कटनी शहर के नए बस स्टैंड क्षेत्र में पुलिस ने एक भोजनालय की आड़ में वर्षों से चल रहे अवैध शराबखोरी और संदिग्ध गतिविधियों के अड्डे पर बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस की इस ताबड़तोड़ दबिश के बाद इलाके में हड़कंप मच गया और मौके से कई लोग भागते नजर आए। पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि इस भोजनालय में देर रात तक शराब परोसी जा रही थी और यहां असामाजिक तत्वों का जमावड़ा लगा रहता था। स्थानीय लोगों के अनुसार, बस स्टैंड क्षेत्र में पिछले लगभग 15 वर्षों से शराबखोरी, झगड़े, मारपीट और चाकूबाजी जैसी घटनाएं लगातार सामने आती रही हैं। शहरवासियों का आरोप है कि यहां शराबियों का जमावड़ा लगने से यात्रियों, महिलाओं और व्यापारियों को भारी परेशानी होती है, और कई बार चाकूबाजी, गाली-गलौज व गुंडागर्दी की वारदातें हो चुकी हैं। स्थानीय नागरिकों ने संबंधित थाना पुलिस पर भी आरोप लगाया है कि उन्हें इन गतिविधियों की जानकारी रहती है, लेकिन कार्रवाई केवल खानापूर्ति बनकर रह जाती है, जिससे लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। शहरवासियों ने इस बात पर सवाल उठाया है कि जब सालों से शिकायतें मिल रही थीं तो अब तक कोई सख्त कदम क्यों नहीं उठाया गया। उनका कहना है कि सिर्फ एक दिन की दबिश और फोटो खिंचवाने से हालात नहीं सुधरेंगे, बल्कि ऐसे अड्डों को जड़ से खत्म करने के लिए लगातार अभियान चलाना होगा। शहरवासियों ने पुलिस अधीक्षक से बस स्टैंड क्षेत्र में स्थायी निगरानी, नियमित चेकिंग और संदिग्ध भोजनालयों व होटलों की जांच कराने की मांग की है, ताकि भविष्य में किसी बड़ी घटना को रोका जा सके। कार्रवाई के बाद क्षेत्र में यह चर्चा बनी हुई है कि क्या बस स्टैंड में चल रहे अवैध शराबखोरी के अड्डों पर अब सच में ताला लगेगा, या फिर यह कार्रवाई भी महज एक दिन की कहानी बनकर रह जाएगी।
कटनी शहर के नए बस स्टैंड क्षेत्र में पुलिस ने एक भोजनालय की आड़ में वर्षों से चल रहे अवैध शराबखोरी और संदिग्ध गतिविधियों के अड्डे पर बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस की इस ताबड़तोड़ दबिश के बाद इलाके में हड़कंप मच गया और मौके से कई लोग भागते नजर आए। पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि इस भोजनालय में देर रात तक शराब परोसी जा रही थी और यहां असामाजिक तत्वों का जमावड़ा लगा रहता था। स्थानीय लोगों के अनुसार, बस स्टैंड क्षेत्र में पिछले लगभग 15 वर्षों से शराबखोरी, झगड़े, मारपीट और चाकूबाजी जैसी घटनाएं लगातार सामने आती रही हैं। शहरवासियों का आरोप है कि यहां शराबियों का जमावड़ा लगने से यात्रियों, महिलाओं और व्यापारियों को भारी परेशानी होती है, और कई बार चाकूबाजी, गाली-गलौज व गुंडागर्दी की वारदातें हो चुकी हैं। स्थानीय नागरिकों ने संबंधित थाना पुलिस पर भी आरोप लगाया है कि उन्हें इन गतिविधियों की जानकारी रहती है, लेकिन कार्रवाई केवल खानापूर्ति बनकर रह जाती है, जिससे लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। शहरवासियों ने इस बात पर सवाल उठाया है कि जब सालों से शिकायतें मिल रही थीं तो अब तक कोई सख्त कदम क्यों नहीं उठाया गया। उनका कहना है कि सिर्फ एक