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अलवर ज़िले के रेणी क्षेत्र स्थित गढ़ी सवाई राम सरकारी अस्पताल के पास सड़क निर्माण और गंदे पानी की निकासी के लिए उचित व्यवस्था न होने से घरों के आगे पानी भरा रहता है। इस गंभीर समस्या के समाधान के लिए ग्रामीणों द्वारा सरपंच, उप-सरपंच, विधायक (MLA) और उप-खंड अधिकारी (SDM) सहित 181 हेल्पलाइन पर कई बार शिकायतें दर्ज कराई गईं। हालांकि, इन बार-बार की शिकायतों के बावजूद अभी तक न तो सड़क का निर्माण कार्य शुरू हो पाया है और न ही नाले की व्यवस्था की गई है, जिससे स्थानीय लोग लगातार परेशानी का सामना कर रहे हैं।
Shivam Agarwal
अलवर ज़िले के रेणी क्षेत्र स्थित गढ़ी सवाई राम सरकारी अस्पताल के पास सड़क निर्माण और गंदे पानी की निकासी के लिए उचित व्यवस्था न होने से घरों के आगे पानी भरा रहता है। इस गंभीर समस्या के समाधान के लिए ग्रामीणों द्वारा सरपंच, उप-सरपंच, विधायक (MLA) और उप-खंड अधिकारी (SDM) सहित 181 हेल्पलाइन पर कई बार शिकायतें दर्ज कराई गईं। हालांकि, इन बार-बार की शिकायतों के बावजूद अभी तक न तो सड़क का निर्माण कार्य शुरू हो पाया है और न ही नाले की व्यवस्था की गई है, जिससे स्थानीय लोग लगातार परेशानी का सामना कर रहे हैं।
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- राजस्थान के अलवर जिले में मोहर्रम का जुलूस पूरी तरह से शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। इस आयोजन के दौरान हिंदू और मुस्लिम समुदायों के बीच भाईचारे की एक बेहतरीन मिसाल देखने को मिली, जिसने सांप्रदायिक सौहार्द का संदेश दिया। प्रशासन की मुस्तैदी और सक्रिय प्रयासों के कारण यह पूरा कार्यक्रम सकुशल और बिना किसी बाधा के सफलतापूर्वक संपन्न हो सका।1
- भरत तिवारी जी के साथ हुए वाकये को 'निंदनीय' बताते हुए, यह आरोप लगाया गया है कि उनके साथ 'गलत' किया गया है। जानकारी के अनुसार, बिहार पुलिस ने कथित तौर पर उनका एनकाउंटर किया और उन्हें गलत तरीके से फंसाया। कहा गया है कि भरत तिवारी सभी जातियों, वर्गों और भाइयों के लिए संघर्ष कर रहे थे। इस घटना के लिए जिम्मेदार लोगों को फांसी की सजा देने की मांग की गई है, और इसमें शामिल पुलिस अधिकारियों को निलंबित करने की बात कही गई है। इस बीच, अलवर में भरत तिवारी के सम्मान में एक श्रद्धांजलि सभा का भी आयोजन किया गया है।4
- कस्बे के लाखोड़ा की ढाणी स्थित 132 केवी जीएसएस ग्रिड पर आवश्यक रखरखाव कार्य के चलते शुक्रवार को सुबह 6 बजे से 9 बजे तक विद्युत आपूर्ति पूरी तरह बाधित रहेगी। इस दौरान नारायणपुर उपखंड के अंतर्गत आने वाले अनेक गांवों और ढाणियों में करीब तीन घंटे तक बिजली बंद रहेगी। विद्युत विभाग ने उपभोक्ताओं से इस असुविधा के लिए सहयोग की अपील करते हुए आवश्यक कार्य पहले से ही निपटाने का आग्रह किया है। कनिष्ठ अभियंता विनोद कुमार ने बताया कि 132 केवी जीएसएस नारायणपुर के 132 केवी मैन बस पर आवश्यक मेंटेनेंस और तकनीकी रखरखाव कार्य किया जाएगा। सुरक्षा कारणों से इस कार्य के दौरान जीएसएस से निकलने वाले सभी 33 केवी फीडरों की विद्युत आपूर्ति अस्थायी रूप से बंद रखी जाएगी। इससे नारायणपुर, अजबपुरा, चांदपुरी, कराणा, चतरपुरा सहित अन्य संबंधित फीडरों से जुड़े गांवों और ढाणियों में सुबह 6 बजे से 9 बजे तक बिजली आपूर्ति प्रभावित होगी। विभाग के अनुसार, यह रखरखाव कार्य विद्युत तंत्र की विश्वसनीयता बढ़ाने, तकनीकी खामियों को दूर करने और भविष्य में निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के उद्देश्य से किया जा रहा है। ऐसे कार्य समय-समय पर आवश्यक होते हैं, जो विद्युत उपकरणों की कार्यक्षमता बनाए रखते हैं और आकस्मिक खराबी की संभावना को कम करते हैं। इस अवधि में घरेलू उपभोक्ताओं के साथ-साथ कृषि, व्यापारिक प्रतिष्ठानों, पेयजल आपूर्ति और छोटे उद्योगों पर भी अस्थायी प्रभाव पड़ सकता है। विद्युत विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि वे इस अवधि में बिजली से जुड़े आवश्यक कार्य पहले ही पूरे कर लें और किसी भी प्रकार की असुविधा से बचने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था रखें। विभाग ने भरोसा दिलाया है कि रखरखाव कार्य निर्धारित समय में पूरा करने का प्रयास किया जाएगा। कार्य पूर्ण होते ही संबंधित सभी 33 केवी फीडरों की विद्युत आपूर्ति चरणबद्ध तरीके से पुनः शुरू कर दी जाएगी, जिससे क्षेत्र के उपभोक्ताओं को जल्द से जल्द सामान्य बिजली सेवा मिल सके।1
