मध्य प्रदेश के सागर जिले की सबसे बड़ी पंचायत गौरझामर में लगने वाले साप्ताहिक हाट बाजार में व्यवस्थाओं की भारी कमी देखने को मिल रही है। बुधवार और रविवार को लगने वाले इन बाजारों में किसान और व्यापारी अपना सामान बेचने आते हैं, लेकिन स्थानीय प्रशासन और व्यवस्थापक पूरी तरह विफल साबित हो रहे हैं। बाजार बैठकी के नाम पर इन बाजारों में सफाई, पानी और बिजली जैसी सुविधाओं के लिए व्यापारियों और किसानों से पैसे वसूले जाते हैं। हालांकि, मौके पर मिली जानकारी के अनुसार, इन मूलभूत सुविधाओं का कोई अता-पता नहीं है। भीषण गर्मी में यहाँ आने वाले किसानों और व्यापारियों को पेयजल जैसी बुनियादी सुविधा भी नहीं मिल पा रही है, जिससे पंचायत प्रशासन की घोर लापरवाही उजागर होती है। कुछ ही दिन पहले सागर जिला कलेक्टर ने सभी पंचायतों, नगर निगमों और नगर पालिकाओं को पेयजल व्यवस्था में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त न करने के आदेश दिए थे, लेकिन गौरझामर का यह नजारा उन आदेशों की अनदेखी को दर्शाता है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि जल्द ही इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की जाती और बाजार स्थल पर पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित नहीं की जाती, तो इसे मध्य प्रदेश शासन की विफलता माना जाएगा।
मध्य प्रदेश के सागर जिले की सबसे बड़ी पंचायत गौरझामर में लगने वाले साप्ताहिक हाट बाजार में व्यवस्थाओं की भारी कमी देखने को मिल रही है। बुधवार और रविवार को लगने वाले इन बाजारों में किसान और व्यापारी अपना सामान बेचने आते हैं, लेकिन स्थानीय प्रशासन और व्यवस्थापक पूरी तरह विफल साबित हो रहे हैं। बाजार बैठकी के नाम पर इन बाजारों में सफाई, पानी और बिजली जैसी सुविधाओं के लिए व्यापारियों और किसानों से पैसे वसूले जाते हैं। हालांकि, मौके पर मिली जानकारी के अनुसार, इन मूलभूत सुविधाओं का कोई अता-पता नहीं है। भीषण गर्मी में यहाँ आने वाले किसानों और व्यापारियों को पेयजल जैसी बुनियादी सुविधा भी नहीं मिल पा रही है, जिससे पंचायत प्रशासन की घोर लापरवाही उजागर होती है। कुछ ही दिन पहले सागर जिला कलेक्टर ने सभी पंचायतों, नगर निगमों और नगर पालिकाओं को पेयजल व्यवस्था में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त न करने के आदेश दिए थे, लेकिन गौरझामर का यह नजारा उन आदेशों की अनदेखी को दर्शाता है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि जल्द ही इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की जाती और बाजार स्थल पर पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित नहीं की जाती, तो इसे मध्य प्रदेश शासन की विफलता माना जाएगा।
- सिंहपुर पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने यह कार्रवाई सट्टा की पट्टी काटते हुए एक व्यक्ति को रंगे हाथों पकड़ने के बाद की।1
- अहमदाबाद में भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) के करेंसी चेस्ट से ₹8.7 करोड़ की सनसनीखेज चोरी का खुलासा हुआ है, जिसने बैंकिंग सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यह चोरी बैंक ऑफ बड़ौदा की गांधी रोड स्थित शाखा से हुई, जहाँ RBI का करेंसी चेस्ट स्थित था। इस मामले का मुख्य आरोपी हर्षसिद्ध कडियार है, जो बैंक में 'जूनियर जॉइंट कस्टोडियन' के रूप में कार्यरत था और उसने एक-दो दिन नहीं, बल्कि पूरी योजना के साथ महीनों तक इस वारदात को अंजाम दिया। आरोपी हर्षसिद्ध कडियार ने चोरी के लिए बेहद शातिर तरीका अपनाया। उसने करेंसी चेस्ट से ₹500 के नोटों की 174 गड्डियाँ, जिनकी कुल कीमत ₹8.7 करोड़ थी, निकालीं और उन्हें पुराने लोहे के बक्सों में छिपा दिया। इसके