स्वतंत्रता दिवस से पहले नूंह के तीन गांवों और एक शिक्षण संस्थान में रातभर चला सघन तलाशी अभियान करीब पांच जिलों की पुलिस और एस टी एफ हरियाणा की संयुक्त कार्रवाई इस तलाशी अभियान पर चुप्पी साधे हुए हैं पुलिस अधिकारी एवं शिक्षण संस्थान प्रबंधन संवाददाता लियाकत अली नूँह मेवात स्वतंत्रता दिवस से पहले शुक्रवार - शनिवार की रात नूंह जिले के थाना रोजकामेव नूँह एवं गुरुग्राम जिले के सोहना क्षेत्र के तीन गांवों और एक शिक्षण संस्थान में चार जिलों की पुलिस ने सघन तलाशी अभियान चलाया। इस अभियान से पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया। ग्रामीणों से लेकर शिक्षण संस्थान प्रबंधन भी अभी तक समझ नहीं पा रहा आख़िरकार इतनी बड़ी संख्या में पुलिस अभी तक भी इस इलाके में क्यों डेरा डाला हुआ है। पुलिस सूत्रों और ग्रामीणों के अनुसार यह कार्रवाई सिलानी, करनकी और भीरावटी गांव के साथ - साथ वर्ल्ड इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी नामक प्रसिद्ध शिक्षण संस्थान में की गई। बताया जा रहा है कि एक विदेशी आपराधिक गैंग के मुखिया के संपर्क में कुछ युवकों के होने के शक के आधार पर यह तलाशी ली गई। अभियान में गुरुग्राम एसटीएफ, फरीदाबाद पुलिस, पलवल पुलिस और नूंह पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी शामिल रहे। रात करीब 3 बजे तक चले इस अभियान के दौरान गांवों में चप्पे - चप्पे पर पुलिस बल तैनात किया गया। भारी हथियारों से लैस एसटीएफ और सीआईए की टीमों ने घर - घर जाकर तलाशी ली। आने - जाने वाले वाहनों की भी नाकाबंदी कर जांच की गई। शिक्षण संस्थान परिसर की भी गहनता से तलाशी ली गई और वहां अभी भी पुलिस बल तैनात है।
स्वतंत्रता दिवस से पहले नूंह के तीन गांवों और एक शिक्षण संस्थान में रातभर चला सघन तलाशी अभियान करीब पांच जिलों की पुलिस और एस टी एफ हरियाणा की संयुक्त कार्रवाई इस तलाशी अभियान पर चुप्पी साधे हुए हैं पुलिस अधिकारी एवं शिक्षण संस्थान प्रबंधन संवाददाता लियाकत अली नूँह मेवात स्वतंत्रता दिवस से पहले शुक्रवार - शनिवार की रात नूंह जिले के थाना रोजकामेव नूँह एवं गुरुग्राम जिले के सोहना क्षेत्र के तीन गांवों और एक शिक्षण संस्थान में चार जिलों की पुलिस ने सघन तलाशी अभियान चलाया। इस अभियान से पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया। ग्रामीणों से लेकर शिक्षण संस्थान प्रबंधन भी अभी तक समझ नहीं पा रहा आख़िरकार इतनी बड़ी संख्या में पुलिस अभी तक भी इस इलाके में क्यों डेरा डाला हुआ है। पुलिस सूत्रों और ग्रामीणों के अनुसार यह कार्रवाई सिलानी, करनकी और भीरावटी गांव के साथ - साथ वर्ल्ड इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी नामक प्रसिद्ध शिक्षण संस्थान में की गई। बताया जा रहा है कि एक विदेशी आपराधिक गैंग के मुखिया के संपर्क में कुछ युवकों के होने के शक के आधार पर यह तलाशी ली गई। अभियान में गुरुग्राम एसटीएफ, फरीदाबाद पुलिस, पलवल पुलिस और नूंह पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी शामिल रहे। रात करीब 3 बजे तक चले इस अभियान के दौरान गांवों में चप्पे - चप्पे पर पुलिस बल तैनात किया गया। भारी हथियारों से लैस एसटीएफ और सीआईए की टीमों ने घर - घर जाकर तलाशी ली। आने - जाने वाले वाहनों की भी नाकाबंदी कर जांच की गई। शिक्षण संस्थान परिसर की भी गहनता से तलाशी ली गई और वहां अभी भी पुलिस बल तैनात है।
