध की गई सभी उत्पीड़नात्मक कार्यवाहियां तुरंत वापस ले। प्रजापति ने यह भी आरोप लगाया कि बिजली कर्मियों के खिलाफ की जा रही अधिकांश दंडात्मक कार्रवाई निजीकरण की नीति से प्रेरित है, जिसके तहत 45 प्रतिशत से अधिक संविदा कर्मियों की सेवाएं समाप्त की गई हैं। उनका कहना है कि इससे बिजली व्यवस्था पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने वाले कर्मचारियों को भी दंडित किया जा रहा है। एक अन्य पदाधिकारी नारायण चंद्र चौरसिया ने मार्च 2023 में हुए आंदोलन का जिक्र करते हुए बताया कि उस दौरान बिजली कर्मियों पर की गई कार्रवाई आज तक वापस नहीं ली गई है। उन्होंने याद दिलाया कि उस आंदोलन के समय ऊर्जा मंत्री और संघर्ष समिति के बीच हुए एक समझौते में इन कार्रवाइयों को वापस लेने का आश्वासन दिया गया था। इसके बावजूद, संबंधित कर्मचारियों को कठोर दंड दिए जा रहे हैं, जिससे कार्य का वातावरण गंभीर रूप से प्रभावित हो रहा है। पदाधिकारी दिलीप सिंह ने जोर देकर कहा कि जिन मामलों में कार्रवाई हो रही है, उन सभी में बिजली कर्मियों ने आंदोलन के दौरान भी उपभोक्ता हित को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए अपने दायित्वों का ईमानदारी से निर्वहन किया था। संघर्ष समिति ने ऊर्जा मंत्री के निर्देशों और पूर्व समझौते की भावना का सम्मान करते हुए सभी लंबित उत्पीड़नात्मक कार्रवाइयों को तत्काल वापस लेने तथा स्वस्थ औद्योगिक वातावरण बहाल करने के लिए समिति के साथ तुरंत वार्ता शुरू करने की मांग की है। इसी क्रम में, मंगलवार को संतकबीरनगर में विद्युत कर्मियों ने अपना विरोध प्रदर्शन किया, जिसमें सुनील प्रजापति, नारायण चंद्र चौरसिया, चंद्रकेश मौर्य, प्रदुम्न कुमार, रितेश कुमार, राघवेंद्र सिंह, अमरनाथ यादव, अशोक कुमार, भास्कर पांडेय, ओंकार चौरसिया और विजय कुमार सहित बड़ी संख्या में विद्युत कर्मचारी शामिल हुए।1