शहादत को एक साल, फिर भी नहीं मिला सम्मान: कुर्थला के शहीद अग्निवीर समय सिंह के परिजन स्कूल के नामकरण का इंतजार कर रहे संवाददाता लियाकत अली नूँह मेवात नूंह जिले के गांव कुर्थला के शहीद अग्निवीर समय सिंह को देश की सेवा करते हुए बीते साल 5 अगस्त को शहादत मिली थी, लेकिन उनके परिवार की मांग आज भी पूरी नहीं हो सकी है। 19 वर्षीय समय सिंह राजपूताना राइफल्स में अग्निवीर थे। उत्तराखंड के हर्षिल में बादल फटने के बाद राहत एवं बचाव कार्य के दौरान वह शहीद हो गए थे। उनका शव 65 दिन बाद गत 11 अक्टूबर 2025 को मिला था और राजकीय सम्मान के साथ पैतृक गांव कुर्थला में अंतिम संस्कार किया गया था। शहीद की शहादत के बाद परिवार और ग्रामीणों ने राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कुर्थला का नामकरण अग्निवीर समय सिंह के नाम पर करने की मांग की थी। साथ ही शहीद की बहनों की आर्थिक मदद की भी गुहार लगाई गई थी। जिला प्रशासन और सरकार की ओर से उस समय आश्वासन दिया गया था। मुख्यमंत्री से भी मुलाकात कर दस्तावेज सौंपे गए। लेकिन एक साल बीत जाने के बाद भी न तो स्कूल का नामकरण हुआ और न ही आर्थिक मदद मिली। इस कारण शहीद के परिजनों और ग्रामीणों में रोष है। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर शहीद को याद करते हुए उनके पैतृक गांव में तिरंगा यात्रा भी निकाली गई। इस मौके पर शहीद के पिता ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि वे किसी बड़ी आर्थिक मांग के लिए नहीं लड़ रहे। उनकी एकमात्र मांग है कि उनके बेटे के नाम पर गांव के बड़े स्कूल का नामकरण हो, ताकि उसे सम्मान मिले। पिता खुद भी 17 - 18 साल तक सेना में रहकर देश की सेवा कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि उनके इकलौते बेटे ने 19 साल की उम्र में देश के लिए सर्वोच्च बलिदान दे दिया। ट्रेनिंग दिल्ली में हुई थी और पहली पोस्टिंग उत्तराखंड में मिली थी, जहां यह हादसा हुआ।
शहादत को एक साल, फिर भी नहीं मिला सम्मान: कुर्थला के शहीद अग्निवीर समय सिंह के परिजन स्कूल के नामकरण का इंतजार कर रहे संवाददाता लियाकत अली नूँह मेवात नूंह जिले के गांव कुर्थला के शहीद अग्निवीर समय सिंह को देश की सेवा करते हुए बीते साल 5 अगस्त को शहादत मिली थी, लेकिन उनके परिवार की मांग आज भी पूरी नहीं हो सकी है। 19 वर्षीय समय सिंह राजपूताना राइफल्स में अग्निवीर थे। उत्तराखंड के हर्षिल में बादल फटने के बाद राहत एवं बचाव कार्य के दौरान वह शहीद हो गए थे। उनका शव 65 दिन बाद गत 11 अक्टूबर 2025 को मिला था और राजकीय सम्मान के साथ पैतृक गांव कुर्थला में अंतिम संस्कार किया गया था। शहीद की शहादत के बाद परिवार और ग्रामीणों ने राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कुर्थला का नामकरण अग्निवीर समय सिंह के नाम पर करने की मांग की थी। साथ ही शहीद की बहनों की आर्थिक मदद की भी गुहार लगाई गई थी। जिला प्रशासन और सरकार की ओर से उस समय आश्वासन दिया गया था। मुख्यमंत्री से भी मुलाकात कर दस्तावेज सौंपे गए। लेकिन एक साल बीत जाने के बाद भी न तो स्कूल का नामकरण हुआ और न ही आर्थिक मदद मिली। इस कारण शहीद के परिजनों और ग्रामीणों में रोष है। