स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता परखने जिला अस्पताल पहुँचीं कलेक्टर स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता परखने जिला अस्पताल पहुँचीं कलेक्टर, मचा ह्ड़कंप सागर जिले की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को जमीनी स्तर पर परखने के लिए कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल ने बुधवार को जिला चिकित्सालय का औचक निरीक्षण किया। अचानक अस्पताल पहुँचीं कलेक्टर ने एक ओर जहाँ मरीजों और नवजातों के प्रति संवेदनशीलता दिखाई, वहीं दूसरी ओर लापरवाही बरतने वाले स्टाफ और अव्यवस्थाओं पर कड़ा रुख अख्तियार किया। *वार्डों का सघन निरीक्षण* कलेक्टर ने अस्पताल के ओटी (OT), इमरजेंसी, आईसीयू (ICU), एचडीयू (HDU) और एसएनसीयू (SNCU) सहित जनरल, पीडिया वार्ड का बारीकी से निरीक्षण किया। एसएनसीयू और पीडिया वार्ड में कलेक्टर का ममतामयी रूप देखने को मिला। उन्होंने भर्ती नवजात शिशुओं को दुलारा और उनके स्वास्थ्य के संबंध में डॉक्टरों से चर्चा की। प्रसूति वार्ड में उन्होंने महिलाओं से चर्चा कर अस्पताल में मिल रहे उपचार, निःशुल्क दवाइयों और भोजन की गुणवत्ता की जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रसूताओं को शासन की योजनाओं का लाभ मिलने में कोई देरी नहीं होनी चाहिए। *ब्लड बैंक के लिए नई रणनीति और अनुपयोगी सामग्री का निपटारा* निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने पाया कि अस्पताल के कुछ कोनों में अनुपयोगी सामग्री (कबाड़) जमा है। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि अनुपयोगी सामग्री को तुरंत 'राइट ऑफ' (Write-off) कर ऑक्शन/ निष्कासित करें, ताकि अस्पताल में साफ-सफाई और खाली जगह का बेहतर प्रबंधन हो सके। दौरान उन्होंने निर्देशित किया कि जिले में रक्त की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए प्रति माह नियमित रक्तदान कैंप आयोजित किए जाएं। कलेक्टर श्रीमती पाल ने कहा कि चिकित्सक और पैरामेडिकल स्टाफ अपने कर्तव्यों का पूरी निष्ठा से निर्वहन करें। मरीज दूर-दराज से बड़ी उम्मीद लेकर यहाँ आते हैं। यदि कोई भी ड्यूटी से नदारद पाया गया या कार्यों में लापरवाही बरती गई, तो कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी, स्वास्थ्य जैसी महत्वपूर्ण सेवाओं में कोई कोताही कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। निरीक्षण के दौरान ड्यूटी रोस्टर के अनुसार अपने कार्यस्थल पर अनुपस्थित पाए गए चिकित्सकों को चेतावनी के साथ नोटिस कमाया गया है। उल्लेखनीय है कि कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल के भ्रमण के दौरान वार्ड क्रमांक 02 (प्रसूति वार्ड) में शाम के राउंड पर डॉक्टर के उपस्थित न होने का मामला सामने आया था। कलेक्टर द्वारा व्यक्त की गई नाराजगी के बाद संबंधित चिकित्सक को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। नोटिस में स्पष्ट किया गया है कि डॉक्टर की अनुपस्थिति के कारण मरीजों को उपचार मिलने में असुविधा हुई, जो कर्तव्य के प्रति घोर लापरवाही है। संबंधित डॉक्टर से 24 घंटे के भीतर स्पष्टीकरण मांगा है। साथ ही चेतावनी दी गई है कि संतोषजनक जवाब न मिलने पर कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। निरीक्षण के दौरान अपर कलेक्टर श्री अविनाश रावत, सिटी मजिस्ट्रेट श्री गगन बिसेन , सीएमएचओ डॉ आर्य, क्षेत्रीय संचालक स्वास्थ्य सेवायें सागर संभाग डॉ नीना गिडियन, सिविल सर्जन डॉ आरएस जयंत सहित जिला चिकित्सालय के अन्य डॉक्टर्स , स्टाफ भी मौजूद थे।
