हापुड़ जनपद के गढ़मुक्तेश्वर क्षेत्र में विकास कार्यों की पोल पहली ही बारिश में खुल गई है। गढ़मुक्तेश्वर ब्लॉक क्षेत्र के गांव हंसुपुर का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है, जिसमें भारी बारिश के कारण रास्तों में पानी भर जाने से गांव की स्थिति बेहद खराब नजर आ रही है। ग्रामीणों को कीचड़ और पानी से होकर गुजरने को मजबूर होना पड़ रहा है। वायरल वीडियो और ग्रामीणों के अनुसार, बारिश से पहले जल निकासी का कोई रास्ता नहीं बनाया गया, जिसके कारण सड़कें पूरी तरह जलमग्न हो गई हैं। अधिकारी इस समस्या पर ‘आंखें बंद’ कर बैठे हैं और ग्रामीणों की दिक्कतों का संज्ञान नहीं लिया जा रहा है। सरकार जहाँ एक तरफ स्मार्ट गाँव और स्मार्ट सिटी बनाने की बात करती है, वहीं दूसरी ओर अधिकारियों द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में विकास के नाम पर सिर्फ ‘ठगी’ की जा रही है, और गाँव आज भी विकास के लिए तरस रहे हैं। आरोप है कि विकास कार्य केवल कार्यालयों में फाइलों तक ही सीमित हैं, जबकि जमीनी स्तर पर वे ‘शून्य’ नजर आते हैं। गौरतलब है कि कल ही सिंभावली के बक्सर कस्बा जमाईपूरे में पानी भरने के कारण एक मकान भरभरा कर गिर गया था, जिसमें एक परिवार ने बच्चों सहित भागकर अपनी जान बचाई थी। इस घटना के बाद यह सवाल उठाया जा रहा है कि क्या गढ़मुक्तेश्वर में भी किसी बड़े हादसे का इंतजार किया जा रहा है और अगर कोई घटना घटती है, तो इसका जिम्मेवार कौन होगा।
हापुड़ जनपद के गढ़मुक्तेश्वर क्षेत्र में विकास कार्यों की पोल पहली ही बारिश में खुल गई है। गढ़मुक्तेश्वर ब्लॉक क्षेत्र के गांव हंसुपुर का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है, जिसमें भारी बारिश के कारण रास्तों में पानी भर जाने से गांव की स्थिति बेहद खराब नजर आ रही है। ग्रामीणों को कीचड़ और पानी से होकर गुजरने को मजबूर होना पड़ रहा है। वायरल वीडियो और ग्रामीणों के अनुसार, बारिश से पहले जल निकासी का कोई रास्ता नहीं बनाया गया, जिसके कारण सड़कें पूरी तरह जलमग्न हो गई हैं। अधिकारी इस समस्या पर ‘आंखें बंद’ कर बैठे हैं और ग्रामीणों की दिक्कतों का संज्ञान नहीं लिया जा रहा है। सरकार जहाँ एक तरफ स्मार्ट गाँव और स्मार्ट सिटी बनाने की बात करती है, वहीं दूसरी ओर अधिकारियों द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में विकास के नाम पर सिर्फ ‘ठगी’ की जा रही है, और गाँव आज भी विकास के लिए तरस रहे हैं। आरोप है कि विकास कार्य केवल कार्यालयों में फाइलों तक ही सीमित हैं, जबकि जमीनी स्तर पर वे ‘शून्य’ नजर आते हैं। गौरतलब है कि कल ही सिंभावली के बक्सर कस्बा जमाईपूरे में पानी भरने के कारण एक मकान भरभरा कर गिर गया था, जिसमें एक परिवार ने बच्चों सहित भागकर अपनी जान बचाई थी। इस घटना के बाद यह सवाल उठाया जा रहा है कि क्या गढ़मुक्तेश्वर में भी किसी बड़े हादसे का इंतजार किया जा रहा है और अगर कोई घटना घटती है, तो इसका जिम्मेवार कौन होगा।
- खानपुर स्थित एक ओयो होटल में देह व्यापार का काला खेल चल रहा था, जिसका पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने छापेमारी के दौरान एक नाबालिग लड़की को हिरासत से मुक्त कराया है और बिहार निवासी एक युवक को भी मौके से गिरफ्तार किया है। बताया गया है कि इस गैरकानूनी धंधे में ओयो होटल का मालिक भी शामिल है। इस घटना के सामने आने के बाद बजरंग दल के कार्यकर्ताओं में भारी आक्रोश देखा गया। कार्यकर्ताओं ने थाने पर पहुंचकर जमकर हंगामा किया और होटल मालिक के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है।1
