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खानपुर स्थित एक ओयो होटल में देह व्यापार का काला खेल चल रहा था, जिसका पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने छापेमारी के दौरान एक नाबालिग लड़की को हिरासत से मुक्त कराया है और बिहार निवासी एक युवक को भी मौके से गिरफ्तार किया है। बताया गया है कि इस गैरकानूनी धंधे में ओयो होटल का मालिक भी शामिल है। इस घटना के सामने आने के बाद बजरंग दल के कार्यकर्ताओं में भारी आक्रोश देखा गया। कार्यकर्ताओं ने थाने पर पहुंचकर जमकर हंगामा किया और होटल मालिक के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है।
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खानपुर स्थित एक ओयो होटल में देह व्यापार का काला खेल चल रहा था, जिसका पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने छापेमारी के दौरान एक नाबालिग लड़की को हिरासत से मुक्त कराया है और बिहार निवासी एक युवक को भी मौके से गिरफ्तार किया है। बताया गया है कि इस गैरकानूनी धंधे में ओयो होटल का मालिक भी शामिल है। इस घटना के सामने आने के बाद बजरंग दल के कार्यकर्ताओं में भारी आक्रोश देखा गया। कार्यकर्ताओं ने थाने पर पहुंचकर जमकर हंगामा किया और होटल मालिक के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है।
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- खानपुर स्थित एक ओयो होटल में देह व्यापार का काला खेल चल रहा था, जिसका पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने छापेमारी के दौरान एक नाबालिग लड़की को हिरासत से मुक्त कराया है और बिहार निवासी एक युवक को भी मौके से गिरफ्तार किया है। बताया गया है कि इस गैरकानूनी धंधे में ओयो होटल का मालिक भी शामिल है। इस घटना के सामने आने के बाद बजरंग दल के कार्यकर्ताओं में भारी आक्रोश देखा गया। कार्यकर्ताओं ने थाने पर पहुंचकर जमकर हंगामा किया और होटल मालिक के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है।1
- अमरोहा के आदमपुर क्षेत्र में आसमान में बादलों को देखकर स्थानीय लोगों में खुशी की लहर दौड़ गई है। हालांकि, यह खुशी इस चिंता में भी बदल रही है कि क्या इन बादलों से वास्तव में बरसात होगी या नहीं, क्योंकि लोग इसी उधेड़बुन में परेशान हो रहे हैं। यह स्थिति इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि अन्य जिलों और विभिन्न क्षेत्रों में बारिश हो रही है, जबकि आदमपुर में अभी तक केवल बारिश की संभावना ही बनी हुई है। क्षेत्र के लोग भीषण गर्मी से बेहाल हैं और बारिश का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। आदमपुर क्षेत्र के निवासियों में बादलों को देखकर एक बार फिर खुशी की लहर दौड़ी है, लेकिन साथ ही वे इस सवाल में भी उलझे हैं कि क्या उन्हें वाकई इस गर्मी से राहत मिलेगी और बरसात होगी।1
- अमरोहा के नूरपुर खुर्द स्थित स्वामी विवेकानंद आदर्श पब्लिक सीनियर सेकेंडरी स्कूल की प्रबंधन समिति ने विद्यालय की प्रशासनिक और शैक्षणिक व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। इस बदलाव के तहत, विद्यालय के विकास में लंबे समय से योगदान दे रहे निवर्तमान प्रधानाचार्य सुभाष चंद्र को पदोन्नत कर संस्थान का नया निदेशक (डायरेक्टर) नियुक्त किया गया है। इसी क्रम में, पिछले कई माह से विद्यालय प्रशासक के रूप में उत्कृष्ट कार्य कर रहे एम. एच. रिज़वी को उनकी बेजोड़ प्रबंधन क्षमता और अनुशासन को देखते हुए नया प्रधानाचार्य (प्रिंसिपल) नियुक्त किया गया है। संस्थान के इस निर्णय से स्टाफ और अभिभावकों में हर्ष का माहौल है। नवनियुक्त प्रधानाचार्य एम. एच. रिज़वी ने संस्थान द्वारा जताए गए विश्वास पर पूरी निष्ठा से खरा उतरने का संकल्प