स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता परखने जिला अस्पताल पहुँचीं कलेक्टर स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता परखने जिला अस्पताल पहुँचीं कलेक्टर, मचा ह्ड़कंप सागर जिले की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को जमीनी स्तर पर परखने के लिए कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल ने बुधवार को जिला चिकित्सालय का औचक निरीक्षण किया। अचानक अस्पताल पहुँचीं कलेक्टर ने एक ओर जहाँ मरीजों और नवजातों के प्रति संवेदनशीलता दिखाई, वहीं दूसरी ओर लापरवाही बरतने वाले स्टाफ और अव्यवस्थाओं पर कड़ा रुख अख्तियार किया। *वार्डों का सघन निरीक्षण* कलेक्टर ने अस्पताल के ओटी (OT), इमरजेंसी, आईसीयू (ICU), एचडीयू (HDU) और एसएनसीयू (SNCU) सहित जनरल, पीडिया वार्ड का बारीकी से निरीक्षण किया। एसएनसीयू और पीडिया वार्ड में कलेक्टर का ममतामयी रूप देखने को मिला। उन्होंने भर्ती नवजात शिशुओं को दुलारा और उनके स्वास्थ्य के संबंध में डॉक्टरों से चर्चा की। प्रसूति वार्ड में उन्होंने महिलाओं से चर्चा कर अस्पताल में मिल रहे उपचार, निःशुल्क दवाइयों और भोजन की गुणवत्ता की जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रसूताओं को शासन की योजनाओं का लाभ मिलने में कोई देरी नहीं होनी चाहिए। *ब्लड बैंक के लिए नई रणनीति और अनुपयोगी सामग्री का निपटारा* निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने पाया कि अस्पताल के कुछ कोनों में अनुपयोगी सामग्री (कबाड़) जमा है। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि अनुपयोगी सामग्री को तुरंत 'राइट ऑफ' (Write-off) कर ऑक्शन/ निष्कासित करें, ताकि अस्पताल में साफ-सफाई और खाली जगह का बेहतर प्रबंधन हो सके। दौरान उन्होंने निर्देशित किया कि जिले में रक्त की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए प्रति माह नियमित रक्तदान कैंप आयोजित किए जाएं। कलेक्टर श्रीमती पाल ने कहा कि चिकित्सक और पैरामेडिकल स्टाफ अपने कर्तव्यों का पूरी निष्ठा से निर्वहन करें। मरीज दूर-दराज से बड़ी उम्मीद लेकर यहाँ आते हैं। यदि कोई भी ड्यूटी से नदारद पाया गया या कार्यों में लापरवाही बरती गई, तो कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी, स्वास्थ्य जैसी महत्वपूर्ण सेवाओं में कोई कोताही कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। निरीक्षण के दौरान ड्यूटी रोस्टर के अनुसार अपने कार्यस्थल पर अनुपस्थित पाए गए चिकित्सकों को चेतावनी के साथ नोटिस कमाया गया है। उल्लेखनीय है कि कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल के भ्रमण के दौरान