- स्वतंत्रता दिवस से पहले नूंह के तीन गांवों और एक शिक्षण संस्थान में रातभर चला सघन तलाशी अभियान करीब पांच जिलों की पुलिस और एस टी एफ हरियाणा की संयुक्त कार्रवाई इस तलाशी अभियान पर चुप्पी साधे हुए हैं पुलिस अधिकारी एवं शिक्षण संस्थान प्रबंधन संवाददाता लियाकत अली नूँह मेवात स्वतंत्रता दिवस से पहले शुक्रवार - शनिवार की रात नूंह जिले के थाना रोजकामेव नूँह एवं गुरुग्राम जिले के सोहना क्षेत्र के तीन गांवों और एक शिक्षण संस्थान में चार जिलों की पुलिस ने सघन तलाशी अभियान चलाया। इस अभियान से पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया। ग्रामीणों से लेकर शिक्षण संस्थान प्रबंधन भी अभी तक समझ नहीं पा रहा आख़िरकार इतनी बड़ी संख्या में पुलिस अभी तक भी इस इलाके में क्यों डेरा डाला हुआ है। पुलिस सूत्रों और ग्रामीणों के अनुसार यह कार्रवाई सिलानी, करनकी और भीरावटी गांव के साथ - साथ वर्ल्ड इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी नामक प्रसिद्ध शिक्षण संस्थान में की गई। बताया जा रहा है कि एक विदेशी आपराधिक गैंग के मुखिया के संपर्क में कुछ युवकों के होने के शक के आधार पर यह तलाशी ली गई। अभियान में गुरुग्राम एसटीएफ, फरीदाबाद पुलिस, पलवल पुलिस और नूंह पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी शामिल रहे। रात करीब 3 बजे तक चले इस अभियान के दौरान गांवों में चप्पे - चप्पे पर पुलिस बल तैनात किया गया। भारी हथियारों से लैस एसटीएफ और सीआईए की टीमों ने घर - घर जाकर तलाशी ली। आने - जाने वाले वाहनों की भी नाकाबंदी कर जांच की गई। शिक्षण संस्थान परिसर की भी गहनता से तलाशी ली गई और वहां अभी भी पुलिस बल तैनात है।1
- Gurgaon gurugram jharsa Sector 39 Vijali Vibhag and Road Vibhag se Hamara nivedan Hai is latthe aur Gali per Dhyan de 🙏1
- बहीन निवासी भगवत रावत ने मुस्लिम परिवार को बचाकर पेश की भाईचारे की मिसाल हथीन/माथुर : बहीन निवासी भगवत रावत ने एक मुस्लिम परिवार को आक्रोशित जनता से बचाकर हिन्दू-मुस्लिम भाईचारे की मिसाल पेश की। प्राप्त जानकारी के अनुसार हरियाली तीज के मौके पर उपतहसील बहीन में ग्रामीणों द्वारा तीज का त्यौहार मनाया जा रहा था जिसमें भारी संख्या में गांव की लड़कियां व बच्चे व महिलाएं शामिल थी,जब यह कार्यक्रम समाप्त हुआ तो शाम के करीब 6 बजे कुछ महिलाएं अपने छोटे बच्चों के साथ सड़क पार कर रही थी तभी खटेला सराय निवासी हारून खान अपनी मोटरसाइकिल पर अपनी पत्नी व दो बच्चों सहित वहां