दिन की दबिश और फोटो खिंचवाने से हालात नहीं सुधरेंगे, बल्कि ऐसे अड्डों को जड़ से खत्म करने के लिए लगातार अभियान चलाना होगा। शहरवासियों ने पुलिस अधीक्षक से बस स्टैंड क्षेत्र में स्थायी निगरानी, नियमित चेकिंग और संदिग्ध भोजनालयों व होटलों की जांच कराने की मांग की है, ताकि भविष्य में किसी बड़ी घटना को रोका जा सके। कार्रवाई के बाद क्षेत्र में यह चर्चा बनी हुई है कि क्या बस स्टैंड में चल रहे अवैध शराबखोरी के अड्डों पर अब सच में ताला लगेगा, या फिर यह कार्रवाई भी महज एक दिन की कहानी बनकर रह जाएगी।
- कटनी शहर के नए बस स्टैंड क्षेत्र में पुलिस ने एक भोजनालय की आड़ में वर्षों से चल रहे अवैध शराबखोरी और संदिग्ध गतिविधियों के अड्डे पर बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस की इस ताबड़तोड़ दबिश के बाद इलाके में हड़कंप मच गया और मौके से कई लोग भागते नजर आए। पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि इस भोजनालय में देर रात तक शराब परोसी जा रही थी और यहां असामाजिक तत्वों का जमावड़ा लगा रहता था। स्थानीय लोगों के अनुसार, बस स्टैंड क्षेत्र में पिछले लगभग 15 वर्षों से शराबखोरी, झगड़े, मारपीट और चाकूबाजी जैसी घटनाएं लगातार सामने आती रही हैं। शहरवासियों का आरोप है कि यहां शराबियों का जमावड़ा लगने से यात्रियों, महिलाओं और व्यापारियों को भारी परेशानी होती है, और कई बार चाकूबाजी, गाली-गलौज व गुंडागर्दी की वारदातें हो चुकी हैं। स्थानीय नागरिकों ने संबंधित थाना पुलिस पर भी आरोप लगाया है कि उन्हें इन गतिविधियों की जानकारी रहती है, लेकिन कार्रवाई केवल खानापूर्ति बनकर रह जाती है, जिससे लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। शहरवासियों ने इस बात पर सवाल उठाया है कि जब सालों से शिकायतें मिल रही थीं तो अब तक कोई सख्त कदम क्यों नहीं उठाया गया। उनका कहना है कि सिर्फ एक दिन की दबिश और फोटो खिंचवाने से हालात नहीं सुधरेंगे, बल्कि ऐसे अड्डों को जड़ से खत्म करने के लिए लगातार अभियान चलाना होगा। शहरवासियों ने पुलिस अधीक्षक से बस स्टैंड क्षेत्र में स्थायी निगरानी, नियमित चेकिंग और संदिग्ध भोजनालयों व होटलों की जांच कराने की मांग की है, ताकि भविष्य में किसी बड़ी घटना को रोका जा सके। कार्रवाई के बाद क्षेत्र में यह चर्चा बनी हुई है कि क्या बस स्टैंड में चल रहे अवैध शराबखोरी के अड्डों पर अब सच में ताला लगेगा, या फिर यह कार्रवाई भी महज एक दिन की कहानी बनकर रह जाएगी।1
- कटनी नगर के आधारकाप क्षेत्र में स्थित खेर माई जोगनी माता मंदिर में रविवार, 24 मई 2026 को भव्य निकासी कार्यक्रम का आयोजन अत्यंत श्रद्धा और भक्तिभाव के साथ संपन्न हुआ। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया, जिन्होंने माता रानी के जयकारे लगाए और क्षेत्र की सुख-समृद्धि तथा शांति व्यवस्था के लिए प्रार्थना की। पूरे आधारकाप क्षेत्र में एक धार्मिक और भक्तिमय माहौल बना रहा, जिससे श्रद्धालु भावविभोर हो उठे। माता जोगनी माई के पंडा श्री गोपाल निषाद जी ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना और निकासी कार्यक्रम को संपन्न कराया। निकासी के दौरान, भक्तों ने ढोल-नगाड़ों और भक्ति गीतों के