बाद, उसने सुरक्षा गार्डों को यह भरोसा दिलाया कि वह बैंक का पुराना 'कबाड़' बाहर फेंकने जा रहा है। आरोपी का मानना था कि बैंक का सीसीटीवी फुटेज 90 दिनों (3 महीने) के बाद खुद ही डिलीट हो जाएगा। फुटेज डिलीट होने का इंतजार करने के बाद, वह चुपचाप मेडिकल छुट्टी लेकर फरार हो गया। इस चोरी का खुलासा RBI के नियमित निरीक्षण से पहले बैंक द्वारा किए गए एक आंतरिक ऑडिट के दौरान हुआ, जब करेंसी चेस्ट में नकदी कम पाई गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए 15 मई को तुरंत पुलिस में FIR दर्ज की गई। पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी ने चोरी की रकम को उड़ाने में कोई कसर नहीं छोड़ी; उसने चंद्रखेड़ा इलाके में एक आलीशान बंगला और एक दुकान खरीदी, बड़ी रकम क्रिप्टोकरेंसी में लगाई, एक कमर्शियल वाहन भी खरीदा और अपनी एक महिला सहकर्मी को ₹28 लाख नकद दिए। क्राइम ब्रांच ने मुख्य आरोपी हर्षसिद्ध कडियार और उसके दो सहयोगियों (मजदूरों) को गिरफ्तार कर लिया है, तथा अब तक करीब ₹2.91 करोड़ की संपत्ति और नकदी बरामद की जा चुकी है। बाकी रकम की बरामदगी के लिए पूछताछ जारी है। यह मामला न केवल एक बड़े बैंक में सुरक्षा की खामियों को उजागर करता है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि कैसे भीतर बैठे लोग ही भरोसे का फायदा उठाकर इतनी बड़ी साजिश को अंजाम दे सकते हैं।1
- सागर जिले की जनपद पंचायत रहली अंतर्गत ग्राम पंचायत अमरगढ़ के ग्रामीण भीषण पेयजल संकट से परेशान होकर खाली बर्तन लेकर कलेक्ट्रेट पहुँचे। उन्होंने कलेक्टर के नाम एक आवेदन सौंपकर अपनी समस्या के त्वरित समाधान की मांग की है। ग्रामीण महिलाओं ने बताया कि गाँव में लंबे समय से पानी की गंभीर समस्या बनी हुई है, जिससे उनका रोजमर्रा का जीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। आवेदन में यह भी स्पष्ट किया गया है कि गाँव में पर्याप्त जल स्रोतों के अभाव के कारण लोगों को, खासकर महिलाओं और बच्चों को, दूर-दूर से पानी लाने में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। कई बार शिकायतें दर्ज कराने के बावजूद, इस समस्या का कोई स्थायी हल नहीं निकल पाया है। ग्रामीणों ने प्रशासन से अपील की है कि गाँव में जल्द से जल्द पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित की जाए तथा हैंडपंप या अन्य उपयुक्त जल स्रोतों की व्यवस्था कर उन्हें राहत प्रदान की जाए। उन्होंने चेतावनी भी दी है कि यदि समस्या का शीघ्र समाधान नहीं किया गया, तो वे आंदोलन करने पर मजबूर होंगे। महिलाओं ने प्रशासन से मानवीय आधार पर तत्काल कार्रवाई करने का आग्रह किया है।1
- सियावर आश्रम के महंत गोविंद राजपूत के एक निर्णय ने नर्मदा तट पर अपनी रोजी-रोटी चलाने वाले करीब एक दर्जन परिवारों को गहरे संकट में डाल दिया है, जिससे उनके आंसू छलक उठे हैं। बरमान स्थित नर्मदा तट पर पिछले 15 वर्षों से नारियल, प्रसाद और अगरबत्ती बेचकर जीवन यापन करने वाले इन छोटे दुकानदारों की दुकानें हटाई जा रही हैं। दुकानदारों का कहना है कि वे सरकारी जमीन पर दुकान लगाए हुए हैं, लेकिन महंत अपनी जमीन बताकर उन्हें बलपूर्वक हटवा रहे हैं, जिसमें कथित तौर पर जिला प्रशासन भी महंत का साथ दे रहा है। इस कार्रवाई के दौरान, दुकानदारों का सामान जैसे नारियल और अगरबत्ती फेंक दिया गया, जिससे उन्हें हजारों रुपए का नुकसान हुआ है। इन परिवारों ने कलेक्टर की जनसुनवाई में पहुँचकर अपनी गुहार लगाई है, क्योंकि इस निर्णय से वे भुखमरी की कगार पर पहुँच गए हैं। नरसिंहपुर की जनता यह सवाल उठा रही है कि जब एक मंदिर के महंत ही ऐसा करेंगे, तो आम लोगों से क्या उम्मीद की जा सकती है। फिलहाल, उस भूमि की न तो सरकार को आवश्यकता है और न ही मंदिर के महंत वहां कोई कार्य या खेती कर रहे हैं, फिर भी ऐसा निर्णय क्यों लिया जा रहा है, यह एक बड़ा प्रश्न है।1