से नूंह की तरह जा रहा था तभी हारून की मोटरसाइकिल की चपेट में एक छोटा बच्चा आ गया, और बुरी तरह जख्मी हो गया,जिसे देखकर भीड़ इक्कट्ठा हो गई और हारून अपनी मारपीट के डर से वहां से भाग निकला लेकिन उसके पीछे गांव के ही कुछ युवा मोटरसाइकिल से उसका पीछे करने लगे इस दौरान गांव के ही भगवत रावत व शेर सिंह मोड़ा ने उन्हें गौशाला बहीन के पास रोक लिया व वहां से हारून को सुरक्षित निकालकर थाना बहीन पहुंचा दिया जहां घायल बच्चे के दादा प्रहलाद फौजी को बुला लिया गया और उनसे पूछकर हारून को सुरक्षित गांव से बाहर छोड़ दिया गया। इसके बाद हारून व उसके परिवार ने भगवत रावत का धन्यवाद किया और वहां से चले गए।1
- Govardhan1
- रोटरी ब्लड सेंटर गुरुग्राम में देशभक्ति के जोश के साथ मनाया गया भारत का 80वां स्वतंत्रता दिवस 15 अगस्त 2026 को रोटरी ब्लड सेंटर गुरुग्राम में भारत का 80वां स्वतंत्रता दिवस बड़े जोश और देशभक्ति की भावना के साथ मनाया गया। कार्यक्रम की शुरुआत राष्ट्रीय ध्वज फहराने और राष्ट्रगान के साथ हुई, जिससे माहौल देशभक्ति और गर्व की भावना से भर गया। शहनाई वादन ने इस मौके को पारंपरिक और शुभ बना दिया। उन बहादुर स्वतंत्रता सेनानियों और शहीदों को श्रद्धांजलि दी गई, जिनके साहस, बलिदान और अटूट संकल्प ने भारत की आज़ादी की नींव रखी। लोगों ने उनके अमूल्य योगदान को याद किया और एक मज़बूत, दयालु और प्रगतिशील राष्ट्र बनाने की हर नागरिक की ज़िम्मेदारी पर विचार किया। रोटेरियन मुकेश शर्मा का संबोधन रोटरी ब्लड सेंटर गुरुग्राम के प्रेसिडेंट, रोटेरियन मुकेश शर्मा ने लोगों को संबोधित किया और उन सभी स्वतंत्रता सेनानियों को दिल से श्रद्धांजलि दी जिन्होंने ब्रिटिश शासन से अपनी मातृभूमि को आज़ाद कराने के लिए अपना पूरा जीवन बलिदान कर दिया। स्टाफ सदस्यों का हौसला बढ़ाते हुए, रोटेरियन मुकेश शर्मा ने कहा कि स्वतंत्रता दिवस मनाने का सबसे अच्छा तरीका है कि समाज के हर वर्ग की निस्वार्थ भाव से सेवा करते हुए रोटरी के नेक काम के लिए दिन-रात मेहनत की जाए। उन्होंने सभी से मानवीय सेवा के लिए खुद को समर्पित करने और यह सुनिश्चित करने का आग्रह किया कि रोटरी के चैरिटेबल प्रोजेक्ट्स का लाभ उन लोगों तक पहुँचे जिन्हें इसकी सबसे ज़्यादा ज़रूरत है। उन्होंने बताया कि रोटरी क्लब ऑफ़ गुड़गांव साउथ सिटी कम्युनिटी सर्विसेज़ सोसाइटी ने ज़रूरतमंदों और समाज के सबसे गरीब वर्गों की सेवा के मुख्य उद्देश्य के साथ अपने कई हेल्थकेयर और मानवीय प्रोजेक्ट्स शुरू किए हैं। इसी संकल्प को ध्यान में रखते हुए, उन्होंने बताया कि रोटरी प्रोजेक्ट्स में सभी सेवाएँ BPL कार्ड धारकों को पूरी तरह से मुफ़्त दी जाती हैं। रोटेरियन मुकेश शर्मा ने खास तौर पर रोटरी थैलेसीमिया सेंटर गुरुग्राम के काम का ज़िक्र किया और कहा कि यह सेंटर यहाँ रजिस्टर्ड सभी थैलेसीमिया मरीज़ों को पूरी तरह से मुफ़्त इलाज देना जारी रखेगा। उन्होंने लोगों को बताया कि यह सेंटर अभी 167 रजिस्टर्ड