दौसा उपखंड क्षेत्र के ग्राम ऊकरूंद में आयोजित दो दिवसीय विशाल हरिकीर्तन दंगल का शुक्रवार को अत्यंत श्रद्धा, उल्लास और भव्यता के साथ समापन हो गया। इस धार्मिक महाआयोजन ने धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक परंपरा और सामाजिक एकता का अनुपम उदाहरण प्रस्तुत किया, जिसमें दौसा, करौली, धौलपुर सहित आसपास के अनेक गांवों से हजारों श्रद्धालुओं ने पहुंचकर धर्म, भक्ति और संस्कृति के इस अनूठे संगम का साक्षी बनने का सौभाग्य प्राप्त किया। पूरे क्षेत्र में हजारों श्रद्धालुओं की आस्था से गूंज उठी और गांव का वातावरण दो दिनों तक पूरी तरह आध्यात्मिक रंग में रंगा रहा। सुबह से लेकर देर रात तक भजन-कीर्तन, धार्मिक कथाएं, भगवान के जयकारे और श्रद्धालुओं की भक्ति से पूरा क्षेत्र भक्तिमय बना रहा, जहाँ महिलाओं, युवाओं, बुजुर्गों और बच्चों ने पूरे उत्साह के साथ धार्मिक आयोजन में भाग लिया। दंगल में शामिल चार प्रसिद्ध हरिकीर्तन पार्टियों ने अपनी विशिष्ट शैली में धार्मिक कथाओं का संगीतमय वर्णन किया। मीना सीमला हरिकीर्तन पार्टी ने लक्ष्मण के तीसरे ब्याह की कथा से मर्यादा और त्याग का संदेश दिया, जबकि नाहरखोहरा हरिकीर्तन पार्टी ने रावण-मंदोदरी विवाह की कथा से नीति और विवेक का महत्व समझाया। गुढा बरौली (धौलपुर) हरिकीर्तन पार्टी ने भगवान भोलेनाथ की महिमा का गुणगान करते हुए शिवभक्ति से जुड़े प्रसंग सुनाए, जिससे पूरा पंडाल “हर-हर महादेव” और “बम-बम भोले” के जयकारों से गूंज उठा। वहीं, खानपुर (सपोटरा) हरिकीर्तन पार्टी ने भगवान श्रीराम एवं माता सीता के दिव्य विवाह की संगीतमय कथा और मनमोहक झांकियां प्रस्तुत कीं, जिससे “जय श्रीराम” और “सीताराम” के जयघोष से वातावरण गुंजायमान हो गया। आयोजन समिति ने श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए व्यापक प्रबंध किए, जिसमें शुद्ध पेयजल, ठंडी शिकंजी, फल-फ्रूट, चाय एवं जलपान की लगातार व्यवस्था की गई। दूर-दराज से आए श्रद्धालुओं ने आयोजन समिति की सेवा भावना की मुक्तकंठ से सराहना की। समापन समारोह में आयोजक रामफूल मीना (पूर्व सरपंच) एवं आयोजन समिति ने सभी हरिकीर्तन पार्टियों, अतिथियों, भजन गायकों और सहयोगकर्ताओं का साफा पहनाकर एवं स्मृति चिन्ह देकर सम्मान किया। आयोजक रामफूल मीना ने इस दंगल को केवल धार्मिक नहीं बल्कि समाज को एक सूत्र में बांधने वाला सांस्कृतिक महोत्सव बताया, जो नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति, धार्मिक परंपराओं और नैतिक मूल्यों की प्रेरणा देता है। उन्होंने आयोजन को सफल बनाने वाले समस्त ग्रामवासियों, भजन मंडलियों, दानदाताओं, युवाओं, महिलाओं और श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त किया। इस विशाल धार्मिक आयोजन को सफल बनाने में जगमोहन मीना (जयन), खुशीराम मीना (ठेकेदार), काडूराम मीना (ठेकेदार) सहित समस्त ग्रामवासियों, आयोजन समिति, युवाओं, महिला मंडल, स्वयंसेवकों एवं सहयोगकर्ताओं ने तन-मन-धन से योगदान दिया। ऊकरूंद के दो दिवसीय हरिकीर्तन दंगल का समापन भगवान के जयघोष, आध्यात्मिक उल्लास और जनआस्था की अविस्मरणीय छाप के साथ संपन्न हुआ, और श्रद्धालुओं के मन में अगले वर्ष होने वाले आयोजन को लेकर उत्साह और प्रतीक्षा साफ दिखाई दे रही है।