वार्ड क्रमांक 02 (प्रसूति वार्ड) में शाम के राउंड पर डॉक्टर के उपस्थित न होने का मामला सामने आया था। कलेक्टर द्वारा व्यक्त की गई नाराजगी के बाद संबंधित चिकित्सक को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। नोटिस में स्पष्ट किया गया है कि डॉक्टर की अनुपस्थिति के कारण मरीजों को उपचार मिलने में असुविधा हुई, जो कर्तव्य के प्रति घोर लापरवाही है। संबंधित डॉक्टर से 24 घंटे के भीतर स्पष्टीकरण मांगा है। साथ ही चेतावनी दी गई है कि संतोषजनक जवाब न मिलने पर कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। निरीक्षण के दौरान अपर कलेक्टर श्री अविनाश रावत, सिटी मजिस्ट्रेट श्री गगन बिसेन , सीएमएचओ डॉ आर्य, क्षेत्रीय संचालक स्वास्थ्य सेवायें सागर संभाग डॉ नीना गिडियन, सिविल सर्जन डॉ आरएस जयंत सहित जिला चिकित्सालय के अन्य डॉक्टर्स , स्टाफ भी मौजूद थे।
- यहाँ पक्षियों पर एक खूबसूरत शायरी है: 🕊️ “परिंदों की तरह उड़ना सीख ले ऐ दिल, ये ज़माना ज़मीन पर चलने वालों का नहीं। जो हौसला रखते हैं आसमान छूने का, वही बनाते हैं अपना अलग जहाँ कहीं।” एक और सुनिए: 🐦 “चहचहाते परिंदे कह रहे हैं सुबह का पैगाम, खुश रहो, जी लो हर पल, यही है जिंदगी का नाम। उड़ान भरने से पहले डरना नहीं कभी, आसमान भी झुकता है, जब हो दिल में अरमान।” अगर आप चाहें तो 🙂1
- सागर बुंदेलखंड की बेटियों ने रचा इतिहास, सुरभि और प्रियांशी ने बोर्ड परीक्षा में बढ़ाया सुरखी का मान* खाद्य मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने वीडियो कॉल कर सुरभि को दी बधाई BY नीरज वैद्यराज पत्रकार MP 15NEWSMPCG 0752888100 सुरभि पटेल ने 12वीं में 7वां प्रियांशी ने 10वीं में पाया 8वां स्थान पाया मप्र माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा बुधवार को घोषित 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षा परिणामों में बुंदेलखंड क्षेत्र की दो होनहार बेटियों ने उल्लेखनीय सफलता हासिल कर पूरे प्रदेश का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया है। सागर जिले की सुरखी विधानसभा क्षेत्र के बिलहरा गांव की प्रतिभावान छात्रा सुरभि पटेल ने 12वीं बोर्ड परीक्षा में गणित समूह से 486 अंक प्राप्त कर प्रदेश की मेरिट सूची में सातवां स्थान हासिल किया है। वहीं हाई स्कूल परीक्षा में सरस्वती शिशु मंदिर जैसीनगर की छात्रा प्रियांशी शुक्ला ने 500 में से 492 अंक प्राप्त कर प्रदेश की मेरिट सूची में आठवा स्थान प्राप्त कर प्रदेश स्तर पर सुरखी विधानसभा क्षेत्र का नाम रोशन किया है और अपनी पहचान बनाई है। उनकी इस उपलब्धि से न केवल विद्यालय बल्कि पूरे जिले में खुशी और गर्व का माहौल है। ग्रामीण परिवेश से निकलकर यह शानदार उपलब्धि हासिल करने वाली सुरभि और प्रियांशी ने न केवल अपने परिवार, बल्कि पूरे क्षेत्र का नाम रोशन किया है। उनकी इस सफलता से गांव में खुशी और गर्व का माहौल है। स्थानीय लोगों और परिजनों ने इसे क्षेत्र के लिए प्रेरणादायक उपलब्धि बताया है। दोनों बेटियों की इस सफलता पर प्रदेश के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने भोपाल प्रवास