साथ माता की आराधना की। श्रद्धालुओं का यह अटल विश्वास है कि माँ जोगनी माई की कृपा से पूरे क्षेत्र में सुख, शांति और समृद्धि बनी रहती है। इस आयोजन में दक्खिनी माता भगत समाज के सदस्यों ने विशेष भूमिका निभाई। समाज के बालमुकुंद निषाद, परषोत्तम निषाद, मुक्खी निषाद, रमेश निषाद, राकेश निषाद सहित सभी सदस्यों ने अपनी भक्तिपूर्ण प्रस्तुतियाँ देकर श्रद्धालुओं का मन मोह लिया। भक्तों द्वारा किए गए भजन-कीर्तन और अन्य धार्मिक अनुष्ठानों ने पूरे आयोजन को भक्तिमय बना दिया। निकासी कार्यक्रम के दौरान श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी, और सभी ने माता रानी के दर्शन कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। यह पूरा आयोजन शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न हुआ, जिसे क्षेत्रवासियों ने सामाजिक एकता और धार्मिक आस्था का प्रतीक बताया।1
- जनता को एक गंभीर चेतावनी जारी की गई है, जिसमें बताया गया है कि 'कॉकरोच जनता पार्टी' की धोखाधड़ी शुरू हो चुकी है। यह संदेश लोगों को सावधान और सतर्क रहने का आग्रह करता है, क्योंकि इसमें कहा गया है कि कोई भी अगला शिकार बन सकता है। साइबर क्राइम से सुरक्षा के लिए इस जानकारी से जुड़े वीडियो को साझा करने का आह्वान भी किया गया है।1
- धुलकोट क्षेत्र के आदिवासी और दूरस्थ अंचलों में लोग भीषण जल संकट का सामना कर रहे हैं, जहाँ पानी की एक-एक बूंद के लिए जिंदगियाँ मौत से जंग लड़ रही हैं। तपती धूप, सूखी धरती और फटे हुए पहाड़ों के बीच सामने आई ये तस्वीरें किसी रेगिस्तान या अकालग्रस्त देश की नहीं, बल्कि उसी 'डिजिटल इंडिया' की हैं जहाँ कागजों पर 'हर घर जल' और 'नल-जल योजना' के तहत करोड़ों के बजट पानी की तरह बहा दिए जाने के दावे किए जाते हैं, पर वास्तविकता कुछ और ही है। ग्राम भग्वानिया के सरबड़ गांव (रेखलिया झिरा फालिया) से सामने आई रूह कंपा देने वाली तस्वीरें इस भयावह स्थिति को उजागर करती हैं। सबसे दर्दनाक और शर्मनाक बात यह है कि इस जानलेवा संघर्ष में सबसे आगे छोटे-छोटे मासूम बच्चे दिखाई दे रहे हैं। जिन हाथों में स्कूल के बस्ते और किताबें होनी चाहिए थीं, उनके हाथों में आज गंदे पानी की बाल्टियाँ और कुप्पियाँ हैं, जो उनके लिए 'मौत का कुआँ' बन गई हैं।1
- कटनी जिले के स्लीमनाबाद थाना अंतर्गत धुरी-बंधी गांव में स्थित एक खदान में युवक के डूबने की सूचना मिलने के बाद जिला प्रशासन तत्काल सक्रिय हो गया। घटना की जानकारी मिलते ही कलेक्टर श्री आशीष तिवारी ने संवेदनशीलता और तत्परता दिखाते हुए एसडीईआरएफ की टीम को तुरंत घटनास्थल पर भेजने के निर्देश दिए। कलेक्टर के निर्देशों पर प्लाटून कमांडर श्वेता गुप्ता के नेतृत्व में चार सदस्यीय एसडीईआरएफ दल आवश्यक रेस्क्यू उपकरणों के साथ मौके पर पहुंचा, जहाँ स्थानीय पुलिस बल को भी समन्वय स्थापित करने के निर्देश दिए गए थे। यह रेस्क्यू अभियान प्रतिकूल परिस्थितियों के बावजूद लगातार जारी है। प्लाटून कमांडर श्वेता गुप्ता के अनुसार, लगभग 100 फीट गहरी इस खदान में डूबे युवक की तलाश के लिए सर्चिंग एवं रेस्क्यू अभियान जारी है, जिसमें संकरी जगह, अंधेरा और रात का समय कार्य को चुनौतीपूर्ण बना रहा है। फिर भी, एसडीईआरएफ की टीम पूरी मुस्तैदी और सावधानी के साथ अभियान चला रही है। डूबे हुए युवक की पहचान ग्राम धुरी निवासी श्री दुर्गेश कुशवाहा, पिता श्री प्रताप कुशवाहा, उम्र लगभग 26 वर्ष के रूप में हुई है। प्रशासन द्वारा स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और रेस्क्यू कार्य को प्राथमिकता के साथ आगे बढ़ाया जा रहा है।1
