बयाना क्षेत्र में प्रस्तावित बंध बरेठा वन्यजीव अभयारण्य के विरोध में रविवार को घूघिस वाली चामुंडा माता मंदिर परिसर में सर्वसमाज की एक महापंचायत आयोजित की गई। इस महापंचायत में क्षेत्र के विभिन्न गांवों से बड़ी संख्या में ग्रामीण, किसान और जनप्रतिनिधि शामिल हुए, जिन्होंने प्रस्तावित अभयारण्य के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया। बैठक के दौरान वक्ताओं ने वन्यजीव अभयारण्य के प्रस्ताव का कड़ा विरोध करते हुए स्पष्ट किया कि यह कदम क्षेत्र के किसानों, ग्रामीणों और उनकी आजीविका पर नकारात्मक प्रभाव डालेगा। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि ग्रामीणों की समस्याओं पर ध्यान देते हुए इस प्रस्ताव पर तत्काल पुनर्विचार किया जाए। आंदोलन को संगठित रूप से आगे बढ़ाने के उद्देश्य से एक संघर्ष समिति (कमेटी) के गठन की घोषणा भी की गई, जिसे आगामी रणनीति तय करने, ग्रामीणों को एकजुट करने और प्रशासन तथा सरकार के समक्ष क्षेत्रवासियों की मांगें रखने की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है। महापंचायत में उपस्थित सभी लोगों ने अपने अधिकारों के लिए एकजुट होकर लोकतांत्रिक तरीके से लड़ाई जारी रखने का संकल्प लिया। साथ ही, उन्होंने यह चेतावनी भी दी कि यदि उनकी मांगों पर गौर नहीं किया गया तो आवश्यकता पड़ने पर आंदोलन को और अधिक तेज किया जाएगा।
बयाना क्षेत्र में प्रस्तावित बंध बरेठा वन्यजीव अभयारण्य के विरोध में रविवार को घूघिस वाली चामुंडा माता मंदिर परिसर में सर्वसमाज की एक महापंचायत आयोजित की गई। इस महापंचायत में क्षेत्र के विभिन्न गांवों से बड़ी संख्या में ग्रामीण, किसान और जनप्रतिनिधि शामिल हुए, जिन्होंने प्रस्तावित अभयारण्य के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया। बैठक के दौरान वक्ताओं ने वन्यजीव अभयारण्य के प्रस्ताव का कड़ा विरोध करते हुए स्पष्ट किया कि यह कदम क्षेत्र के किसानों, ग्रामीणों और उनकी आजीविका पर नकारात्मक प्रभाव डालेगा। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि ग्रामीणों की समस्याओं पर ध्यान देते हुए इस प्रस्ताव पर तत्काल पुनर्विचार किया जाए। आंदोलन को संगठित रूप से आगे बढ़ाने के उद्देश्य से एक संघर्ष समिति (कमेटी) के गठन की घोषणा भी की गई, जिसे आगामी रणनीति तय करने, ग्रामीणों को एकजुट करने और प्रशासन तथा सरकार के समक्ष क्षेत्रवासियों की मांगें रखने की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है। महापंचायत में उपस्थित सभी लोगों ने अपने अधिकारों के लिए एकजुट होकर लोकतांत्रिक तरीके से लड़ाई जारी रखने का संकल्प लिया। साथ ही, उन्होंने यह चेतावनी भी दी कि यदि उनकी मांगों पर गौर नहीं किया गया तो आवश्यकता पड़ने पर आंदोलन को और अधिक तेज किया जाएगा।
- धौलपुर शहर की अग्रसेन विहार कॉलोनी में स्थानीय महिलाओं ने जलभराव की समस्या को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन के बाद शनिवार को नगरपालिका हरकत में आई और उसकी टीम ने कॉलोनी में जल निकासी तथा समस्या के समाधान के लिए कार्य शुरू कर दिया है।1