थैलेसीमिया मरीज़ों को इलाज और सहायता प्रदान कर रहा है। उन्होंने गुरुग्राम के रोटरी डायलिसिस सेंटर के योगदान पर भी ज़ोर दिया, जो गुरुग्राम में किसी भी स्टैंडअलोन डायलिसिस सेंटर के मुकाबले सबसे कम कीमत पर डायलिसिस का इलाज दे रहा है, जिससे आर्थिक रूप से कमज़ोर मरीज़ों के लिए जीवन बचाने वाला यह इलाज ज़्यादा सुलभ हो गया है। डॉ. मुकेश शर्मा ने बताया कि 14/08/2026 को होंडा इंडिया फ़ाउंडेशन की ओर से 6 काउच वाली एक नई इको-फ़्रेंडली ब्लड डोनेशन बस दान में दी गई थी। उन्होंने यह भी घोषणा की कि जल्द ही होंडा सामाजिक विकास केंद्र, नौरंगपुर, सेक्टर 80, गुरुग्राम में एक नया रोटरी डायलिसिस सेंटर शुरू किया जाएगा, जहाँ हीमोडायलिसिस पूरी तरह से मुफ़्त में किया जाएगा। सीनियर रोटेरियन कंवल सिंह यादव ने घोषणा की कि जल्द ही कैंसर के इलाज पर खास ध्यान देते हुए 'रोटरी इंस्टीट्यूट ऑफ़ मेडिकल साइंसेज' की स्थापना की जाएगी। स्टाफ़ सदस्यों और रोटेरियन्स द्वारा पेश किए गए मनोरंजक और प्रेरणादायक सांस्कृतिक कार्यक्रम ने समारोह में और जान डाल दी। उनकी उत्साहपूर्ण भागीदारी ने एकता, भाईचारे और देशभक्ति की उस भावना को दर्शाया जो रोटरी आंदोलन की पहचान है। रोटेरियन्स की भागीदारी इस समारोह में बड़ी संख्या में रोटेरियन्स शामिल हुए, जिनमें डॉ. मुकेश शर्मा (अध्यक्ष) और उनकी पत्नी श्रीमती ममता शर्मा, सीनियर रोटेरियन कंवल सिंह यादव और उनकी पत्नी श्रीमती बिमल यादव, डॉ. मुनीश खुल्लर (महासचिव), पवन सपरा (संयुक्त सचिव), ऋषि मुनि भारद्वाज, संजय मल्होत्रा, तुलसी दास सलूजा, एडवोकेट जे.एस. मरहट्टा, गजेंद्र गुप्ता, सतीश सिंगला, दीन दयाल सैनी, उप्पल, धर्मेंद्र वर्मा और विकास फलसवाल शामिल थे। उनकी मौजूदगी ने स्वतंत्रता दिवस समारोह के उत्साह और महत्व को बढ़ाया और रोटरी के मानवीय मिशन के प्रति उनकी निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाया। सम्मान और भाईचारा उनके समर्पण और प्रतिबद्धता के विशेष सम्मान के रूप में, रोटरी ब्लड सेंटर गुरुग्राम के बेहतरीन कर्मचारियों को उनके शानदार प्रदर्शन और सेंटर की मानवीय सेवाओं में बहुमूल्य योगदान के लिए पुरस्कार दिए गए। समारोह का समापन मिठाइयाँ बाँटने और उसके बाद ब्रंच (देर सुबह का भोजन) के साथ बहुत ही गर्मजोशी और खुशी के माहौल में हुआ, जिससे रोटेरियन्स और स्टाफ़ सदस्य भाईचारे और एकजुटता के माहौल में एक साथ आए। इस महत्वपूर्ण अवसर पर, वहाँ मौजूद सभी लोगों ने सेवा, त्याग और मानवता के आदर्शों को बनाए रखते हुए, पूरी लगन, करुणा और प्रतिबद्धता के साथ मानवता की सेवा जारी रखने का सामूहिक संकल्प लिया। यह जश्न सिर्फ़ भारत की आज़ादी का उत्सव नहीं था, बल्कि रोटरी के "स्वयं से ऊपर सेवा" (Service Above Self) के संकल्प और लोगों, खासकर समाज के ज़रूरतमंद और वंचित वर्गों के जीवन में सार्थक बदलाव लाने की प्रतिबद्धता को फिर से दोहराने का भी एक मौका था।3