दौसा उपखंड क्षेत्र के ग्राम ऊकरूंद में आयोजित दो दिवसीय विशाल हरिकीर्तन दंगल का शुक्रवार को अत्यंत श्रद्धा, उल्लास और भव्यता के साथ समापन हो गया। इस धार्मिक महाआयोजन ने धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक परंपरा और सामाजिक एकता का अनुपम उदाहरण प्रस्तुत किया, जिसमें दौसा, करौली, धौलपुर सहित आसपास के अनेक गांवों से हजारों श्रद्धालुओं ने पहुंचकर धर्म, भक्ति और संस्कृति के इस अनूठे संगम का साक्षी बनने का सौभाग्य प्राप्त किया। पूरे क्षेत्र में हजारों श्रद्धालुओं की आस्था से गूंज उठी और गांव का वातावरण दो दिनों तक पूरी तरह आध्यात्मिक रंग में रंगा रहा। सुबह से लेकर देर रात तक भजन-कीर्तन, धार्मिक कथाएं, भगवान के जयकारे और श्रद्धालुओं की भक्ति से पूरा
क्षेत्र भक्तिमय बना रहा, जहाँ महिलाओं, युवाओं, बुजुर्गों और बच्चों ने पूरे उत्साह के साथ धार्मिक आयोजन में भाग लिया। दंगल में शामिल चार प्रसिद्ध हरिकीर्तन पार्टियों ने अपनी विशिष्ट शैली में धार्मिक कथाओं का संगीतमय वर्णन किया। मीना सीमला हरिकीर्तन पार्टी ने लक्ष्मण के तीसरे ब्याह की कथा से मर्यादा और त्याग का संदेश दिया, जबकि नाहरखोहरा हरिकीर्तन पार्टी ने रावण-मंदोदरी विवाह की कथा से नीति और विवेक का महत्व समझाया। गुढा बरौली (धौलपुर) हरिकीर्तन पार्टी ने भगवान भोलेनाथ की महिमा का गुणगान करते हुए शिवभक्ति से जुड़े प्रसंग सुनाए, जिससे पूरा पंडाल “हर-हर महादेव” और “बम-बम भोले” के जयकारों से गूंज उठा। वहीं, खानपुर (सपोटरा) हरिकीर्तन पार्टी ने भगवान श्रीराम
एवं माता सीता के दिव्य विवाह की संगीतमय कथा और मनमोहक झांकियां प्रस्तुत कीं, जिससे “जय श्रीराम” और “सीताराम” के जयघोष से वातावरण गुंजायमान हो गया। आयोजन समिति ने श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए व्यापक प्रबंध किए, जिसमें शुद्ध पेयजल, ठंडी शिकंजी, फल-फ्रूट, चाय एवं जलपान की लगातार व्यवस्था की गई। दूर-दराज से आए श्रद्धालुओं ने आयोजन समिति की सेवा भावना की मुक्तकंठ से सराहना की। समापन समारोह में आयोजक रामफूल मीना (पूर्व सरपंच) एवं आयोजन समिति ने सभी हरिकीर्तन पार्टियों, अतिथियों, भजन गायकों और सहयोगकर्ताओं का साफा पहनाकर एवं स्मृति चिन्ह देकर सम्मान किया। आयोजक रामफूल मीना ने इस दंगल को केवल धार्मिक नहीं बल्कि समाज को एक सूत्र में बांधने वाला
