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कोंडागांव के बड़े डोंगर-कोंनगुड़ मार्ग की हालत सालों से जर्जर है और अब चलने लायक नहीं बची है। अगर बरसात से पहले इस सड़क का निर्माण नहीं हुआ, तो यह क्षेत्र बाकी हिस्सों से पूरी तरह कट जाएगा।
ESHENDRA PATEL
कोंडागांव के बड़े डोंगर-कोंनगुड़ मार्ग की हालत सालों से जर्जर है और अब चलने लायक नहीं बची है। अगर बरसात से पहले इस सड़क का निर्माण नहीं हुआ, तो यह क्षेत्र बाकी हिस्सों से पूरी तरह कट जाएगा।
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- छत्तीसगढ़ के कोण्डागांव जिले में पिछले 48 घंटों से पेट्रोल और डीजल का गहरा संकट है। शहर से ग्रामीण इलाकों तक, अधिकांश पेट्रोल पंपों पर 'नो स्टॉक' के बोर्ड लगे हैं, जिससे आम जनता और किसान बेहद परेशान हैं।1
- छत्तीसगढ़ के कोंडागांव जिले के बड़ेडोंगर और बेलभाटा क्षेत्र में अचानक आए तेज आंधी-तूफान ने भारी तबाही मचाई। तेज हवाओं के कारण विशालकाय पेड़ सड़कों पर गिर गए, जिससे आवागमन बाधित हुआ और एक बाइक भी क्षतिग्रस्त हो गई। ग्रामीण खुद रास्ता साफ करने में जुटे हैं और प्रशासन से तत्काल मदद की मांग की है।1
- छत्तीसगढ़ के नारायणपुर में सुरक्षा बलों को एंटी-नक्सल ऑपरेशन में बड़ी सफलता मिली। सर्च अभियान के दौरान नक्सलियों का ₹1 करोड़ नकद, हथियार और अन्य सामग्री का बड़ा डंप बरामद किया गया है। इसे नक्सल नेटवर्क को कमजोर करने की दिशा में एक बड़ी कामयाबी माना जा रहा है।1
- छत्तीसगढ़ के नारायणपुर में सुरक्षाबलों ने "माड़ बचाओ अभियान" के तहत ₹1.01 करोड़ नकद, AK-47 और भारी मात्रा में हथियार व विस्फोटक बरामद किए हैं। यह कार्रवाई अबूझमाड़ के जंगलों में नक्सलियों के गुप्त डम्प से की गई, जिससे उनके लॉजिस्टिक और हथियार नेटवर्क को गंभीर नुकसान पहुँचा है। ग्रामीणों के सहयोग से हुई इस बरामदगी ने क्षेत्र में सुरक्षाबलों की पकड़ मजबूत की है।1
- बस्तर के बकावंड स्थित कोटला पाल गाँव में दो बाइक सवारों का भीषण एक्सीडेंट हो गया। दोनों इतनी गंभीर रूप से घायल हैं कि उनकी जान बचने की उम्मीद बेहद कम है।1
- Factful Debates YouTube चैनल पर जानिए विश्व में शांति और भाईचारा कैसे स्थापित होगा। 'कलयुग में सतयुग की शुरुआत' भाग-6 में इस गंभीर विषय पर विस्तृत चर्चा की गई है। अधिक जानकारी के लिए यह खास वीडियो ज़रूर देखें।1
- छत्तीसगढ़ सरकार ने बस्तर में खाद की कालाबाजारी रोकने के लिए बड़ा कदम उठाया है। अब किसानों को राशन कार्ड की तर्ज पर फार्मर आईडी दर्ज कराने के बाद ही खाद मिलेगी। इससे सीमावर्ती क्षेत्रों में अवैध बिक्री पर रोक लगेगी और किसानों को खेती के समय खाद की कमी नहीं झेलनी पड़ेगी।3
- कोंडागांव के बड़े डोंगर-कोंनगुड़ मार्ग की हालत सालों से जर्जर है और अब चलने लायक नहीं बची है। अगर बरसात से पहले इस सड़क का निर्माण नहीं हुआ, तो यह क्षेत्र बाकी हिस्सों से पूरी तरह कट जाएगा।1