- यह प्रश्न उठाया गया है कि क्या छोटे बच्चों की उम्मीदें सीधे मुख्यमंत्री मोहन यादव जी से जुड़ी हुई हैं। यह सवाल उन आशाओं को रेखांकित करता है जो राज्य के छोटे बच्चों को मुख्यमंत्री से हो सकती हैं।1
- मानपुर मुख्यालय अंतर्गत ग्राम डंडी में संविधान निर्माता भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा के साथ कथित छेड़छाड़ का मामला सामने आया है, जिसके बाद पूरे क्षेत्र में तीव्र आक्रोश का माहौल बना हुआ है। घटना की जानकारी मिलते ही ग्रामीण और विभिन्न सामाजिक संगठन नाराजगी व्यक्त कर रहे हैं। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि अज्ञात असामाजिक तत्वों ने बाबा साहब की प्रतिमा के साथ अभद्रता की है, जिससे समाज की भावनाएं आहत हुई हैं। ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन से इस मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों की तत्काल पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो सके। घटना के बाद से गांव में तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है, और लोग “जय भीम” तथा “जय संविधान” के नारों के साथ दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।4
- कटनी जनपद पंचायत के अंतर्गत ग्राम पंचायत मझगवां फाटक स्थित आंगनबाड़ी केंद्र में बच्चों और महिलाओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए फेवर ब्लॉक का निर्माण कार्य कराया गया है। यह कार्य ग्राम पंचायत के सरपंच श्री संतोष निषाद जी की देखरेख में संपन्न हुआ है, जिससे आंगनबाड़ी परिसर में स्वच्छता व्यवस्था बेहतर हुई है और बरसात के दिनों में कीचड़ तथा गंदगी की समस्या से राहत मिलने की उम्मीद है। ग्रामीणों ने बताया कि पहले बारिश के मौसम में आंगनबाड़ी केंद्र के आसपास पानी भर जाता था, जिससे छोटे बच्चों और गर्भवती महिलाओं को आने-जाने में काफी कठिनाई होती थी। अब फेवर ब्लॉक लग जाने से परिसर साफ-सुथरा और व्यवस्थित दिखाई दे रहा है, जिससे बच्चों को स्वच्छ वातावरण मिलेगा और उनके स्वास्थ्य पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। सरपंच श्री संतोष निषाद जी ने जोर देकर कहा कि ग्राम पंचायत क्षेत्र में विकास कार्यों को प्राथमिकता दी जा रही है, जिसमें शिक्षा, स्वच्छता और बच्चों की सुविधाओं पर लगातार कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने आंगनबाड़ी केंद्र को बच्चों के भविष्य की पहली पाठशाला बताते हुए वहां साफ-सफाई और बेहतर वातावरण बनाए रखने को पंचायत की जिम्मेदारी बताया। ग्रामीणों और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने इस कार्य की सराहना करते हुए पंचायत का आभार व्यक्त किया, यह मानते हुए कि इस प्रकार के विकास कार्यों से गांव में सकारात्मक बदलाव आ रहे हैं और ग्रामीणों को सीधा लाभ प्राप्त हो रहा है।2