सांस्कृतिक महोत्सव बताया, जो नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति, धार्मिक परंपराओं और नैतिक मूल्यों की प्रेरणा देता है। उन्होंने आयोजन को सफल बनाने वाले समस्त ग्रामवासियों, भजन मंडलियों, दानदाताओं, युवाओं, महिलाओं और श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त किया। इस विशाल धार्मिक आयोजन को सफल बनाने में जगमोहन मीना (जयन), खुशीराम मीना (ठेकेदार), काडूराम मीना (ठेकेदार) सहित समस्त ग्रामवासियों, आयोजन समिति, युवाओं, महिला मंडल, स्वयंसेवकों एवं सहयोगकर्ताओं ने तन-मन-धन से योगदान दिया। ऊकरूंद के दो दिवसीय हरिकीर्तन दंगल का समापन भगवान के जयघोष, आध्यात्मिक उल्लास और जनआस्था की अविस्मरणीय छाप के साथ संपन्न हुआ, और श्रद्धालुओं के मन में अगले वर्ष होने वाले आयोजन को लेकर उत्साह और प्रतीक्षा साफ दिखाई दे रही है।
- दौसा उपखंड क्षेत्र के ग्राम ऊकरूंद में आयोजित दो दिवसीय विशाल हरिकीर्तन दंगल का शुक्रवार को अत्यंत श्रद्धा, उल्लास और भव्यता के साथ समापन हो गया। इस धार्मिक महाआयोजन ने धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक परंपरा और सामाजिक एकता का अनुपम उदाहरण प्रस्तुत किया, जिसमें दौसा, करौली, धौलपुर सहित आसपास के अनेक गांवों से हजारों श्रद्धालुओं ने पहुंचकर धर्म, भक्ति और संस्कृति के इस अनूठे संगम का साक्षी बनने का सौभाग्य प्राप्त किया। पूरे क्षेत्र में हजारों श्रद्धालुओं की आस्था से गूंज उठी और गांव का वातावरण दो दिनों तक पूरी तरह आध्यात्मिक रंग में रंगा रहा। सुबह से लेकर देर रात तक भजन-कीर्तन, धार्मिक कथाएं, भगवान के जयकारे और श्रद्धालुओं की भक्ति से पूरा क्षेत्र भक्तिमय बना रहा, जहाँ महिलाओं, युवाओं, बुजुर्गों और बच्चों ने पूरे उत्साह के साथ धार्मिक आयोजन में भाग लिया। दंगल में शामिल चार प्रसिद्ध हरिकीर्तन पार्टियों ने अपनी विशिष्ट शैली में धार्मिक कथाओं का संगीतमय वर्णन किया। मीना सीमला हरिकीर्तन पार्टी ने लक्ष्मण के तीसरे ब्याह की कथा से मर्यादा और त्याग का संदेश दिया, जबकि नाहरखोहरा हरिकीर्तन पार्टी ने रावण-मंदोदरी विवाह की कथा से नीति और विवेक का महत्व समझाया। गुढा बरौली (धौलपुर) हरिकीर्तन पार्टी ने भगवान भोलेनाथ की महिमा का गुणगान करते हुए शिवभक्ति से जुड़े प्रसंग सुनाए, जिससे पूरा पंडाल “हर-हर महादेव” और “बम-बम भोले” के जयकारों से गूंज उठा। वहीं, खानपुर (सपोटरा) हरिकीर्तन पार्टी ने भगवान श्रीराम एवं माता सीता के दिव्य विवाह की संगीतमय कथा और मनमोहक झांकियां प्रस्तुत कीं, जिससे “जय श्रीराम” और “सीताराम” के जयघोष से वातावरण गुंजायमान हो गया। आयोजन समिति ने श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए व्यापक प्रबंध किए, जिसमें शुद्ध पेयजल, ठंडी शिकंजी, फल-फ्रूट, चाय एवं जलपान की लगातार व्यवस्था की गई। दूर-दराज से आए श्रद्धालुओं ने आयोजन समिति की सेवा भावना की मुक्तकंठ से सराहना की। समापन समारोह में आयोजक रामफूल मीना (पूर्व सरपंच) एवं आयोजन समिति