पर होने के बावजूद सुरभि पटेल से वीडियो कॉल के माध्यम से बातचीत कर उन्हें इस शानदार सफलता के लिए हार्दिक बधाई और उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। मंत्री श्री राजपूत ने कहा कि सुरभि और प्रियांशी की यह उपलब्धि पूरे बुंदेलखंड के लिए गर्व का विषय है और यह अन्य विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी। सुरभि पटेल और प्रियांशी शुक्ला की इस उपलब्धि ने यह सिद्ध कर दिया है कि यदि लक्ष्य के प्रति समर्पण और मेहनत हो, तो सीमित संसाधन भी सफलता की राह में बाधा नहीं बनते। उनकी यह सफलता न केवल बेटियों के सशक्तिकरण का उदाहरण है, बल्कि ग्रामीण प्रतिभाओं की क्षमता को भी उजागर करती है।1
- लोकेशन बीना रिपोर्टर राजेश बबेले कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल ने माध्यमिक शिक्षा मंडल के प्रवीण सूची में आए विद्यार्थियों का किया सम्मान नगर पालिका अध्यक्ष लता सकवार ने पुष्माला पहनाकर एवं मिठाई खिलाकर किया सम्मान संदीपनी मॉडल उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बीना के छात्राओं ने एक बार फिर फिर रचा इतिहास *दसवीं कक्षा की वैष्णवी ने प्रदेश की सातवें स्थान पर तो 12वीं की संकाय कुमारी हिमानी ठाकुर ने प्रदेश प्रमाणिक सूची में आठवां स्थान पर* बीना। बुधवार को विद्यालय में सेलिब्रेशन का माहौल उस समय बन गया,जब दसवीं और बारहवीं का रिजल्ट आया। उल्लेखनीय है कि संदीपनी मॉडल उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बीना जिला सागर के छात्राओं ने एक बार फिर फिर रचा इतिहास। इस विद्यालय की एक छात्रा ने दसवीं और एक छात्रा ने 12वीं की में प्रदेश प्रवीण्य सूची में स्थान प्राप्त किया। *ज्ञान की पूंजी कभी व्यर्थ नहीं जाती कलेक्टर प्रतिभा पाल* ज्ञान की पूंजी कभी व्यर्थ नहीं जाती आपकी पृष्ठभूमि नहीं, आपके संकल्प करते हैं आपका भविष्य शिक्षक की भूमिका महत्वपूर्ण, विद्यार्थियों के व्यक्तित्व और भविष्य निर्माण के शिक्षक अधिक दर्शन होते हैं, उक्त विचार कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल ने माध्यमिक शिक्षा मंडल भोपाल की कक्षा दसवीं एवं 12वीं के परीक्षा परिणाम के उपरांत सागर जिले में प्रवीण सूची वाले विद्यार्थियों से संवाद करते हुए उनका सम्मान करते हुए व्यक्त किया *कलेक्टर प्रतिभा पाल ने किया सम्मान* इस दौरान संदीपनी मॉडल उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बीना कि छात्राएं जिसमें कक्षा दसवीं की वैष्णवी जिन्होंने प्रदेश की मेरिट लिस्ट में सातवें स्थान पर जगह बनाई। तो वही कक्षा 12वीं की गणित संकाय की छात्रा कुमारी हिमानी ठाकुर ने 12वीं की प्रदेश प्रमाणिक सूची में आठवां स्थान प्राप्त करने वाली दोनों छात्राओं का कलेक्टर प्रतिभा पाल ने सम्मान किया साथ ही बच्चियों को शुभकामनाएं बधाई प्रेषित करते हुए उज्जवल भविष्य की कामना भी की। *दसवीं कक्षा की वैष्णवी ने प्रदेश की सातवें स्थान पर तो 12वीं की संकाय कुमारी हिमानी ठाकुर ने प्रदेश प्रमाणिक सूची में आठवां स्थान* कक्षा दसवीं की वैष्णवी ने प्रदेश की मेरिट लिस्ट में सातवें स्थान पर जगह बनाई। तो