- राजस्थान के रूपवास कस्बे में जाटव समाज ने आरएलपी नेता और नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल के खिलाफ कड़ा विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान समाज के लोगों ने हनुमान बेनीवाल का पुतला फूंका और जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि हनुमान बेनीवाल ने जाटव समाज की महिला सांसद संजना जाटव के लिए अमर्यादित और अभद्र भाषा का प्रयोग किया है, जिससे पूरे समाज में भारी आक्रोश व्याप्त है। प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे सामाजिक कार्यकर्ता मनोज गौतम ने अपने बयान में कहा कि ऐसे घमंडी और अमर्यादित भाषा बोलने वाले हनुमान बेनीवाल, चाहे वे किसी भी समाज से आते हों, किसी भी समाज के लिए सबसे ज्यादा खतरनाक होते हैं। गौतम ने आगे आरोप लगाया कि ऐसे लोग अपने अहंकार में किसी भी माँ-बहन के प्रति अपनी हीन भावना प्रदर्शित करते हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उनका विरोध किसी विशेष समाज से नहीं है, और भले ही बेनीवाल जाट समाज से आते हैं, लेकिन उन्होंने 'महाराज साहब' और 'सचिन पायलट जी' के खिलाफ भी गलत टिप्पणियां की हैं, जो यह दर्शाता है कि वे अपने समाज के भी नहीं हैं।1
- बसेड़ी/धौलपुर क्षेत्र के वरिष्ठ समाजसेवी, प्रतिष्ठित जमींदार और सामाजिक, धार्मिक तथा राजनीतिक क्षेत्र की जानी-मानी हस्ती वृंदावन सिंह 'सिहौली वालों' का शुक्रवार प्रातः करीब 4 बजे 97 वर्ष की आयु में निधन हो गया। स्वर्गीय ठाकुर हेम सिंह के पुत्र वृंदावन सिंह के निधन से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। वृंदावन सिंह को उनके सादगीपूर्ण जीवन, कर्मठता, मेहनत और जनसेवा के लिए दूर-दूर तक जाना जाता था। उन्होंने जीवनभर सामाजिक, धार्मिक और राजनीतिक गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभाई और गरीब तथा जरूरतमंद लोगों की हर संभव सहायता की। क्षेत्र के लोगों का कहना है कि उनके रहते कोई भी जरूरतमंद भूखा या असहाय नहीं रहता था। उनके राजनीतिक जीवन में भी महत्वपूर्ण योगदान रहा। वर्ष 1979 में उन्होंने अपने छोटे भाई को ग्राम पंचायत अतरसूमा का सरपंच बनवाकर उल्लेखनीय जीत दिलाई। वहीं, पूर्व मुख्यमंत्री भैरों सिंह शेखावत की पहली सरकार के दौरान अपने मित्र दाताराम केन को रूपवास से जनता पार्टी का टिकट दिलाने में भी उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही। उनके निधन पर जगनेर मंडी समिति अध्यक्ष दामोदर प्रसाद अग्रवाल ने गहरा शोक व्यक्त करते हुए इसे व्यापार जगत की अपूरणीय क्षति बताया, जिसके शोक स्वरूप जगनेर व्यापारियों ने मंडी समिति बंद रखी। ग्वाल बाबा कमेटी के अध्यक्ष रामकुमार मुखिया ने कहा कि ग्वाल बाबा को धार्मिक नगरी बनाने में वृंदावन सिंह का महत्वपूर्ण सहयोग रहा। व्यापार संघ अध्यक्ष नरेश अग्रवाल और ग्राम पंचायत अतरसूमा के सरपंच राकेश ने श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि वृंदावन सिंह का संपूर्ण जीवन सेवा, सादगी और समाजहित के लिए समर्पित रहा। उनका निधन क्षेत्र के लिए एक अपूरणीय क्षति है, और ईश्वर से दिवंगत आत्मा को शांति तथा शोक संतप्त परिवार को यह दुख सहने की शक्ति प्रदान करने की कामना की गई है।1