ने सभी हरिकीर्तन पार्टियों, अतिथियों, भजन गायकों और सहयोगकर्ताओं का साफा पहनाकर एवं स्मृति चिन्ह देकर सम्मान किया। आयोजक रामफूल मीना ने इस दंगल को केवल धार्मिक नहीं बल्कि समाज को एक सूत्र में बांधने वाला सांस्कृतिक महोत्सव बताया, जो नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति, धार्मिक परंपराओं और नैतिक मूल्यों की प्रेरणा देता है। उन्होंने आयोजन को सफल बनाने वाले समस्त ग्रामवासियों, भजन मंडलियों, दानदाताओं, युवाओं, महिलाओं और श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त किया। इस विशाल धार्मिक आयोजन को सफल बनाने में जगमोहन मीना (जयन), खुशीराम मीना (ठेकेदार), काडूराम मीना (ठेकेदार) सहित समस्त ग्रामवासियों, आयोजन समिति, युवाओं, महिला मंडल, स्वयंसेवकों एवं सहयोगकर्ताओं ने तन-मन-धन से योगदान दिया। ऊकरूंद के दो दिवसीय हरिकीर्तन दंगल का समापन भगवान के जयघोष, आध्यात्मिक उल्लास और जनआस्था की अविस्मरणीय छाप के साथ संपन्न हुआ, और श्रद्धालुओं के मन में अगले वर्ष होने वाले आयोजन को लेकर उत्साह और प्रतीक्षा साफ दिखाई दे रही है।4
- अलवर ज़िले के रेणी क्षेत्र स्थित गढ़ी सवाई राम सरकारी अस्पताल के पास सड़क निर्माण और गंदे पानी की निकासी के लिए उचित व्यवस्था न होने से घरों के आगे पानी भरा रहता है। इस गंभीर समस्या के समाधान के लिए ग्रामीणों द्वारा सरपंच, उप-सरपंच, विधायक (MLA) और उप-खंड अधिकारी (SDM) सहित 181 हेल्पलाइन पर कई बार शिकायतें दर्ज कराई गईं। हालांकि, इन बार-बार की शिकायतों के बावजूद अभी तक न तो सड़क का निर्माण कार्य शुरू हो पाया है और न ही नाले की व्यवस्था की गई है, जिससे स्थानीय लोग लगातार परेशानी का सामना कर रहे हैं।2
- केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने घोषणा की है कि जून 2026 तक राजस्थान के सीकर जिले के सुंदरपुरा (पलसाना ब्लॉक) में 'खाटू श्याम सुंदरपुरा' नाम से एक नया रेलवे स्टेशन विकसित किया जाएगा।1
- राजस्थान के अलवर जिले में मोहर्रम का जुलूस बेहद शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। इस आयोजन ने हिंदू-मुस्लिम भाईचारे की एक उत्कृष्ट मिसाल कायम की, जो सौहार्दपूर्ण माहौल को दर्शाता है। प्रशासन की मुस्तैदी और सक्रिय व्यवस्था के कारण ही यह पूरा कार्यक्रम बिना किसी व्यवधान के सकुशल संपन्न हो सका।1
- अलवर में गायत्री परिवार ट्रस्ट करौली कुण्ड के तत्वावधान में शुक्रवार को स्कीम नंबर-8 स्थित श्याम बाबा मंदिर परिसर में एक भव्य दीपदान कार्यक्रम आयोजित किया गया। श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक वातावरण से सजे इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिला-पुरुष श्रद्धालुओं ने भाग लिया और विश्व शांति, राष्ट्र की उन्नति तथा परिवारों की सुख-समृद्धि के लिए दीप प्रज्ज्वलित किए। दीपदान के दौरान मंदिर परिसर दीपों