वही कक्षा 12वीं की गणित संकाय की छात्रा कुमारी हिमानी ठाकुर ने 12वीं की प्रदेश प्रमाणिक सूची में आठवां स्थान प्राप्त किया। *हर्ष और गौरव का विषय* डबल मैरिट स्थान प्राप्त करने पर नगर पालिका अध्यक्ष लता सकवार ने पुष्माला पहनाकर एवं मिठाई खिलाकर सम्मान किया एवं सांदीपनि विद्यालय बीना की प्राचार्य श्रीमती मंजू यादव,समस्त मार्गदर्शी शिक्षकों और समस्त विद्यालय परिवार के लिए हर्ष और गौरव का विषय है बताया। यह बीना के इतिहास में पहली बार है कि एक ही विद्यालय की दो छात्राओं ने 10वीं और 12वीं की प्रदेश मेरिट लिस्ट में स्थान बनाया है। सभी शुभचिंतकों एवं समस्त शालेय परिवार ने बधाइयां और शुभकामनाएं प्रेषित की।4
- युवा शक्ति संगठन जिला अध्यक्ष आकाश सिंह राजपूत ने घुमाया मुगदर1
- l l voczl člv bxipnx lkvin jyzlđlg blck la gf hć n, Zrumrsl jači od ljudi lž, tb chat koi znj🌰🥕🐻🐥i jate ho oyč zplmgfc jih1
- लोकेशन:-बीना रिपोर्टर :- राकेश सेन बीना:- बीना के किर्रोद बायपास पर रहने वाले एक बारहवीं के छात्र ने परीक्षा परिणाम में हुई निराशा के बाद अपने घर में फांसी लगाकर अपनी जान दे दी है। बोर्ड परीक्षा के परिणाम आने के बाद विद्यार्थियों में जहां खुशी का माहौल देखने को मिला। वहीं एक परिवार में बच्चे का रिजल्ट आने पर उनके परिवार में मातम छा गया। दरअसल नाबालिक युवक निवासी किर्रोद बायपास जो शहर के शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय क्रमांक एक में बारहवीं कक्षा में गणित संकाय में पढ़ता था। बुधवार को परीक्षा परिणाम घोषित हुआ तो दो विषयों में वह फेल हो गया। जब गुरुवार को मां ने देखा कि बच्चे के कमरे का दरवाजा नहीं खुला तो खिड़की से देखा तो बच्चा फांसी के फंदे पर लटका हुआ था। घटना की सूचना पुलिस को दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर पंचनामा कार्रवाई कर शव को फंदे से उतार कर पीएम के लिए सिविल अस्पताल भेजा। मृतक के चाचा जितेंद्र तिवारी ने बताया कि बुधवार को मध्य प्रदेश शिक्षा मंडल 12वीं का रिजल्ट आने के बाद जब उसे ज्ञात हुआ कि वह दो विषय में फेल हो गया है तो वह दुखी हो गया और उसने यह कदम उठा लिया। जिसकी हम लोगों ने कल्पना भी नहीं की थी। बीना थाना प्रभारी निरीक्षक अनूप यादव ने बताया कि एक छात्र ने फांसी लगा ली थी। टीम को मौके पर भेजा गया था। प्रारंभिक जांच में ज्ञात हुआ है कि बोर्ड परीक्षा परिणाम में फेल होने के कारण छात्र ने फांसी लगा ली है। मर्ग कायम कर मामले की जांच की जाएगी।1
- लोकेशन बीना रिपोर्टर विजय चौहान में एक विषय में सप्लीमेंट्री आने से आहत कक्षा 12वीं के छात्र ने आत्मघाती कदम उठा लिया। मामला ग्राम किरराेद का है, जहां 17 वर्षीय भविष्य तिवारी ने अपने ही घर में फांसी लगाकर जान दे दी। घटना के बाद गांव में शोक की लहर है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। जानकारी के अनुसार, भविष्य पिता मनोज तिवारी, Excellence School का छात्र था। हाल ही में घोषित परीक्षा परिणाम में उसे एक विषय में सप्लीमेंट्री मिली थी। इसके बाद से वह काफी तनाव में था। परिजनों ने बताया कि बुधवार