- धौलपुर, राजस्थान के बसेड़ी गांव स्थित नंकटे का पूरा में रास्ते की हालत बेहद खराब है, जिससे वहां के युवाओं को आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इस दयनीय स्थिति पर टिप्पणी करने और ऐसे रास्तों के अपने अनुभव साझा करने की अपील की गई है।1
- धौलपुर जिले के सरमथुरा कस्बे में शुक्रवार को ताजियों का जुलूस पूरी शांति के साथ निकाला गया। यह जुलूस कस्बे के विभिन्न मार्गों से होते हुए गुजरा। शाम को करबला में मातमी धुनों के साथ ताजियों को सुपुर्द-ए-खाक किया गया। इस दौरान सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए सरमथुरा के वृत्ताधिकारी सहित थाना प्रभारी हरेंद्र सिंह और बड़ी संख्या में पुलिस के जवान मौके पर मौजूद रहे।1
- धौलपुर जिले के बाड़ी स्थित जिला अस्पताल में कांग्रेसी नेताओं ने अस्पताल की बदहाल व्यवस्थाओं को लेकर जमकर हंगामा किया और अपनी नाराजगी व्यक्त की। नेताओं ने बताया कि निरीक्षण के दौरान पूरे अस्पताल में इमरजेंसी सेवा में केवल एक ही चिकित्सक तैनात मिला, वहीं अन्य चिकित्सकों के कमरे बंद पाए गए और उन पर ताले लटके थे। इसके अतिरिक्त, बंद पड़े पर्चा काउंटरों पर भी कांग्रेसी नेताओं ने गहरी आपत्ति जताई। युवा रामवीर पोसवाल ने इस स्थिति को लेकर प्रशासन को स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि यदि इन व्यवस्थाओं पर तत्काल ध्यान नहीं दिया गया, तो इसके खिलाफ बड़ा आंदोलन किया जाएगा।4
- सरमथुरा में सफाईकर्मियों ने अपना विरोध प्रदर्शन दर्ज कराया।1
- बयाना क्षेत्र में प्रस्तावित बंध बरेठा वन्यजीव अभयारण्य के विरोध में रविवार को घूघिस वाली चामुंडा माता मंदिर परिसर में सर्वसमाज की एक महापंचायत आयोजित की गई। इस महापंचायत में क्षेत्र के विभिन्न गांवों से बड़ी संख्या में ग्रामीण, किसान और जनप्रतिनिधि शामिल हुए, जिन्होंने प्रस्तावित अभयारण्य के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया। बैठक के दौरान वक्ताओं ने वन्यजीव अभयारण्य के प्रस्ताव का कड़ा विरोध करते हुए स्पष्ट किया कि यह कदम क्षेत्र के किसानों, ग्रामीणों और उनकी आजीविका पर नकारात्मक प्रभाव डालेगा। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि ग्रामीणों की समस्याओं पर ध्यान देते हुए इस प्रस्ताव पर तत्काल पुनर्विचार किया जाए। आंदोलन को संगठित रूप से आगे बढ़ाने के उद्देश्य से एक संघर्ष समिति (कमेटी) के गठन की घोषणा भी की गई, जिसे आगामी रणनीति तय करने, ग्रामीणों को एकजुट करने और प्रशासन तथा सरकार के समक्ष क्षेत्रवासियों की मांगें रखने की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है। महापंचायत में उपस्थित सभी लोगों ने अपने अधिकारों के लिए एकजुट होकर लोकतांत्रिक तरीके से लड़ाई जारी रखने का संकल्प लिया। साथ ही, उन्होंने यह चेतावनी भी दी कि यदि उनकी मांगों पर गौर नहीं किया गया तो आवश्यकता पड़ने पर आंदोलन को और अधिक तेज किया जाएगा।1