की रोशनी से जगमगा उठा, जहाँ श्रद्धालुओं ने सामूहिक रूप से गायत्री मंत्र का जप किया। उन्होंने भारतीय संस्कृति एवं आध्यात्मिक मूल्यों को जन-जन तक पहुँचाने का संकल्प भी लिया। कार्यक्रम में उपस्थित वक्ताओं ने बताया कि दीपदान केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि यह अंधकार से प्रकाश की ओर बढ़ने, सकारात्मक सोच अपनाने और समाज में सद्भावना का संदेश देने का माध्यम है। दीपदान कार्यक्रम के सफल आयोजन के बाद श्रद्धालुओं में आगामी 5 कुण्डीय गायत्री महायज्ञ को लेकर विशेष उत्साह देखने को मिल रहा है, और उन्होंने समाज में शांति, सद्भावना, नैतिक जागरण तथा मानव कल्याण के लिए निरंतर कार्य करने का संकल्प लिया। गायत्री परिवार के कार्यकर्ताओं ने जानकारी दी कि 26 जून 2026 से प्रारंभ हुए इस आध्यात्मिक आयोजन के अंतर्गत, शनिवार 27 जून 2026 को प्रातः 8 बजे से श्याम बाबा मंदिर परिसर में 5 कुण्डीय गायत्री महायज्ञ आयोजित किया जाएगा। इस यज्ञ में विद्वान आचार्यों के सान्निध्य में वैदिक मंत्रोच्चार के साथ आहुतियां दी जाएँगी, जिसका उद्देश्य मानव जीवन में नैतिकता, संस्कार, आत्मिक उन्नति तथा सामाजिक समरसता को बढ़ावा देना है। आयोजकों के अनुसार, इस महायज्ञ में पर्यावरण संरक्षण, नशा मुक्ति, परिवार निर्माण, युवा जागरण और राष्ट्र निर्माण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी विशेष संदेश दिए जाएँगे। यज्ञ के माध्यम से लोगों को वैदिक संस्कृति से जोड़ने और उनके जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने के लिए प्रेरित किया जाएगा। गायत्री परिवार ट्रस्ट के पदाधिकारियों ने क्षेत्र के नागरिकों, महिलाओं, युवाओं और बच्चों से इस कार्यक्रम में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने का आह्वान किया है, क्योंकि उनका मानना है कि सामूहिक यज्ञ और आध्यात्मिक आयोजनों से समाज में एकता, सद्भाव और नैतिक मूल्यों को मजबूती मिलती है।4
- भरत तिवारी जी के साथ हुए वाकये को 'निंदनीय' बताते हुए, यह आरोप लगाया गया है कि उनके साथ 'गलत' किया गया है। जानकारी के अनुसार, बिहार पुलिस ने कथित तौर पर उनका एनकाउंटर किया और उन्हें गलत तरीके से फंसाया। कहा गया है कि भरत तिवारी सभी जातियों, वर्गों और भाइयों के लिए संघर्ष कर रहे थे। इस घटना के लिए जिम्मेदार लोगों को फांसी की सजा देने की मांग की गई है, और इसमें शामिल पुलिस अधिकारियों को निलंबित करने की बात कही गई है। इस बीच, अलवर में भरत तिवारी के सम्मान में एक श्रद्धांजलि सभा का भी आयोजन किया गया है।4
