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तालियों की गूंज, आंखों में नमी… सेवा के सफर को सलाम, श्रीगंगानगर में नर्सिंग परिवार ने रचा भावनाओं का महासमागम
Duc News Rajsthan चैनल
तालियों की गूंज, आंखों में नमी… सेवा के सफर को सलाम, श्रीगंगानगर में नर्सिंग परिवार ने रचा भावनाओं का महासमागम
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- ईरान और इजरायल के बीच बढ़ते तनाव के बीच इजरायल के एलात बंदरगाह पर हमले का दावा सामने आया है। कुछ रिपोर्ट्स में कहा जा रहा है कि हमले में बंदरगाह को भारी नुकसान पहुंचा है, हालांकि अभी तक इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।एलात बंदरगाह इजरायल का एक प्रमुख समुद्री केंद्र माना जाता है, जो लाल सागर के किनारे स्थित है। यह एशिया और अफ्रीका के देशों के साथ व्यापार के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। इस बंदरगाह के जरिए तेल, कंटेनर और कई जरूरी सामान का आयात निर्यात होता है, साथ ही यह रणनीतिक रूप से भी काफी अहम माना जाता है। हमले के दावों के अनुसार बंदरगाह के ढांचे, गोदामों और कुछ जहाजों को नुकसान पहुंचा है। यदि यह जानकारी सही साबित होती है, तो इजरायल के व्यापार और आपूर्ति व्यवस्था पर इसका बड़ा असर पड़ सकता है।1
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- रेलवे का नया नियम, टिकट कैंसिल पर रिफंड में बड़ा बदलाव रेलवे ने बदले टिकट कैंसिलेशन नियम, 8 घंटे पहले रद्द पर नहीं रिफंड, बोर्डिंग नियम भी बदले.केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने रेलवे टिकटिंग सिस्टम में बड़े बदलावों की घोषणा की है, जिससे यात्रियों की सुविधा और पारदर्शिता बढ़ाने पर जोर दिया गया है. नए नियम के तहत अब ट्रेन छूटने से 8 घंटे पहले तक टिकट कैंसिल करने पर कोई रिफंड नहीं मिलेगा. #news #rail #india1
- Post by SSSO News1
- उचाना : पीडब्ल्यूडी विश्राम गृह में उचाना सेवा गु्रप द्वारा आयोजित कार्यक्रम में उचाना के एसडीएम रहे दलजीत सिंह को बेस्ट ऑफिसर के अवार्ड से सम्मानित किया गया। घसो, गुरूकुल खेड़ा, खापड़, घोघडिय़ा, उचाना खुर्द, मंगलपुर, खरकभूरा के ग्रामीणों के साथ-साथ चहल खाप द्वारा भी उन्हें सम्मानित किया। उचाना से करनाल तबादला होने से पहले वो उचाना में बतौर एसडीएम 10 महीने तक कार्यरत रहे। कार्यक्रम में वो अपनी पत्नी, बेटे, बेटी के साथ शामिल हुए। जीवन में हम किसी के लिए एक कदम चलते है तो वो हमारे लिए दस कदम आगे चलते है। 30 साल की नौकरी होने वाली है। जितना प्यार, सहयोग उचाना में मिला उसके लिए कोई शब्द नहीं है। अपने कार्यकाल के दौरान सरकार की योजना को लाभ पंक्ति में खड़े अंतिम व्यक्ति को मिले ये कोशिश रही। इस तरह के कार्यक्रम में भावुक जरूर हुआ हॅूं। नौकरी में तबादला होता रहता है। जो लोगों के लिए कार्य किया उसका रिजल्ट आज सम्मान के रूप में मिला है। इस तरह के आयोजन अधिकारी को हौंसला मिलता है वो और अधिक बेहतर कार्य करते है। इतना सम्मान आज तक कभी नहीं हुआ जीवन में ये पहला मौका है। कोई भी अधिकारी हो सभी सरकार की पॉलिसी को लागू करने आते है। शिक्षाविद रामचंद्र अत्री, मार्केट कमेटी चेयरमैन सुरेंद्र खरकभूरा, रामफल खटकड़, मा. रामप्रसाद ने कहा कि दलजीत सिंह जैसे अधिकारी जिस क्षेत्र में जाते है वो उस क्षेत्र के लिए गर्व की बात होती है। 