रात वह सामान्य रूप से सोने चला गया था, लेकिन देर रात करीब 3:30 बजे जब परिजनों की नींद खुली और उन्होंने देखा, तो वह कमरे में फंदे पर लटका हुआ था। परिजन तुरंत उसे नीचे उतारकर अस्पताल लेकर आए जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया। सूचना पर पुलिस ने मर्ग कायम कर मामला जांच में ले लिया है। भविष्य अपने परिवार में सबसे बड़ा बेटा था। उसके पिता किरराेद बायपास रोड पर किराना, लोहा और सीमेंट की दुकान संचालित करते हैं। घर में दो भाई हैं।1
- लोकेशन बीना रिपोर्टर राजेश डीएवी बीआर पब्लिक स्कूल में भव्य ग्रेजुएशन सेरेमनी का हुआ आयोजन प्राचार्य ए.के. मिश्रा के संरक्षण में वैदिक मंत्रोच्चार के साथ आगे बढ़ा बीना।नन्हे कदमों से बड़े सपनों तक बधाई हो के उत्साहपूर्ण संदेश के साथ डीएवी बीआर पब्लिक स्कूल में कक्षा दूसरी से तीसरी में प्रोन्नत छात्रों के लिए ग्रेजुएशन सेरेमनी का भव्य आयोजन किया गया। यह दिन नन्हे विद्यार्थियों के लिए उनकी उपलब्धियों का उत्सव और एक नई शुरुआत का प्रतीक रहा। *प्राचार्य ए.के. मिश्रा के संरक्षण में वैदिक मंत्रोच्चार के साथ आगे बढ़ा* इस अवसर पर लगभग 82 नन्हें स्नातक (ग्रेजुएंड्स) अपने अभिभावकों के साथ उपस्थित रहे। समारोह का शुभारंभ मुख्य अतिथि निलेश कांडलकर, चेयरमैन एलएमसी व प्राचार्य अशोक कुमार मिश्र द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। कार्यक्रम विद्यालय के प्राचार्य ए.के. मिश्रा के संरक्षण में वैदिक मंत्रोच्चार के साथ आगे बढ़ा।कार्यक्रम की शुरुआत एलकेजी के विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत आकर्षक स्वागत नृत्य से हुई, जिसने उपस्थित जनसमूह का मन मोह लिया। तत्पश्चात प्राचार्य श्री मिश्रा ने प्रेरणादायक संबोधन दिया, जिसमें उन्होंने नई शिक्षा नीति,2020 के प्रारुप 5+3+3+4 के बारे में बताया। प्राचार्य ने बच्चों के समग्र व्यक्तित्व विकास हेतु बच्चों के माता-पिता,अभिभावक व शिक्षकों के साकारात्मक समन्वय के महत्व पर जोर देते हुए समुचित भागीदारी के लिए अपील किया। *गाउन पहनकर गर्व के साथ मंच पर चले* समारोह का मुख्य आकर्षण “ग्रेजुएशन वॉक” रहा, जिसमें नन्हे बच्चे कैप और गाउन पहनकर गर्व के साथ मंच पर चले। प्रत्येक विद्यार्थी को ग्रेजुएशन प्रमाणपत्र प्रदान किया गया, जिससे यह पल बच्चों और अभिभावकों के लिए यादगार बन गया।विद्यार्थियों ने नृत्य, गीत और लघु भाषणों के माध्यम से अपनी प्रतिभा और आत्मविश्वास का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। उनकी मासूमियत और उत्साह ने पूरे वातावरण को खुशी और गर्व से भर दिया। मुख्य अतिथि निलेश कांडलकर ने अपने संबोधन में विद्यालय और शिक्षकों के प्रयासों की सराहना की तथा बच्चों को बड़े सपने देखने और कड़ी मेहनत करने के लिए प्रेरित किया।कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ, जिसमें सभी सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया गया। समग्र रूप से यह ग्रेजुएशन समारोह एक आनंदमय और अविस्मरणीय अवसर रहा, जिसने नन्हे विद्यार्थियों की प्रगति, उपलब्धियों और उज्ज्वल भविष्य का उत्सव मनाया।2