- एक निजी कंपनी के 'मास्टरस्ट्रोक' ऐप में सेंध लगाकर ₹1,72,86,297 की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। इस संबंध में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए लालसोट निवासी राहुल और रिंकू सैनी नामक दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस मामले में पहले भी दो आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। आरोपियों ने कंपनी को यह बड़ा चूना लगाया है। कंपनी अपने उत्पाद खरीदने पर ग्राहकों को टोकन रिवॉर्ड देती है, लेकिन इन आरोपियों ने कोई भी उत्पाद नहीं खरीदा। उन्होंने फर्जी क्यूआर कोड जनरेट किए और उनके माध्यम से कंपनी के साथ यह बड़ी धोखाधड़ी की। पुलिस अधीक्षक पीयूष दीक्षित के निर्देश पर साइबर थाने ने यह कार्रवाई की है।1
- अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी और राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देशों के अनुसार, राहुल गांधी के राष्ट्रव्यापी अभियान “छात्रों की गूंज” के तहत कोटा में आयोजित ऐतिहासिक छात्र संवाद कार्यक्रम का दौसा जिले में स्क्रीन पर जन-प्रस्तुतीकरण किया गया। इस दौरान, दौसा सांसद मुरारी लाल मीणा ने युवाओं के पक्ष में एक महत्वपूर्ण बयान भी दिया।1
- बयाना क्षेत्र में प्रस्तावित बंध बरेठा वन्यजीव अभयारण्य के विरोध में रविवार को घूघिस वाली चामुंडा माता मंदिर परिसर में सर्वसमाज की एक महापंचायत आयोजित की गई। इस महापंचायत में क्षेत्र के विभिन्न गांवों से बड़ी संख्या में ग्रामीण, किसान और जनप्रतिनिधि शामिल हुए, जिन्होंने प्रस्तावित अभयारण्य के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया। बैठक के दौरान वक्ताओं ने वन्यजीव अभयारण्य के प्रस्ताव का कड़ा विरोध करते हुए स्पष्ट किया कि यह कदम क्षेत्र के किसानों, ग्रामीणों और उनकी आजीविका पर नकारात्मक प्रभाव डालेगा। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि ग्रामीणों की समस्याओं पर ध्यान देते हुए इस प्रस्ताव पर तत्काल पुनर्विचार किया जाए। आंदोलन को संगठित रूप से आगे बढ़ाने के उद्देश्य से एक संघर्ष समिति (कमेटी) के गठन की घोषणा भी की गई, जिसे आगामी रणनीति तय करने, ग्रामीणों को एकजुट करने और प्रशासन तथा सरकार के समक्ष क्षेत्रवासियों की मांगें रखने की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है। महापंचायत में उपस्थित सभी लोगों ने अपने अधिकारों के लिए एकजुट होकर लोकतांत्रिक तरीके से लड़ाई जारी रखने का संकल्प लिया। साथ ही, उन्होंने यह चेतावनी भी दी कि यदि उनकी मांगों पर गौर नहीं किया गया तो आवश्यकता पड़ने पर आंदोलन को और अधिक तेज किया जाएगा।1
- पूर्व मुख्यमंत्री जीतनराम मांझी ने भरत तिवारी के एनकाउंटर को लेकर अपनी बात रखी है।1
- राजस्थान के लक्ष्मणगढ़ कस्बे से गुजरने वाले स्टेट हाईवे-44 पर सार्वजनिक निर्माण विभाग (PWD) द्वारा किए जा रहे नाला निर्माण कार्य में गंभीर लापरवाही सामने आई है। जहाँ नालों का निर्माण पूरा हो चुका है, वहाँ अब तक ढक्कन नहीं लगाए गए हैं, जिससे खुले नाले राहगीरों, वाहन चालकों और स्थानीय लोगों के लिए बड़े हादसों का कारण बन सकते हैं। इसके साथ ही, नाला निर्माण के कारण सड़क के दोनों ओर की जगह चौड़ी हो गई है, लेकिन बिजली के खंभे अपने पुराने स्थान पर ही खड़े हैं। कई खंभे अब सड़क के बीचों-बीच आ गए हैं, जिससे यातायात बाधित हो रहा है और दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया है। स्थानीय नागरिकों ने कुछ खंभों के झुके होने का भी जिक्र किया है, जो किसी भी समय बड़े हादसे को न्योता दे सकते हैं। स्थानीय नागरिकों ने सार्वजनिक निर्माण विभाग (PWD), नगर पालिका और विद्युत विभाग से तत्काल समन्वय स्थापित कर बिजली के खंभों को सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित करने की मांग की है। साथ ही, उन्होंने सभी खुले नालों पर प्राथमिकता के आधार पर मजबूत ढक्कन लगाने और झुके व जर्जर खंभों को बदलने या सीधा करने की अपील की है। लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि इन गंभीर समस्याओं का समय रहते समाधान नहीं किया गया, तो भविष्य में कोई भी राहगीर या वाहन चालक दुर्घटना का शिकार हो सकता है, जिसके लिए संबंधित विभाग जिम्मेदार होंगे।1