- नरसिंहपुर जिले के करेली थाना क्षेत्र में पुलिस ने सट्टा कारोबारियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। इस दौरान, सट्टा पट्टी काटते हुए कुल 12 आरोपियों को रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने इन आरोपियों के कब्जे से सट्टा पट्टी के साथ ही ₹27,460 नकद राशि जब्त की। गिरफ्तार किए गए सभी 12 आरोपियों के विरुद्ध पब्लिक गैंबलिंग (मध्य प्रदेश) एक्ट की धारा 4 ए के तहत प्रकरण दर्ज कर वैधानिक कार्यवाही शुरू कर दी गई है।1
- मानसून से उत्पन्न होने वाली संभावित चुनौतियों से निपटने की तैयारी में नरसिंहपुर का पुलिस-प्रशासन पूरी तरह से सतर्क है। इसी क्रम में, राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) द्वारा बरमान घाट पर बचाव कार्यों का एक 'मॉक ड्रिल' आयोजित किया गया। यह अभ्यास मानसून के दौरान किसी भी आपातकालीन स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटने की तैयारियों का मूल्यांकन करने के उद्देश्य से किया गया।1
- रीवा में पू. जैन आर्यिका श्री श्रुतमति माता जी और श्री उपशममति माता जी का प्रातः 5:40 बजे पद विहार के दौरान एक ऑल्टो कार चालक द्वारा पीछे से टक्कर मारकर रौंदने और भागने की घटना पर विश्व जैन संगठन ने गंभीर चिंता जताई है। इस घटना में दोनों साध्वियों का समाधिमरण हो गया। संगठन ने दुख और चिंता व्यक्त करते हुए कहा है कि रीवा पुलिस ने अपनी FIR में मात्र BNS धारा 105 (गैर इरादतन हत्या) दर्ज की है, जबकि जांच अधिकारी ने स्वयं FIR में हत्या की घटना का विवरण लिखा है और वीडियो भी उपलब्ध है। संगठन ने कानूनी प्रक्रिया पर प्रश्नचिह्न खड़ा करते हुए कहा कि FIR में कई महत्वपूर्ण धाराएं दर्ज नहीं की गईं। इनमें इरादतन हत्या के लिए BNS धारा 103, हत्या की साजिश के लिए BNS धारा 61, अन्य श्रावक साध्वी को घायल करने या मारने का प्रयास करने के लिए BNS धारा 109, आरोपी का घटनास्थल से भागने के लिए BNS धारा 238, तथा घायल को सहायता दिए बिना भागने के लिए मोटर वाहन अधिनियम की धारा 134 और 187 शामिल हैं। विश्व जैन संगठन ने मांग की है कि आरोपी चालक का नार्को टेस्ट अनिवार्य रूप से कराया जाए ताकि साजिश का खुलासा हो सके। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि उपरोक्त धाराओं में मुकदमा दर्ज कर साजिश का शीघ्र खुलासा नहीं किया गया, तो एक राष्ट्रव्यापी आंदोलन शुरू किया जाएगा। इस आंदोलन की पूरी जिम्मेदारी मध्य प्रदेश सरकार और पुलिस की होगी।1
- नरसिंहपुर जिले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इन आरोपियों के पास से 28 लाख रुपये के जेवरात बरामद किए गए हैं। इस गिरफ्तारी के साथ ही जिले में हुई कुल 9 चोरियों का भी खुलासा हो गया है।1
- नरसिंहपुर जिले के गाडरवारा थाना क्षेत्र से एक विवाहित महिला के रहस्यमयी तरीके से लापता होने का मामला सामने आया है, जिसके 20 दिन बीत जाने के बाद भी कोई सुराग नहीं मिला है। इस मामले में परेशान पति घनश्याम नौरिया ने पुलिस अधीक्षक (SP) को आवेदन देकर न्याय की गुहार लगाई है, साथ ही स्थानीय पुलिस पर सहयोग न करने के गंभीर आरोप भी लगाए हैं। ग्राम तुमड़ा, थाना साईंखेड़ा निवासी घनश्याम नौरिया ने अपने आवेदन में बताया कि उनकी पत्नी पूजा नौरिया 07 मई 2026 को गाडरवारा में एक रिसॉर्ट में आयोजित शादी समारोह में शामिल होने गई थीं। पीड़ित का आरोप है कि वहाँ मौजूद राहुल नौरिया और सुनील नौरिया ने उनकी पत्नी को खाने में नशीला पदार्थ खिलाकर बेहोश कर दिया, जिसके बाद वे उसे जबरन उठाकर किसी गुप्त स्थान पर ले गए।1