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर शहीद को याद करते हुए उनके पैतृक गांव में तिरंगा यात्रा भी निकाली गई। इस मौके पर शहीद के पिता ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि वे किसी बड़ी आर्थिक मांग के लिए नहीं लड़ रहे। उनकी एकमात्र मांग है कि उनके बेटे के नाम पर गांव के बड़े स्कूल का नामकरण हो, ताकि उसे सम्मान मिले। पिता खुद भी 17 - 18 साल तक सेना में रहकर देश की सेवा कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि उनके इकलौते बेटे ने 19 साल की उम्र में देश के लिए सर्वोच्च बलिदान दे दिया। ट्रेनिंग दिल्ली में हुई थी और पहली पोस्टिंग उत्तराखंड में मिली थी, जहां यह हादसा हुआ।
- शहादत को एक साल, फिर भी नहीं मिला सम्मान: कुर्थला के शहीद अग्निवीर समय सिंह के परिजन स्कूल के नामकरण का इंतजार कर रहे संवाददाता लियाकत अली नूँह मेवात नूंह जिले के गांव कुर्थला के शहीद अग्निवीर समय सिंह को देश की सेवा करते हुए बीते साल 5 अगस्त को शहादत मिली थी, लेकिन उनके परिवार की मांग आज भी पूरी नहीं हो सकी है। 19 वर्षीय समय सिंह राजपूताना राइफल्स में अग्निवीर थे। उत्तराखंड के हर्षिल में बादल फटने के बाद राहत एवं बचाव कार्य के दौरान वह शहीद हो गए थे। उनका शव 65 दिन बाद गत 11 अक्टूबर 2025 को मिला था और राजकीय सम्मान के साथ पैतृक गांव कुर्थला में अंतिम संस्कार किया गया था। शहीद की शहादत के बाद परिवार और ग्रामीणों ने राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कुर्थला का नामकरण अग्निवीर समय सिंह के नाम पर करने की मांग की थी। साथ ही शहीद की बहनों की आर्थिक मदद की भी गुहार लगाई गई थी। जिला प्रशासन और सरकार की ओर से उस समय आश्वासन दिया गया था। मुख्यमंत्री से भी मुलाकात कर दस्तावेज सौंपे गए। लेकिन एक साल बीत जाने के बाद भी न तो स्कूल का नामकरण हुआ और न ही आर्थिक मदद मिली। इस कारण शहीद के परिजनों और ग्रामीणों में रोष है। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर शहीद को याद करते हुए उनके पैतृक गांव में तिरंगा यात्रा भी निकाली गई। इस मौके पर शहीद के पिता ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि वे किसी बड़ी आर्थिक मांग के लिए नहीं लड़ रहे। उनकी एकमात्र मांग है कि उनके बेटे के नाम पर गांव के बड़े स्कूल का नामकरण हो, ताकि उसे सम्मान मिले। पिता खुद भी 17 - 18 साल तक सेना में रहकर देश की सेवा कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि उनके इकलौते बेटे ने 19 साल की उम्र में देश के लिए सर्वोच्च बलिदान दे दिया। ट्रेनिंग दिल्ली में हुई थी और पहली पोस्टिंग उत्तराखंड में मिली थी, जहां यह हादसा हुआ।1
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- 15 अगस्त को कांग्रेस मुख्यालय में स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम के दौरान ‘वंदे मातरम्’ के पूरे संस्करण के गायन को लेकर राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया। कार्यक्रम में ‘वंदे मातरम्’ पूरा गाया जा रहा था। इसी दौरान एक वीडियो सामने आया, जिसे भाजपा ने आधार बनाकर आरोप लगाया कि सोनिया गांधी और राहुल गांधी ने गायन रोकने या इसे लेकर आपत्ति जताने का इशारा किया। भाजपा नेताओं ने इसे राष्ट्रगीत के प्रति कांग्रेस के रवैये से जोड़ते हुए निशाना साधा। 1 मिनट 33 सेकेंड के बाद जो कुछ हुआ, उसी पर विवाद खड़ा हो गया है1