व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि डायरेक्टर सुभाष चंद्र के मार्गदर्शन में बच्चों को कड़े अनुशासन, उच्च नैतिक मूल्यों और आधुनिक अंग्रेजी माध्यम की श्रेष्ठ शिक्षा प्रदान करना उनका मुख्य लक्ष्य होगा। इस गौरवपूर्ण अवसर पर, विद्यालय प्रबंधन समिति के प्रबंधक महेश तोमर ने नए निदेशक सुभाष चंद्र और नए प्रधानाचार्य एम. एच. रिज़वी को पुष्पगुच्छ भेंट कर बधाई दी। विद्यालय प्रबंधन समिति और समस्त स्टाफ ने भी नव नियुक्त पदाधिकारियों के सफल और उज्ज्वल कार्यकाल तथा भविष्य के लिए शुभकामनाएं व्यक्त कीं।2
- शिकारपुर नगर पालिका परिषद के नाला सफाई के दावों की पोल मानसून की शुरुआती आहट और हल्की बारिश ने खोल दी है। मंगलवार को हुई बूंदाबांदी और मध्यम बारिश के बाद नगर के मुख्य मार्गों से लेकर अंदरूनी गलियों तक का नजारा किसी तालाब जैसा हो गया, जहाँ नालों का गंदा पानी ओवरफ्लो होकर सड़कों और घरों के दरवाजों तक पहुँच गया। मुख्य बाजारों, रिहायशी गलियों और चौराहों पर घुटनों तक पानी भर जाने के कारण राहगीरों और वाहन चालकों को भारी परेशानी हुई; कई दुपहिया वाहन पानी के बीच बंद हो गए और लोगों को उन्हें पैदल ही खींचना पड़ा। नगर पालिका द्वारा नालों की मुकम्मल सफाई न कराए जाने का खामियाजा स्थानीय जनता को भुगतना पड़ रहा है। स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि हर साल कागजों पर तो नाला सफाई का अभियान चलता है, लेकिन जमीनी हकीकत पहली ही बारिश में सामने आ जाती है। इसी जलभराव के बीच एक अनोखा नजारा भी दिखा, जहाँ बड़े-बुजुर्ग और राहगीर इस अव्यवस्था से बेहद परेशान और आक्रोशित थे, वहीं मासूम बच्चों के लिए यह जलभराव मनोरंजन का साधन बन गया। बच्चे गलियों में जमा हुए बारिश के पानी में डुबकियां लगाते, मौज-मस्ती करते, कागज की नावें चलाते और सड़क को ही स्विमिंग पूल समझकर उसमें छलांग लगाते दिखे। बच्चों की इस मस्ती ने भले ही माहौल को हल्का किया हो, लेकिन यह दृश्य नगर पालिका की नाकामियों को उजागर कर रहा है। सड़कों पर गंदा पानी जमा होने और नालों की गंदगी फैलने से स्थानीय नागरिकों में नगर पालिका प्रशासन के खिलाफ भारी आक्रोश है। लोगों का कहना है कि पहली बारिश में यह हाल है तो आगे स्थिति और भयावह हो सकती है, जिससे डेंगू, मलेरिया और डायरिया जैसी मच्छर जनित और संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा बेहद बढ़ गया है। स्थानीय जनता ने नगर पालिका ईओ से तत्काल जलभराव की समस्या का संज्ञान लेने और युद्धस्तर पर बंद पड़े नालों की सफाई कराने की मांग की है, ताकि भविष्य में होने वाली भारी बारिश से नगर को डूबने से बचाया जा सके।1
- सिंभावली थाना क्षेत्र के ग्राम बक्सर में एक मोबाइल दुकानदार ने स्थानीय ग्राम प्रधान पर गंभीर आरोप लगाए हैं। दुकानदार का दावा है कि ग्राम प्रधान ने रंजिश के चलते उसकी दुकान के सामने बना नाला तुड़वा दिया और उसे दुकान बंद कराने की धमकी भी दी है, जिसके बाद पीड़ित ने पुलिस से कार्रवाई की मांग की है। एनएच-9 स्थित पुल के पास मोबाइल की दुकान संचालित करने वाले आमिर पुत्र यामीन ने पुलिस को दी गई अपनी तहरीर में बताया कि सोमवार सुबह करीब 11 बजे ग्राम प्रधान शाहरुख ने कुछ अन्य लोगों के साथ मिलकर उसकी दुकान के सामने बना नाला तुड़वा दिया। आमिर का कहना है कि जब उसने इस कार्रवाई का विरोध किया और पूछा कि केवल उसकी दुकान के सामने का नाला ही क्यों तोड़ा गया, जबकि आसपास की अन्य दुकानों के सामने कोई कार्रवाई नहीं हुई, तो प्रधान ने कथित रूप से कहा कि उसी की दुकान के सामने बने नाले को तोड़ने के आदेश थे। पीड़ित ने आरोप लगाया कि प्रधान ने उसे धमकी देते हुए कहा कि उसकी दुकान पर ग्राहकों का आना-जाना बंद कराया जाएगा और भविष्य में उसकी दुकान बंद करवाकर ही दम लिया