- आज अलवर जिले के राजगढ़ रेलवे स्टेशन पर आदिवासी मीना महिला विकास संघ और राजगढ़ जल सेवा टीम (RJST) के सदस्यों ने निर्जला एकादशी के पावन अवसर पर राहगीरों और स्टेशन पर रुकने वाली ट्रेनों के यात्रियों को ठंडा शरबत और जल पिलाकर उनकी प्यास बुझाई। यह सेवा कार्य आदिवासी मीना महिला विकास संघ की अलवर जिलाध्यक्ष श्रीमती सीमा सेहरा और अलवर जिला महासचिव मिथलेश मीना के नेतृत्व में आयोजित किया गया। इस पहल में आदिवासी मीना महिला विकास संघ की प्रदेशाध्यक्ष मंजू जेफ और प्रदेश कार्यकारिणी की अन्य पदाधिकारियों ने भी भाग लिया। राजगढ़ जल सेवा टीम (RJST) के सदस्यों, जिनमें श्रीमती सुमित्रा भगोट, श्रीमती निधि मीना, श्रीमती अर्चना, हीरा लाल, रामसिंह टहटड़ा, विश्राम सैन, दिनेश गुरुजी और ओमप्रकाश सैनी शामिल थे, ने पूरे दिन बिना रुके इस जल सेवा को जारी रखा। इन सभी सदस्यों ने एकजुट होकर यात्रियों को शरबत और जल पिलाते हुए निर्जला एकादशी का पर्व मनाया।4
- अलवर जिले की टहला थाना पुलिस ने एक नाबालिग बालिका के अपहरण और दुष्कर्म के मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए, मुख्य आरोपी को महज 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया। इस आरोपी पर ₹25 हजार का इनाम घोषित था। पुलिस ने मुख्य आरोपी को शरण देने वाले उसके एक सहयोगी को भी दबोच लिया है। गिरफ्तारी के दौरान भागने की कोशिश में मुख्य आरोपी गिर गया, जिससे उसके दोनों पैरों में चोटें आईं। पुलिस अधीक्षक सुधीर चौधरी के अनुसार, 24 जून को टहला थाने में नाबालिग बालिका के पिता की रिपोर्ट पर अज्ञात आरोपी के खिलाफ अपहरण और दुष्कर्म का मामला दर्ज किया गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (मुख्यालय) डॉ. दीपक कुमार और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) डॉ. प्रियंका के निर्देशन में राजगढ़ वृताधिकारी कुलदीप देशराज तथा ग्रामीण वृताधिकारी इंदु लोदी के नेतृत्व में डीएसटी, MATSYA तकनीकी टीम और विशेष पुलिस टीमों का गठन किया गया। जांच के दौरान पुलिस ने 220 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली, तकनीकी विश्लेषण किया और मुखबिर तंत्र की सहायता से मुख्य आरोपी की पहचान राहुल कुमार मीना निवासी करनावर, थाना बसवा, जिला दौसा के रूप में की। इसके बाद पुलिस ने दबिश देकर उसे गिरफ्तार कर लिया। आरोपी को शरण देने के आरोप में रिंकू मीना निवासी करनावर, थाना बसवा, जिला दौसा को भी गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में मुख्य आरोपी ने वारदात में प्रयुक्त मोटरसाइकिल के चोरी की होने की बात स्वीकार की है। पुलिस चोरी की बाइक और मामले के अन्य पहलुओं की जांच कर रही है। पुलिस के अनुसार, मुख्य आरोपी राहुल मीना के खिलाफ पहले से पोक्सो, चोरी और एनडीपीएस एक्ट सहित चार आपराधिक मामले दर्ज हैं, जबकि रिंकू मीना के खिलाफ चोरी के चार मामले दर्ज हैं। दोनों आरोपियों के अन्य आपराधिक रिकॉर्ड भी संबंधित थानों से जुटाए जा रहे हैं। इस कार्रवाई में डीएसटी के कांस्टेबल मुरारीलाल मीणा की भूमिका विशेष रूप से उल्लेखनीय रही, और पुलिस अधीक्षक ने पूरी टीम की तत्परता और समन्वित कार्रवाई की सराहना की है।2