- हरियाणा सरकार की तानाशाही, हठ धर्मिता वादा खिलाफी व सरकार द्वारा मानी गई मांगों के आदेश जारी करने में रही टाल मटोल के विरोध में आज 11वे दिन हड़ताल जारी : बसन्त कुमार 16 अगस्त को नगर निगम के कर्मचारी पुराने निगम कार्यालय में हड़ताल पर रहे शहर में लगे गंदगी के ढेर। सफाई कर्मियों, सीवर कर्मचारियों एवं फायरमैन/ड्राइवरों को पक्का करने, सफाई-सीवर का ठेका समाप्त करने तथा नियमित भर्ती सहित अन्य मांगों पर सरकार कर रही वादा खिलाफी। नगरपालिका कर्मचारी संग हरियाणा के आह्वान पर आज नगर निगम गुरुग्राम के कर्मचारियों ने पुराने नगर निगम कार्यालय में इकाई प्रधान बसन्त कुमार व फायर के जिला उप प्रधान जोगिंदर की संयुक्त अध्यक्षता में हड़ताल की कोषाध्यक्ष भारत कांगड़ा ने संचालन किया। प्रधान बसन्त कुमार, पूर्व जिला प्रधान राजेश कुमार, वरिष्ठ उप प्रधान सम्मी बोहत, उप प्रधान ज्ञान चंद, तेजपाल ने सरकार पर वादा खिलीफि का आरोप लगाते कहा 13 मई को हुए समझौते को सरकार लागू न करके कर्मचारियों के साथ विश्वासघात कर रही है। फायर के उप प्रधान जोगिंदर व प्रधान बसंत कुमार ने संयुक्त बयान देते हुए 13 मई के समझौते में सफाई कर्मियों, सीवर कर्मचारियों, माली, बेलदार, इलेक्ट्रिशियन, हेल्पर, क्लर्क तथा फायर विभाग के ड्राइवर एवं फायरमैन को 30 जून तक पक्का करने का वादा किया था। सफाई एवं सीवर कार्य का ठेका समाप्त करने, ठेका कर्मचारियों को विभाग के रोल पर लेने, तब तक बैंक के माध्यम से न्यूनतम वेतन एवं श्रम कानूनों के सभी लाभ सुनिश्चित करने, लंबे समय से रिक्त पड़े सफाई एवं सीवर कर्मचारियों के पदों पर नियमित भर्ती करने, एक्स-ग्रेशिया नीति की शर्तों में संशोधन कर कच्चे कर्मचारियों को उसका लाभ देने, 58 एवं 60 वर्ष की आयु पूरी करने वाले कच्चे कर्मचारियों को ग्रेच्युटी एवं ₹5 लाख सम्मान राशि देने, चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने, गुरुग्राम के 3480 कर्मचारियों सहित सभी छंटनीग्रस्त कर्मचारियों को पुनः ड्यूटी पर लेने, सफाई कर्मचारियों को ₹5,000 जोखिम भत्ता तथा फायर कर्मचारियों को वर्दी एवं जोखिम भत्ता देने, फरीदाबाद अग्निकांड में शहीद रणबीर एवं भविष्य में शहीद होने वाले कर्मचारियों के आश्रितों को ₹50-50 लाख की सहायता राशि तथा नियमित नौकरी देने सहित 17 मांगों पर सहमति बनी थी। अग्निशमन विभाग कर्मचारी यूनियन यूनियन के प्रेस सचिव सुनील कुमार, फायरमैंन मुकेश, ने आरोप लगाया कि सरकार बार बार यूनियन नेताओं को मीटिंग बुला कर गुमराह कर रही है और सहमती बनी मांगों के संबंध में कोई आदेश जारी नहीं करके केवल आश्वासन देती रही है। सरकार के इस रवैये से नाराज होकर नगरपालिका कर्मचारी संघ, हरियाणा एवं हरियाणा अग्निशमन विभाग कर्मचारी यूनियन ने पूर्व घोषित कार्यक्रम के अनुसार आज 16 अगस्त को 11वे दिन भी राज्यव्यापी हड़ताल जारी रही। कर्मचारी नेताओं ने चेतावनी देते हुए कहा यदि 11 अगस्त तक सरकार ने मानी गई मांगों को लागू करने के आदेश जारी नहीं करती, तो नगर पालिका कर्मचारी संघ हरियाणा व अग्निशमन विभाग कर्मचारी यूनियन इस हड़ताल अनिश्चितकालीन हड़ताल में बदलने के लिए मजबूर होगी जिसकी पूरी जिम्मेदारी हरियाणा सरकार की होगी आज हड़ताली आज कर्मचारियों को सर्व कर्मचारी सिंह ब्लॉक सचिव गुरुग्राम महेश कुमार ने भी समर्थन करते हुए संबोधित किया आज की हड़ताल में पिंकी, कुलदीप धर्मपाल,संजीत, आदि उपस्थित रहे आज रविवार होने के कारण कम संख्या में कर्मचारी हड़ताल में उपस्थित रहे। जारीकर्ता बसंत कुमार1