10 महीने के कार्यकाल में लोगों के मनों को जीतना का काम किया। विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। इस मौके पर नायब तहसीलदार अशोक कुमार, शीशपाल शास्त्री, देशराज खरकभूरा, जयभगवान, उदय सिंह, सत्यवान, बलबीर चहल खाप प्रधान, पूर्व दाडऩ खाप प्रधान सूरजभान, कृष्ण खटकड़, दीपक बूरा, मुकेश सुदकैन, जयभगवान करसिंधु, महीपाल गुरूकुल खेड़ा, महावीर शास्त्री, पूर्व सरपंच संदीप, रामबिलास, संदीप शर्मा, हरिकेश, दीपक, शीशपाल चहल मौजूद रहे।1
- गरीबों की आवाज पत्रकार इकबाल खान, बीकानेर बीकानेर में गैस संकट लगातार गहराता जा रहा है। हालात ऐसे हैं कि शुरू शुरू में 170 से 200 रुपये किलो तक इधर उधर से गैस उपलब्ध हो जाया करती थी, मगर फिलहाल कहीं भी उपलब्ध नहीं हो रही है, जिससे मजदूरों और छोटे कामगारों की स्थिति बेहद खराब हो गई है। मजदूरों का कहना है कि उनके पास गैस कनेक्शन नहीं है और ब्लैक में भी गैस मिलना मुश्किल हो गया है। लगातार रसद विभाग की कार्रवाई के चलते अवैध गैस जब्त की जा रही है, लेकिन इसका असर सीधे गरीब मजदूरों पर पड़ रहा है, जो अब गैस के लिए इधर,उधर भटकने को मजबूर हैं।,बीकानेर की फैक्ट्रियों, होटलों और सौर ऊर्जा प्लांट्स में काम करने वाले मजदूर बंगाल, बिहार, मध्य प्रदेश और झारखंड के रहने वाले प्रवासी हैं, जो दिन ,रात मेहनत कर शहर की व्यवस्था संभाल रहे हैं। लेकिन अब गैस की किल्लत के कारण वे अपने परिवार के साथ गांव लौटने को मजबूर हो रहे हैं।शहर में रात के समय स्ट्रीट फूड और रेहड़ी लगाकर काम करने वाले लोगों की हालत भी खराब है। किसी तरह छोटे घरेलू सिलेंडर से काम चलाने की कोशिश करें तो वह भी कार्रवाई में जब्त हो जाता है, और कमर्शियल सिलेंडर मिल नहीं रहे हैं, जिससे उनका रोजगार प्रभावित हो रहा है।मजदूरों का कहना है कि सरकार और प्रशासन उनके लिए कोई ठोस व्यवस्था करे। उनका मानना है कि यदि 5 या 10 किलो के छोटे सिलेंडर उपलब्ध कराए जाएं, तो उन्हें राहत मिल सकती है और पलायन भी रुक सकता है। बीकानेर जिला प्रशासन से निवेदन है कि उनकी स्थिति को समझते हुए जल्द कोई व्यवस्था की जाए, ताकि वे अपने परिवार के साथ यहीं रहकर काम कर सकें। साथ ही संबंधित विभाग से भी अपील है कि इंसानियत के नाते इन गरीब मजदूरों और उनके बच्चों पर दया करें, ताकि उन्हें पलायन करने से रोका जा सके। 🙏वायरल वीडियो किसी अन्य प्रदेश का है ना कि राजस्थान का,1
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- बीकमपुर से एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें पुलिस एक बुजुर्ग व्यक्ति को घसीटते हुए गाड़ी में डालती नजर आ रही है। बताया जा रहा है कि मामला प्लॉट विवाद से जुड़ा है और वीडियो में सरपंच का भी जिक्र हो रहा है। आवाज़ चैनल नहीं करता वीडियो की पुष्टि1