- अमरोहा के आदमपुर क्षेत्र में आसमान में बादलों को देखकर स्थानीय लोगों में खुशी की लहर दौड़ गई है। हालांकि, यह खुशी इस चिंता में भी बदल रही है कि क्या इन बादलों से वास्तव में बरसात होगी या नहीं, क्योंकि लोग इसी उधेड़बुन में परेशान हो रहे हैं। यह स्थिति इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि अन्य जिलों और विभिन्न क्षेत्रों में बारिश हो रही है, जबकि आदमपुर में अभी तक केवल बारिश की संभावना ही बनी हुई है। क्षेत्र के लोग भीषण गर्मी से बेहाल हैं और बारिश का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। आदमपुर क्षेत्र के निवासियों में बादलों को देखकर एक बार फिर खुशी की लहर दौड़ी है, लेकिन साथ ही वे इस सवाल में भी उलझे हैं कि क्या उन्हें वाकई इस गर्मी से राहत मिलेगी और बरसात होगी।1
- अमरोहा के नूरपुर खुर्द स्थित स्वामी विवेकानंद आदर्श पब्लिक सीनियर सेकेंडरी स्कूल की प्रबंधन समिति ने विद्यालय की प्रशासनिक और शैक्षणिक व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। इस बदलाव के तहत, विद्यालय के विकास में लंबे समय से योगदान दे रहे निवर्तमान प्रधानाचार्य सुभाष चंद्र को पदोन्नत कर संस्थान का नया निदेशक (डायरेक्टर) नियुक्त किया गया है। इसी क्रम में, पिछले कई माह से विद्यालय प्रशासक के रूप में उत्कृष्ट कार्य कर रहे एम. एच. रिज़वी को उनकी बेजोड़ प्रबंधन क्षमता और अनुशासन को देखते हुए नया प्रधानाचार्य (प्रिंसिपल) नियुक्त किया गया है। संस्थान के इस निर्णय से स्टाफ और अभिभावकों में हर्ष का माहौल है। नवनियुक्त प्रधानाचार्य एम. एच. रिज़वी ने संस्थान द्वारा जताए गए विश्वास पर पूरी निष्ठा से खरा उतरने का संकल्प व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि डायरेक्टर सुभाष चंद्र के मार्गदर्शन में बच्चों को कड़े अनुशासन, उच्च नैतिक मूल्यों और आधुनिक अंग्रेजी माध्यम की श्रेष्ठ शिक्षा प्रदान करना उनका मुख्य लक्ष्य होगा। इस गौरवपूर्ण अवसर पर, विद्यालय प्रबंधन समिति के प्रबंधक महेश तोमर ने नए निदेशक सुभाष चंद्र और नए प्रधानाचार्य एम. एच. रिज़वी को पुष्पगुच्छ भेंट कर बधाई दी। विद्यालय प्रबंधन समिति और समस्त स्टाफ ने भी नव नियुक्त पदाधिकारियों के सफल और उज्ज्वल कार्यकाल तथा भविष्य के लिए शुभकामनाएं व्यक्त कीं।2
- बाबूगढ़ थाना क्षेत्र के सिकंदरपुर काकोड़ी गांव में जोहड़ और श्मशान भूमि पर अवैध कब्जे का गंभीर मामला सामने आया है। ग्रामीणों ने प्रशासन को शिकायती पत्र देकर आरोप लगाया है कि ग्राम प्रधान की कथित मिलीभगत से कुछ ग्रामीणों ने इन सार्वजनिक भूमियों पर कब्जा कर लिया है और उस पर गन्ने की फसल बो दी है। गांव निवासी राजकुमार पुत्र ज्वार सिंह ने प्रशासन को बताया कि खसरा संख्या 378 की श्मशान भूमि और खसरा संख्या 725ख के जोहड़ पर यह अवैध कब्जा किया गया है। इस कब्जे के कारण जोहड़ की जल निकासी व्यवस्था पूरी तरह से बाधित हो गई है, जिससे गांव का गंदा पानी सड़कों पर फैल रहा है और ग्रामीणों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि सार्वजनिक भूमि पर यह कब्जा न सिर्फ गांव की परंपरागत व्यवस्था को नुकसान पहुंचा रहा है, बल्कि स्वास्थ्य व आवागमन को भी प्रभावित कर रहा है। राजकुमार ने प्रशासन से तुरंत भूमि की पैमाइश कर अवैध कब्जा हटवाने, जोहड़ को कब्जामुक्त कराने और जल निकासी व्यवस्था बहाल करने की मांग की थी। उनकी शिकायत के बाद, मंगलवार को कानूंगो और पटवारी सहित एक तीन सदस्यीय टीम ने मौके पर पहुंचकर नापतौल की, जिसमें लगभग तीन बीघा जमीन पर अवैध कब्जा पाया गया। अब शिकायतकर्ता राजकुमार और समस्त ग्रामीण कब्जा हटाने की मांग को लेकर प्रशासन पर दबाव बना रहे हैं, और इस मामले में प्रशासन से जल्द कार्रवाई की उम्मीद जताई जा रही है।4