- उत्तर प्रदेश के औरैया में एक महिला का सुबह से ही गोलगप्पे खाने का मन था। पति से बोलीं – मुझे गोलगप्पे खाने हैं। पति ने नहीं सुना। फिर मैडम खुद बाजार पहुंच गईं उत्तर प्रदेश के औरैया में एक महिला का सुबह से ही गोलगप्पे खाने का मन था। पति से बोलीं – मुझे गोलगप्पे खाने हैं। पति ने नहीं सुना। फिर मैडम खुद बाजार पहुंच गईं। गोलगप्पे वाले से बोलीं – भैया, बड़े-बड़े गोलगप्पे खिलाना। छोटे देखकर खुद बड़े-बड़े छांट लिए और बोलीं – अब ये वाला खिलाओ। करीब 10 बड़े गोलगप्पे आराम से खा लिए। आखिरी वाले बड़े गोलगप्पे ने पूरा खेल पलट दिया। जैसे ही मुंह में गया, जबड़ा खुला का खुला रह गया। मुंह बंद ही नहीं हो रहा था। आसपास के लोग हैरान हो गए। पति को फोन किया। वे आए और अस्पताल ले गए। डॉक्टरों ने भी काफी कोशिश की, लेकिन जबड़ा सेट नहीं हुआ। आखिरकार बड़े अस्पताल के लिए रेफर कर दिया गया।1
- खेल राज्य मंत्री गौरव गौतम ने 13 अगस्त की भव्य तिरंगा यात्रा के लिए स्कूल संचालकों का किया धन्यवाद2
- किसान नेता अबरार अहमद का आरोप— मेवात में अवैध बूचड़खाने पर नेता चुप, बिजली आपूर्ति को लेकर भी उठाए सवाल भारतीय किसान यूनियन के नूंह मंडल अध्यक्ष अबरार अहमद ने आरोप लगाया कि नूंह विधानसभा क्षेत्र में एक कथित अवैध बूचड़खाने के मुद्दे पर जनप्रतिनिधि चुप्पी साधे हुए हैं। उन्होंने दावा किया कि अन्य स्थानों पर भूमि खरीदकर बूचड़खाने बनाए गए, जबकि एक स्थान पर कथित रूप से अवैध संचालन हो रहा है। अबरार अहमद ने यह भी आरोप लगाया कि रात के समय गांवों की बिजली काटकर बूचड़खानों को बिजली उपलब्ध कराई जाती है। उन्होंने इन मामलों की जांच और कार्रवाई की मांग की।1
- मेवात में देशभक्ति के रंग में सजा स्वतंत्रता दिवस समारोह संवाददाता लियाकत अली नूंह मेवात : हरियाणा के मेवात जिले में 79वां स्वतंत्रता दिवस पूरे उत्साह, गरिमा और देशभक्ति की भावना के साथ मनाया जा रहा है। जिला मुख्यालय स्थित पुलिस लाइन परेड ग्राउंड में आयोजित जिला स्तरीय समारोह में राज्यसभा सांसद कार्तिकेय शर्मा मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे। उन्होंने सबसे पहले शहीद स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित कर देश के वीर शहीदों को नमन किया। इसके बाद समारोह स्थल पर पहुंचकर राष्ट्रीय ध्वज फहराया और भव्य परेड की सलामी ली। स्वतंत्रता दिवस समारोह में प्रशासनिक अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों, पुलिस अधिकारियों, विभिन्न विभागों के कर्मचारियों, विद्यार्थियों और बड़ी संख्या में आम नागरिकों की मौजूदगी ने माहौल को देशभक्ति के रंग में रंग दिया। जिला प्रशासन की ओर से समारोह की सभी तैयारियां पहले ही पूरी कर ली गई थीं। उपायुक्त अखिल पिलानी के निर्देश पर सभी अधिकारी एवं कर्मचारी समय से समारोह स्थल पर पहुंचे।1
- Pita ne apni hi 11 mahine ke bacche Yamuna nadi mein fenka Revadi Haryana1