जाएगा। दुकानदार आमिर ने यह भी आरोप लगाया है कि ग्राम प्रधान पूर्व में भी उसके साथ अभद्र व्यवहार कर चुका है तथा विभिन्न तरीकों से उसे परेशान करता रहा है। पीड़ित के अनुसार, प्रधान द्वारा पहले भी एनएच-9 पर बनी दुकानों के सामने नालों को सफाई के नाम पर तुड़वाया जा चुका है। इस मामले में मोबाइल दुकानदार ने सिंभावली थाने पहुंचकर लिखित शिकायत दर्ज कराई है और आरोपित ग्राम प्रधान के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है। पुलिस का कहना है कि प्राप्त तहरीर के आधार पर मामले की जांच की जा रही है तथा जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।1
- हापुड़ जनपद के विधानसभा 60 गढ़मुक्तेश्वर के ग्राम दौतई में एक महिला PDA पंचायत का आयोजन किया गया। इस पंचायत में महिलाओं ने रसोई की बढ़ती कीमतों, बढ़ती महंगाई, गैस सिलेंडर के दाम, सोना-चांदी के बढ़ते मूल्य, लगातार बढ़ते बिजली के बिल और स्थानीय परिवहन व्यवस्था के अभाव जैसे ज्वलंत मुद्दों पर अपनी गहरी नाराजगी व्यक्त की। महिलाओं ने विशेष रूप से उल्लेख किया कि स्थानीय परिवहन की कमी के कारण उनकी बहन-बेटियों की शिक्षा प्रभावित हो रही है और उन्हें कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। मातृशक्ति ने स्पष्ट संदेश दिया कि अब केवल 5 किलो राशन या चुनाव से पहले मिलने वाली कुछ आर्थिक सहायता से महिलाओं का विश्वास नहीं जीता जा सकता। उनकी मुख्य मांगें पाँच वर्षों तक सम्मान, बेहतर सरकारी व्यवस्थाएँ, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, रोजगार के अवसर, किसानों को उनकी फसलों का उचित मूल्य और युवाओं के लिए स्थानीय स्तर पर रोजगार हैं। महिलाओं के मुद्दों के प्रति उनकी यह जागरूकता, स्पष्ट सोच और मुखर भागीदारी एक बेहतर और जागरूक समाज के निर्माण की ओर संकेत करती है। इस अवसर पर, यह आश्वासन भी दिया गया कि समाजवादी सरकार बनने पर 300 यूनिट मुफ्त बिजली, महिलाओं को ₹40,000 की आर्थिक सहायता, महिला हेल्पलाइन का पुनः प्रभावी संचालन, स्थानीय परिवहन के लिए बस सेवा, ट्रॉमा सेंटर की स्थापना, इंटर कॉलेज को डिग्री कॉलेज में उन्नत करने तथा KG से PG तक निःशुल्क शिक्षा सहित जनहित के अनेक कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी।1
- हापुड़ जनपद के गढ़मुक्तेश्वर क्षेत्र में विकास कार्यों की पोल पहली ही बारिश में खुल गई है। गढ़मुक्तेश्वर ब्लॉक क्षेत्र के गांव हंसुपुर का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है, जिसमें भारी बारिश के कारण रास्तों में पानी भर जाने से गांव की स्थिति बेहद खराब नजर आ रही है। ग्रामीणों को कीचड़ और पानी से होकर गुजरने को मजबूर होना पड़ रहा है। वायरल वीडियो और ग्रामीणों के अनुसार, बारिश से पहले जल निकासी का कोई रास्ता नहीं बनाया गया, जिसके कारण सड़कें पूरी तरह जलमग्न हो गई हैं। अधिकारी इस समस्या पर ‘आंखें बंद’ कर बैठे हैं और ग्रामीणों की दिक्कतों का संज्ञान नहीं लिया जा रहा है। सरकार जहाँ एक तरफ स्मार्ट गाँव और स्मार्ट सिटी बनाने की बात करती है, वहीं दूसरी ओर अधिकारियों द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में विकास के नाम पर सिर्फ ‘ठगी’ की जा रही है, और गाँव आज भी विकास के लिए तरस रहे हैं। आरोप है कि विकास कार्य केवल कार्यालयों में फाइलों तक ही सीमित हैं, जबकि जमीनी स्तर पर वे ‘शून्य’ नजर आते हैं। गौरतलब है कि कल ही सिंभावली के बक्सर कस्बा जमाईपूरे में पानी भरने के कारण एक मकान भरभरा कर गिर गया था, जिसमें एक परिवार ने बच्चों सहित भागकर अपनी जान बचाई थी। इस घटना के बाद यह सवाल उठाया जा रहा है कि क्या गढ़मुक्तेश्वर में भी किसी बड़े हादसे का इंतजार किया जा रहा है और अगर कोई घटना घटती है, तो इसका जिम्मेवार कौन होगा।1