- उत्तर प्रदेश के औरैया में एक महिला का सुबह से ही गोलगप्पे खाने का मन था। पति से बोलीं – मुझे गोलगप्पे खाने हैं। पति ने नहीं सुना। फिर मैडम खुद बाजार पहुंच गईं उत्तर प्रदेश के औरैया में एक महिला का सुबह से ही गोलगप्पे खाने का मन था। पति से बोलीं – मुझे गोलगप्पे खाने हैं। पति ने नहीं सुना। फिर मैडम खुद बाजार पहुंच गईं। गोलगप्पे वाले से बोलीं – भैया, बड़े-बड़े गोलगप्पे खिलाना। छोटे देखकर खुद बड़े-बड़े छांट लिए और बोलीं – अब ये वाला खिलाओ। करीब 10 बड़े गोलगप्पे आराम से खा लिए। आखिरी वाले बड़े गोलगप्पे ने पूरा खेल पलट दिया। जैसे ही मुंह में गया, जबड़ा खुला का खुला रह गया। मुंह बंद ही नहीं हो रहा था। आसपास के लोग हैरान हो गए। पति को फोन किया। वे आए और अस्पताल ले गए। डॉक्टरों ने भी काफी कोशिश की, लेकिन जबड़ा सेट नहीं हुआ। आखिरकार बड़े अस्पताल के लिए रेफर कर दिया गया।1
- खेल राज्य मंत्री गौरव गौतम ने 13 अगस्त की भव्य तिरंगा यात्रा के लिए स्कूल संचालकों का किया धन्यवाद2
- शहादत को एक साल, फिर भी नहीं मिला सम्मान: कुर्थला के शहीद अग्निवीर समय सिंह के परिजन स्कूल के नामकरण का इंतजार कर रहे संवाददाता लियाकत अली नूँह मेवात नूंह जिले के गांव कुर्थला के शहीद अग्निवीर समय सिंह को देश की सेवा करते हुए बीते साल 5 अगस्त को शहादत मिली थी, लेकिन उनके परिवार की मांग आज भी पूरी नहीं हो सकी है। 19 वर्षीय समय सिंह राजपूताना राइफल्स में अग्निवीर थे। उत्तराखंड के हर्षिल में बादल फटने के बाद राहत एवं बचाव कार्य के दौरान वह शहीद हो गए थे। उनका शव 65 दिन बाद गत 11 अक्टूबर 2025 को मिला था और राजकीय सम्मान के साथ पैतृक गांव कुर्थला में अंतिम संस्कार किया गया था। शहीद की शहादत के बाद परिवार और ग्रामीणों ने राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कुर्थला का नामकरण अग्निवीर समय सिंह के नाम पर करने की मांग की थी। साथ ही शहीद की बहनों की आर्थिक मदद की भी गुहार लगाई गई थी। जिला प्रशासन और सरकार की ओर से उस समय आश्वासन दिया गया था। मुख्यमंत्री से भी मुलाकात कर दस्तावेज सौंपे गए। लेकिन एक साल बीत जाने के बाद भी न तो स्कूल का नामकरण हुआ और न ही आर्थिक मदद मिली। इस कारण शहीद के परिजनों और ग्रामीणों में रोष है। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर शहीद को याद करते हुए उनके पैतृक गांव में तिरंगा यात्रा भी निकाली गई। इस मौके पर शहीद के पिता ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि वे किसी बड़ी आर्थिक मांग के लिए नहीं लड़ रहे। उनकी एकमात्र मांग है कि उनके बेटे के नाम पर गांव के बड़े स्कूल का नामकरण हो, ताकि उसे सम्मान मिले। पिता खुद भी 17 - 18 साल तक सेना में रहकर देश की सेवा कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि उनके इकलौते बेटे ने 19 साल की उम्र में देश के लिए सर्वोच्च बलिदान दे दिया। ट्रेनिंग दिल्ली में हुई थी और पहली पोस्टिंग उत्तराखंड में मिली थी, जहां यह हादसा हुआ।1