- हापुड़ जनपद के विधानसभा 60 गढ़मुक्तेश्वर के ग्राम दौतई में एक महिला PDA पंचायत का आयोजन किया गया। इस पंचायत में महिलाओं ने रसोई की बढ़ती कीमतों, बढ़ती महंगाई, गैस सिलेंडर के दाम, सोना-चांदी के बढ़ते मूल्य, लगातार बढ़ते बिजली के बिल और स्थानीय परिवहन व्यवस्था के अभाव जैसे ज्वलंत मुद्दों पर अपनी गहरी नाराजगी व्यक्त की। महिलाओं ने विशेष रूप से उल्लेख किया कि स्थानीय परिवहन की कमी के कारण उनकी बहन-बेटियों की शिक्षा प्रभावित हो रही है और उन्हें कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। मातृशक्ति ने स्पष्ट संदेश दिया कि अब केवल 5 किलो राशन या चुनाव से पहले मिलने वाली कुछ आर्थिक सहायता से महिलाओं का विश्वास नहीं जीता जा सकता। उनकी मुख्य मांगें पाँच वर्षों तक सम्मान, बेहतर सरकारी व्यवस्थाएँ, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, रोजगार के अवसर, किसानों को उनकी फसलों का उचित मूल्य और युवाओं के लिए स्थानीय स्तर पर रोजगार हैं। महिलाओं के मुद्दों के प्रति उनकी यह जागरूकता, स्पष्ट सोच और मुखर भागीदारी एक बेहतर और जागरूक समाज के निर्माण की ओर संकेत करती है। इस अवसर पर, यह आश्वासन भी दिया गया कि समाजवादी सरकार बनने पर 300 यूनिट मुफ्त बिजली, महिलाओं को ₹40,000 की आर्थिक सहायता, महिला हेल्पलाइन का पुनः प्रभावी संचालन, स्थानीय परिवहन के लिए बस सेवा, ट्रॉमा सेंटर की स्थापना, इंटर कॉलेज को डिग्री कॉलेज में उन्नत करने तथा KG से PG तक निःशुल्क शिक्षा सहित जनहित के अनेक कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी।1
- हापुड़ जनपद के गढ़मुक्तेश्वर क्षेत्र में विकास कार्यों की पोल पहली ही बारिश में खुल गई है। गढ़मुक्तेश्वर ब्लॉक क्षेत्र के गांव हंसुपुर का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है, जिसमें भारी बारिश के कारण रास्तों में पानी भर जाने से गांव की स्थिति बेहद खराब नजर आ रही है। ग्रामीणों को कीचड़ और पानी से होकर गुजरने को मजबूर होना पड़ रहा है। वायरल वीडियो और ग्रामीणों के अनुसार, बारिश से पहले जल निकासी का कोई रास्ता नहीं बनाया गया, जिसके कारण सड़कें पूरी तरह जलमग्न हो गई हैं। अधिकारी इस समस्या पर ‘आंखें बंद’ कर बैठे हैं और ग्रामीणों की दिक्कतों का संज्ञान नहीं लिया जा रहा है। सरकार जहाँ एक तरफ स्मार्ट गाँव और स्मार्ट सिटी बनाने की बात करती है, वहीं दूसरी ओर अधिकारियों द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में विकास के नाम पर सिर्फ ‘ठगी’ की जा रही है, और गाँव आज भी विकास के लिए तरस रहे हैं। आरोप है कि विकास कार्य केवल कार्यालयों में फाइलों तक ही सीमित हैं, जबकि जमीनी स्तर पर वे ‘शून्य’ नजर आते हैं। गौरतलब है कि कल ही सिंभावली के बक्सर कस्बा जमाईपूरे में पानी भरने के कारण एक मकान भरभरा कर गिर गया था, जिसमें एक परिवार ने बच्चों सहित भागकर अपनी जान बचाई थी। इस घटना के बाद यह सवाल उठाया जा रहा है कि क्या गढ़मुक्तेश्वर में भी किसी बड़े हादसे का इंतजार किया जा रहा है और अगर कोई घटना घटती है, तो इसका जिम्मेवार कौन होगा।1